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This is my Real Life Story: Troubled Galaxy Destroyed Dreams. It is hightime that I should share my life with you all. So that something may be done to save this Galaxy. Please write to: bangasanskriti.sahityasammilani@gmail.comThis Blog is all about Black Untouchables,Indigenous, Aboriginal People worldwide, Refugees, Persecuted nationalities, Minorities and golbal RESISTANCE.

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    आज प्रिय कवि दुष्यंत कुमार का जन्म दिन है।

    ये शफ़क़ शाम हो रही है अब / दुष्यंत कुमार

    ये शफ़क़ शाम हो रही है अब
    और हर गाम हो रही है अब

    जिस तबाही से लोग बचते थे
    वो सरे आम हो रही है अब

    अज़मते—मुल्क इस सियासत के
    हाथ नीलाम हो रही है अब

    शब ग़नीमत थी, लोग कहते हैं
    सुब्ह बदनाम हो रही है अब

    जो किरन थी किसी दरीचे की
    मरक़ज़े बाम हो रही है अब

    तिश्ना—लब तेरी फुसफुसाहट भी
    एक पैग़ाम हो रही है अब


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    मशालें फिरभी तैयार रखनी होंगी क्योंकि अभी अंधेरी रात का अंत हुआ नहीं है।

    पलाश विश्वास


    कवि अनिल जनविजय ने जनकवि बल्लीसिंह चीमा को लाल सलाम कहते हुए फेसबुक पर यह पोस्ट कल टांगा हैः

    आज जनकवि बल्ली सिंह चीमा 62 साल के हो गए। उनको जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ। प्रस्तुत है उनकी बेहद प्रसिद्ध कविता।।हमारी शुभकामनाएं भी।हालांकि जानता हूं कि चीमा किसी शुभकामना के मोहताज नहीं रहे कभी।

    आज मेरे बेटे एक्सकैलिबर स्टीवेंस का जन्मदिन भी है जो अब भी बेरोजगार संघर्षरत है और नौकरी नहीं करने का उसका मिजाज है।पारिवारिक आंदोलनी विरासत अब हमारी अगली पीढियों के हवाले है।संघ परिवार अपनी अगली पीढ़ियों को तैयार हीन नही कर चुका है बल्कि नानाविध आयुधों से लैस कर चुका है।हमारा काम अभी अधूरा है।

    हिलाओ पूँछ तो करता है प्यार अमरीका ।

    झुकाओ सिर को तो देगा उधार अमरीका ।

    बड़ी हसीन हो बाज़ारियत को अपनाओ,

    तुम्हारे हुस्न को देगा निखार अमरीका ।

    बराबरी की या रोटी की बात मत करना,

    समाजवाद से खाता है ख़ार अमरीका ।

    आतंकवाद बताता है जनसंघर्षों को,

    मुशर्रफ़ों से तो करता है प्यार अमरीका ।

    ये लोकतंत्र बहाली तो इक तमाशा है,

    बना हुआ है हक़ीक़त में ज़ार अमरीका ।

    विरोधियों को तो लेता है आड़े हाथों वह,

    पर मिट्ठूओं पे करे जाँ निसार अमरीका ।

    प्रचण्ड क्रान्ति का योद्धा या उग्रवादी है,

    सच्चाई क्या है करेगा विचार अमरीका ।

    तेरे वुजूद से दुनिया को बहुत ख़तरा है,

    यह बात बोल के करता है वार अमरीका ।

    स्वाभिमान गँवाकर उदार हाथों से,

    जो एक माँगो तो देता है चार अमरीका ।

    हरेक देश को निर्देश रोज़ देता है,

    ख़ुदा कहो या कहो थानेदार अमरीका ।

    बल्ली का घर मेरे घर से बमुश्किल तीसेक किमी दूर होगा उत्तराखंड की तराई में।

    वे लगातार सत्तर दशक से मशाले लेकर चल रहे हैं।यह मेरे लिए निजी गौरव का मामला भी है।लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में उनके जैसे जनकवि के चुनाव मैदान में किस्मत आजमाने की कोशिश हमें अच्छी नहीं लगी।हालांकि घर में होता तो मैं वोट उन्हीं को देता।नोटा का इस्तेमाल हरगिज नहीं करता।

    बल्ली भाई भी बूढ़ाने लगे हैं।जवान मरता तो कोई पाश जैसा ही है।बूढ़ा होकर मरे मुक्तिबोध तो किसी के जानने बूझने का मौका भी नहीं होता।संत रविदास सदियों से फर वही चर्मकार हैं।

    तो लगे रहो,चीमाभाई।टेंशन लेने को नहीं है,देने को है।बेमतलब गांधीगिरि के लिए अरविंद भरोसे चुनावमध्ये हाजत वास करके आये और देखने को कोई विस्वास भी न था।

    हम सारे लोग वृद्धावस्था के लिए जन्मजात अभिशप्त हैं।लेकिन लगता तो नहीं है कि ससदीय राजनीति और आम आदमी की क्रांति से आपका मोहभंग हुआ होगा।ऐसा भ्रम पालते रहे हैं बाबा नागार्जुन भी।औगढ़ विद्वान त्रिलोचन शास्तरी भी वक्त बेवक्त डांवाडोल रहे हैं और राहुल सांकृत्यायन की छटा भी निराली है।निराल तो विक्षिप्त हुए।


    इसलिए आपके मोहमय विचलन के बावजूद अब भी आप हमारे प्रिय कवि हैं।वैसे ही जैसे गिर्दा,नवारुणदा या वीरेन डंगवाल।तालों में ताल नैनीताल,बाकी सब तलैया।लोग हमें इस दुराग्रह का दोष दें तो भी हम तो बदलने से रहे।

    लेकिन दिलोदिमाग और हरकतें जवान होनी चाहिए हर हाल में।कविता के लिए तो यह अनिवार्य शर्त है।चूंकि बल्ली अब भी कविता में मौजूद हैं तो मैं उन्हें अपने खेतों में हमेशा हल जोतते हुए देख सकता हूं।


    मेरी मां बसंतीपुर की बसंतीदेवी मुझे कलमपिस्सू कहा करती थी।चूंकि हमारे साथ कोई कार नत्थी नहीं है,बाहैसियत पत्रकार भी मैं बेकार हूं,इसलिए मातृवचन सत्य है।गनीमत है कि बेकार होते हुए भी बल्ली कलम पिस्सू नहीं हैं।

    बल्ली भाई,हमने भी कभी वर्षों तक अमेरिका से सावधान लिखा था।लेकिन अब खतरा उससे भी भयंकर है और हम समझते हैं कि कविता में भी इस आन पड़ी विपदा की दस्तक सुनायी देनी चाहिए।


    मशालें फिरभी तैयार रखनी होंगी क्योंकि अभी अंधेरी रात का अंत हुआ नहीं है।

    गौर करें कि अबकी दफा,हां, किंतु परंतु जापान के रोबोट से मुकाबला है अब।

    कंप्यूटर तो गयो रे भाया कि रोबोट आला रे।

    आला रे दिगिविजया प्रधानमंत्री।घर आयो परदेशी।

    शुकर है कि घर का बुद्ध कृष्णावतार घर लौट आये हैं।

    इससे हालांकि कोई फर्क नहीं पड़ता कि जापान में विवेकानंद कल्चरल सेंटर में अनिवासी भारतीयों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब हम माउस चलाते हैं तब दुनिया चलती है। यह बात उन्होंने तब कही जब वह एक कोरियाई नागरिक के एक प्रसंग का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने बताया कि कोरियाई नागरिक ने एक बार उनसे पूछा कि क्या अब भी भारत में काला जादू और सपेरों का बोलबाला है। तब मैंने कहा कि अब हमारा डिमोशन हो गया है। अब हमारे हाथ में माउस है और जब हमारा माउस चलता है, तब दुनिया चलती है। सफाई पर जोर देते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए भारत को स्वच्छ भारत बनाना होगा।

    भारत के सदियों के स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को श्रदांजलि तो देश बेचो अभियान निरंकुश है जो दरअसल लाल किले से प्रधान स्वयंसेवक का राष्ट्र को संबोधन है जिसका दुहराव गुरु गोलवलकर पर्व पर वृहस्पतिवार कोहोना ार्थिक सुधारों का अब तक का सबसे बड़ा कार्यक्रम है।


    सौ दिनों में जनसंहारक संस्कृति के सशक्तीकरण के सौ फैसलों के बाद,जापानी सम्राट को भागवत गीता का उपहार देते हुए स्वदेशी धर्मनिरपेक्षता पर कुठाराघातउपरांते शिक्षक दिवस को गुरु गोलवलकर के संकल्प दिवस में तब्दील करने का संघी कार्यभार को संपन्न करने के लिए।


    सुबह होते ही वे देश भर के छात्रों को गीता का प्रवचन सुनायेंगे।

    इसी बीच मोदीविरोधी जिहाद के पद्मप्रलयक्षेत्र की इस ताजा खबर पर गौर करे जो शारदा घोचटाले में सीबीआई शिकंजे में फंसती जा रही ममता बनर्जी से संबंधित खबरों की आड़ में सबसे बड़ी खबर है और ऐसा लव जिहाद देश भर में हो रहा है जैस यादवपुर विश्वविद्यालय में कैंपस से एक छातारा को हास्टल में उठा ले जाकर उसका शीलभंग या शांतिनिकेतन में उत्तर पूर्व की एक छात्रा के विरुद्ध यौन अपराध से प्रधानमंत्री के कार्यालय में खलबलीउपरांते एक और यौन अपराध शातिनिरकेतन की आश्रमकन्या के साथ,जहां कभी इंदिरा गांधी भी छात्रा रहीं है।

    माफ कीजिये,यह मूल मुद्दे से विचलन नहीं है।केसरिया लवजिहाद के चरित्र पर किंचित चर्चा है जिसके लिए धर्मांतरण सबसे बड़ा अपराध है और बाकी सबकुछ जायज है।

    हम पीढ़ी दर पीढ़ी इस केसरिया आतंक का नतीजा भुगत रहे हैं।धर्मांतरण के आतंक की वजह से हमारे पुरखे गृहभूमि से बेदखल होते रहे तो धर्मांतरण के बहाने फिर वही गाजापट्टियां।

    लेकिन दूसरे किस्म के लव जिहाद के खिलाफ क्यों शांत हैं स्वदेशी सूरमा,यह सवाल कोई पूच्छेगा नहीं।मसलन पश्चिम बंगाल में किशोरी ने स्वयंभू पंचायत के थूक चाटने के आदेश को मानने से इनकार कर दिया और कुछ ही घंटों बाद मंगलवार सुबह उसकी नग्न लाश घर के पास रेल की पटरियों पर पड़ी मिली।


    बताया जा रहा है कि गांव की उस तथाकथित पंचायत का नेतृत्व राज्य में सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस की महिला पार्षद कर रही थीं। किशोरी के परिवार ने रेप और हत्या के आरोप में दर्ज कराए केस में 13 लोगों को आरोपी बनाया है। पार्षद नमिता रॉय के पति भी आरोपियों में से एक हैं। इस मामले में पुलिस ने अब तक एक शख्स को गिरफ्तार किया है।

    तो दूसरी ओर,मोदी सरकार के सभी मंत्री 100 दिन की उपलब्धियां गिनाने में जुटे हैं। लोग भले ही प्याज और सब्जियों के बढ़े दाम से परेशान हैं लेकिन कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने भरोसा दिया है कि मोदी सरकार में प्याज यूपीए सरकार के जैसा नहीं रुलाएगा। उनके मुताबिक सरकार के पहले 100 दिन में काफी काम हुए है और बजट में पहली बार किसानों को तरजीह दी गई है। रेल किराये बढ़ाना जरूरी था क्योंकि रेलवे की हालत काफी खराब थी।


    उधर, पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने भी अपनी उपलब्धियां बताई। जावडेकर ने कहा कि पहले पर्यावरण मंत्रालय की निगेटिव छवि थी लेकिन अब इसकी छवि बदली है। मंजूरी देने में तेजी लाई जा रही है।



    यह मामला हांलांकि दीर्घकालीन स्थाई बंदोबस्त का है,लव जिहाद जैसे तात्कालिक ऐप उपकरण नहीं,बाकायदा मुकम्मल आपरेटिंग सिस्टम है क्लाउड साफ्टवेयर आवाजाही समेत।


    जैसा कि दस्तूर है कि बुनियादी मसलों को स्पर्श करने की मनाही है धर्मनिरपेक्ष वाम अवाम में,लव जिहाद मोड से बाहर निकलकर चूं भी कोई कर नहीं रहा है।जबकि इसी बीच शिक्षा मंत्री ने नागपुरनिर्देशे ममतामयी आपत्ति खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि भाषण सुनना ऐच्छिक है।


    हो भी सकता है।कोई सुने, न सुने,इसपर नियंत्रण के लिए तो अभी अभी जापान से लौटे हैं प्रधान स्वयंसेवक, कार्यक्रम अपलोड करने की देरी है।लेकिन गुरु पर्व अब स्थाईभाव है।

    दूसरी ओर,बाजार की शानदार रफ्तार जारी है और सेंसेक्स-निफ्टी में 0.4 फीसदी की मजबूती देखने को मिल रही है। सेंसेक्स और निफ्टी ने आज भी रिकॉर्ड नया ऊपरी स्तर बनाया है। सेंसेक्स ने 27198.8 का नया रिकॉर्ड ऊपरी स्तर बनाया, तो निफ्टी ने 8133.1 का नया रिकॉर्ड ऊपरी स्तर छूआ है। आज भी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जोश कायम है। वहीं आईटी, टेक्नोलॉजी, कैपिटल गुड्स, ऑटो और फार्मा शेयरों में अच्छी खरीदारी का रुझान है। हालांकि एफएमसीजी, बैंकिंग और ऑयल एंड गैस शेयरों पर दबाव नजर आ रहा है।

    श्रम कानूनों के सफाये,भूमि अधिग्रहण,खनन अधिनियम,पर्यावरण कानून,बैंकिंग आरबीआई कानून वगैरह वगैरह को बिगाड़ने के इंतजामात के साथ साथ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सर्वक्षेत्रे,विनिवेश उपक्रमों और सेवाओं का,निरंकुश निजीकरण,देश बेचो अभियान,संसाधनों की खुली लूट,अबाध बेदखली के लिए लंबित निजी परियोजनाओं को हरीझंडी,सेज महासेज औद्योगिक गलियारा,स्मार्ट सिटी,बुलेट ट्रेन और रोबोटिक्स, डिजिटल देश, जनधनमन से गण गायब,निराधार आधार सशक्तीकरण,सारे घोटाले कोयला नीलामी दुबारा, घोटाला विरुद्धे रक्षाकवच काला धन वापस करो रे फंडा के साथ, इत्यादिमध्ये सेनसेक्स और निफ्टी बजरिये बेलगाम सांढ़ संस्कृति के विकास कामसूत्र से जो लोग परमार्थकारणे उत्तेजित हैं,उनकी मुक्ति के लिए जापानी उद्योगपतियों को रेड कार्पेट पर आमंत्रण के बंदोबस्त का इकरार प्रधानमंत्री की जुबानी समझ में आयेगा,इसकी कोई गारंटी नहीं है।

    स्मृति लुप्त अनार्यों को हड़प्पा का इतिहास भी अब आर्य सनातन सभ्यता बताया साबित किया जा रहा है जैसे यरूशलम जियानियों का धर्मस्थलदावा है,उसी तरह हर विधर्मी निर्माण अब आर्यावर्त है और ऐतिहासिक विरासत मसलन लालकिला, ताजमहल, इंडियागेट ,गेट वे आफ इंडिया,सुंदरवन,अजंता ऐलोरा,सांची,नालंदा, तक्षशिला,विक्टोरिया मेमोरियल से लेकर फोर्ट विलियम और तारमीनार भी राम सेतु और राम मंदिर के नानाविध संस्करण है,बस देर सवेर साबित हो जाने का इंतजार करें।


    स्वदेशी मेधा वामविकृत इतिहास संसाधन और पौराणिक वैदिक आयुर्वैदिक बागवत इतिहास के पुनरूद्धार करके उत्तर आधुनिक अखंड महाशक्ति हिंदी हिंदू और हिंदुस्तान का सापना साकार करके बनाने वाले ही हैं,जैसे सामाजिक बदलाव के केंद्र यूपी अब गाजा पट्टी है,वैसे ही भूगोल को तहस नहस करके इतिहास की नयी नींव पर समग्र एशिया अब हिंदुत्व का पद्मप्रलय है।


    इस सुनामी की आहट जो सुन नहीं रहे हैं,वे बहरे हैं या इसी आहट के तेलयुद्ध में,पारमाणविक विध्वंस में तब्दील हो जाने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं वे।जो देख नहीं रहे हैं,दिग्विजयी बेलगाम अश्वमेधी घोड़ों को वे या तो शंबुक की तरहै मनुस्मृति अनुशासन भंग रने के अपराध में मारे जायेंगे,या घर घर सीरियल महाभारत की तरह गृहयुद्ध में कुरुक्षेत्र के महाशोक में अशोक हो जायेंगे या वे अधीर जो हैं,समाहित समावेशी सत्ताभृत्यों की तरह उनके तमाम खेत सोना उगलेंगे  रक्षा, कोयला, टेलीकाम, राष्ट्रमंडल, आईपीएल, शेयर,शारदा घोटालों की तरह।


    सीबीआई जांच करती रहेगी और मीडिया मुफ्त पीआर टीआरपी कारोबार करता रहेगा,बेदखल जनांदोलन बेवफा विचारधारा और बेहया पाखंडी प्रतिबद्धता के दुष्काल में निम्नदेशीय केश की तरह प्राचुर्य के बावजूद बाकी जनता अपनी लाश के लिए दो गज जमीन और कमसकम कफन का मोहताज होते रहेंगे।


    निकेई और जापान की व्यापार संवर्द्धन संस्था जेट्रो की ओर से यहां आयोजित व्यावसायिक गोष्ठी में निवेशकों को संबोधित करते हुए मोदी ने भारत में विनिर्माण कारोबार को बढ़ाने के लिए अपने मेड इन इंडिया (भारत में निर्मित) नारे की चर्चा की।

    प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के पहले सौ दिन के कार्यकाल में देश में कारोबार करने वालों के लिए रास्ते आसान करने के लिए किए गए विभिन्न निर्णयों का भी जिक्र किया।

    मोदी ने अपनी यात्रा के चौथे दिन कहा कि भारत की तरह कोई भी दूसरा देश ऐसा मौका नहीं देता क्योंकि देश में लोकतंत्र है, युवा आबादी है और मांग है।इससे पहले सोमवार को उन्होंने एक अन्य समारोह में निवेशकों को संबोधित किया था। प्रधानमंत्री ने उद्योगपतियों से कहा कि वे भारत में निवेश कर अपना भाग्य आजमाएं। साथ ही कहा कि भारत में निवेश करने वाले कम लागत वाले विनिर्माण के जरिए लाभ के लिहाज से चमत्कार कर सकते हैं।

    उन्होंने कहा 'विनिर्माताओं को क्या चाहिए? ..वे विनिर्माण की लागत में कमी चाहते हैं। वे उच्च लागत वाला विनिर्माण नहीं चाहते। सस्ता श्रम, कुशल श्रमशक्ति, आसान कारोबार प्रक्रिया और उदार माहौल। फिर यह भातर में व्यावहारिक हो जाता है।'

    प्रधानमंत्री ने कहा 'भारत में अरबों खरबों डालर के निवेश की जरूरत है। इलेक्ट्रानिक बाजार विशेष तौर पर मोबाइल हैंडसेट क्षेत्र संभावनाओं वाला बड़ा बाजार है।'सरकार ने 125 करोड़ लोगों के लिए डिजिटल इंडिया नाम से एक योजना बनाई है जो मिशन मोड में चलाई जाएगी। भारत में बड़ी संभावना क्यों है।  इस बारे में मोदी ने कहा कि करीब 50 शहरों में मेट्रो निर्माण की योजना और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र बड़ी संभावना पेश करता है।


    उन्होंने कहा जापानी उद्योगपतियों को आकर्षित करते हुए कहा 'भारत आपको आमंत्रित करने के लिए तैयार है। भारत में निर्माण करें। आप जो भी सुविधा चाहते हैं वह वहां है।'

    मोदी ने विशेष तौर पर लघु एवं मध्यम उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उपलब्ध मौके का यह कहते हुए जिक्र किया भारत की विशेषज्ञता साफ्टवेयर में है और जापान की विशेषज्ञता हार्डवेयर क्षेत्र में जिसे एक दूसरे से जोड़ने की जरूरत है।प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच आर्थिक मामले में नया इतिहास रचने का आह्वान करते हुए कहा 'बगैर जापान के भारत अधूरा है और बिना भारत जापान आधा-अधूरा।'

    उन्होंने अपनी सरकार के फैसला करने की तेज रफ्तार को रेखांकित करते हुए कहा 'मैं आपको आश्वस्त करने आया हूं कि भारत में कोई लालफीताशाही नहीं है बल्कि लाल कालीन है। कारोबार आसान बनाने के लिए हमने कई नियमों में बदलाव किया है। इससे पहले किसी सरकार ने इतने कम समय में इतना कुछ नहीं किया है।'उन्होंने कहा 'भारत आपका स्वागत करने के लिए तैयार है। आपको जो भी सुविधा चाहिए हैं हम मुहैया कराएंगे।''

    उन्होंने कहा कि 125 करोड़ की आबादी वाला बाजार उनका इंतजार कर रहा है। मोदी ने कहा 'मैं आपको एशिया की शांति और प्रगति के लिए आमंत्रित करता हूं। हमें साथ मिल कर काम करने की जरूरत है। अपना भाग्य आजमाइए, अपनी क्षमता आजमाइए।'उन्होंने कहा 'आप भारत में विनिर्माण कर न सिर्फ भारत की बल्कि पूरे विश्व की जरूरत पूरी कर सकते हैं।'


    मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने नीतिगत बदलाव किए हैं ताकि कारोबार प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके। उन्होंने पहली तिमाही के दौरान सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर के बढ़ कर 5.7 फीसद दर्ज होने का भी जिक्र किया जो पिछले दो-तीन साल से पांच फीसद से कम पर थी।

    भारत को विनिर्माण का संभावित केंद्र के तौर पर पेश करते हुए मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक बाजार तक पहुंचने के लिए 'ईश्वर प्रदत्त स्थान'है क्योंकि यहां शानदर समुद्र तट है, कुशल श्रमशक्ति और कम लागत वाला कच्चा माल है।

    जापानी उद्योगपतियों से मोदी ने कहा 'आप कमाल जो दस साल में करते हैं वह आप दो साल में कर सकते हैं। ऐसी संभावनाएं हैं।'उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र, सुरक्षा और न्याय की गारंटी देता है।

    अपनी 'भारत में विनिर्माण'की दृष्टि के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी मंशा देश में बने उत्पाद को ब्रांड बनाने की है जिसकी गुणवत्ता की विश्वसनीयता जापान में बने उत्पादों की तरह हो। विश्व भर में लोग सस्ता सामान चाहते हैं और भारत में बना उत्पाद जापानी कंपनियों के लिए व्यावहार्य होगा। उनसे पूछा गया कि वे जापान के सिर्फ लघु एवं मध्यम उपक्रमों को भारत में प्रवेश को तरजीह क्यों देते हैं तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा 'जापान की छोटी चीज भी भारत के लिए बड़ी है।'उनसे जब यह पूछा गया कि यदि देश में विदेशी कंपनियां उत्पाद बनाएंगी तो वे अपनी राष्ट्रवादी छवि कैसे बरकरार रखेंगे, मोदी ने कहा कि इसमें कोई विरोधाभास नहीं है क्योंकि मैं इसे विस्तार की तरह देखता हूं। उन्होंने कहा कि जब पर्यटक कहीं जाता है, तो उसकी पहचान नहीं बदलती।


    बहरहाल जापान का पांच दिन का दौरा सफलतापूर्वक संपन्न कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज स्वदेश रवाना हो गए। प्रधानमंत्री के इस दौरे में जापान ने भारत में अगले पांच साल के दौरान विकास कार्यों के लिए 35 अरब अमेरिकी डॉलर की राशि निवेश करने का वादा किया है। दोनों देशों ने रक्षा और अन्य सामरिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का भी निर्णय किया है। मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें रक्षा संबंधी आदान प्रदान, स्वच्छ उर्च्च्जा में सहयोग, सड़क और राजमार्ग, स्वास्थ्य और महिला उत्थान जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा दोनों देशों ने अपने संबंधों को नयी उच्च्ंचाइयों तक पहुंचाने का भी संकल्प जताया।

       जापान ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड :एचएएल: सहित छह भारतीय कंपनियों पर से प्रतिबंध भी हटा लिया है। वर्ष 1998 में परमाणु परीक्षण करने के बाद से इन कंपनियों पर प्रतिबंध लगा था।

      पांच दिवसीय दौरे में मोदी ने जापान के निवेशकों को भारत आमंत्रित किया और उद्योग के लिए, खास कर विनिर्माण के क्षेत्र में भारत को एक अनुकूल देश के तौर पर पेश करने की पुरजोर कोशिश की।

       मोदी के मई में प्रधानमंत्री बनने के बाद उपमहाद्वीप के बाहर यह उनकी पहली यात्रा थी।

       जापानी उद्योगपतियों से मोदी ने कहा कि भारत अपने यहां निवेश के लिए उनका इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने निवेशकों के लिए ''रेड कार्पेट''बिछाया है, न कि अब ''रेड टैप'' :लालफीताशाही: की बाधाएं हैं क्योंकि उनकी सरकार ने नियमों और प्रक्रियाओं को आसान बनाया है।

       कल अपना आधिकारिक कार्यक्रम संपन्न करते हुए मोदी ने भारत में 'विश्वास'बहाल करने के लिए जापान का आभार व्यक्त किया और उसके साथ भारत की दोस्ती को इन शब्दों में जाहिर किया ''यह फेवीकोल से भी ज्यादा मजबूत जोड़ है।'' 

       मोदी ने पूर्व में अपने सम्मान में यहां भारतीय समुदाय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा ''यह दौरा अत्यंत सफल रहा।''

       उन्होंने कहा ''करोड़ों और अरबों की बातें हुईं लेकिन खरबों की बात कभी नहीं हुई।''उनका संकेत जापान द्वारा भारत में 35 अरब डालर की राशि का निवेश करने के वादे की ओर था। जापान यह राशि अगले पांच साल के दौरान स्मार्ट शहरों के निर्माण और गंगा नदी की सफाई जैसे विभिन्न कार्यों के लिए निजी और सार्वजनिक कोषों के माध्यम से निवेश करेगा।

         मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिन्जो आबे के बीच बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने रक्षा और रणनीतिक सहयोग को नयी उच्च्ंचाई तक पहुंचाने का तथा असैन्य परमाणु करार के बारे में बातचीत को गति देने का भी निर्णय किया। यह असैन्य परमाणु करार अब तक नहीं हो पाया है।

       दोनों ही नेताओं के बीच बेहतरीन तालमेल था और उनके मध्य 'सार्थक'आदानप्रदान हुआ।

       मोदी जब पांच दिवसीय दौरे के पहले चरण में 30 अगस्त को यहां पहुंचे तो आबे ने खुद उनका स्वागत किया।

       क्योतो में एक करार पर हस्ताक्षर किए गए जिसके तहत मोदी के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी को जापान की मदद से 'स्मार्ट शहर'क्योतो की तरह विकसित किया जाएगा।

       आबे ने यह भी घोषणा की कि भारत-जापान सहयोग के उदाहरण के तौर पर तोक्यो 'बुलेट ट्रेन'शुरू करने के लिए भारत को वित्तीय, प्रौद्योगिकी और संचालनगत सहयोग प्रदान करने में मदद करेगा। 'बुलेट ट्रेन' मोदी की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है।

       जापान का पांच दिवसीय दौरा संपन्न करने के बाद मोदी ने कहा कि यह सिर्फ अपने संबंधों का एक श्रेणी से दूसरी में बदलाव नहीं है, हमारे संबंध न सिर्फ क्षेत्रीय हैं बल्कि उनका वैश्विक प्रभाव भी पड़ेगा।

    अमेरिका: लॉटरी से तय होगा, कौन होंगे मोदी के समारोह में शामिल

    वाशिंगटन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका आगमन पर 28 सितंबर को न्यूयार्क सिटी में प्रतिष्ठित मैडिसन स्क्वायर गार्डन में उनके सार्वजनिक स्वागत समारोह में शामिल होने वाले प्रतिभागियों का चयन लॉटरी प्रणाली के जरिए किया जाएगा। मोदी के स्वागत समारोह के आयोजकों ने यह जानकारी दी।

    इस उद्देश्य के लिए हाल ही में गठित भारतीय अमेरिकी कम्युनिटी फाउंडेशन को सोमवार की मध्य रात्रि तक देश भर से करीब 20,000 आवेदन मिले हैं। आवेदन सुदूर अलास्का और हवाई से भी आए हैं।

    भारतीय-अमेरिकी समुदाय के 407 संगठनों और धार्मिक संस्थानों के सदस्यों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की समय सीमा सोमवार तक थी। ये सभी मोदी के सार्वजनिक स्वागत समारोह में मेजबान की भूमिका अदा करेंगे। मंगलवार को फांउडेशन ने समारोह के लिए आम लोगों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे। मैडिसन गार्डन में करीब 20,000 लोगों के बैठने की क्षमता है। आम लोगों के लिए इस समारोह में शामिल होने की खातिर ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तारीख 7 सितंबर है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस दौरान हजारों लोग समारोह में शामिल होने की खातिर ऑनलाइन आवेदन करेंगे।


    CBI जांच में सारदा घोटाले और ममता बनर्जी के बीच तार जुड़े होने का खुलासा?



    CBI जांच में सारदा घोटाले और ममता बनर्जी के बीच तार जुड़े होने का खुलासा?

    ज़ी मीडिया ब्यूरो/आलोक कुमार राव

    कोलकाता : पश्चिम बंगाल के करोड़ों रुपए के सारदा चिट फंड घोटाले की आंच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तक पहुंचती दिख रही है। रिपोर्टों के मुताबिक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) और सारदा ग्रुप के बीच तार जुड़े होने का खुलासा किया है। सारदा ग्रुप और आईआरसीटीसी के बीच एक अनुबंध उस समय हुआ जब ममता बनर्जी रेल मंत्री थीं।

    रिपोर्ट के मुताबिक आईआरसीटीसी और सारदा ग्रुप ने वर्ष 2010 में टूरिज्म परियोजना को लेकर एक अनुबंध किया था। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक सारदा टूर्स एवं ट्रवेल्स ने भारत तीर्थ योजना के तहत आधिकारिक रूप से आईआरसीटीसी के लिए दक्षिण भारत पैकेज टूर का आयोजन किया था। भारत तीर्थ योजना की शुरुआत ममता बनर्जी ने 2010-11 में अपने रेल बजट में की थी।

    वहीं, टीएमसी ने कहा है कि केंद्र सरकार एक राजनीतिक हथियार के रूप में सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है।

    तृणमूल कांग्रेस के महासचिव मुकुल राय ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, 'पहले सीबीआई को कांग्रेस ब्यूरो आफ इंवेस्टीगेशन के रूप में जाना जाता था। सीबीआई ने अपना चरित्र नहीं बदला है।'

    पूर्व रेल मंत्री ने दावा किया, 'सीबीआई कोई स्वायत्त संस्था नहीं है जो अपने काम अपने आप करे। सीबीआई एक राजनीतिक संगठन की तरह काम करती है।'विपक्ष के सारदा समूह के स्वामित्व वाले श्रद्धा टूर्स एंड ट्रेवेल्स को आईआरसीटीसी द्वारा अनावश्यक रूप से लाभ पहुंचाने के विपक्ष के आरोपों के बारे में पार्टी का रूख पूछने पर राय ने अनभिज्ञता जताते हुए कहा, 'मैं कुछ नहीं जानता। समझौता मेरे द्वारा जिम्मा संभालने से पहले हुआ था। वह समुचित निविदा प्रक्रिया के जरिये हुआ होगा।'

    उन्होंने कहा, 'कैग या रेलवे अंकेक्षण जैसे कई ऐसे संगठन हैं जो समझौते पर गौर कर सकते हैं।'तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा पार्टी सांसद दिनेश त्रिवेदी को रेलमंत्री पद से हटाये जाने के बाद राय ने यह जिम्मेदारी संभाली थी। (एजेंसी इनपुट के साथ)



    100 दिन…100 फैसले…100 बदलाव

    1-पड़ोसी देशों से संबंध सुधारने की पहल। सार्क देशों के तमाम मुखिया शपथग्रहण समारोह का हिस्सा बनने के लिए दिल्ली में मौजूद थे। पाक सेना के इनकार के बावजूद नवाज शरीफ भी मोदी को बधाई देने के लिए यहां आए। सभी के साथ द्विपक्षीय बातचीत हुई। मोदी ने खुद कहा कि ये सही वक्त पर लिया गया सही फैसला था।

    2-प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते ही नरेंद्र मोदी ने जनता के लिए अपने द्वार खोल दिए। पीएमओ की वेबसाइट पर एक लिंक चमकने लगा। प्रधानमंत्री के साथ करें बातचीत। मोदी ने कहा कि वो अपनी वेबसाइट के जरिए सरकार की हर जानकारी, नए कदम देश को बताते रहेंगे और ऐसा हुआ भी।

    3–26 मई को ही देर रात नरेंद्र मोदी सरकार ने मंत्रालयों के पुनर्गठन पर भी मुहर लगा दी। मोदी ने 17 बड़े मंत्रालयों को मिलाकर 7 टुकड़ों में बांट दिया। ओवरसीज मंत्रालय विदेश मंत्रालय के अधीन हो गया तो कॉरपोरेट अफेयर्स वित्त मंत्रालय के। मकसद यही कि फैसलों के लिए फाइलें एक मंत्रालय से दूसरे मंत्रालय में चक्कर ना काटती रहें।

    4-27 मई को नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार की पहली कैबिनेट की बैठक बुलाई। बैठक में सरकार ने पहला बड़ा फैसला किया कि कालेधन की जांच के लिए SIT बनाई जाएगी। SIT भले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनी लेकिन ये भी ध्यान देने वाली बात है कि पिछली यूपीए सरकार लगातार इस फैसले को टालती जा रही थी।

    5- 28 मई को नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री कार्यालय के अफसरों से मिले। उन्हें साफ ताकीद की गई कि मोदी सरकार के काम करने का एजेंडा होगा जनता की समस्याएं दूर करना। अफसरों को हर वो फैसले लेने को कहा गया जिससे लोगों की समस्याएं दूर हों, उनकी परेशानी कम हो। अब फैसलों में देरी की गुंजाइश नहीं थी।

    6– 30 मई को स्कूली किताबों में अपनी जीवनी पढ़ाने पर नरेंद्र मोदी ने रोक लगा दी। दरअसल पीएम बनने के बाद कई अखबारों में छपा कि चायवाले से पीएम बनने का सफर अब बच्चों को किताबों में पढ़ाया जाएगा। लेकिन मोदी ने खुद ट्वीट करके ये कह दिया कि जीवित व्यक्ति की जीवनी बच्चों को हरगिज ना पढ़ाई जाए।

    7- 31 मई को प्रधानमंत्री ने एक झटके में सभी मंत्री समूहों या कहें GOM को खत्म कर दिया। मंत्रालयों और विभागों को मजबूत बनाने के लिए ये एक बड़ा कदम था। सरकार का तर्क था कि अब तमाम मुद्दों पर सीधे मंत्रालय ही फैसला लेंगे और अगर कोई दिक्कत हुई तो PMO की तरफ से मदद की जाएगी।

    8- 4 जून को संसद का पहला दिन। सोलहवीं लोकसभा का आगाज हुआ और मेजों की थपथपाहट के साथ नरेंद्र मोदी ने पहली बार लोकसभा की कार्यवाही में हिस्सा लिया। लोकसभा में अपने पहले भाषण में नरेंद्र मोदी ने देश को भरोसा दिलाया कि आम आदमी की उम्मीदों और सपनों को पूरा करने की वो हर मुमकिन कोशिश करेंगे।

    9–4 जून को ही प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों के सचिवों के साथ बैठक की। ऐसी बैठक आठ साल के बाद हुई। ढाई घंटे तक चली बैठक में मोदी ने ये जानने की कोशिश की कि अफसर पूरी ताकत के साथ काम क्यों नहीं कर पा रहे हैं। बैठक के बाद मोदी ने अफसरों से कहा कि आप काम करिए। मैं 24 घंटे आपके साथ हूं।

    10– 6 जून को प्रधानमंत्री ने बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में एक और सख्त फरमान दिया। ये फरमान था बीजेपी के सभी सांसदों के लिए। जितने दिन संसद की कार्यवाही चले, रोजाना आइए, पूरी तैयारी के साथ आइए, पूरी तैयारी के साथ सदन में सवाल करिए और पूरी तैयारी के साथ बहस में हिस्सा लीजिए। साफ था, मोदी को किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं।

    11-7 जून को मोदी सरकार ने नौकरशाहों के लिए अहम निर्देश जारी किया। कैबिनेट सचिव ने अफसरों को 11 निर्देश भेजे जिससे काम करने का तरीका सुधरे। काम करने का माहौल सुधरे। फैसला लेने में देरी ना हो और दफ्तरों में साफ-सफाई हो। मोदी के इस आदेश के बाद अफसरों की मेजों पर लगे फाइलों के ढेर अचानक कम होने लगे।

    12–8 जून को प्रधानमंत्री ने अपने घर पर गेटिंग इंडिया बैक ऑन ट्रैक, एन एक्शन एजेंडा फॉर रिफॉर्म किताब का विमोचन किया। इस किताब के जरिए मोदी ने साफ कर दिया कि देश के विकास को पटरी पर लाने के लिए उनकी सरकार का ब्लूप्रिंट क्या है। मोदी ने नीति निर्माण से लेकर स्किल डवलपमेंट पर जोर दिया।

    13–10 जून को मोदी सरकार ने कैबिनेट की 4 स्टैंडिंग कमेटियों को भी बर्खास्त कर दिया। यूपीए सरकार के दौरान बनाई गई सुरक्षा, राजनीतिक मामलों, आर्थिक मामलों और संसदीय कार्य से जुड़ी अहम कैबिनेट कमेटियों का भी पुनर्गठन कर दिया गया। इसके बाद हर विभाग के मंत्री को फैसलों की ज्यादा जिम्मेदारी सौंपी जाने लगी।

    14–12 जून को मोदी सरकार ने एक ऐसा फैसला किया जो आठ साल से अटका पड़ा था। ये फैसला था सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाने का। मोदी के मुख्यमंत्री काल से ही गुजरात सरकार ये मांग कर रही थी। नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई 17 मीटर और बढ़ाई जाए, लेकिन मनमोहन सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी। सरकार में आते ही तीन हफ्तों के भीतर मोदी ने फैसला लिया।

    15–14 जून को नरेंद्र मोदी गोवा गए। देश के सबसे बड़े जंगी जहाज INS विक्रमादित्य को देश को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सेना से जुड़े उपकरणों और हथियार के निर्माण में भारत को आत्मनिर्भर बनना ही होगा। यहीं पर पहली बार मोदी ने इशारा किया कि देश की वित्तीय हालत संभालने के लिए कड़े आर्थिक फैसले लेने होंगे।

    16 –15 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पहले विदेश दौरे पर भूटान गए। मोदी ने भूटान नरेश और प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात की और वहां की संसद को संबोधित किया। मोदी ने दो टूक संदेश दिया कि किसी भी देश में शांति तभी रह पाएगी जब उसके पड़ोसी देश से संबंध अच्छे होंगे। मोदी ने 600 मेगावॉट पनबिजली परियोजना का उद्घाटन भी किया।

    17–19 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और अहम और संवेदनशील फैसला किया। ये फैसला था, अफसरों की नियुक्ति में मंत्रियों के दखल पर रोक। मोदी ने आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी से राम विलास पासवान को भी बाहर रखा। मंत्रियों को ये आदेश दिया गया कि वो यूपीए सरकार के दौरान मंत्रियों के अफसरों को अपने स्टाफ में शामिल ना करें।

    18-20 जून को वो दिन आया जब नरेंद्र मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए एक बेहद ही साहसी फैसला किया। एक झटके में रेल यात्री किराए में 14 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई। मालभाड़ा भी साढ़े 6 फीसदी बढ़ा। लोगों ने इस फैसले की आलोचना की, लेकिन ज्यादातर ऐसे थे, जिनका मानना था कि सुविधाएं देने के लिए किराया बढ़ाना सही कदम था।

    19-22 जून को सरकार ने फैसला किया कि मंत्रालयों के सचिवों को और जवाबदेह बनाया जाएगा। मोदी ने तय किया कि ऐसे सचिवों को और ज्यादा जिम्मेदार बनाया जाएगा जो अलग-अलग मंत्रालयों में अटकी हुई फाइलों को निकलवाने में अहम भूमिका निभाएंगे। साथ ही ऐसे मामलों में जब फंडिंग दूसरे मंत्रालयों से हो।

    20-23 जून को सरकार संभाले हुए मोदी सरकार को लगभग एक महीना होने को था। एक और कड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने चीनी पर आयात शुल्क 15 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि इससे चीनी की कीमत बढ़ेगी, लेकिन सरकार का तर्क था कि इस फैसले से घरेलू चीनी उद्योग मजबूत होगा।

    21-23 जून को ही मोदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग को देश के तमाम न्यूक्लियर सेंटर की तहकीकात और निगरानी की इजाजत दे दी। अमेरिका के साथ न्यूक्लियर डील के वक्त भारत ने इस प्रस्ताव पर हामी भरी थी। इस इजाजत के साथ ही मोदी सरकार ने दुनिया को ये संदेश भी दिया कि नई सरकार परमाणु मामलों को लेकर गंभीर और जिम्मेदार है।

    22-24 जून को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री कार्यालय को तीन मंत्र दिए। पहला, लोगों की शिकायतों पर जल्द कार्रवाई हो। दूसरा, राज्यों और केंद्र सरकार के बीच रिश्ते और मजबूत करने के लिए काम हो और तीसरा, सेना की सारी जरूरतों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। तमाम मंत्रालयों से संपर्क के दौरान इन तीन मंत्रों पर खास ध्यान दिया जाता है।

    23-मोदी के लिए बेहद अहम है देश के युवाओं को रोजगार। 25 जून को मोदी सरकार ने अपने गुजरात में कामयाबी के साथ चले रोजगार कार्यक्रम NEPAM को केंद्र की तरफ से भी लागू करने की मंजूरी दे दी। इस कार्यक्रम के तहत उद्योगों की जरूरत के मुताबिक युवाओं को नौकरी में रहते हुए ट्रेनिंग और नौकरी पाने के लिए स्किल डवलपमेंट का कोर्स कराया जाता है।

    24-26 जून को मोदी सरकार को केंद्र में एक महीना हुआ। इस दिन सीधे जनता से जुड़े कई कई आदेश एक साथ दिए गए। शहरी विकास मंत्रालय ने सारे मंत्रियों और अफसरों से अपील की कि जितना संभव हो सके दिल्ली में आने-जाने के लिए मेट्रो का ही इस्तेमाल करें। सरकार ने उन्हें समझाया कि इससे वक्त बचेगा। ट्रैफिक पर असर पड़ेगा और पर्यावरण का भी फायदा होगा।

    25-फिजूलखर्ची रोकने के लिए एक और फैसला हुआ। 26 जून को मोदी सरकार ने अपने सभी मंत्रियों और अफसरों को नई कार खरीदने पर रोक लगा दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब भी नई कार के बजाय उसी बुलेटप्रूफ कार का इस्तेमाल करते हैं जिससे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह चला करते थे। मंत्रियों को ये भी कहा गया कि एक लाख रुपए से ज्यादा खर्च करने से पहले उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय से इजाजत लेनी होगी।

    26–छब्बीस जून को सरकार का एक महीना पूरा होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लॉग लिखकर देश से मिले समर्थन के लिए आभार जताया। ये कहा कि उनकी सरकार का हर फैसला सिर्फ और सिर्फ देश हित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पीएम ने ये भी कहा कि पिछली सरकारों को हनीमून पीरियड मिलता रहा है लेकिन उन पर तो पहले दिन से ही सियासी हमले होने लगे।

    27-सरकार बनने के एक महीने के भीतर मोदी सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए जो सिर्फ कागजी नहीं थे। संसद में राष्ट्रपति के भाषण के जरिए मोदी सरकार ने ये साफ कर दिया कि वो कश्मीरी पंडितों के मुद्दे को लेकर कितनी गंभीर है। कश्मीरी पंडियों को ये भरोसा दिया गया कि ना सिर्फ उनकी जमीन वापस की जाएगी बल्कि उनको दोबारा बसाने का भी पूरा इंतजाम किया जाएगा।

    28-जिस चीन के साथ रिश्ते हमेशा तल्ख रहे। एक महीने के भीतर मोदी सरकार ने उस पर भी मेहनत की। चीनी विदेश मंत्री की भारत यात्रा के दौरान इंडस्ट्रियल पार्क पर सहमति बनी। ये भी तय हुआ कि छोटे चीनी निवेशकों से कम टैक्स वसूलने का तरीका खोजा जाए। सरकार के इस फैसले से भारत और चीन, दोनों को आर्थिक फायदा होने की उम्मीद है।

    29-रूस के साथ भी रिश्तों में गर्माहट लाने की कोशिश हुई। रूस के उप प्रधानमंत्री ने मोदी से मुलाकात की। कुडनकुलम में रूस के साथ मिलकर दो और न्यूक्लियर रिएक्टर बनाने पर समझौता हुआ। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी समझौते पर दस्तखत किए गए।

    30-कम मॉनसून की आशंका का असर महंगाई दर पर दिखा, लेकिन इसे कम करने के लिए मोदी सरकार ने कई कदम उठाए। आलू और प्याज को आवश्यक वस्तु अधिनियम के दायरे में कर दिया गया। राज्य सरकारों को सख्त ताकीद की गई कि वो कालाबाजारियों पर नकेल कसे। छापेमारी करे। आम जनता से जुड़ी चीजों के निर्यात पर पाबंदी लगाकर कीमतों को काबू में करने की कोशिश की गई।

    31-सरकार में एक महीना पूरा होने के बाद मोदी ने एक बार फिर अपने सांसदों की नकेल कसी। बाकायदा क्लास लगाकर पहली बार बीजेपी के टिकट पर सांसद बने नेताओं को काम करने का तरीका सिखाया गया। ये भी ताकीद की गई कि वो सदन के भीतर अपना बर्ताव दुरुस्त रखें। मोदी की इस क्लास का असर था कि सालों बाद संसद में इतना काम होता नजर आया।

    32-मोदी ने अपनी सरकार के मंत्रियों और अफसरों को एक और नसीहत दी। आप जो काम कर रहे हैं वो अपने लोगों तक पहुंचाएं। मोदी ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर जोर दिया। हर मंत्री और अफसर को अपना ट्विटर अकाउंट खोलकर उसे लगातार अपडेट करने को कहा। मोदी ने प्रशासन में ट्विटर और फेसबुक के इस्तेमाल पर लगी रोक भी हटा दी।

    33-30 जून को प्रधानमंत्री ने एक ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए श्रीहरिकोटा का रुख किया। उन्होंने PSLV C-23 रॉकेट लॉन्चर से 5 उपग्रहों की लॉन्चिंग देखी। इसरो के वैज्ञानिकों को इस कामयाबी की बधाई देने के बाद मोदी ने उनसे ये भी कहा कि सार्क देशों के लिए भी एक सैटेलाइट बनाई जाए जो सभी देशों को विकास में मदद करे।

    34-छोटे और सस्ते घरों का सपना पूरा करने के लिए नरेंद्र मोदी ने सिंगापुर से मदद मांगी। सिंगापुर के विदेश मंत्री की भारत यात्रा के दौरान मोदी ने उनसे कहा कि सिंगापुर वो तकनीक भारत को दे जिससे हमारे यहां भी सस्ते और मजबूत घर बनाए जा सकें। आपको याद दिला दें कि 2022 तक मोदी सरकार का सपना हर भारतीय को एक घर देने का है।

    35-2 जुलाई को मोदी सरकार ने तय किया कि देश के ढाई लाख गावों में ब्रॉडबैंड सर्विस मुहैया कराकर, सभी गावों को एक दूसरे से जोड़ दिया जाए। सरकार की कोशिश डेढ़ लाख गावों में इंटरनेट सेंटर स्थापित करने की है। इन सेंटरों को स्थापित करते वक्त इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि क्षेत्रीय भाषाओं की वजह से ये फ्लॉप ना हों और ज्यादा से ज्यादा लोग इनसे जुड़ें।

    36-3 जुलाई को मोदी सरकार ने अहम फैसला करते हुए तय किया कि अब भारत के बच्चों को रोटा वायरस की वैक्सीन समेत तीन नए वैक्सीन दिए जाएंगे। मोदी सरकार का लक्ष्य साल 2015 तक शिशु मृत्यु दर को दो-तिहाई तक घटाने का है। साथ ही सरकार ने ये भी तय किया कि जिन इलाकों में जापानी इंसेफिलाइटिस फैला है वहां बड़ों को भी इसकी वैक्सीन दी जाएगी।

    37-प्रधानमंत्री बनने के बाद 4 जुलाई को पहली बार नरेंद्र मोदी जम्मू और कश्मीर गए। उरी में उन्होंने 240 मेगावॉट वाली पनबिजली योजना देश को समर्पित की। मोदी ने देश से फिर वायदा किया कि उनकी सरकार देश से अंधेरा दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां मोदी ने ये भी कहा कि देश में बिजली ट्रांसमिशन लाइनों के नेटवर्क पर भी ध्यान दिया जाएगा।

    38- 4 जुलाई को नरेंद्र मोदी ने वैष्णो देवी के भक्तों को तोहफा दिया। कटरा उधमपुर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर नरेंद्र मोदी ने भक्तों को देवी के और करीब ला दिया। मोदी के सुझाव के बाद अब इस ट्रेन का नाम श्रीशक्ति एक्सप्रेस कर दिया गया है। मोदी के उस सुझाव पर भी काम हो रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि कटरा रेलवे स्टेशन को सौर ऊर्जा आधारित बनाया जाए।

    39-देश के घरेलू मुद्दों के अलावा मोदी सरकार एक और मोर्चे पर लगातार काम करती रही। ये था इराक में फंसे भारतीयों को वापस लाना। मोदी सरकार की लगातार कोशिशों का नतीजा था कि तिकरित में फंसी केरल की 46 नर्सें 5 जुलाई को सुरक्षित वापस लौट पाईं। इराक संकट से निपटने में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की भी जमकर तारीफ हुई।

    40-मनमोहन सरकार के सबसे अहम प्रोजेक्ट में से एक आधार परियोजना को मोदी सरकार ने 5 जुलाई को जीवनदान दे दिया। इस आशंका को दरकिनार करते हुए कि बीजेपी सरकार आने के बाद ये योजना बंद हो जाएगी। नरेंद्र मोदी ने ना सिर्फ आधार के लिए बजट दिया बल्कि ये भी सुनिश्चित किया कि ये प्रोजेक्ट उनकी निगरानी में जारी रहेगा।

    41-मोदी सरकार ने बुजुर्गों की सेहत पर भी खास ध्यान दिया। तय किया गया कि केंद्र की तीन योजनाओं, ओल्ड एज पेंशन स्कीम, आम आदमी बीमार योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को मिलाकर एक कर दिया जाए। देश के 20 जिलों में स्मार्ट कार्ड के जरिए इस प्रोजेक्ट को शुरू करने की तैयारी जोरों पर चल रही है।

    42-रेल बजट से एक दिन पहले केंद्र सरकार ने रेल मंत्रालय को आदेश दिया कि देश में चलने वाली लंबी दूरी की सभी ट्रेनों में फ्री वाई-फाई की सुविधा मुहैया कराई जाए। लोगों को सहूलियत देने की मुहिम में मोदी सरकार ने रेलवे के इस ऐतराज को भी खारिज कर दिया कि सभी ट्रेनों में वाई-फाई का खर्च बहुत ज्यादा होगा और इससे रेलवे को नुकसान होगा।

    43-7 जुलाई को ही नरेंद्र मोदी सरकार ने कर्मचारी पेंशन स्कीम में भी बदलाव कर दिया। तय किया गया कि अब एक महीने में कम से कम एक हजार रुपए पेंशन के तौर पर मिला करेगा। मोदी सरकार के इस फैसले का सीधा फायदा देश के 28 लाख लोगों को हुआ।

    44-मोदी सरकार का पहला रेल बजट आया आठ जुलाई को। बजट में सबसे अहम था मुंबई-अहमदाबाद के बीच 300 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली बुलेट ट्रेन के सर्वे का प्रस्ताव। मोदी सरकार ने ये भी ऐलान किया कि देश के 9 बड़े रूटों पर 200 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हाई स्पीड ट्रेन भी चलाई जाएगी।

    45-मोदी सरकार ने ऐलान किया कि अब इंटरनेट से प्रति मिनट 7200 टिकट बुक हो सकेंगे। रेलवे की वेबसाइट पर एक साथ 1 लाख 20 हजार लोग लॉग इन कर सकेंगे। मकसद यही कि इंटरनेट से टिकट बुकिंग कराते वक्त लोगों को होने वाली मुश्किल कम हो सके। रेल बजट में हुए इस वायदे पर अमल भी किया जा चुका है।

    46-लोगों को एक और दिक्कत आती है प्लेटफॉर्म टिकट लेते वक्त। मोदी सरकार ने तय किया कि पार्किंग और प्लेटफॉर्म टिकट अब ऑनलाइन भी बुक हो सकेंगे। यही नहीं इंटरनेट के जरिए वेटिंग रूम बुक करने की सुविधा भी लोगों को मुहैया कराने की कोशिश हो रही है।

    47-लंबी दूरी की ट्रेनों को वाई-फाई करने के अलावा मोदी सरकार ने ये भी तय किया कि अहम ट्रेनों में कंप्यूटर वर्क स्टेशन भी दिया जाएगा। यानि आपको दफ्तर का कोई काम हो तो अब आप ट्रेन में चलते-फिरते दफ्तर से भी अपना काम कर सकते हैं।

    48-रेल बजट में मोदी सरकार ने लोगों की सहूलियत बढ़ाने वाला एक और कदम उठाया। आने वाले दिनों में रेल सफर के दौरान आपका मोबाइल आपका दोस्त बनेगा।मोबाइल पर वेक-अप कॉल आएगी। मोबाइल पर स्टेशन आने से पहले सूचना आएगी और जो स्टेशन गुजरेंगे, उनकी भी जानकारी दी जाएगी। ऐसे में इस बात का भी खतरा नहीं रहेगा कि स्टेशन गुजर जाए और आप उतर ही ना पाएं।

    49-मोदी सरकार ने रेल में खाने-पीने की दिक्कतों को दूर करने के लिए भी बड़े फैसले लिए। हर ट्रेन में पहले से तैयार खाना देने का प्रोजेक्ट शुरू किया। यही नहीं, अब खाने पर यात्रियों से फीडबैक लिया जाएगा और अगर लोग संतुष्ट ना हुए तो ठेकेदार का लाइसेंस रद्द होगा। इसके अलावा अब खाने का ऑर्डर भी आनलाइन देने की सुविधा दी जाएगी।

    50-सफाई पर पहले दिन से मोदी सरकार का जोर है और हमारी ट्रेनें गंदगी के लिए बदनाम। इसलिए रेल बजट में सफाई का खर्च इस बार 40 फीसदी बढ़ा दिया गया। ट्रेन में बायो टॉयलेट बनाने की योजना भी शुरू की गई। मोदी सरकार ने ये भी वायदा कि अब सभी स्टेशनों पर शौचालयों की सुविधा होगी।

    51-नाम छोटे और दर्शन बड़े। मोदी सरकार की कोई भी योजना का नाम लंबा-चौड़ा नहीं है। पुराने दौर के राष्ट्रीय भूमि रिकॉर्ड सुधार कार्यक्रम जैसे कठिन और लंबे नामों के बजाय मोदी सरकार के कार्यक्रमों के नाम छोटे रखे जाते हैं। जैसे जन-धन योजना। ये फैसला हुआ रेल बजट वाले दिन, यानि 8 जुलाई को।

    52-10 जुलाई को मोदी सरकार का पहला बजट आया। नौकरीपेशा लोगों को राहत देते हुए टैक्स में छूट की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर ढ़ाई लाख कर दी गई। 80 सी के तहत मिलने वाली छूट की सीमा को भी एक लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए कर दिया गया। पीपीएफ में भी निवेश की सीमा एक लाख रुपए से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए कर दी गई।

    53-मोदी सरकार ने ऐलान किया कि देशभर में 100 स्मार्ट सिटी बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट में 7600 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी रखा गया। स्मार्ट सिटी के लिए विदेशी निवेश के जरिए पैसा जुटाया जाएगा। सरकार का तर्क है कि अगले दस साल में शहरी आबादी दस फीसदी बढ़ जाएगी और लोगों को सभी सुविधाएं देने के लिए 100 नए शहर जरूरी हैं।

    54-गंगा के लिए अपना वायदा निभाते हुए नरेंद्र मोदी सरकार ने 2 हजार करोड़ रुपए के साथ नमामि गंगा प्रोजेक्ट शुरू करने का ऐलान किया। सरकार ने ऐसी सैकड़ों फैक्ट्रियों की पहचान कर उन पर रोक लगा दी जो गंगा के पानी को प्रदूषित कर रहीं थीं। बनारस में गंगा घाटों की सफाई का भी अभियान शुरू किया गया है।

    55-गंगा को साफ करने के साथ ही पर्यटन के बड़े केंद्र के तौर पर भी विकसित करने का ऐलान किया गया। बजट में सरकार ने 4200 करोड़ रुपए इस काम के लिए अलग से रखे। सरकार की योजना है कि अगले 6 साल में इलाहाबाद से हल्दिया तक पानी के जहाजों के लिए जलमार्ग विकसित किया जाए।

    56-सरकार ने देश के बड़े हवाई अड्डों पर 6 महीने के भीतर ही ई वीजा की सुविधा शुरू करने का ऐलान किया। यानि दूसरे देशों से आने वाले टूरिस्टों को वीजा मिलने के नियम और आसान हो जाएंगे। टूरिस्टों की संख्या बनाने के लिए मोदी सरकार ने 5 टूरिस्ट सर्किट बनाने का भी फैसला किया।

    57-मोदी सरकार ने तय किया कि देश के सभी राज्यों में दिल्ली के एम्स जैसे अस्पताल खोले जाएंगे। यही नहीं, आंध्र प्रदेश, पूर्वांचल, पश्चिम बंगाल और विदर्भ में एम्स की चार शाखाएं खुलेंगी। सरकार ने इस बात का भी फैसला किया कि देश में 12 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।

    58-मोदी सरकार का इरादा महिला और बाल कल्याण विकास पर डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने का है। सरकार ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की भी शुरुआत की। निर्भया कोष से मदद लेकर दिल्ली में महिलाओं के लिए संकट प्रबंधन केंद्र खोलने का भी फैसला किया गया।

    59-सभी तरह के निवेश के लिए अब होगा एक ही KYC यानि KNOW YOUR CUSTOMER फॉर्म। यही नहीं मोदी सरकार के निर्देश के बाद रिजर्व बैंक ने ये भी तय कर दिया कि बैंक अकाउंट खोलने के लिए सिर्फ एक ही दस्तावेज काफी होगा। यानि पहचान के लिए अलग, पते के लए अलग दस्तावेज देने के झंझट से मुक्ति मिली।

    60-किसानों पर मोदी सरकार ने तोहफों की बरसात की। इस साल के अंत तक किसान टीवी चैनल शुरू होगा। खेत में मिट्टी की जांच के लिए हेल्थ कार्ड की योजना भी शुरू करने का ऐलान किया गया। इस जांच के लिए 100 से ज्यादा चलती-फिरती प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी।

    61-पूर्वोत्तर पर भी खास ध्यान। पूर्वोतर में रेल संपर्क बढ़ाने के लिए एक हजार करोड़ रुपए खर्च करने का ऐलान किया गया। इसके अलावा अरुण प्रभा नाम से 24 घंटे का एक टीवी चैनल शुरू करने की भी तैयारी है। वाजपेयी सरकार की परंपरा पर चलते हुए पूर्वी राज्यों के लिए अलग से बजट भी आवंटित किया गया।

    62-चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के बुनकरों को वायदा किया था कि उनके विकास के लिए योजनाएं शुरू होंगी। ये वायदा पूरा करते हुए बनारस के बुनकरों के लिए अलग से 50 करोड़ का फंड बनाया गया। बनारस में हथकरघा व्यापार सुविधा केंद्र और शिल्प संग्रहालय भी बनेगा।

    63-अफसरों के विदेश दौरे पर नरेंद्र मोदी की नजर। मोदी सरकार ने अफसरों की विदेश यात्रा पर नकेल कसते हुए ये नियम बना दिया कि अफसरों को पहले सरकार को पूरी तरह संतुष्ठ करना होगा कि आखिर उनकी विदेश यात्रा जरूरी क्यों है? उनकी विदेश यात्रा से प्रशासन और लोगों को क्या फायदा होगा।

    64-मोदी सरकार करेगी भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव की कोशिश। मोदी सरकार राज्यों से इस बारे में बात कर रही है कि क्या जमीन अधिग्रहण के लिए 70 के बजाय 50 फीसदी किसानों की मंजूरी को ही जरूरी माना जाए।सरकार का तर्क है कि ये फैसला किसानों के साथ ही उद्योगों के विकास में भी मददगार साबित होगा।

    65-हिंदी भाषा का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने अहम कदम उठाया। केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से हिंदी भाषी राज्यों के दफ्तरों को निर्देश दिया गया कि वो सरकारी काम हिंदी में ही करें। सोशल मीडिया में भी हिंदी का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। विवाद से बचने के लिए सरकार ने ये भी कहा कि वो सारी भाषाओं के विकास पर काम कर रही है।

    66-ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने ब्राजील गए नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सबका ध्यान खींचा। मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देशों को स्थिरता, शांति और विकास के लिए काम करना चाहिए। मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति अपनाने पर भी जोर दिया।

    67-ब्रिक्स बैंक का अध्यक्ष बना भारत। दो साल की माथापच्ची के बाद आखिरकार ब्रिक्स देश एक अंतरराष्ट्रीय बैंक बनाने पर राजी हो गए। ये बैंक 100 अरब डॉलर की पूंजी से शुरू होगा। इस बैंक का मुख्यालय शंघाई में होगा। बैंक का मकसद होगा अहम योजनाओं को पूरा करने के लिए पैसे की कमी को दूर करना।

    68-ब्राजील में चीन के राष्ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात भी दिलचस्प रही। ये मुलाकात सिर्फ 40 मिनट के लिए होनी थी, लेकिन जब दोनों नेता आपस में बात करने लगे तो 80 मिनट तक एक दूसरे से बात करते रहे। दोनों देश के नेताओं में सीमा विवाद, आर्थिक रिश्ते और कैलाश मानसरोवर यात्रा के दूसरे रूट को लेकर बातचीत हुई।

    69-सोलह जुलाई को मोदी सरकार ने पर्यावरण की रक्षा के लिए बड़ा आदेश दिया। मंत्रालयों को आदेश दिया गया कि किसी भी प्रोजेक्ट के लिए जमीन साफ करते वक्त पेड़ नहीं काटे जाएंगे। अगर पेड़ काटना बहुत जरूरी होगा तो उस पेड़ को वहां से निकालकर दूसरी जगह लगाया जाएगा। मोदी की कमान में गुजरात सरकार ऐसा पहले भी करती रही थी।

    70-18 जुलाई को मोदी सरकार ने दिल्ली का बजट पेश किया। बजट में लोगों पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया। बिजली संकट से जूझते देश की राजधानी के लोगों को 260 करोड़ रुपए सब्सिडी भी दी गई। सरकार ने ये भी ऐलान किया कि दिल्ली में एक नया आधुनिक अस्पताल भी बनेगा।

    71- मोदी सरकार हिंदी के साथ ही संस्कृत के विकास पर भी गंभीर नजर आई। CBSE ने अपने सभी स्कूलों को निर्देश दिया कि वो भारत की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए संस्कृत सप्ताह मनाएं। हालांकि कुछ राज्यों ने इसका विरोध भी किया।

    72- मोदी सरकार ने लक्ष्य रखा कि अगले 3 से 4 साल के भीतर देश के हर गांव में टेलीफोन कनेक्शन होगा। हर गांव में इटंरनेट पहुंचाने की मुहिम की कामयाबी के लिए ये होना बहुत जरूरी भी है। मौजूदा वक्त में देश के सिर्फ 44 फीसदी गावों में ही टेलीफोन कनेक्शन है।

    73-महंगाई से जूझते लोगों को बड़ी राहत देते हुए मोदी सरकार ने ऐलान किया कि वो रसोई गैस और केरोसीन ऑयल की कीमत में इजाफा नहीं करेगी। यही नहीं सरकार ने एक महीने में सब्सिडी वाला सिलेंडर सिर्फ एक बार ही मिलने की बाध्यता भी खत्म कर दी।

    74-मोदी सरकार ने तय किया कि वो भ्रष्टाचार का खुलासा करने वालों को सुरक्षा देगी। तमाम मंत्रालयों और विभागों के चीफ विजिलेंस ऑफीसर्स को ये आदेश दिया गया कि वो भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले को सुरक्षा देने के लिए गृह मंत्रालय से संपर्क कर सकते हैं।

    75-24 जुलाई को सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक कड़ा संदेश दिया। अमेरिकी दबाव के बावजूद मोदी सरकार ने WTO प्रोटोकॉल रूल के समर्थन से साफ इनकार कर दिया। मोदी सरकार ने कहा कि इस प्रोटोकॉल का समर्थन करने के बाद देश में गरीबों के लिए चल रहे खाद्य कार्यक्रमों में अड़चनें आतीं।

    76-बीमा सेक्टर में बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने विदेशी निवेश की सीमा 26 फीसदी से बड़ाकर 49 फीसदी कर दी। सरकार ने ये भी तय किया कि बीमा कंपनियों का मैनेजमेंट भारतीय प्रमोटरों के ही पास रहेगा। इस फैसले ने देश की बीमा कंपनियों को नया जीवनदान दिया। इसे मोदी सरकार के पहले बड़े आर्थिक फैसले के तौर पर देखा गया।

    77-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया कि वो सांसदों पर चल रहे आपराधिक केसों की पड़ताल एक साल के भीतर निपटाएं। चुनाव प्रचार के दौरान मोदी ने दागी नेताओं पर सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। आपको बता दें कि ADR नाम की संस्था के मुताबिक मौजूदा लोकसभा के 34 फीसदी सांसदों पर आपराधिक केस चल रहा है।

    78-देश के हवाई यात्रियों को राहत देते हुए मोदी सरकार ने एक साथ 6 नई एयरलाइंस के लाइसेंस को हरी झंडी दिखाई। इन एयरलाइंस को लाइसेंस देने की प्रक्रिया महीनों से अटकी हुई थी। 6 नई एयरलाइंस में से 3 घरेलू रूट पर उड़ेंगी जबकि 3 अंतरराष्ट्रीय रूट पर।

    79-28 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने MYGOV नाम से वेबसाइट लॉन्च की। इस वेबसाइट के जरिए मोदी सरकार गंगा सफाई, डिजिटल क्रांति जैसे जैसे अहम मुद्दों पर देश के लोगों की राय मांग रही है। इस वेबसाइट पर अब तक देश के हजारों लोग अपनी राय दे चुके हैं।

    80-सेना में महिलाओं को ज्यादा अधिकार देते हुए मोदी सरकार ने फैसला किया कि अब महिला अफसरों को पूरी बटालियन की कमांड भी सौंपी जाएगी। पहल ऐसा नहीं था। सरकार के फैसले के बाद अब एविएशन, सिग्नल और इंजीनियर्स बटालियन की कमान महिला अफसर भी संभाल सकेंगी।

    81-कभी मोदी को वीजा देने से मना करने वाला अमेरिका और झुकता नजर आया। दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी से मुलाकात की मोदी के मुरीद जॉन केरी ने हिंदी में सबका साथ-सबका विकास बोलकर सबका ध्यान खींचा। सितंबर में मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले इस मुलाकात को बेहद अहम माना गया।

    82-दस्तावेजों को Attested कराने के झंझट से मुक्ति दिलाते हुए मोदी सरकार ने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया कि वो सेल्फ सर्टिफिकेशन पर जोर दे। सरकार ने कहा कि तमाम सरकारी कार्रवाइयों में हलफनामों को भी कम से कम करने के तरीके खोजे जाएं। सरकार ने कहा कि गजटेड ऑफिसर से अटेस्ड कराने में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

    83-4 अगस्त को नरेंद्र मोदी नेपाल यात्रा पर गए। 17 साल बाद कोई भारतीय पीएम द्विपक्षीय वार्ता के लिए नेपाल पहुंचा। भारत ने पन-बिजली योजनाओं के लिए नेपाल सरकार के साथ समझौता किया। भारत ने इस बात पर भी सहमति जताई कि वो 1950 में हुई भारत-नेपाल ट्रीटी पर बातचीत के लिए तैयार है।

    84-CSAT परीक्षा पर अहम फैसला लेते हुए सरकार ने तय किया कि अब मेरिट लिस्ट में अंग्रेजी पेपर के नंबरों को नहीं जोड़ा जाएगा। सरकार ने 2011 में सिविल सर्विसेस की परीक्षा देने वाले छात्रों को एक और मौका दिए जाने की भी बात कही। इस फैसले ने हिंदी भाषा के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बड़ी राहत दी।

    85-मिजोरम की राज्यपाल कमला बेनीवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद मोदी सरकार ने उन्हें बर्खास्त कर दिया। राज्यपाल के तौर पर कमला बेनीवाल का कार्यकाल खत्म होने में दो महीने बाकी रहते उन्हें हटाया गया था। ऐसे में विपक्ष ने सरकार पर बदले की राजनीति करने का भी आरोप लगाया।

    86-जुवैनाइल जस्टिस एक्ट में बदलाव को मंजूरी देते हुए सरकार ने तय कर दिया कि अब गंभीर अपराधों के मामले में 16 साल से बड़े किशोरों को भी वयस्क की तरह सजा दी जा सकेगी। ये फैसला लेने की जिम्मेदारी सरकार ने जुवैनाइल जस्टिस बोर्ड पर छोड़ दी कि आरोपी पर मुकदमा बालिग के तौर पर चलाएं।

    87-पीएम बनने के बाद 12 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार जम्मू-कश्मीर का दौरा किया। लद्दाख में पन बिजली परियोजना का उद्घाटन करते हुए मोदी ने प्रकाश, पर्यावरण और पर्यटन का नारा दिया। यहीं पर मोदी ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वो आतंक के नाम पर छद्म युद्ध में लगा हुआ है।

    88-जजों की नियुक्ति के लिए राज्यसभा में न्यायिक नियुक्ति आयोग बिल पास होते ही पुराना कॉलेजियम सिस्टम खत्म हो गया। न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और पारदर्शिता में कमी के आरोप के चलते कॉलेजियम सिस्टम की आलोचना हो रही थी। अब नए सिस्टम के तहत न्यायिक आयोग सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति करेगा।

    89-सरकार ने तय किया कि नक्सल प्रभावित सभी 10 राज्यों में मोबाइल की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए करीब दो हजार नए टॉवर भी लगाए जाएंगे। प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी बीएसएनएल को दी गई है जो पहले ही इन इलाकों में साढ़े तीन सौ टॉवर लगा चुकी है।

    90-मोदी ने 15 अगस्त को ही देश से ये वायदा किया कि अगले साल 15 अगस्त तक कोई भी स्कूल ऐसा नहीं होगा जहां बच्चों के लिए शौचालय ना हो। प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से ये भी कहा कि वो सांसद निधि का इस्तेमाल स्कूलों में शौचालय बनवाने में करें। ताकि बच्चे शौचालय ना होने की वजह से पढ़ाई बीच में ना छोड़ें।

    91-डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत मोदी सरकार का लक्ष्य 2019 तक हर भारतीय के हाथ में स्मार्टफोन देने का है। मकसद ये कि मोबाइल फोन के जरिए देश का हर नागरिक सरकार की हर योजना के साथ सीधे जुड़ा हो। सरकार की तैयारी ढ़ाई लाख पंचायतों और स्कूलों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने की है।

    92-मोदी ने ऐलान किया कि इसी साल 2 अक्टूबर से स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया जाएगा। मोदी ने देश से ये वायदा लिया कि 2019 तक देश का हर शहर, हर सड़क और हर गली साफ-सुथरी होगी। उन्होंने कहा कि ये काम सिर्फ सरकार से नहीं हो सकता इसमें लोगों की मदद की भी जरूरत है।

    93-मोदी ने सांसद आदर्श ग्राम योजना का भी ऐलान किया। इस योजना के तहत 2016 तक हर सांसद को अपने इलाके में एक आदर्श गांव बनाना होगा। इसके बाद सांसद को 2019 तक दो और गावों को आदर्श गांव में बदलना होगा। इस योजना का औपचारिक ऐलान 11 अक्टूबर को जयप्रकाश नारायण की जयंती पर होगा।

    94-मोदी सरकार ने तय किया कि वो रामसेतु के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं होने देगी। रामसेतु के बीच से जहाजों के लिए रास्ता बनवाने का प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इस समुद्री रास्ते के पक्ष में दलील ये दी जाती है कि इससे वक्त और पैसे दोनों की बचत होगी। लेकिन सरकार ने कहा कि लोगों की भावनाओं को दरकिनार नहीं किया जाएगा।

    95-मना करने के बावजूद कश्मीर के अलगाववादियों से बातचीत के बाद मोदी सरकार ने पाकिस्तान के साथ विदेश सचिव स्तर की बैठक रद्द कर दी। मोदी सरकार ने पाकिस्तान से टो दूक कहा कि वो या तो अलगाववादियों से बात कर ले या फिर भारत सरकार से। इस फैसले से मोदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ये संदेश दिया कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया जाएगा।

    96-तबादलों के दौरान ऐसी महिलाओं को तरजीह मिले जो अपने परिवार से अलग, दूसरे शहरों में रह रही हैं। केंद्र सरकार ने खासतौर पर बैंकों को निर्देश दिया कि महिला कर्मचारियों की तैनाती उनके घर के नजदीक ही की जाए ताकि उनमें असुरक्षा की भावना कम हो।

    97-योजना आयोग के दिन खत्म होने का ऐलान करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के लोगों से नई संस्था के बारे में सुझाव मांगा। सरकार का कहना था कि 64 साल पुराना, योजना आयोग वक्त के हिसाब से खुद को बदल नहीं पाया। इसलिए एक नई संस्था की जरूरत है। अब ये नई संस्था 21वीं सदी के मुताबिक विकास से जुड़े सुझाव देगी।

    98-मोदी सरकार ने तय किया कि उत्तर पूर्वी राज्यों में जमीन से आसमान में मार करने वाली आकाश मिसाइल की 6 स्क्वैड्रन तैनात की जाएगी। ऐसा चीन के लड़ाकू विमानों और ड्रोन की तैनाती के बाद किया गया। सरकार पहले ही तेजपुर और छाबुआ में सुखोई-30 विमान की तैनाती कर चुकी है।

    99-देश के हथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल वेबसाइट फ्लिपकार्ट के साथ अहम समझौता किया। अब केंद्र सरकार की मदद से हथकरघा उद्योग का बनाया सामान फ्लिपकार्ट पर बेचा जाएगा। इस नई पहल से बुनकरों का तो फायदा होगा ही, उद्योग की कमाई भी बढ़ेगी।

    100-पंद्रह अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 'जन-धन योजना'का ऐलान किया था। इस योजना के तहत देश के हर नागरिक के पास बैंक अकाउंट होने का लक्ष्य रखा गया। दो हफ्ते के भीतर ही ये योजना पूरे देश में शुरू कर दी गई। 28 अगस्त को योजना के पहले दिन ही एक करोड़ से ज्यादा नए लोगों के बैंक अकाउंट खुले।

    10 ने बटोरी सुर्खिंयां…

    1. काले धन पर SIT

    विदेशों में जमा कालाधन वापस लाने के मुद्दे पर केंद्र में आई मोदी सरकार ने विदेशों में जमा काले धन की वापसी के लिए एसआइटी के गठन का फैसला लिया. हालांकि कोर्ट ने इसके लिए पिछली सरकार को ही आदेश दिया था लेकिन इस पर फैसला टलता रहा और आखिरकार सत्ता संभालने के बाद ही मोदी ने इसकी मंजूरी दे दी.

    2. नियुक्ति आयोग के गठन को मंजूरी

    सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण के लिए मौजूदा कोलिजियम व्यवस्था को बदलकर नई व्यवस्था के तहत नियुक्ति आयोग के गठन को मंजूरी दी गई. अब इसमें जजों का एक पैनल होगा, जिसमें भारत के चीफ जस्टिस, सरकार के नुमाइंदे और जाने-माने नागरिक होंगे. कोलिजियम व्यवस्था के तहत न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण में धांधली के आरोप लगते रहे हैं.

    3. योजना आयोग को भंग किया

    स्वतंत्रता दिवस यानि 15 अगस्त को लालकिले की प्राचीर से पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 64 साल पुराने योजना आयोग को खत्म कर उसकी जगह नई व्यवस्था लाने का ऐलान किया. इसके लिए लोगों से ऑनलाइन सुझाव मांगे. योजना आयोग को खत्म करने के पीछे पीएम मोदी ने तर्क दिया कि योजना आयोग राज्यों के साथ न्याय नहीं कर पा रहा है.

    4. महंगाई रोकने के लिए कदम

    देश में महंगाई रोकने के लिए पीएम मोदी ने जरूरी खाद्य उत्पादों के लिए राष्ट्रीय खाद्य ग्रिड बनाने ऐलान किया है ताकि महंगाई को लेकर अनियंत्रित अटकलों को बढ़ने से रोका जा सके.

    5. गंगा की सफाई

    गंगा सफाई को राष्ट्रीय मिशन का बनाने का मोदी ने केवल ऐलान किया बल्कि इसके लिए बजट भी आवंटित कर दिए हैं. अगले कुछ महीनों में इस पर काम शुरू हो जाएगा. मोदी सरकार से पहले भी गंगा सफाई की बात की जा रही थी लेकिन कोई भी निर्णय सामने नहीं आया था. सिर्फ कमेटी ही बनती थी.

    6. निर्मल भारत अभियान का फैसला

    स्वतंत्रता दिवस पर देश के नाम दिए गए अपने संबोधन में पीएम मोदी ने दो अक्टूबर से निर्मल भारत अभियान के शुरुआत की घोषणा की. इस अभियान के तहत लोगों को शौचालय के प्रयोग और खुले में शौच से होने वाले नुकसान के साथ ही सफाई से होने वाले फायदों के प्रति प्रेरित किया जाएगा.

    7. जन धन योजना का एलान

    पीएम मोदी ने महात्वाकांक्षी जन धन योजना की शुरुआत की. इस योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से पिछड़े जिन परिवारों के पास बैंक खाता नहीं है उनके बैंक खाते खोले जा रहे हैं. इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार में दो बैंक खातों के साथ कुल 15 करोड़ खाते खोलने का लक्ष्य है. योजना के तहत खाता खुलवाने पर व्यक्ति को एक लाख रुपये की दुर्घटना बीमा मिलेगी और आधार कार्ड से खुले खातों में छह महीने बाद ग्राहक आवेदन देने पर जमा राशि से पांच हजार रुपये की अधिक राशि निकाल सकेगा.

    8. पर्यावरण मंजूरी को ऑनलाइन सेवा

    मोदी सरकार ने पर्यावरण मंजूरी के लिए ऑनलाइन सेवा शुरू की है ताकि मंत्रालयों के बीच आपसी लड़ाई खत्म हो और देश के लोगों को इधर-उधर भटकना न पड़े. गौरतलब है कि यूपीए सरकार के दौरान पर्यावरण मंजूरी को लेकर कई तरह की बातें सामने आई थीं.

    9. अफसरशाही पर नकेल

    जिस दिन नरेंद्र मोदी ने पीएम पद का शपथ ग्रहण किया उसी दिन से उन्होंने अपने नौकरशाहों को साफ संदेश दे दिया था कि अब किसी भी कीमत पर अफसरशाही नहीं चलने वाली है. उन्होंने पीएमओ के अधिकारियों को समय पर कार्यालय आने, दफ्तर में साफ-सफाई आदि का पाठ पढ़ाया. अब मंत्री और वरिष्ठ नौकरशाह सीधे पीएम से निर्देश लेते हैं. मोदी ना सिर्फ मंत्रियों से बल्कि वरिष्ठ अफसरों से भी नियमित सीधे बात करते हैं.

    10. विदेश नीति

    मोदी ने अपने शपथ ग्रहण में सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रण भेजकर संदेह दे दिया कि वह किस तरह के विदेश नीति के हिमायती हैं. उन्होंने सबसे पहले पड़ोसी मुल्क पाक को दोस्ती का संदेश देने की कोशिश की. फिर उन्होंने पहले विदेश दौरे के लिए भूटान जैसे छोटे देश को चुना और वहां से वह नेपाल गए. पीएम मोदी का नेपाल दौरा ऐतिहासिक रहा. कोई भारतीय प्रधानमंत्री 17 साल बाद द्विपक्षीय बातचीत के लिए नेपाल पहुंचा था. मौजूदा समय में पीएम मोदी जापान दौरे पर हैं. यहां दोनों देशों के बीच उर्जा, शिक्षा, शोध और निवेश जैसे करार पर हस्ताक्षर हुए.

    खबर का श्रोत

    आईबीएन7 और श्री न्यूज़

    स्मार्ट सिटी बनाने की होड़ में दिग्गज कंपनियां

    प्रकाशित Wed, सितम्बर 03, 2014 पर 09:20  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्मार्ट सिटी बनाने की महत्वाकांक्षी योजना पर कई बड़ी रियल एस्टेट और इंफ्रा कंपनियां अपनी भागीदारी के लिए कतार में खड़ी हो गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कई दिग्गज कंपनियों ने सरकार को प्रेजेंटेशन सौंपा है। जिसमें चुनिंदा शहरों में रेसिडेंशियल और कमर्शियल टाउनशिप डेवलप करने से लेकर वाराणसी को स्मार्ट सिटी बनाने का मॉडल शामिल है।


    देश में स्मार्ट सिटी बनाने की शुरूआत गुजरात, राजस्थान, केरल और कर्नाटक से होनी है, जहां पहले चरण में 7 स्मार्ट सिटी बनाए जाएंगे। सरकार की इस मंशा को जानते ही एलएंडटी, टाटा रियल्टी, महिंद्रा लाइफस्पेस और गोदरेज प्रॉपर्टीज जैसी दिग्गज रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों ने अपने सुझावों की लिस्ट सरकार को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक इन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हाल ही में शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू को प्रेजेंटेशन दिया और डेवलपर के तौर पर सरकार के साथ काम करने की इच्छा जताई। प्रेजेंटेशन में वाराणसी को विकसित करने की योजना, शहर में होटल इंडस्ट्री के डेवल्पमेंट का मॉडल, शेंद्रा-बिदकिन इंडस्ट्रियल जोन में एसईजेड डेवलपमेंट, अमृतसर-चेन्नई, बंगलुरू-चेन्नई और चेन्नई- विशाखापट्‌टनम के बीच रेसिडेंशियल और कमशिर्यल डेवलपमेंट के सुझाव हैं।


    महिंद्रा लाइफस्पेस ने तो राज्य सरकारों के साथ मिलकर इसकी शुरूआत भी कर दी है। स्मार्ट सिटी की तर्ज पर महिंद्रा वर्ल्ड सिटी जयपुर और चेन्नई में विकसित किए जाएंगे। चेन्नई में टिडको यानि तमिलनाडु इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर 1500 एकड़ में इंडस्ट्रियल जोन डेवलप किया जाएगा। वहीं जयपुर में 3000 एकड़ में राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इंवेस्टमेंट कॉर्पोरेशन के साथ डेवलप किया जाएगा।


    सरकार की 2019 तक डीएमआईसी (दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) के बीच 3 स्मार्ट सिटी बनाने का लक्ष्य रखा है। जिसे ग्लोबल मैन्युफैकचरिंग और ट्रेडिंग हब के तौर पर विकसित किया जाना है। ये सिटी ढोलेरा, शेंद्रा-बिदकिन और ग्लोबल सिटी के नाम से डेवलप होंगे। ये प्रोजेक्ट जापान सरकार के साथ साझेदारी में पूरे होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा में जापान ने भारत में 2 लाख 10 हजार करोड़ रुपये निवेश करने का वादा किया है जिसमें बुलेट ट्रेन और स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट भी शामिल है।

    मॉल के लिए बिल्डरों की नई स्ट्रैटेजी

    प्रकाशित Wed, सितम्बर 03, 2014 पर 09:11  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

    अहमदाबाद में पिछले दिनों कई मॉल कॉम्पिटिशन में टिक नहीं पाए और बंद हो गए। इससे सीख लेकर बिल्डर अब मॉल्स के लिए नई स्ट्रैटेजी पर काम कर रहे हैं।


    अहमदाबाद के सीजी रोड पर वीनस बिल्डर्स ने खोला है अपना नया मॉल सीजी स्क्वेयर। करीब 1.5 लाख स्क्वेयर फीट एरिया में बने इस मॉल में शॉपर्स स्टॉप, लाकोस्टे, फ्रेंच कनेक्शन, स्टारबक्स और वार्नर ब्रदर्स जैसे ब्रांड आएंगे। अब तक इस मॉल में 65 फीसदी जगह की बुकिंग हो चुकी है। इस मॉल को बनाने वाले अहमदाबाद के वीनस बिल्डर्स एक नई स्ट्रैटेजी के साथ चल रहे हैं, ताकि कड़े कॉम्पिटिशन में उन्हें अपना मॉल बंद ना करना पड़े।


    अहमदाबाद में अब तक 7 मॉल्स आए, जिनमें से 2 मॉल्स बंद हो चुके हैं। यही नहीं, कई मॉल्स में काफी जगह खाली भी पड़ी है। जानकारों के मुताबिक जिन बिल्डर्स ने मॉल बनाए थे, वो उन्हें मेनटेन नहीं कर पाए और मॉल्स बंद हो गए।


    अहमदाबाद में जितने मॉल हैं उसमें अभी ज्यादातर 70 से 80 फीसदी जगह भरी हुई है, 2 मॉल टूट चुके हैं, वजह यही रही कि सप्लाई ज्यादा था, साथ ही सिंगल ओनरशिप ना होने से मेन्टेन नहीं हो सके, जितने मॉल टिके हुए है उसमे सिंगल ओनर है।


    प्रॉपटी के जानकारों का यह भी कहना है कि अहमदाबाद के ज्यादातर मॉल एसजी हाइवे के एक किलोमीटर में ही खुले थे, ऊपर से यहां पर ब्रांड का रिपिटिशन हो रहा था. वीनस के लिए फायदे की बात यह है कि उनके मॉल में कई ऐसे ब्रांड है जो अहमदाबाद में पहली बार आए हैं, साथ ही स्टारबक्स जैसा कॉफी चेन भी पहली बार आ रहा है। आने वाले समय में बिल्डर्स को नए मॉल लेकर आने की संभावना है।

    बिजली संकट पर राज्यों की ऊर्जा मंत्री के साथ बैठक

    प्रकाशित Wed, सितम्बर 03, 2014 पर 09:06  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

    देश में बढ़ते बिजली संकट पर कल 5 राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक की। ये राज्य हैं गुजरात, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और महाराष्ट्र। बैठक में इन राज्यों में बिजली संकट गहराने और कोयले की किल्लत से पावर प्लांट बंद होने के मुद्दे उठे।


    बिजली संकट ने राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों को केंद्र सरकार का दरवाजा खटखटाने पर मजबूर कर दिया है। कोयले की किल्लत के चलते कई पावर प्लांट बंद हो गए हैं और इसका असर गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में बिजली की सप्लाई पर पड़ा है। बिजली के गंभीर संकट से निपटने पर चर्चा के लिए इन 5 राज्यों के ऊर्जा मंत्री केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल से मिले और संकट दूर करने की मांग की। बैठक के बाद पीयूष गोयल ने बताया कि जल्द ही इस समस्या को दूर किया जाएगा ताकि लोगों को असुविधा ना हो।


    गौरतलब है कि पिछले हफ्ते अदानी पावर ने 4,620 मेगावॉट के 6 जेनरेशन प्लांट बंद कर दिए थे। इन प्लांट से हरियाणा और गुजरात को बिजली सप्लाई होती है। साथ ही टाटा पॉवर ने भी 4000 मेगावॉट की 2 जेनरेशन यूनिट बंद कर दी हैं। इस वजह से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब- इन पांचों राज्यों में बिजली की कटौती बढ़ गई है। इन कंपनियों का कहना है कि इंडोनेशिया से महंगा कोयला खरीदने की वजह से उनके लिए सस्ती बिजली दे पाना मुश्किल हो रहा है।  लेकिन स्टेट बिजली बोर्ड बिजली की ज्यादा कीमत देने को तैयार नहीं है। बिजली कंपनियों और स्टेट बिजली बोर्ड के बीच खींचातानी के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है।


    तेजी का दौर जारी, अब 33900 भी नहीं दूर

    प्रकाशित Wed, सितम्बर 03, 2014 पर 10:44  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

    जानकार बाजार की तेजी को लेकर काफी बुलिश हैं। मॉर्गन स्टैनली के रिधम देसाई तो कह रहे हैं कि तेजी ऐसे ही जारी रही तो अगले साल जून तक सेंसेक्स 33900 तक पहुंच जाएगा। वैसे रिधम देसाई ने जून 2015 तक सेंसेक्स का लक्ष्य 28500 तय किया है।


    रिधम देसाई के मुताबिक सरकार के फैसलों के दम पर बाजार में तेजी जारी रहेगी, लेकिन फेड के फैसले भी बाजार के लिए अहम साबित होंगे।


    रिधम देसाई का मानना है कि देश की ग्रोथ स्टोरी तेजी से आगे बढ़ेगी इसलिए मौजूदा स्तर पर एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर में निवेश फायदेमंद होगा। दरअसल शहरीकरण से ऑटो सेक्टर को रफ्तार मिलेगी।


    सूचीबद्ध निजी क्षेत्र की कंपनियों की बिक्री की वृद्धि दर आधी हुई: आरबीआई सूचीबद्ध निजी क्षेत्र की कंपनियों की बिक्री की वृद्धि दर आधी हुई: आरबीआई

    रिजर्व बैंक ने कहा कि निजी क्षेत्र की सूचीबद्ध कंपनियों की कुल बिक्री की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2013-14 में आधी यानी 4.7 प्रतिशत रह गई। यह इससे पिछले वित्त वर्ष में 9.1 प्रतिशत रही थी। सबसे अधिक प्रभावित छोटी कंपनियां रहीं।

    सस्ती उड़ानों की तेज हुई होड़, अब इंडिगो कराएगी 999 रुपए में हवाई यात्रासस्ती उड़ानों की तेज हुई होड़, अब इंडिगो कराएगी 999 रुपए में हवाई यात्रा

    स्पाइसजेट और जेट एयरवेज के बाद अब एक अन्य किफायती विमानन कंपनी इंडिगो ने किराए पर छूट योजना पेश कर दी है। मंगलवार को शुरू योजना के तहत एक ओर का किराया 999 रुपये होगा, जिसमें सभी कुछ शामिल होगा।

    सोनी ने लॉन्च किए 4K TV सीरीज के छह नए मॉडलसोनी ने लॉन्च किए 4K TV सीरीज के छह नए मॉडल

    इलेक्ट्रानिक सामान बनाने वाली जापानी कंपनी सोनी ने अपने ब्राविया रेंज के महंगे 4के टेलीविजन सीरीज के छह नए मॉडल आज पेश किए।

    स्पाइसजेट के बाद अब जेट एयरवेज 500 रुपए में कराएगी हवाई यात्रास्पाइसजेट के बाद अब जेट एयरवेज 500 रुपए में कराएगी हवाई यात्रा

    बजट एयरलाइंस स्पाइसजेट द्वारा घरेलू नेटवर्क पर 499 रुपए के किराये की पेशकश के एक दिन बाद अब जेट एयरवेज भी इस होड़ में शामिल हो गई है। एयरलाइन ने सीमित अवधि के लिए अपनी घरेलू उड़ानों पर इकनॉमी श्रेणी में 500 रुपए किराये की पेशकश की है।

    डीडीए हाउसिंग स्कीम 2014: वेबसाइट बहाल, दो दिन में 18 लाख हिट्सडीडीए हाउसिंग स्कीम 2014: वेबसाइट बहाल, दो दिन में 18 लाख हिट्स

    दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने आज अपनी ऑनलाइन सेवा को बहाल कर लिया। विशाल आवासीय योजना को लेकर लोगों के उत्साह के बीच डीडीए की आधिकारिक वेबसाइट कल बैठ गई थी।

    जब हम माउस चलाते हैं तब पूरी दुनिया चलती है: नरेंद्र मोदीजब हम माउस चलाते हैं तब पूरी दुनिया चलती है: नरेंद्र मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी जापान यात्रा को बहुत सफल बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जापान ने पांच साल में 35 अरब डॉलर की अब तक की सबसे बड़ी राशि की मदद देने का जो वादा किया है उससे भारत में बुनियादी ढांचे में सुधार आएगा और साफ-सफाई बढ़ेगी।

    भारत को विनिर्माण उद्योगों के लिए शानदार जगह के रूप में पेश किया मोदी नेभारत को विनिर्माण उद्योगों के लिए शानदार जगह के रूप में पेश किया मोदी ने

    जापान द्वारा 35 अरब डॉलर की ऋण सहायता की घोषणा के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को विनिर्माण उद्योगों के लिए शानदार जगह बताते आज यहां जापानी निवेश को न्योता दिया और कहा कि देश में निवेशकों के सामने 'लालफीताशाही'की अड़चन का दौर खत्म हो चुका है और राह में 'लाल कालीन'के साथ उनका स्वागत है।

    2जी घोटाला: सीबीआई डायरेक्टर रंजीत सिन्हा एक नए विवाद में2जी घोटाला: सीबीआई डायरेक्टर रंजीत सिन्हा एक नए विवाद में

    केन्द्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक रंजीत सिन्हा आज एक गैर सरकारी संगठन के आरोपों के साथ ही एक नये विवाद का केन्द्र बन गये। इस संगठन ने उच्चतम न्यायालय में कहा कि रंजीत सिन्हा के निवास का आगंतुक रजिस्टर 'बेहद परेशान करने वाली'और 'विस्फोट सामग्री'पेश करता है जो 2जी स्पेक्ट्रम आबंटन कांड में न्याय की राह में आड़े आ रही है।

    भारत के रंग में भंग डाल सकती है बिजली कटौती : महिंद्राभारत के रंग में भंग डाल सकती है बिजली कटौती : महिंद्रा

    मुंबई में बिजली कटौती से खिन्न महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने आज चेताया कि बिजली आपूर्ति कमी से भारतीय अर्थव्यवस्था के रंग में भंग पड़ सकता है।  टाटा पावर की एक इकाई ट्रिप करने से आज देश की आर्थिक राजधानी में दक्षिण व मध्य मुंबई को बिजली कटौती से जूझना पड़ा।

    मोदी की जापान यात्रा से 2020 तक द्विपक्षीय व्यापार होगा 50 अरब डॉलर!मोदी की जापान यात्रा से 2020 तक द्विपक्षीय व्यापार होगा 50 अरब डॉलर!

    उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा से और अधिक जापानी कंपनियां भारत में निवेश को प्रोत्साहित होंगी तथा 2019-2020 तक द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 50 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

    मोदी इफेक्ट: सेंसेक्स पहली बार 27000 के पार, निफ्टी भी नई उंचाई परमोदी इफेक्ट: सेंसेक्स पहली बार 27000 के पार, निफ्टी भी नई उंचाई पर

    चालू खाते के घाटे (सीएडी) में कमी तथा अपेक्षा से बेहतर वृद्धि दर के बीच लिवाली समर्थन के चलते बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स आज 151 अंक चढ़कर पहली बार 27,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार पहुंचकर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी भी 8,100 अंक के स्तर को छू गया।

    सुप्रीम कोर्ट का किंगफिशर एयरलाइंस की याचिका पर विचार से इनकार

    सुप्रीम कोर्ट ने किंगफिशर को यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत निदान समिति द्वारा जानबूझ कर कर्ज नहीं चुकाने वाला घोषित करने के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को विचार से इनकार कर दिया।

    बजाज ऑटो की मोटरसाइकिल बिक्री बढ़ी

    बजाज ऑटो की कुल बिक्री अगस्त में 8 प्रतिशत बढ़कर 3,36,840 वाहनों की रही जो पिछले साल के इसी माह में 3,12,188 वाहनों की थी। कंपनी ने एक बयान में कहा कि समीक्षाधीन अवधि में मोटरसाइकिलों की बिक्री अगस्त में 2,84,302 वाहनों की रही जो अगस्त, 2013 में 2,78,583 वाहनों की थी।

    फोर्ब्स की एशिया-प्रशांत की 50 सबसे अच्छी कंपनियों में 12 भारतीय कंपनियांफोर्ब्स की एशिया-प्रशांत की 50 सबसे अच्छी कंपनियों में 12 भारतीय कंपनियां

    टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलाजीज और एचडीएफसी बैंक फोर्ब्स की उस 50 बेहतरीन पब्लिक लिमिटेड कंपनियों की सूची में शामिल हैं जिसमें भारत दूसरे स्थान पर है। सबसे अधिक अच्छी कंपनियों के साथ इस सूची में चीन अव्वल रहा। फोर्ब्स 2014 की 50 सबसे बेहतरीन कंपनियों की सूची में एशिया-प्रशांत की सबसे बड़ी पब्लिक लिमिटेड कंपनियां शामिल हैं।

    निवेशकों की राह में लाल-कालीन बिछा है, लालफीताशाही का रोड़ा नहीं: PM मोदीनिवेशकों की राह में लाल-कालीन बिछा है, लालफीताशाही का रोड़ा नहीं: PM मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जापान में मंगलवार को चौथा दिन है। जापान-इंडिया एसोसिएशन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी व्यापारियों से कहा कि निवेश के लिए भारत से बढ़िया जगह कोई दूसरा नहीं है। उन्होंने जापान के व्यापारियों से कहा कि जो चमत्कार आप जापान में 10 साल में कर सकते हैं, वही चमत्कार भारत में आप 2 साल में कर सकते हैं। भारत में इस तरह की अपार संभावनाएं हैं।

    सेंसेक्स, निफ्टी रिकार्ड उंचाई पर पहुंचे

    शेयर बाजारों में तेजी का सिलसिला आज भी जारी रहा। सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों से उत्साहित विदेशी निवेशकों के सतत पूंजी निवेश से बीएसई सेंसेक्स 81.53 अंक उपर 26,949.08 अंक की रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 20.95 अंक की बढ़त के साथ 8,048.65 अंक की रिकार्ड उंचाई पर पहुंच गया।

    कर, वित्तीय क्षेत्र सुधारों को आगे बढाने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार: मोदीकर, वित्तीय क्षेत्र सुधारों को आगे बढाने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार: मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारोबारी माहौल सुधारने के लिए कर एवं वित्तीय क्षेत्र सुधारों को आगे बढाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता आज व्यक्त की।

    सरकारी कर्मचारियों को अब पेंशन मिलने में नहीं होगी देरी, नए नियम अधिसूचितसरकारी कर्मचारियों को अब पेंशन मिलने में नहीं होगी देरी, नए नियम अधिसूचित

    सरकारी कर्मचारियों को पेंशन मिलने में अब देरी नहीं होगी। सरकार ने सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को समय पर पेंशन मिलना सुनिश्चित करने के लिये कदम उठाये हैं। इसके तहत पेंशन मिलने में देरी के लिये मुख्य कार्यालय जिम्मेदार होगा। अब कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने से एक साल पहले कागजी कारवाई शुरू करनी होगी।

    आर्थिक वृद्धि आंकड़ों से बाजार में उछाल, सेंसेक्स-निफ्टी रिकॉर्ड नई उंचाई पर

    निवेशकों की ताबड़तोड़ लिवाली से बाजार में आज भी तेजी रही। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में आर्थिक वृद्धि का आंकड़ा उत्साहजनक रहने से निवेशकों ने विशेष रूप से वाहन, धातु तथा बैंकिंग शेयरों में ताबड़तोड़ लिवाली से जहां निफ्टी 8,000 अंक को पार कर गया वहीं सेंसेक्स भी नई रिकार्ड उंचाई 26,867.55 अंक पर बंद हुआ।

    स्पाइसजेट की 499 रुपए में टिकट की पेशकश, बुकिंग एक लाख के पारस्पाइसजेट की 499 रुपए में टिकट की पेशकश, बुकिंग एक लाख के पार

    बाजार भागीदारी के लिहाज से देश की दूसरी सबसे बड़ी विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने सस्ते किराए की एक नयी योजना 'अर्ली बर्ड'आज शुरू की जिसमें उसने घरेलू मार्ग पर 499 रुपए में टिकट की पेशकश की है। इस योजना के तहत पहले ही दिन एक लाख से ज्यादा टिकट बिक गए।



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    Obama trapped in oil fire of Arab Spring might reverse great Indian growth story of dollar linked economy as Replicated Indian Obama engaged in RSS agenda!

    Palash Biswas

    Obama trapped in oil fire of Arab Spring might reverse great Indian growth story of dollar linked economy as Replicated Indian Obama engaged in RSS agenda!Oil is going to be the key once again and the people so ga ga about the hundred days`s stocks blitz might not the oil burns once again as the minimum governance would not bail out them with subsidy whatsoever in the decontrolled,deregulated digital free market.


    Arab spring sponsored by United States of America brings forth the Globe it boasts to control with precise Americanism is once again at the verge  of Yet another full scale war in the middle east.Ironically, America chose Obama for two terms just because of his promise that he would bail out America out of the desert storm.It is very likely that Obama has to activate the defaulted wargames amidsts the oil fields which would send the global economy into yet another recession as it happened in 2008 and the recovery is not complete as yet.


    What will be the global trends,it may be predicted at this juncture as President Barack Obama warned Wednesday that the United States will not be intimidated by Islamic State militants after the beheading of a second American journalist and will build a coalition to "degrade and destroy" the group.Obama still did not give a timeline for deciding on a strategy to go after the extremist group's operations in Syria. "It'll take time to roll them back," the president said at a news conference during a visit to Europe.


    It is to be understood that pro America,the Hindutva brigade led by RSS in India just replicated the American phenomenon to accomplish its long pending Hindutva mission,the Hindu nation.As Obama did upset the apple carst based on war economy and police state with launching a face which would include all races,all social sections altogether just because without support of the excluded communities ie SC,ST,OBC and minorities,it was quite impossible to mobilise the Hindutva artillery.Modi belongs to a low caste OBC community which consists the half of the population.Not only this,RSS succeeded to consolidate its sc, st and minority bases also just because of Modi.


    As Obama failed to abort the trap of conventional American hegemony controlled by outright hard core zionism backed by Israel,Modi seems to be predestined to be trapped in the Hindutva trap in the same way irrelevant of his vigour,honesty,commitment and ambition to change India.Rather the hundred days completed in power with minimum governance and maximum administration is highlighted by the RSS agenda unbound and the almost Europe size demography of the Uttar Pradesh is sieged within Gaza,created by modi`s right hand elevated to the post of BJP President.Modi,of course,is projected as a person who got rid of policy paralysis and the reforms get the boos by passing parliament and constitution,his engagement with original fascist Nazi ideology of  Guru Golwalkar  ahs creating a near anarchy situation full of hate leading him to a position where Obama stands at present.


    Beheading of US and British journalists is not enough as Obama warned US action against Islamic State.Islamist militias in Libya took control of nearly a dozen commercial jetliners last month, and Western intelligence agencies recently issued a warning that the jets could be used in terrorist attacks across North Africa.


    Just see, Modi addressed the nation on independence day not as the prime minister of India,but as the most committed principal committed RSS cadre.He invoked religious nationalism all on the name of growth and development.Dr Manmohan Singh had been instrumental to the mega shifting to neo liberal age formally from the soviet model but he led the country as an economist, not as a religious leader who should lose the vision of the complete geopolitics.


    You have officially  adopted globalisation while you imprison yourself in the RSS headquarters of Nagpur.You do not represent the nation and just represent the ruling class consisting of the market dominating hegemony and it is economic nonsense despite the media hype of inclusion.

    His foreign policy and his diplomacy happen tagged with sacred books of Hindutva and the hidden agenda of the Hindu empire shows off its naked skin.The impasse over Gaza genocide is unprecedented.

    MOdi`s urgency and his topmost priority to second generation reforms violates the basic grammar of open market economy because he is rather more committed to the agenda of Hindu nation.The market forces have no limit to express joy as they created the mandate.I am afraid to say that they should prepare for disaster,Unprecedented violence and communal divide may not help the market as continuous war against terror never did help America at any level.America expected that Obama should deactivate the operating system controlled by Zionism and Obama failed miserably.

    It happened the same thing.America chose him the first ever black president coming out of the civil war history of racial apartheid.As Modi is a low caste OBC having humble background,same way Obama may not boast of anything but Mishell Obama.The mariage elevated Obama as the person who should lead the white hegemonial United States of America. Across the fences, Obama provoked the aspirations of the common taxpayer citizens of America  to come out of the suicidal war economy.He promised to fulfil the dream of Martin Luther King.He declared,America can!

    America could not.Just because,Obama failed those communities who he should have represented keeping in mind his origin.

    Obama is no less as trapped as Senior or Junior Bush as he proved him to be the greatest ever zionist.

    Modi dissolved the planning commission but made the nation digital biometric,subjected to the continuous surveillance without any economic vision at all.He is just working with corporate aps endorsed by RSS headquarter Nagpur and he made governance and  policy making religious rituals with racial apartheid.

    Modi promised employment to the youth and opted for robotics and automation which would generate more unemployment.

    His inclusive PPP Gujarat Model is based on private capital and foreign investment.He is, not at any point,not addressing the fundamentals of the economy and the finance ministry is all about corporate lobbying,defence deals,bargaining,manipulation,undue favour,unsystematic impulsive governance,environment clearance and depend on fluctuating dices in the stock exchange.


    Indo Us nuclear deal is not implemented as yet. But Modi decided to make strategic partnership with Japan and with a single stroke he ensured bulk of business for japanese companies in every possible sector including defence and nuclear energy,smart city and bullet train dumping US interests.


    Intelligence reports of the stolen jetliners were distributed within the U.S. government over the past two weeks and included a warning that one or more of the aircraft could be used in an attack later this month on the anniversary of the Sept. 11, 2001, terrorist attacks against New York and Washington, said U.S. officials familiar with the reports.


    Obama's comments came after he said the United States had verified the authenticity of a video released Tuesday showing the beheading of freelance reporter Steven Sotloff, two weeks after journalist James Foley was similarly killed.


    Obama vowed the U.S. would not forget the "terrible crime against these two fine young men."


    "Our reach is long and justice will be served," Obama said.


    In the Sotloff video, a masked militant warns Obama that as long as U.S. airstrikes against the militant group continue, "our knife will continue to strike the necks of your people."


    Obama responded that he will continue to fight the militant threat and the "barbaric and ultimately empty vision" it represents.


    "Our objective is to make sure that ISIL is not an ongoing threat to the region," he said, using an acronym for the militant group. "And we can accomplish that. It's going to take some time and it's going to take some effort."


    Sotloff, a 31-year-old Miami-area native who freelanced for Time and Foreign Policy magazines, vanished a year ago in Syria and was not seen again until he appeared in the video that showed Foley's beheading. Dressed in an orange jumpsuit against an arid Syrian landscape, Sotloff was threatened in that video with death unless the U.S. stopped airstrikes on the Islamic State.


    In the video distributed Tuesday and titled "A Second Message to America," Sotloff appears in a similar jumpsuit before he is apparently beheaded by a fighter with the Islamic State, the extremist group that has conquered wide swaths of territory across Syria and Iraq and declared itself a caliphate.


    British Foreign Secretary Philip Hammond told the BBC Wednesday that the masked, British-accented jihadist appears to be the same person shown in the Foley footage.


    In the video, the organization threatens to kill another hostage, this one identified as a British citizen, David Cawthorne Haines. It was not immediately clear who Haines was.


    Last week, Sotloff's mother, Shirley Sotloff, pleaded with his captors for mercy, saying in a video that her son was "an innocent journalist" and "an honorable man" who "has always tried to help the weak."


    Obama said the prayers of the American people are with the family of the "devoted and courageous journalist" who deeply loved the Islamic world and whose "life stood in stark contrast to those who murdered him so brutally."

    "Whatever these murderers think they will achieve by murdering innocents like Steven, they have already failed," Obama said. "We will not be intimidated. Their horrific acts only unite us."

    State Department spokeswoman Jen Psaki said Tuesday that it is believed that "a few" Americans are still being held by the Islamic State. Psaki would not give any specifics, but one is a 26-year-old woman who was kidnapped while doing humanitarian aid work in Syria, according to a family representative who asked that the hostage not be identified out of fear for her safety.





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    Didi Modi Phenomenon identical with generic difference
    Excalibur Stevens Biswas
    Didi Mamata Banerjee,the chief minister of West Bengal and Narendra Modi seems to be on different boats politically but the politics they happen to play is identical.Their iconic status is also identical.

    The brand equity is identical.

    Both the politicians overthrew the ruling combinations with identical politics.Both of them bank highly on identity politics with a difference,Modi is committed professional Hindutva whereas Mamata does bank on Bengali nationalism.

    In both cases,the rhetoric is high pitched and very very loud.

    They speak impulsive.They inject emotions and passions.They are identical in the phenomenon of politics based on impulse,emotions and dreams.

    None of them cares much for the accuracy of facts and statics anyway.

    Not only this,both the most branded political icons are considered very honest and committed in personal life despite estranged relations abundant.

    Modi as well as Mamata  likes to control every person,every institution and has enough potential to destroy established conventions.

    None of them believes anyone who seems in a position to challenge their status.

    They belong to the common mass background wherefrom they have been made national leaders and both of them enjoys unconditional support of the market forces which invested without limit to create mandate to implant in the political system suitable to open market.

    Didi and Modi do not share the same platform not because of any ideological difference but just for the specific vote bank equations.

    Being the prime RSS Cadre Modi does every possible thing to accomplish the RSS agenda of superpower Hindu nation.

    It would seem quite unbelieveable that ideologically Mamata Banerjee has nothing to oppose this Hindutva agenda or the Hindu nation itself  as she was  the part of first NDA government led by Atal Bihari Vajpayee.

    In fact,she had been  fighting round the clock for years for the supreme status in Bengal.

    Now she succeeded to achieve  the status thanks to the historical fence crossing of minority vote bank captured by the Left for no less than thirty five years.

    Thus, Mamata simply struck the gold and simply would not lose it at any cost . It is not very difficult for her as she has no ideology at all to sacrifice.Jumping on the streets with whatsoever issue relevant at the particular time has always been her politics.

    Mamata`s linguistics is full of poetry while Modi is no less fluent to add contradiction to anything he deals with in his high pitched speeches and irrespective of occasion both happen to be the master of playing with public sentiments and  have enough potential to invoke fire.Mamata is said to be the firebrand kanya in Bengal where as Modi is well known for his aggression,too.

    Nevertheless, being anti left, purely right in her behaviour she is compelled to adopt secular stance which just pitted her against the phenomenon of Modi politics,ironically which she shares most.

    It is no secret,RSS wants her back in NDA and RSS leaders including Narendra Modi did not allow any stone unturned to woo Mamata.

    But simply for the sake of newfound key to power in Bengal, Mamata could not oblige neither RSS nor Modi.

    However,Modi did everything to polarise shafron votebank in Bengal on religious line as Mamat had no other alternative but to react most violently.

    So much so that during Loksabha campaign,she expressed her wish to get Modi arrested.She could not arrest Modi but succeeded to launch herself as brand new secular saviour of the Muslims.

    The forces which finally succeeded launching iconic Modi to boost open market economy, had the dummy in Mamata Banerjee lest Hindutva might fail and much more nationwide hyped, her honesty was proposed as the best alternative.

    Anna Hazare came forward to toe the rightist  line but meanwhile Congress eventually opting to surrender power to Sangh Pariwar led by Modi in the best interest of PPP model development following the global trends ,those forces betrayed Mamata and her hidden  ambition to become the prime minister of India was aborted without any ceremony. Mamata ,though tried her best to enhance her regional party to the national level to match Modi and failed miserably.

    Politically different,the development saga they share is ditto.

    Bengal is practicing PPP model Gujarati most and prototype projects are being launched from Bengal instead of Gujarat.Both plead for private involvement is the production system and both bank on foreign private capital.

    Recent CBI enquiry to expose Mamata` honesty seems to be latest bone of contention.

    We have been witnessing same drama elsewhere non resultant.

    Nevertheless,it seems no one better than Mamata Banerjee who should bail out the minority government in the Rajya Sabha to pursue the second generation of reforms.

    Because the basic instinct of rightist politics remains the same.

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    মুুক্তবাজারে ষাঁড়ের যেমন দাপট,তেমনিই ধর্ষণেই পুরুষতন্ত্রের আধিপাত্য
    পলাশ বিশ্বাস


    মুুক্তবাজারে ষাঁড়ের যেমন দাপট,তেমনিই ধর্ষণেই পুরুষতন্ত্রের আধিপাত্য,প্রমাণ,২০১৩ সালে ভারতে প্রতিদিন গড়ে ৯২ জন মহিলা ধর্ষিতা হয়েছেন। এমনই চাঞ্চল্যকর তথ্য দিল ন্যাশনাল ক্রাইম রেকর্ডস ব্যুরো (এনসিআরবি)। ২০১২ সালে দেশে ধর্ষণের সংখ্যা ছিল ২৪ হাজার ৯২৩টি। গত বছর তা বেড়ে হয়েছে ৩৩ হাজার ৭০৭টি।

    ধর্ষণ সংস্কৃতি অপ্রতিরোধ্য।বাড়িতে ষাঁড় পাঠিয়ে রেপ করানো এখন অতি মহিমামন্ডিত রাজনীতি শাসকের।

    সালিশিতেও রেহাই নেই।
    বিচারে দন্ড ধর্ষণ।

    প্রতিবাদ করলেই কামদুনি।
    প্রতিবাদ করলেই মাওবাদী।
    শ্লীলতাহানি বিশ্ববিদ্যালয়ে।
    শ্লীলতাহানি শান্তিনিকেতনে।

    অনুসন্ধানের ফলাফল

    1. কামদুনি - Zee News - India

    2. zeenews.india.com/bengali/tags/কামদুনি.html
  • কামদুনি - Get latest news on কামদুনি. Read Breaking News on কামদুনি updated and published at Zee News Hindi.
  • কামদুনিধর্ষণ - Latest News on কামদুনিধর্ষণ | Read ...

  • zeenews.india.com/bengali/tags/কামদুনি-ধর্ষণ.html
  • কামদুনি ধর্ষণ - Get latest news on কামদুনি ধর্ষণ. Read Breaking News on কামদুনি ধর্ষণ updated and published at Zee News Hindi.
  • কামদুনিথেকে : দীপাঞ্জন - Facebook

  • https://www.facebook.com/notes/.../কামদুনি.../532857243418394
  • কামদুনি থেকে দীপাঞ্জন. বারাসাতের কামদুনি গ্রামটিতে গণধর্ষণ আর হত্যা ঘটনা ঘটে যাওয়ার পর, কলকাতার কিছু রাজনৈতিক কর্মী, আর অন্যান্য ব্যক্তিদের সঙ্গে স্থানীয় মানুষদের আন্দোলনের সংহতিতে গ্রামটিতে গিয়েছিলাম গত ১৬ জুন। মমতার কামদুনিসফরের ঠিক একদিন আগে। নিচের লেখায় তারই একটা সংক্ষিপ্ত বিবরণ ধরা থাকলঃ আমি এর আগে কোন ...
  • রাজকোষে মাথা নুইয়েছে কামদুনি - EI-Samay

  • eisamay.indiatimes.com › শহরকলকাতা
  • ৫ নভেম্বর, ২০১৩ - কৌশিক সরকার ও মণিপুষ্পক সেনগুপ্ত চাকরি নয়, টাকা নয়৷ অপরাজিতার ধর্ষক খুনিদের ফাঁসি চাই! গোটাকামদুনি গ্রাম চষে ফেলেও সেই পোস্টারগুলি আর খুঁজে পাওয়া যাবে না৷ কামদুনি আজ মাথা নত করেছে রাজকোষের কাছে৷ এক মাস আগেও কামদুনির বাড়ির দেওয়াল, পাঁচিল জানান দিত অপরাজিতার মর্মান্তিক মৃত্যুর ঘটনা৷ শোকস্তব্ধ এবং ...
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    • কামদুনি এর চিত্র ফলাফল

  • কামদুনিধর্ষণ-খুনের আজ ১ বছর, কারও শাস্তি হয়নি - Aajkaal

  • www.aajkaal.net/07-06-2014/news/222325/
  • ৭ জুন, ২০১৪ - সোহম সেনগুপ্ত: কামদুনির কলেজ ছাত্রীকে ধর্ষণ করে খুনের এক বছর কেটে গেলেও এখনও দোষীদের শাস্তি না হওয়ায় হতাশ কামদুনির বাসিন্দারা৷‌ আজ শনিবার কামদুনির ঘোষপাড়া, কয়ালপাড়া, মণ্ডলপাড়া ও নস্করপাড়ার বাসিন্দারা কামদুনি প্রাইমারি স্কুলের সামনে সকাল ১০টায় নির্যাতিত ছাত্রীর স্মরণে একটি স্মরণসভার আয়োজন ...
  • গণধর্ষণের ১ বছর পরও কামদুনিআছে কামদুনিতেই - প্রচ্ছদ

  • www.satdin.in/index.php/2014-04.../388-2014-06-07-09-36-09
  • ৮ জুন, ২০১৪ - কামদুনি গণধর্ষণের ঘটনার এক বছর পর কামদুনি আছে কামদুনিতে। দোষীদের শাস্তি পেতে যাতে ...কামদুনি ঘটনার পর যে একগুচ্ছ প্রতিশ্রুতি দিয়েছিল তার একটাও রক্ষা করেনি রাজ্য। রা্স্তার আলো,গ্রাম ... কলকাতা থেকে ঢিল ছোড়া দূরত্বে শুধু কামদুনি নয় এর মত অসংখ্য গ্রাম আছে প্রায় যোগাযোগ বিচ্ছিন্ন অবস্থায়। আর রবিবারই দেশে ...
  • গণধর্ষণের ১ বছর পরও কামদুনিআছে কামদুনিতেই - প্রচ্ছদ

  • www.satdin.in/index.php/2014-04.../388-2014-06-07-09-36-09
  • রা্স্তার আলো,গ্রাম থেকে বাস রাস্তায় ছোট গাড়ির ব্যবস্থা কিছুই হয়নি এখনও।তবে যতদিন ন্যায় বিচার না হবে ততদিন কামদুনির মানুষেরা শাসক দলের রক্ত চক্ষু উপেক্ষা করে লড়বেন বলে ঠিক করেছেন। কলকাতা থেকে ঢিল ছোড়া দূরত্বে শুধু কামদুনি নয় এর মত অসংখ্য গ্রাম আছে প্রায় যোগাযোগ বিচ্ছিন্ন অবস্থায়। আর রবিবারই দেশে আরেকটি শহর,মুম্বইয়ে ...
  • কামদুনি , এখন - প্রথম পাতা

  • www.guruchandali.com › বুলবুলভাজা
  • ১২ সেপ্টেম্বর, ২০১৩ - কামদুনি , এখন. কুসুম্বা. ৭সেপ্টেম্বর কামদুনির স্কুল মাঠে অপরাজিতার স্মরণে হাজির হওয়া মানুষের নব্বই শতাংশই ছিল মেয়েরা| স্থানীয়রা ছিলেন ভালোসংখ্যক, সুঁটিয়া থেকে এসেছিলেন প্রতিবাদী মঞ্চের মানুষজন, কলকাতা ও উত্তর চব্বিশ পরগণার এপয়া ও অন্যান্য গণসংগঠনের কর্মীরা এবং কয়েকজন নামকরা ব্যক্তি| অপরাজিতার জন্য, ...
  • কামদুনি: চার্জগঠন রফিকুলের বিরুদ্ধে - ABP News

  • abpananda.abplive.in/state/.../কামদুনি-চার্জগঠন-রফিকুলের-ব
  • ১৩ জানুয়ারী, ২০১৪ - কলকাতা: বাকিদের মতো কামদুনি মামলার নবম অভিযুক্ত রফিকুলের বিরুদ্ধেও খুন, ধর্ষণ, তথ্য প্রমাণ লোপাট-সহ ৭টি ধারায় চার্জ গঠন করল নগর দায়রা আদালত৷ ১০ সেপ্টেম্বর কামদুনি মামলায় ৮ অভিযুক্তের বিরুদ্ধে চার্জ গঠন হয়৷ তখনও ধরা পড়েনি রফিকুল৷ ফলে তার বিরুদ্ধে চার্জগঠন হয়নি৷ ৮ অভিযুক্তের বিরুদ্ধে চার্জগঠনের পর এই মামলার ...


  • ধর্ষণ সংস্কৃতি সীমান্ত ডিঙিয়ে,এপার বাংলায় যেমন,তেমনিইওপার বাংলায়।

    সাহিত্য,শিল্প,কর্মক্ষেত্র কোথাও পুরুষতান্ত্রিক আধিপাত্যে খামতি নেই,তাই সর্বত্র ধর্ষণ।

    জাপানি তেলের বিজ্ঞাপন,যেখানে খুশি সেখানে কন্ডোম ব্যবহারের বিজ্ঞাপন ছাড়া খবর হয়না।
    সুগন্ধি থেকে হরেক পণ্যেই নারী পণ্যা,মুক্তবাজারে সর্বত্র নারী ধর্ষিতা।
    সমাজের লজ্জা হয় না।
    ধর্মের লজ্জা নেই।
    আইন লজ্জিত নয়।
    শাসকের লজ্জা নেই।

    ধর্ষকের ভয় নেই।
    ষাঁড় সংস্কৃতিতে সর্বত্র অভযদান।

    অনুসন্ধানের ফলাফল

    1. বাংলাদেশে ধর্ষণবাড়ছে | বিশ্ব | ডিডাব্লিউ.ডিই | 27.07.2014

    2. www.dw.de/বাংলাদেশে-ধর্ষণ-বাড়ছে/a-17810685
  • ২৭ জুলাই, ২০১৪ - ধর্ষণ বাড়ছে বাংলাদেশে৷ বেসরকারি স্বেচ্ছাসেবী সংস্থার প্রতিবেদন এবং পুলিশের তথ্যে তার প্রমাণ মিলছে৷ বিশ্লেষকরা বলছেন এর জন্য আইনের প্রয়োগে ঢিলেমি এবং সামাজিক অবস্থা কাজ করছে৷.

  • ধর্ষণ বাংলাদেশে-এর চিত্রচিত্রগুলি রিপোর্ট করুন
    • ধর্ষণ বাংলাদেশে এর চিত্র ফলাফল
    • ধর্ষণ বাংলাদেশে এর চিত্র ফলাফল
    • ধর্ষণ বাংলাদেশে এর চিত্র ফলাফল
    • ধর্ষণ বাংলাদেশে এর চিত্র ফলাফল

  • বাংলাদেশে ধর্ষণবাড়ছে - savarnews24.com

  • savarnews24.com/archives/957
  • অনলাইন ডেস্ক, (সাভার নিউজ ২৪.কম) : ধর্ষণ বাড়ছে বাংলাদেশে৷ বেসরকারি স্বেচ্ছাসেবী সংস্থার প্রতিবেদন এবং পুলিশের তথ্যে তার প্রমাণ মিলছে৷ বিশ্লেষকরা বলছেন এর জন্য আইনের প্রয়োগে ঢিলেমি এবং সামাজিক অবস্থা কাজ করছে৷. ঢাকা মেডিক্যাল কলেজ হাসপাতালের ওয়ানস্টপ ক্রাইসিস সেন্টারে (ওসিসি) সারা দেশ থেকে গড়ে প্রতিদিনই গড়ে ...
  • ফটোসাংবাদিক ধর্ষণ: বাংলাদেশেপালাতে... - Tazakhobor ...

  • https://www.facebook.com/tazakhobornews/posts/608432592513350?...
  • ফটোসাংবাদিক ধর্ষণ: বাংলাদেশে পালাতে চেয়েছিল অভিযুক্ত আনসারি http://tazakhobor.com/bangla/international/9832-2013-08-26-10-45-42.
  • বাংলাদেশেছয় মাসে ধর্ষিত ৪৩১ জন: মহিলা পরিষদ - BBC Bangla ...

  • www.bbc.co.uk/.../07/140722_mk_bangla_rape_mahila_parishad.shtml
  • ২২ জুলাই, ২০১৪ - বাংলাদেশে নারী অধিকার নিয়ে কাজ করে এমন একটি বেসরকারি সংস্থা বাংলাদেশ মহিলা পরিষদ, বলছে চলতি বছরের প্রথম ছয় মাসে ২২০৮ জন নারী নির্যাতনের শিকার হয়েছেন। সংস্থাটি মঙ্গলবার ঢাকায় এক সংবাদ সম্মেলনে এসব তথ্য তুলে ধরে নারীর প্রতি এ ধরনের সহিংসতার অবসানে ধর্ষণ-বিরোধী আইন কার্যকরসহ বেশ কিছু সুপারিশও করেছে।
  • ফটোসাংবাদিক ধর্ষণ: বাংলাদেশেপালাতে চেয়েছিল আসামি ...

  • www.poriborton.com/.../ফটোসাংবাদিক-ধর্ষণ-বাংলাদেশে-...
  • দূরদেশ ডেস্ক ::মুম্বাইয়ে ফটোসাংবাদিক ধর্ষণের পাঁচ আসামিকেই গ্রেপ্তার করতে সমর্থ হয়েছে পুলিশ। তবে শেষে আটককৃত সেলিম আনসারিবাংলাদেশে পালাতে চেয়ে.
  • বিডিটুডে.নেট:ধর্ষণবাড়ছে বাংলাদেশে! - BD Today

  • www.onbangladesh.org/newsdetail/detail/40/85728
  • ধর্ষণ বাড়ছে বাংলাদেশে! 27 Jul, 2014. দিনে দিনে ধর্ষণ বেড়েই চলেছে বাংলাদেশে৷ বেসরকারি স্বেচ্ছাসেবী সংস্থার প্রতিবেদন এবং পুলিশের তথ্যে তার প্রমাণ মিলছে৷ বিশ্লেষকরা বলছেন এর জন্য আইনের প্রয়োগে ঢিলেমি এবং সামাজিক অবস্থা কাজ করছে৷ ঢাকা মেডিক্যাল কলেজ হাসপাতালের ওয়ানস্টপ ক্রাইসিস সেন্টারে (ওসিসি) সারা দেশ থেকে গড়ে ...
  • ফটোসাংবাদিক ধর্ষণ: বাংলাদেশেপালাতে চেয়েছিল অভিযুক্ত ...

  • probasebangladesh.com/2013.08.26.5528.html
  • ডেস্ক রিপোর্টঃ বাংলাদেশে পালানোর চেষ্টা করছিল মুম্বাইয়ে নারী সাংবাদিক গণধর্ষণের ঘটনায় অন্যতম অভিযুক্ত সেলিম আনসারি। সালিম আনসারিকে রোববার সকালে দিল্লি-হরিয়ানা সীমানা থেকে গ্রেফতার করে দিল্লি পুলিশ এবং মুম্বাই অপরাধ দমন শাখার বিশেষ দল। আনসারি বিহার হয়ে বাংলাদেশে পালিয়ে যাওয়ার পরিকল্পনা করছিল বলে জানিয়েছে ...
  • ফটোসাংবাদিক ধর্ষণ: বাংলাদেশেপালাতে চেয়েছিল অভিযুক্ত ...

  • unify24.com/newspaper/detail/165175
  • ফটোসাংবাদিক ধর্ষণ: বাংলাদেশে পালাতে চেয়েছিল অভিযুক্ত আনসারি | international | natunbarta.com | Top Online Newspaper in Bangladesh. শনিবার, ০৭ জুন ২০১৪. English. বাংলা ফন্ট. প্রচ্ছদ. জাতীয়. রাজনীতি. আইন-আদালত. অর্থ ও বাণিজ্য. স্পোর্টস. ব্রাজিল বিশ্বকাপ ২০১৪. বিদেশ. প্রবাস. মিডিয়া. ঢাকার বাইরে. শিক্ষাঙ্গন. এন্টারটেইনমেন্ট.
  • Rape during the Bangladesh Liberation War - Wikipedia, the free ...

  • en.wikipedia.org/wiki/Rape_during_the_Bangladesh_Liberation_War
  • During the 1971 Bangladesh war for independence, members of the Pakistani military and supporting Bihari and Razaker militias raped between two and four ...
  • Bangladesh's Birangona women: 'Tell the world our story' | Stage ...

  • www.theguardian.com/.../silence-bangladesh-birangona-women-of-war-...
  • Hundreds of thousands of women were raped during Bangladesh's war of independence. Now they are speaking out in a powerful new play, reports Tahmima ...

  • ধর্ষণের দিক থেকে দেশের মধ্যে প্রথম হয়েছে দিল্লি। ২০১৩ সালে দেশের রাজধানী শহরে ধর্ষণ হয়েছিল ১৬৩৬টি। সেখানে ২০১২ সালে দিল্লিতে সরকারী খাতায় ধর্ষণ নথিভুক্ত করা হয়েছিল ৭০৬টি।
    রঙিন শহর মুম্বই ধর্ষণে দিল্লির পরের স্থানে। বাণিজ্য নগরীতে ২০১৩ সালে ধর্ষণ হয়েছে ৩৯১টি। ২০১৩-য় জয়পুর ও পুনেতে ধর্ষণের সংখ্যা যথাক্রমে ১৯২ ও ১৭১টি।
    দিল্লি মহিলাদের কাছে যে নিরাপদ নয়, সেটা ২০১২-র ১৬ ডিসেম্বরের রাতে চলন্ত বাসে গণধর্ষণ সহ পরবর্তীকালের একাধিক ঘটনায় স্পষ্ট হয়ে গিয়েছে। এনসিআরবি-র তথ্যেও প্রকাশ, দিল্লিতে ২০১৩ থেকে ২০১৪-য় বেড়ে দ্বিগুণ হয়েছে ধর্ষণ। ২০১২ সালে যে রাজধানী শহরে ৭০৬টি ধর্ষণের ঘটনা ঘটেছিল, সেখানে গত বছর সংখ্যাটা বেড়ে দাঁড়িয়েছে ১৬৩৬টি। রিপোর্ট জানাচ্ছে, গড়ে ২০১৩ সালে প্রতিদিন দিল্লিতে ধর্ষণ হয়েছে ৪টি।  
    বেশিরভাগ ক্ষেত্রেই ধর্ষণকারী নির্যাতিতার পূর্বপরিচিত! ৯৪ শতাংশ ধর্ষণের ক্ষেত্রে ধর্ষিতা আগে থেকে চিনতেন ধর্ষককে।
    • ধর্ষণ এর চিত্র ফলাফল
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    • ধর্ষণ এর চিত্র ফলাফল
    • RAPE/ধর্ষণ | সেরা-চটি

    • https://sherachoti.wordpress.com/category/rapeধর্ষণ/
    • নিজে জন্ম দেয়ার পর তাদের ২০ বছর ধরে ধর্ষণ করে আসছেন পিতা। ঘটনাটি ঘটেছে ভারতের রাজস্থানে। পিতার লালসার শিকার দুই বোন মুখ খোলায় বের হয়েছে পিতার কু-কৃত্তি। আর দিব্যি পিতার এই অনাচারে সমর্থন যুগিয়ে গেছেন মা। মঙ্গলবার স্বামীদের নিয়ে থানায় গিয়ে পিতার বিরুদ্ধে ধর্ষণের অভিযোগ দায়ের করেন দুই বোন। আর নিজেদের ওপর এই লালসার ...
    • ধর্ষণ | বাংলা চটি সম্ভার

    • sexasiabd.wordpress.com/category/ধর্ষণ/
    • Posts about ধর্ষণ written by shoeb45. ... কাজের মেয়েকে ধর্ষণ. ওর নাম ফাগুন, আমাদের বাসার নতুন কাজের মেয়ে। অন্য দশটা কাজের মেয়ের সাথে ওর তুলনা করা যাবে না। আমি হলফ করে বলতে পারি আমাদের সম্ভ্রান্ত ফ্যামিলির অনেক মেয়েদের থেকে ও অনেক সুন্দর ছিল, বিশেষ করে ওর বুক। আসলে মেয়েটার বয়স … Continue reading → · Aside | Posted on ...
    • শৌচাগারে সহপাঠীকে ধর্ষণকরলো সপ্তম শ্রেনীর ছাত্র | Hello Today

    • hello-today.com/শৌচাগারে-সহপাঠীকে-ধর্ষণ
    • হ্যালোটুডে ডেস্ক: তখনও স্যার ক্লাসে ঢোকেননি। স্যার আসার আগেই প্রকৃতির ডাকে সাড়া দিতে স্কুলের শৌচাগারে গেল সপ্তম শ্রেণীর এক ছাত্রী। পিছু নিল তারই এক সহপাঠী। এরপর শৌচাগারে পৌঁছে ওই ছাত্রীকে ধর্ষণ করে ওই ছাত্র। ধর্ষনের পর কাউকে কিছু না জানানোর হুমকি দিয়ে চুপচাপ ক্লাসে গিয়ে বসে পড়ে ওই ছাত্র৷ কিন্তু মুখ বন্ধ রাখেনি ওই ছাত্রী ...
    • স্বামীকে দিয়ে বান্ধবীকে ধর্ষণকরালেন স্ত্রী! - bdnews24.com

    • bangla.bdnews24.com/world/article837346.bdnews
    • ১৭ আগস্ট, ২০১৪ - ভারতের বেঙ্গালুরু শহরে এক নারী তার স্বামীকে দিয়ে ঘনিষ্ঠ প্রতিবেশীর বউ ও বান্ধবীকে 'ধর্ষণ'করিয়েছেন বলে অভিযোগ পাওয়া গেছে।
    • দৈনিক ধর্ষণনিউজ.কম | Facebook

    • https://www.facebook.com/pages/দৈনিক-ধর্ষণ.../463221797078372
    • দৈনিক ধর্ষণ নিউজ.কম. 176733 likes · 4867 talking about this. News Personality.
    • ধর্ষণসমাচার | Facebook

    • https://www.facebook.com/bars.com.bd
    • ধর্ষণ সমাচার. 14925 likes · 106 talking about this. এসো সচেতন হই.
    • স্বামীকে বেঁধে স্ত্রীকে ধর্ষণ, ছাত্রলীগ নেতাসহ গ্রেপ্তার ২

    • www.prothom-alo.com › বাংলাদেশ
    • ১১ জুন, ২০১৪ - চিকিৎ​সা নিতে রাজধানীতে এসে হোটেলকক্ষে ধর্ষণের শিকার হয়েছেন এক গৃহবধূ (২৬)৷ গত রোববার গভীর রাতে মগবাজারের এক অাবাসিক হোটেলে পাশের কক্ষে স্বামীকে বেঁধে রেখে তাঁকে ধর্ষণ করা হয়৷ ধর্ষণের অভিযোগে পুলিশ ওই কক্ষ থেকে মহানগর ছাত্রলীগের এক নেতা ও তাঁর এক সহযোগীকে ছুরিসহ গ্রেপ্তার করেছে৷...
    • বাংলাদেশীকে দিয়ে অন্তঃসত্ত্বা স্ত্রীকে ধর্ষণ!

    • mzamin.com/details.php?mzamin=Mzk3ODM=&s=Mg==
    • 1 দিন আগে - তবে পত্রিকাটি স্বামী ও স্ত্রীর জাতীয়তা বা তাদের পরিচয় প্রকাশ করেনি। ঘটনাটিকে মালয়েশিয়া দণ্ডবিধির ৩৭৬ ধারার আওতায় ধর্ষণ হিসেবে বর্ণনা করা হয়েছে। প্রতিবেদনে বলা হয়, পেতালিং জয়ার গোমবাক ওসিপিডি সহকারী কমিশনার আলি আহমাদ মঙ্গলবার বলেন, মহিলার বয়স ২৭। তিনি অন্তঃসত্বা। গত রোববার রাত সাড়ে দশটা হবে।
    • ভাইয়ের অপরাধে শাস্তি হিসেবে বোনকে ধর্ষণ - BBC Bangla - খবর

    • www.bbc.co.uk/bengali/news/2014/07/140711_mh_india_rape.shtml
    • ১১ জুলাই, ২০১৪ - ভারতের ঝাড়খন্ড রাজ্যে এক ১৪ বছরের কিশোরীকে তার বড় ভাইয়ের কথিত অপরাধের শাস্তি হিসাবে ধর্ষণ করা হয়েছে বলে অভিযোগ উঠেছে।

    যাদবপুর বিশ্ববিদ্যালয়ে ছাত্রী নিগ্রহের ঘটনায় তদম্ত কমিটি, উপাচার্যের কাছে বাবা

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    গৌতম চক্রবর্তী: বিশ্ববিদ্যালয় মঞ্জুরি কমিশনের (ইউ জি সি) গাইড লাইন মেনে এবং শিক্ষামন্ত্রীর নির্দেশে শ্লীলতাহানির অভিযোগ খতিয়ে দেখতে তদম্ত কমিটি গড়ল যাদবপুর বিশ্ববিদ্যালয়৷‌ এদিকে বুধবার বিকেলে বিশ্ববিদ্যালয়ের উপাচার্য অভিজিৎ চক্রবর্তীর সঙ্গে দেখা করে লিখিত অভিযোগ জমা দিলেন নিগৃহীতা ছাত্রীর বাবা৷‌ প্রসঙ্গত, ছেলেদের হস্টেলে তাকে ডেকে নিয়ে গিয়ে মারধর ও শ্লীলতাহানি করা হয়েছে বলে মঙ্গলবারই বিশ্ববিদ্যালয়ের ইতিহাস বিভাগের দ্বিতীয়বর্ষের ওই ছাত্রী যাদবপুর থানায় অভিযোগ দায়ের করে৷‌ যে ১০ জন ছাত্রের বিরুদ্ধে অভিযোগ করা হয়েছে তারা মূলত ইঞ্জিনিয়ারিং বিভাগের ছাত্র বলেই জানা গেছে৷‌ বিশ্ববিদ্যালয় সূত্রে খবর, ঘটনার পর ছাত্রীটি বিশ্ববিদ্যালয় কর্তৃপক্ষের কাছে মৌখিক অভিযোগ জানায়৷‌ অভিযোগ উপাচার্য নাকি অভিযোগকারিণী ও অভিযুক্তদের বিষয়টি মিটিয়ে ফেলতে বলেন৷‌ যদিও এ বিষয়ে এদিনও মুখ খোলেননি বিশ্ববিদ্যালয় কর্তৃপক্ষ৷‌ উপাচার্য এই বিষয় নিয়ে কোনও কথা বলতে চাননি৷‌ সাংবাদিকদের প্রশ্নের সামনে তিনি মৌন থেকেছেন৷‌ শুধু একটা কথাই তাঁর মুখে শোনা গেছে 'নো কমেন্টস'৷‌ স্বাভাবিকভাবেই সোমবার অভিযোগ জানানোর পরেও কর্তৃপক্ষ এখনও কেন কোনও ব্যবস্হা নিতে পারেননি সেই প্রশ্নও উঠছে৷‌ যদিও বিশ্ববিদ্যালয় কর্তৃপক্ষ এদিনই কমিটি করে ঘটনার তদম্ত করার সিদ্ধাম্ত নিয়েছেন বলে জানা গেছে৷‌ ইউ জি সি-র নিয়ম অনুসারে এই কমিটি অভিযুক্ত ছাত্রদের সঙ্গে এবং অভিযোগকারিণী ছাত্রীর সঙ্গে কথা বলে রিপোর্ট দেবে৷‌ তার পরই বিশ্ববিদ্যালয় কর্তৃপক্ষ ছাত্রদের বিরুদ্ধে ব্যবস্হা নেবে৷‌ এ প্রসঙ্গে বুধবার শিক্ষামন্ত্রী পার্থ চ্যাটার্জি বলেন, যাদবপুরের ঘটনায় উপাচার্যকে তদম্ত কমিটি করতে বলেছিলাম৷‌ উনি আমাকে জানিয়েছেন তদম্ত কমিটি করা হয়েছে৷‌ দোষী প্রমাণিত হলে কঠোর শাস্তি দেওয়া হবে৷‌ একই সঙ্গে তাঁকে হস্টেলগুলোকে নজরদারি বাড়ানোর কথাও বলেছি৷‌ এই প্রসঙ্গে বিশ্ববিদ্যালয়ের রেজিস্ট্রার প্রদীপ ঘোষ বলেন, বিষয়টি ইন্টারনাল কমপ্লেন সেলে পাঠানো হয়েছে৷‌ তারাই বিষয়টি তদম্ত করে দেখবে৷‌ অভিযোগকারী ছাত্রীর বাবা উপাচার্যের সঙ্গে দেখা করে বেরিয়ে বলেন, লিখিত অভিযোগ করে উপাচার্যকে এ কথাই বলেছি যে, আমার মেয়ের সঙ্গে যা ঘটেছে তার উপযুক্ত ব্যবস্হা নিতে৷‌ আর ভবিষ্যতে এরকম ঘটনা যেন বিশ্ববিদ্যালয়ের আর কোনও ছাত্রীর সঙ্গে না ঘটে তা দেখতে৷‌ এই ধরনের ঘটনার পুনরাবৃত্তি যেন না হয়৷‌ উপাচার্য আশ্বাস দিয়েছেন ব্যবস্হা গ্রহণ করার৷‌ আমরা আশাবাদী৷‌ অন্য দিকে এদিন বিশ্ববিদ্যালয়ের একদল ছাত্র এই বিষয় নিয়ে নিজেদের মধ্যে সভা করেন৷‌ ছাত্ররাও অবশ্য তাঁদের মতামত জানাতে চাননি৷‌ যাদবপুর থানার পুলিস ইতিমধ্যেই বিশ্ববিদ্যালয় কর্তৃপক্ষের সঙ্গে যোগাযোগ করে অভিযুক্তদের বিষয়ে খোঁজখবর নিয়েছে৷‌ পুলিস সূত্রে জানা গেছে, ছাত্রী যাদের বিরুদ্ধে অভিযোগ করেছেন, তাদের মধ্যে একজনকে ভালভাবেই চেনেন ওই ছাত্রী৷‌ মূলত ওই ছাত্রই দ্বিতীয় বর্ষের ওই ছাত্রীকে হস্টেলে নিয়ে যায়৷‌ আরও জানা গেছে ওই ছাত্রীর বিরুদ্ধে আগেও একটি অভিযোগ রয়েছে৷‌ সেই ঘটনারও তদম্ত চলছে৷‌
    আজকালের প্রতিবেদন: বাড়িতে মদের আসর বসিয়ে পরিচারিকাকে গণধর্ষণের অভিযোগ উঠল! রিজেন্ট পার্কের ঘটনা৷‌ অভিযোগ, বাড়ির মালিক দীর্ঘদিন ধরে ওই পরিচারিকাকে আটকে রেখে ধর্ষণ করেছে৷‌ ভয় দেখানোর জন্য তুলে রাখা হয় ভিডিও ফুটেজও৷‌ বাড়িতে বন্ধুরা এলে মদের আসর বসিয়ে গণধর্ষণ করা হয়েছে বলে জানিয়েছেন নির্যাতিতা৷‌ এমনকি অভিযুক্ত ব্যক্তির ভাইও তাঁকে ধর্ষণ করে৷‌ তাঁকে বাঙ্গুর হাসপাতালে মেডিক্যাল টেস্টের জন্য পাঠানো হয়েছে৷‌ পুলিস সূত্রে জানা গেছে, বিহারের বাসিন্দা সুভাষ মণ্ডল রিজেন্ট পার্কের বাঁশদ্রোণীর শ্রীকানন পল্লীতে থাকে৷‌ কয়েক বছর আগে এখানে ভাড়া আসে সে৷‌ স্ত্রী-র সঙ্গে থাকত৷‌ পরে স্ত্রীকে বিহারে রেখে আসে অভিযুক্ত৷‌ কলকাতায় কুরিয়ার সংস্হায় কাজ করে সুভাষ৷‌ নির্যাতিতা সুন্দরবনের বাসিন্দা৷‌ সুভাষের বাড়িতে ২০১৩ সাল থেকে পরিচারিকার কাজ করেন৷‌ এখানেই থাকতেন৷‌ থাকা-খাওয়া দিত সুভাষ৷‌ কয়েক মাস যাওয়ার পরে নির্যাতন শুরু হয়৷‌ প্রথমে অশ্লীল ভিডিও ফুটেজ তুলে তাঁকে ভয় দেখানো হয়৷‌ অভিযুক্ত বলে, এই ছবি এম এম এস এবং সিডি করে বাজারে ছড়িয়ে দেওয়া হবে৷‌ পরের দিকে বাড়িতে সুভাষ মদের আসর বসাত৷‌ সেখানে তাঁকে গণধর্ষণ করে অত্যাচার করা হত৷‌ এই ঘটনা যাতে বাইরের কেউ জানতে না পারে, তার জন্য ওই পরিচারিকাকে প্রাণনাশের হুমকিও দেওয়া হয়৷‌ বুধবার সাহস করে প্রতিবেশী বিষ্ণুপদ বণিক ও সঞ্জয় ঘোষকে বিষয়টি জানান নির্যাতিতা৷‌ থানায় গিয়ে গণধর্ষণের অভিযোগ দায়ের করেন ওই পরিচারিকা৷‌ এদিন সন্ধেয় অভিযুক্ত বাড়িতে এলে গ্রেপ্তার করে পুলিস৷‌ বাকিদের খোঁজে তল্লাশি চলছে৷‌

    রাজ্যপালের কাছে নৈরাজ্যের নালিশ জানালেন মহিলারা, বাম বিধায়কেরাও

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    আজকালের প্রতিবেদন: রাজ্যে ক্রমবর্ধমান নারী নির্যাতন ও ধর্ষণ নিয়ে নতুন রাজ্যপালের দ্বারস্হ হল চার বাম মহিলা সংগঠন-সহ ১৮ নারী সংগঠনের যৌথ মঞ্চ 'নারী স্বাধীকার সমন্বয়'৷‌ একই সঙ্গে বুধবার বিকেলে ধর্ষণ ও শাসক দলের সন্ত্রাসের বিরুদ্ধে ব্যবস্হা নেওয়ার দাবি জানিয়ে রাজ্যপালের সঙ্গে দেখা করলেন বিধানসভার বাম পরিষদীয় দলের সদস্যরা৷‌ রাজ্যপাল তাঁদের বলেছেন, পশ্চিমবঙ্গের বিভিন্ন ঘটনা সম্পর্কে তিনি যথেষ্ট ওয়াকিবহাল৷‌ প্রতি মুহূর্তে তাঁর অফিস সমস্ত ঘটনা সম্পর্কে তথ্য সংগ্রহ করছে৷‌ প্রতিনিধি দলের সদস্যদের দাবি, রাজ্যপাল তাঁদের কথা দিয়েছেন, রাজ্যের ডি জি, আই জি ও মুখ্য সচিবের কাছ থেকে তিনি এই সব ঘটনার রিপোর্ট চাইবেন৷‌ দরকারে মুখ্যমন্ত্রী মমতা ব্যানার্জির সঙ্গেও কথা বলবেন৷‌ এদিন বিকেলে নারী স্বাধিকার সমন্বয়ের প্রতিনিধি দলে নেতৃত্ব দেন অধ্যাপিকা মালিনী ভট্টাচার্য৷‌ বাম পরিষদীয় দলের নেতৃত্বে ছিলেন আনিসুর রহমান৷‌ মালিনী ভট্টাচার্য সাংবাদিকদের বলেন, আমরা মাননীয় রাজ্যপাল কেশরীনাথ ত্রিপাঠীর কাছে লিখিতভাবে সমস্ত নারী নির্যাতন ও ধর্ষণের ঘটনার কথা জানিয়েছি৷‌ ধূপগুড়ির ঘটনা চিঠিতে না থাকলেও, মৌখিকভাবে জানিয়েছি৷‌ আমরা বলেছি, সুনিয়া থেকে শুরু করে কামদুনি, মধ্যমগ্রাম বা ধূপগুড়িতে ধর্ষণ করে খুনের মতো মারাত্মক ঘটনা ঘটেছে৷‌ পুলিস ধর্ষণকারীদের বিরুদ্ধে তো কোনও ব্যবস্হাই নেয়নি, উল্টে শাসক দল এই নির্যাতিতাদের পরিবারের লোকজনের ওপর হুমকি, শাসানি, অত্যাচার চালাচ্ছে৷‌ সে ক্ষেত্রেও নীরবতা রয়েছে পুলিসের৷‌ আমাদের অনুমান, পুলিস এই সমস্ত ঘটনায় মামলা এমনভাবে সাজাচ্ছে, যাতে ধর্ষণকারী ও খুনিরা পার পেয়ে যায়৷‌ এভাবে চলতে থাকলে রাজ্য চূড়াম্ত নৈরাজ্যের দিকে চলে যাবে৷‌ এখনই নিয়ন্ত্রণ করা উচিত৷‌ বাম পরিষদীয় দলে এদিন ছিলেন আনিসুর রহমান, সুভাষ নস্কর, গৌরাঙ্গ চ্যাটার্জি, প্রবোধ সিন‍্হা, অরুণ মহাপাত্র, বিরাম মান্ডি, বিজয় বাগদী, ইদ মহম্মদ ও আবদুর রহমান ব'৷‌ বিরোধী দলের ডেপুটি লিডার সুভাষ নস্কর বলেন, আমরা রাজ্যপালের কাছে এই অবস্হার সুরাহা চেয়েছি৷‌ এই সরকার ক্ষমতায় আসার পর থেকে রাজ্য জুড়ে বামপম্হীদের পার্টি অফিস ভেঙে, বামপম্হীদের বাড়ি, সম্পত্তির দখল নিয়ে অত্যাচার শুরু করে দিয়েছে৷‌ এ পর্যম্ত বামপম্হী সমর্থকদের তাঁদের নিজেদের বাড়িতে থাকার জন্য প্রায় ৬০ কোটি টাকা জরিমানা বা তোলা দিতে হয়েছে৷‌ ১৫৯০ জন বামপম্হীকে খুন হতে হয়েছে শাসক দলের কর্মীদের হাতে৷‌ পুলিস নির্বিকার৷‌ উল্টে আক্রাম্তদের নামে মিথ্যে মামলা দিতে শুরু করেছে৷‌ পাশাপাশি এ রাজ্যে এখন মহিলারা আর নিরাপদ থাকতে পারছেন না৷‌ রোজই কোথাও না কোথাও ধর্ষণ, শ্লীলতাহানির ঘটনা ঘটছে৷‌ সেখানেও পুলিস আক্রাম্তদের ছেড়ে অপরাধীদের নিরাপত্তা দিতে ব্যস্ত৷‌ এভাবে চললে পুলিস ও প্রশাসনের ওপর থেকে সাধারণ মানুষের ভরসা পুরোপুরি উঠে যাবে৷‌ চূড়াম্ত নৈরাজ্যের দিকে চলে যাবে রাজ্য৷‌ আনিসুর রহমান বলেন, আমরা রাজ্যপাল মহোদয়কে বলেছি, আপনি সাংবিধানিক প্রধান৷‌ আপনি সরকারের সঙ্গে কথা বলে ব্যবস্হা নিন৷‌ প্রতিনিধি দলের দাবি, রাজ্যপাল তাঁদের কথা দিয়েছেন সংবিধানের মধ্যে থেকে যা করা যায় তা তিনি করবেন৷‌ সরকারের সঙ্গে কথা বলবেন৷‌

    থানায় এসে অভিযোগ বিশ্বভারতীর নির্যাতিতার

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    চন্দ্রনাথ বন্দ্যোপাধ্যায়: শাম্তিনিকেতন, ৩ সেপ্টেম্বর– বিশ্বভারতীর কলাভবনের নির্যাতিতা শাম্তিনিকেতনে ফিরে এলেন৷‌ বুধবার তিনি নিজেই পুলিসের কাছে অভিযুক্তদের বিরুদ্ধে এফ আই আর দায়ের করেছেন৷‌ বোলপুরের এস ডি পি ও সূর্যপ্রতাপ যাদব ছাত্রী ও তাঁর বাবাকে বারবার জিজ্ঞাসা করেন বিশ্বভারতীর বিরুদ্ধে কোনও অভিযোগ আছে কি না৷‌ তাঁরা জানিয়ে দেন পরে ভাবনাচিম্তা করে বলবেন৷‌ এস ডি পি ও সাংবাদিকদের এ কথা জানিয়ে বলেন, আগামী কাল ছাত্রীটির আদালতে ১৬৪ ধারায় গোপন জবানবন্দী নেওয়া হবে৷‌ অন্যদিকে, বিশ্বভারতীর অভিযোগের ভিত্তিতে ধৃত তিন ছাত্রকে আজ আদালতে হাজির করানো হয়৷‌ তদম্তের স্বার্থে ধৃতদের আরও পাঁচ দিনের পুলিস হেফাজত হয়৷‌ আজ সকালে বাবার সঙ্গে ওই ছাত্রী ফেরেন শাম্তিনিকেতনে৷‌ কার্যত বোলপুর স্টেশন থেকে পাহাড়ী এলাকার ছাত্রছাত্রীরা তাঁদের ঘিরে নিয়ে আসেন শাম্তিনিকেতনের পুলিস তদম্ত কেন্দ্রে৷‌ এক মহিলা পুলিস অফিসারের কাছে ছাত্রীটি বয়ান লিপিবদ্ধ করেন৷‌ বিকেলে পুলিস কেন্দ্র ছাড়ার সময় ছাত্রীটির বাবা ভবানী প্রধান সন্ধ্যায় গৌর প্রাঙ্গণে সাংবাদিকদের ডাকেন৷‌ জানিয়েছেন, তাঁর মেয়ের বিশ্বভারতীতে পড়া না-পড়ার ব্যাপারটা এখন গৌণ, মুখ্য হল বিচার৷‌ এর জন্য তাঁকে যতদূর যেতে হয় তিনি যাবেন৷‌ এখানকার অনেক ছাত্র-শিক্ষক যেমন তাঁকে সহযোগিতা করেছেন, আবার অনেকে অসহযোগিতাও করেছেন৷‌ অন্যদিকে, প্রদেশ কংগ্রেস সভাপতি অধীররঞ্জন চৌধুরি আজ এই ঘটনার প্রতিবাদ জানাতে শাম্তিনিকেতনে প্রতিবাদ সভা করেন৷‌ তাঁর নেতৃত্বে কংগ্রেস নেতা সুশোভন বন্দ্যোপাধ্যায়, তপন সাহা, জেলা কংগ্রেসের সভাপতি সৈয়দ জিম্মি-সহ কংগ্রেসের এক প্রতিনিধি দল উপাচার্য সুশাম্ত দত্তগুপ্তের সঙ্গে দেখা করেন৷‌ বেরিয়ে এসে সাংবাদিকদের বলেন, বিশ্বভারতী কর্তৃপক্ষ পদক্ষেপ নিতে বিলম্ব কেন করলেন, তা নিয়ে উপাচার্যর সঙ্গে কথা হয়েছে৷‌ এদিকে, বিশ্বভারতী কর্তৃপক্ষ এদিন এক প্রেস বিজ্ঞপ্তি দিয়ে জানিয়েছেন, উপাচার্যের আমন্ত্রণে বিশ্বভারতী ও মুর্শিদাবাদের উন্নয়ন নিয়ে আলোচনার জন্য কংগ্রেস সাংসদ অধীর চৌধুরি এসেছিলেন৷‌ তবে তিনি সম্প্রতি কলাভবনের ঘটনায় বিশ্বভারতীর নেওয়া পদক্ষেপের জন্য উপাচার্যের কাছে সম্তোষ প্রকাশ করেছেন৷‌

    অনুব্রতের হুমকির সঙ্গে সাগর-হত্যার যোগ মেলেনি, কোর্টে জানালেন ডিজি

    অনুব্রত মণ্ডলের হুমকি দেওয়ার সঙ্গে সাগর ঘোষের খুনের ঘটনার সরাসরি কোনও যোগসূত্র পায়নি বিশেষ তদন্তকারী দল (সিট)। সেই কারণে অনুব্রবাবুকে এখনও গ্রেফতার করা হয়নি বা তাঁর বিরুদ্ধে চার্জশিট পেশ করা হয়নি। পাড়ুই-হত্যা মামলায় কলকাতা হাইকোর্টের বিচারপতি হরিশ টন্ডনের এজলাসে হাজির হয়ে রাজ্য পুলিশের ডিজি জিএমপি রাজাশেখর রেড্ডি এ কথাই জানিয়েছেন। বিচারপতি প্রশ্ন করেন, ডিজি-র কি কখনও মনে হয়েছিল যে অনুব্রতবাবুকে গ্রেফতার করা দরকার? এই প্রশ্নের জবাবে ডিজি বলেন, এটি একটি অন্য বিষয়। তিনি পুলিশ সুপারকে দ্রুত তদন্ত শেষ করতে বলেছেন। বিচারপতি প্রশ্ন করেন, ডিজি কি মনে করেন না যে দু'টি ঘটনার মধ্যে কোনও যোগসূত্র আছে?

    নিজস্ব সংবাদদাতা
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    ভারতে শাখা খুলছে আল-কায়দা, জানালেন জাওয়াহিরি

    আল-কায়দার ভারতীয় শাখা স্থাপনের কথা ঘোষণা করলেন জঙ্গি সংগঠনের বর্তমান প্রধান আমন আল জাওয়াহিরি। বুধবার ৫৫ মিনিটের এক ভিডিও বার্তায় তিনি জানান, ভারতীয় উপমহাদেশ জুড়ে 'জিহাদের পতাকা'তুলে ধরতেই এই শাখার সূচনা। একই সঙ্গে আফগানিস্তানের পলাতক তালিবান নেতা মোল্লা ওমরের প্রতি তাঁর বিশ্বস্ততা বজায় থাকবে বলেও জানিয়েছেন জাওয়াহিরি।

    সংবাদ সংস্থা
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    সদানন্দ গৌড়ার ছেলের বিরুদ্ধে গ্রেফতারি পরোয়ানা

    ধর্ষণ, প্রতারণা ও অপহরণের অভিযোগে এ বার গ্রেফতারি পরোয়ানা জারি হল কেন্দ্রীয় মন্ত্রী সদানন্দ গৌড়ার ছেলে কার্তিক গৌড়ার বিরুদ্ধে। বৃহস্পতিবার তাঁর বিরুদ্ধে এই পরোয়ানা জারি করে বেঙ্গালুরুর একটি আদালত। কার্তিকের বিরুদ্ধে বিয়ের নাম করে প্রতারণার অভিযোগ তুলেছিলেন কর্নাটকের এক মডেল তথা উঠতি অভিনেত্রী।

    সংবাদ সংস্থা
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    বেলুড়ে লাইন পেরোতে গিয়ে ট্রেনের ধাক্কায় মৃত ছাত্রী

    কলেজ নেই তাই শুধু টিউশান সেরেই তাড়াতাড়ি বাড়ি ফিরে আসবে বলে বেরিয়েছিল একুশ বছরের তরুণীটি। কিন্তু আধ ঘন্টার মধ্যেই তাঁর পরিবারের লোকজন পরিচিতদের ফোনে জানতে পারলেন হাসপাতালে পড়ে রয়েছে ওই তরুণীর নিথর দেহ। রেল লাইন পেরতে গিয়ে ট্রেনের ধাক্কায় তাঁর মৃত্যু হয়েছে। যদিও কয়েক জন প্রত্যক্ষদর্শীর দাবি কানে হেড ফোন লাগানো থাকায় ট্রেনের আওয়াজ শুনতে না পাওয়াতেই এই দুর্ঘটনা ঘটেছে।

    নিজস্ব সংবাদদাতা
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    যুক্তরাষ্ট্র ওপেনের ফাইনালে সানিয়া

    জীবনের তৃতীয় গ্র্যান্ড স্ল্যাম খেতাব জয়ের থেকে আর মাত্র এক ম্যাচ দুরে সানিয়া মির্জা। বুধবার গভীর রাতে ব্রাজিলীয় পার্টনার ব্রুনো সোরেসকে সঙ্গী করে যুক্তরাষ্ট্র ওপেনের ফাইনালে পৌঁছলেন তিনি। তবে সেমিফাইনালে শীর্ষবাছাই ইন্দো-ব্রাজিলিয়ান জুটিকে তাইপে-জার্মানির অবাছাই জুটিকে হারাতে বেশ বেগ পেতে হয়। দেড় ঘণ্টার বেশি চলা ম্যাচে ৭-৫, ৪-৬, ১০-৭ ফলে জেতেন সানিয়ারা। ফাইনালে তাঁদের সামনে মার্কিন-মেক্সিকোর অবাছাই জুটি।

    সংবাদ সংস্থা
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    ভবানীপুরে ২৭ ক্লাবে কোটি টাকা সারদার

    টাকা তো নয়, যেন খোলামকুচি! দু'সপ্তাহের মধ্যে কলকাতার ২৭টি ক্লাবকে প্রায় এক কোটি টাকা দিয়েছিলেন সারদা-কর্তা সুদীপ্ত সেন। সারদা কেলেঙ্কারির তদন্তে নেমে এই তথ্য হাতে এসেছে সিবিআইয়ের। তার চেয়েও বড় কথা হল, যে সময়ে এবং যে এলাকার ক্লাবকে ওই টাকা দেওয়া হয়েছিল, সেটা থেকেই বড় রহস্যের গন্ধ পাচ্ছেন কেন্দ্রীয় গোয়েন্দা সংস্থার তদন্তকারীরা। তাঁদের একাংশের ধারণা, ওই টাকা বিলোনোর পিছনে রীতিমতো রাজনৈতিক অঙ্ক ছিল।

    শুভাশিস ঘটক
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    মুকুলের মন্তব্যের নাগপাশে জড়াচ্ছে তৃণমূল

    শুরু করেছিলেন ছেলে। এ বার সুর ধরলেন বাবা! ধাপে ধাপে তবে কি বৃহত্তর কোনও পরিকল্পনার দিকে এগোচ্ছেন রায়-বাহিনী? তৃণমূলের অন্দর মহল ফুটছে এমনই জল্পনায়! রেল-সারদা যোগাযোগ নিয়ে দলের সর্বভারতীয় সাধারণ সম্পাদক মুকুল রায়ের মন্তব্য শাসক দলে তোলপাড় ফেলে দিয়েছে।

    নিজস্ব সংবাদদাতা
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    ব্যাঙ্কে সিবিআই হানা, নাম মিলল প্রভাবশালীদের

    সারদার ব্যাঙ্ক-নথি থেকেও এ বার প্রভাবশালী ব্যক্তিদের নাম পেল সিবিআই। কারা সেই প্রভাবশালী ব্যক্তি, তা অবশ্য খোলসা করে বলেননি তদন্তকারীরা। তবে বেশ কয়েক জন প্রভাবশালীর সঙ্গে সারদার সম্পর্ক নিয়ে যে তথ্য ইতিমধ্যেই সিবিআইয়ের হাতে এসেছে, তার সঙ্গে এই ব্যাঙ্ক থেকে পাওয়া নথি মিলিয়ে দেখা হবে বলে গোয়েন্দা সূত্রে জানা গিয়েছে।

    নিজস্ব সংবাদদাতা
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    ঝক্কি এড়াতেই সারদার কিছু বন্দির জেল বদল

    শুধু আলিপুর সেন্ট্রাল জেলেই সারদা গোষ্ঠীর আর্থিক কেলেঙ্কারির ছ'জন তাবড় বন্দির ভিড় হয়ে গিয়েছিল। অচিরেই ওই ঘটনায় আরও কয়েক জনকে সেখানে পাঠানোর সম্ভাবনা আছে। সারদা কাণ্ডের মতো মামলার এত অভিযুক্তকে একই জেলে বেশি দিন রাখাটা তাঁদের নিরাপত্তার দিক থেকে ঝুঁকি হয়ে যাবে বলে মনে করছে কারা দফতর। সেই জন্য ওই অভিযুক্তদের কলকাতা এবং পার্শ্ববর্তী কয়েকটি কারাগারে ছড়িয়ে দেওয়া হচ্ছে।

    নিজস্ব সংবাদদাতা
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    সিন্ডিকেটে রক্ষা নেই, জরিমানার বিষফোড়া

    প্রায় কোটি টাকা দিয়ে কেনা আধ একর জমির উপরে এত দিনে ছ'তলা বাড়ি তৈরি হয়ে যাওয়ার কথা। রয়্যাল ব্যাঙ্ক অব স্কটল্যান্ড, বার্কলেজ, ব্যাঙ্ক অব আমেরিকার মতো প্রথম সারির ব্যাঙ্কগুলির কাজ নিয়ে দিনরাত ব্যস্ত থাকার কথা ৪০০ অ্যানালিস্টের। কিন্তু জমি নেওয়ার সাত বছর পরে সব মিলিয়ে সাড়ে তিন কোটি টাকা লগ্নি করেও অফিস চালু করে উঠতে পারেননি কলকাতায় ছোটবেলা কাটিয়ে ইংল্যান্ডে থিতু হওয়া এক ব্যবসায়ী। সিন্ডিকেটের দাপট আর হিডকো-র আইনি চোখরাঙানিতে নিজের শিকড়ে ফেরার স্বপ্ন এখন দুঃস্বপ্ন বলে মনে হয় তাঁর। জোড়া চাপে এতটাই সন্ত্রস্ত তিনি, যে নিজের বা সংস্থার নামটুকু পর্যন্ত প্রকাশ্যে আনতে রাজি নন।

    গার্গী গুহঠাকুরতা
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    এত উদ্বৃত্ত, তবু কেন আরও চার জলবিদ্যুৎ প্রকল্প

    তাঁর উত্তরবঙ্গ সফরের মধ্যে তিস্তা এবং রাম্মাম নদীর উপরে চারটি জলবিদ্যুৎ প্রকল্প গড়ার কথা ঘোষণা করেছেন মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়। মোট ৩০০ মেগাওয়াট ক্ষমতাসম্পন্ন প্রকল্পগুলি নির্মাণের কথা রাষ্ট্রায়ত্ত সংস্থা এনএইচপিসি-র।

    পিনাকী বন্দ্যোপাধ্যায়
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    লেপচা বোর্ডের অনুষ্ঠানেই সরকারি প্রকল্পের উদ্বোধন, অসন্তোষ পাহাড়ে

    লেপচা উন্নয়ন পর্ষদের অনুষ্ঠানে গিয়ে তাঁদের কাজের প্রশংসা করলেন মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়। কিন্তু তারপরে বুধবার ওই অনুষ্ঠানের মঞ্চ থেকেই মুখ্যমন্ত্রী রাজ্য সরকারের একাধিক প্রকল্পেরও উদ্বোধন করায় পাহাড়ে লেপচাদের একাংশ ক্ষুব্ধ। তাঁদের বক্তব্য, এই অনুষ্ঠান সরকারি মঞ্চ হিসেবেও ব্যবহৃত হওয়ায় পর্ষদের স্বাতন্ত্র্য নিয়েই প্রশ্ন উঠতে পারে।

    কিশোর সাহা ও রেজা প্রধান
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    'ইকবাল'-এর বোন মধুচক্রে, হতবাক ফিল্মি দুনিয়া

    জাতীয় পুরস্কারের মঞ্চে ছোট্ট মেয়েটি। ২০০২ সালে 'মাকড়ি'ছবিতে যমজ বোন চুন্নি ও মুন্নির চরিত্রে অসাধারণ অভিনয়ের জন্য। কাট... ২০১৪। হায়দরাবাদের বানজারা হিলসের একটি নামিদামি হোটেলের মধুচক্রের আসর থেকে পুলিশ টেনে বার করছে সেই মেয়েটিকেই! 'মর্দানি'ছবিতে শিবানী শিবাজী রায়-রূপী রানি মুখোপাধ্যায় যখন নারীপাচারকারীদের ধোলাই দিয়ে নিষিদ্ধপল্লি থেকে মেয়েদের উদ্ধার করে সারা দেশের প্রশংসা কুড়োচ্ছেন, তখন রবিবার মধুচক্রের আসর থেকে বছর তেইশের শ্বেতা বসু প্রসাদের গ্রেফতার হওয়ার ঘটনায় হতবাক চলচ্চিত্র মহল।

    প্রিয়াঙ্কা দাশগুপ্ত
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    বেল বাজিয়ে বাড়িতে হামলা, রক্ষা দিল্লির বিধায়কের

    ভোর বেলা একাধিক বার বেলের শব্দ শুনে দরজা খুলেছিলেন বিধায়ক। অজ্ঞাতপরিচয় এক ব্যক্তি তখন জানিয়েছিল চাকরির ইন্টারভিউয়ের জন্য কিছু কাগজে সই লাগবে তাঁর। এর পর সই করার জন্য বাড়ির ভিতরে ঢুকতে গেলে সটান পিস্তল বার করে গুলি ছুড়তে থাকে ওই অজ্ঞাতপরিচয় ব্যক্তি। কোনও মতে দুষ্কৃতীর নাগাল ছাড়িয়ে প্রাণে বেঁচেছেন দিল্লির শাহদারা কেন্দ্রের বিজেপি বিধায়ক জিতেন্দ্র সিংহ শান্টি।

    সংবাদ সংস্থা
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    বিশ্বভারতী-কাণ্ডে রাষ্ট্রপতির কাছে চিঠি কমিশনের

    বিশ্বভারতীতে পর পর উঠছে যৌন নিগ্রহের অভিযোগ। বিশেষত ভিন্‌-রাজ্যের ছাত্রীকে যৌন নির্যাতনে অভিযুক্তদের আড়াল করার অভিযোগও উঠেছে কর্তৃপক্ষের বিরুদ্ধে। তারই প্রেক্ষিতে বুধবার রাষ্ট্রপতি প্রণব মুখোপাধ্যায়ের কাছে চিঠি পাঠিয়ে ক্ষোভ জানালো রাজ্য মহিলা কমিশন। রাষ্ট্রপতির কাছে উপাচার্য সুশান্ত দত্তগুপ্ত এবং কলাভবনের অধ্যক্ষ শিশির সাহানার বিরুদ্ধে ব্যবস্থা নেওয়ার সুপারিশও করেছে তারা।

    নিজস্ব প্রতিবেদন
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    'শ্লীলতাহানি'র রিপোর্ট দেবে কমিটি

    হস্টেলের ঘরে বন্ধ করে ছাত্রীর শ্লীলতাহানির অভিযোগ খতিয়ে দেখার দায়িত্ব বিশ্ববিদ্যালয়ের অভ্যন্তরীণ অভিযোগ কমিটি আইসিসি-কে দিলেন যাদবপুর-কর্তৃপক্ষ। বিশ্ববিদ্যালয়ের রেজিস্ট্রার প্রদীপ ঘোষ বুধবার এ কথা জানান। যত দ্রুত সম্ভব অভিযোগ খতিয়ে দেখে কর্তৃপক্ষের কাছে রিপোর্ট জমা দিতে হবে ওই কমিটিকে।

    নিজস্ব সংবাদদাতা
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    ইংল্যান্ড পরীক্ষায় ফেলল কোথায়, তাচ্ছিল্য ধোনির

    ইংল্যান্ডের বিরুদ্ধে মহেন্দ্র সিংহ ধোনিদের একপেশে ওয়ান ডে সিরিজ জয় নিয়ে যখন তুমুল হইচই চলছে, ২০১৫ ক্রিকেট বিশ্বকাপে ভারত ফেভারিট কি না তা নিয়ে যখন আলোচনা চলছে, তখন ভারত অধিনায়ক ঠারেঠোরে বলে দিলেন যে, ইংল্যান্ডের বিরুদ্ধে পরীক্ষাটাই হল না! ওয়ান ডে সিরিজে ভারতকে ন্যূনতম ঝামেলাতেও ফেলতে পারেনি অ্যালিস্টার কুকের টিম।

    সংবাদ সংস্থা
    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    নেইমার বনাম জুনিগা ছাপিয়ে শুরু বিশ্ব বনাম ব্রাজিল

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    ক্লাবের কথা ভেবে দেশের জার্সিতে আপাতত নেই মেসি

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    মেজাজে বালোতেলি হয়ে বাগানে নতুন যন্ত্রণা বোয়া

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    নাটকীয় চড়াই-উতরাইয়ের কোর্টে সানিয়ার 'মর্দানি'



    দেশ

    বিতর্ক সঙ্গী করে রাজ্যপাল সদাশিবম

    সুপ্রিম কোর্টের প্রাক্তন প্রধান বিচারপতি পালানিস্বামী সদাশিবমকে কেরলের রাজ্যপাল পদে নিয়োগ করল নরেন্দ্র মোদী সরকার। পঁয়ষট্টি বছর বয়সি সদাশিবম এ বছরেরই এপ্রিলে অবসর নিয়েছিলেন।

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    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    রাজ্য

    শঙ্কুদের রাশ টানতে

    টিএমসিপি-তে উপদেষ্টা কমিটি

    অবশেষে মাথার উপরে একটি উপদেষ্টা কমিটি বসিয়ে শঙ্কুদেব পণ্ডা এবং তাঁর টিএমসিপিকে লাগাম পরানোর চেষ্টায় নামলেন তৃণমূল নেতৃত্ব। এর আগে শিক্ষামন্ত্রী একাধিক বার সতর্ক করে সংযত হতে বলেছেন।

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    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    জীবজগৎ ও পরিবেশ

    দু'শো বছরেও কি সাফ

    হবে গঙ্গা: সুপ্রিম কোর্ট

    যে ভাবে কাজ চলছে তাতে আগামী ২০০ বছরেও গঙ্গা সাফ হবে কি না, বুধবার সেই প্রশ্ন তুলল সুপ্রিম কোর্ট। লোকসভা ভোটের আগে নরেন্দ্র মোদীর অন্যতম প্রতিশ্রুতি ছিল, গঙ্গা দূষণ নিয়ন্ত্রণ।

    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    কলকাতা

    ভাঙা পথে বেপরোয়া বাস,

    সল্টলেকে বলি স্কুলশিক্ষিকা

    সল্টলেকে একের পর এক দুর্ঘটনার পরে প্রশাসন নানা প্রতিশ্রুতি দিচ্ছে। কিন্তু রাস্তা মেরামতি, ট্রাফিক পুলিশ মোতায়েন, গাড়িচালকদের কর্মশালাই সার। বিরাম নেই দুর্ঘটনা ও মৃত্যুর। বুধবার সকালেই ফের সল্টলেকে পথ দুর্ঘটনায় মৃত্যু হল বছর পঞ্চাশের এক স্কুলশিক্ষিকার।

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    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    কলকাতা

    কমিটি গড়লেই আগুন

    রোখা যায় না: সুব্রত

    শহরের অগ্নি-সুরক্ষায় কোনও কমিটির সুপারিশই যে ঠিকমতো কার্যকর হয়নি, তা প্রমাণিত। মঙ্গলবার চ্যাটার্জি ইন্টারন্যাশনালে অগ্নিকাণ্ডের পরে এ বার এই ভাবে কমিটি গড়ার যৌক্তিকতা নিয়েই প্রশ্ন তুলে দিলেন কলকাতার প্রাক্তন মেয়র তথা রাজ্যের বর্তমান মন্ত্রী সুব্রত মুখোপাধ্যায়।

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    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    রাজ্য

    ঝর্নার দাবি 'নাক গলাইনি',

    উল্টো বলছে আরামবাগ

    আরামবাগ এলাকায় মানুষের 'ব্যক্তিজীবনে'নাক গলানোই 'কাল'হয়েছিল সিপিএমের। লোকসভা নির্বাচনে ভরাডুবির পরে হারের কারণ বিশ্লেষণে বসে দলের আরামবাগ-গোঘাট এলাকার নেতাদের সামনে এমনই তথ্য উঠে এসেছিল।

    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    নদিয়া-মুর্শিদাবাদ

    গোল বাঁচাতেন, ছাত্র

    গড়তেন হুইলার সাহেব

    তিনিই ছিলেন কলেজ টিমের গোলকিপার। আবার ছাত্রদের কারও মাথায় যন্ত্রণা হলে মাথা টিপে দিতেন তিনি। আবার কোনও ক্লাসে অধ্যাপক না এলে তিনিই ক্লাস নিতেন। বহরমপুর কৃষ্ণনাথ কলেজের কিংবদন্তি অধ্যক্ষ রেভারেন্ড এডওয়ার্ড মন্টেগো হুইলার এমনই ব্যতিক্রমী শিক্ষক ছিলেন।

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    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    বিদেশ

    সাংবাদিক হত্যায় পাল্টা

    জবাব ওবামারও

    জেমস ফোলির পর স্টিভেন সটলফ। চোদ্দো দিনের ব্যবধানে ইন্টারনেটে ফের এক মার্কিন সাংবাদিকের মুণ্ডচ্ছেদের ভিডিও। যার শিরোনাম 'আমেরিকার কাছে দ্বিতীয় বার্তা।'আইএসের (ইসলামিক স্টেট) পোস্ট করা গত কালের ভিডিওটির সত্যতা আজই স্বীকার করেছে আমেরিকা।

    ০৪ সেপ্টেম্বর, ২০১৪
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    ধর্ষণ

    উইকিপিডিয়া, মুক্ত বিশ্বকোষ থেকে
    এটি একটি ধারাবাহিকেরঅংশ যার বিষয়
    প্রকারভেদ
    ধর্ষণ একপ্রকার যৌন অত্যাচার। সঙ্গী বা সঙ্গিনীর ইচ্ছার বিরুদ্ধে বা অনুমতি ব্যতিরেকে যৌনাঙ্গের মিলন ঘটিয়ে বা না ঘটিয়েযৌন সংগমেলিপ্ত হওয়াকে ধর্ষণ বলা হয়।
    ধর্ষণের সংবাদ প্রকাশ, বিচার ও অভিযুক্তের শাস্তিপ্রদানের হার বিভিন্ন বিচার ব্যবস্থায় বিভিন্ন প্রকার। মার্কিন যুক্তরাষ্ট্র বিচার পরিসংখ্যান ব্যুরো-র (১৯৯৯) হিসেব অনুসারে সেদেশের ধর্ষিতদের মধ্যে ৯১% মহিলা ও ৯% পুরুষ এবং ৯৯% ক্ষেত্রেই অপরাধী পুরুষ।[১]মহিলাদের একটি সমীক্ষা অনুযায়ী, যাঁরা তাঁদের উপর যৌন অত্যাচারের কথা স্বীকার করেন, তাঁদের মাত্র দুই শতাংশ বলেন যে তাঁরা কোনো অপরিচিত ব্যক্তির দ্বারা ধর্ষিত হয়েছেন।[২]পুরুষদের ক্ষেত্রে কারাগারে পুরুষ কর্তৃক পুরুষের ধর্ষণএকটি গুরুতর সমস্যা। একাধিক গবেষণা থাকে জানা যায়, পুরুষ-পুরুষ বন্দী ধর্ষণ ধর্ষণের সর্বাধিক পরিচিত একটি ধরন। অথচ এই ধর্ষণের সংবাদই সবচেয়ে কম প্রকাশ্যে আসে। কয়েকটি গবেষণা থেকে আরও জানা যায় যে এই ধরনের ধর্ষণের সংখ্যা সাধারণ জনসংখ্যায় পুরুষ-নারী ধর্ষণের মাথাপিছু ও আনুমানিক সংখ্যার চেয়েও বেশি।[৩][৪][৫]
    ধর্ষণ ও যৌন ক্রীতদাসত্ববহুপরিচিত ও বহু-অনুশীলিত অভ্যাস হলেও এটি মানবতার বিরুদ্ধে সংঘটিত অপরাধযুদ্ধাপরাধহিসেবেই গণ্য করা হয়। এছাড়াও ধর্ষণ গণহত্যাঅপরাধের একটি উপাদান; বিশেষত যখন কোনো জাতিগোষ্ঠীকে সম্পূর্ণত বা আংশিকভাবে ধ্বংস করার উদ্দেশ্যে গণহত্যা ঘটানো হয়ে থাকে।

    পাদটীকা[সম্পাদনা]

    আরও পড়ুন[সম্পাদনা]

    • Smith, Merril D. (2004)। Encyclopedia of rape। Westport, Conn: Greenwood Press। আইএসবিএন0-313-32687-8
    • King, Michael B.; Mezey, Gillian C. (2000)। Male victims of sexual assault। Oxford [Oxfordshire]: Oxford University Press।আইএসবিএন0-19-262932-8
    • Marnie E., PHD. Rice; Lalumiere, Martin L.; Vernon L., PHD. Quinsey (2005)। The Causes Of Rape: Understanding Individual Differences In Male Propensity For Sexual Aggression (The Law and Public Policy.)। American Psychological Association (APA)। আইএসবিএন1-59147-186-9
    • Palmer, Craig; Thornhill, Randy (2000)। A natural history of rape biological bases of sexual coercion। Cambridge, Mass: MIT Press। আইএসবিএন0-585-08200-6
    • Denov, Myriam S. (2004)। Perspectives on female sex offending: a culture of denial। Aldershot, Hants, England: Ashgate। আইএসবিএন0-7546-3565-1
    • Bergen, Raquel Kennedy (1996)। Wife rape: understanding the response of survivors and service providers। Thousand Oaks: Sage Publications। আইএসবিএন0-8039-7240-7
    • Groth, Nicholas A. (1979)। Men Who Rape: The Psychology of the Offender। New York, NY: Plenum Press। পৃ: 227।আইএসবিএন0-738-20624-5
    • Shapcott, David (1988)। 'The Face of the Rapist। Auckland, NZ: Penguin Books। পৃ: 234। আইএসবিএন0-14009-335-4
    • Lee, Ellis (1989)। Theories of Rape: Inquiries Into the Causes of Rape। Taylor & Francis। পৃ: 185। আইএসবিএন0-89116-172-4
    • McKibbin, W.F., Shackelford, T.K., Goetz, A.T., & Starratt, V.G. (2008). Why do men rape? An evolutionary psychological perspective. Review of General Psychology, 12, 86-97. Full text

    বহিঃসংযোগ[সম্পাদনা]


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    डिजिटल देश की नालेज इकोनामी में नवजागरण के अवसान के मध्य स्थाई शाखा बंदोबस्त और नाबालिग बलात्कार को वैधता


    पलाश विश्वास


    लोकतंत्र हमारे लिए बस मताधिकार है।


    चूंकि राजकाज में आम जनता की हिस्सेदारी और राजकाज पर जनता का नियंत्रण समता और न्याय के सिद्धांतों के मुताबिक जनप्रतिनिधित्व की मांग से हमारे लोकतंत्र को भारी खतरा हो जाता है।नकसलियों से निपटने के नये सलवा जुड़ुम मोसाद की जरुरत पड़ जाती है और राष्ट्रद्रोह के मामले में फसने से बेहतर खामोशी भली है।


    पर्यावरण और प्रकृति इस लोकतंत्र के निशाने पर हैं तो नागिरकता,नागरिक और मावाधिकार सिरे से गैरप्रासंगिक है और इसीलिए हम आंतरिक सुरक्षा के नाम पर विधर्मियों और दिगर नस्लों ,जातियों और समूहों के कत्लेआम से लोकतांत्रिक तौर तरीके सा गा गा ग्लाड थैंक यू मिस्टर ग्लाड हो जाते है।


    इसीलिए कश्मीर,पूर्वोत्तर,मध्यभारत,समूचे आदिवासी भूगोल और तमिलनाडु से हमारे देलोदिमाग के तार किसी भी स्तर पर नहीं जुड़ते।


    धर्मोन्मादी राष्ट्रवाद के आवह संगीत में किसी वध्य निर्दोष की चीखें हम तक नहीं पहुंचतीं।


    तेल कुओं में खाक होती मनुष्यता और गाजापट्टी में निरंकुश नरसंहार के जश्न के तहत हम गायपट्टी को गाजापट्टी में तब्दील करके लोकतंत्र का उत्सव मनाते हैं।


    त्योहारी माहौल में बाजार सजे हैं।


    नेट पर धमाल है तो टीवी पर ब्रांडेड धारावाहिक महिषमर्दिनी है।


    अनार्य जो तमाम असुर दैत्य दानव दस्यु किन्नर,राक्षस,प्रेत प्रजातियां है चिन्हित सहस्राब्दियों से ,उनके बध के पुरातन इतिहास को दोहराने का यह ग्लोबल समय है।सारे मिथक नये सिरे से गढ़े जा रहे हैं।जैस मोहंजोदोड़ो हड़प्पा का पौराणिक वैदिकी इतिहास।


    सारे वेद पुराण उपनिषद महाकाव्यस्मृतियां ब्राह्मण नये सिरे से गढ़े जा रहे हैं।


    क्षेपकों की बहार है।


    पश्चिमी साहित्य में वह मासलता है ही नहीं,जो संस्कृति साहित्य में हैं जहां स्त्री देह का चात्कारिक वैभव कालिदास है और देव देवियों, ऋषि मुनियों के उन्मुक्त संबंध हैंं।नीली संस्कृति की ग्लोबल दुनिया की नींव दरअसल वही है।


    रामराज्य में निशाने पर फिर वहीं स्त्रियां।


    ईश्वरचंद्र विद्यासागर और राजा राममोहन राय के नवजागरण से हिंदुत्व का म्लेच्छीकरण का शुद्धिकरण का समय है यह।


    दिल्ली में अदालती फैसला बाल विवाह को वैधता देने का नामांतर है।


    नाबालिग विवाहिता का पतिसंगे सहवास बलात्कार नहीं है,सिद्धातंतः गौरीदान की प्राचीन परंपराओं का पुनर्वास है तो रामराज्य में मनुस्मृति अनुशासन लागू करने की ऐतिहासिक पहल भी यह है।


    वैसे ही धर्मगुरुओं का विचार है कि इस्लाम की तरह मर्यादा पुरुषोत्तम राम का मंदिर बनवाते हुए कारसेवा के मध्य एक स्त्री एक पुरुष के जन्म जन्मातर के बंधन का परित्याग का समय है यह और हिंदु पुरुषों को भी बहुविवाह की इजाजत होनी चाहिए।

    बापुओं और स्वामियों के मुक्ताबाजारी समय का चरमोत्कर्ष है यह।


    बाल विवाह को वैधता की पहल, बहुविवाह की धर्मपीठ से वकालत और सती प्रथा के पक्ष में संपादकीय,हिंदुत्व पुनरुत्थान और हिंदू राष्ट्र के लिए नवजागरण के कफन पर कीले ठोंकने के लिए अब हर स्त्री को नगरवधू आम्रपाली बन जाने या फिर शाश्वत वैधव्य का अनुशासित संयमित उपवासी विकल्प अपनाने का विकल्प चुनने के लिए बाध्य करने के ग्लोबल पुरुषतांत्रिक उपक्रम की ही गुंजाइश बाकी है।


    नीतिगत विकलांगकता के अंत और लक्ष्यपूर्ति की सुनियोजित सर्जरी के मध्य अब भारत ही नहीं,आतंक के विरुद्ध अमेरिका के नये युद्ध के मध्य जापान सहयोगे इजराइल के बिना शर्त समर्थने अब नहीं बना अखंड हिंदू साम्राज्य तो फिर कभी नहीं।कभी नहीं।


    विवाह मार्फते नाबालिग से बलात्कार को वैधता देने वाले इस अदालती फैसले से यूरोप,अमेरिका,मध्यपूर्व से लेकर  बांग्लादेश पाकिस्तान के मीडिया में सुनामी आ जाने के बावजूद भारतीय मीडिया की पचनशील पाचन प्रक्रिया में किसी पत्थर का शोर भी नहीं है।कहीं कोई पत्ता भी नहीं खड़का है।


    पश्चिम बंगीय मीडिया में उल्लेख भी नहीं है नवजागरण के अंत का तो बांग्लादेश में बाकायदा जश्न का माहौल है क्योंकि स्त्री सशक्तीकरण के उस नवजागरण के असर को मिटाने के लिए ही रक्तपात उपक्रम है बांग्लादेशी कट्टरपंथियों का,क्योंकि भारत मुक्त बाजार है तो इस्लामी राष्ट्र बांग्लादेश में अब भी बौद्धमय भारत के अवशेष मौजूद है।


    और भारत के साथ बाल विवाह निषेध के ब्रिटिश कानून का 1929 का संस्करण बंग्लादेश में भी लागू है जो नाबालिग कन्याओं के साथ निरंकुश यौनाचार का निषेध करता है।


    विरोधाभास विचित्र किंतु सत्य है कि हिंदू राष्ट्र का यह सिद्धांत हिंदुत्व के घोषित दुश्मन इस्लामी जिहादियों को सबसे ज्यादा आह्लादित कर रहा है।लेकिन भारत में धर्मनिरपेक्षता और स्त्री की देहमुक्ति के मंचों से अभी किसी तूफान का कोई अंदेशा है नहीं।सबको केसरिया कारपोरेट राज का गाजर भाने लगा है और बगुला भगत चोले का शबाबी हुस्न बहकाने लगी है।


    गौरतलब है कि ईस्ट इंडिया कंपनी के भारत कारोबार के नियंत्रक जो राथचाइल्टस और राकफेलर परिवार रहे हैं,भारत में आर्थिक सुधारों के लिए अश्वमेध अभियान की कमान भी फिर उन्हीं हाथों में हैं।


    उन्हींके किराये के जो हाथ फोर्ट विलियम बनाकर ला्रड हेस्टिंग्स के सांढ़ को छुट्टा छोड़ रहे थे ,वे ही हाथ अफ्रीकी देशों की तरह अखंड भारत के गर्भ से अश्वेत प्रजातियों के स्त्री पुरुष गुलामों को अमेरिका और लातिन अमेरिका भेज रहे थे ।


    और उन्हीं गुलामों के उत्तराधिकारी उत्तर आधुनिक अनिवासी भारतवंशी हैं।जिनके पुरखों को जानवरों की तरह बाड़ों में बंद रखा जाता था और सस्ते या मुप्त और बंधुआ श्रमिकों के लिए उनके पुरखे माताओं पिताओं से ब्रीडिंग करायी जाती थी।


    ऐसी ब्रीडिंग नस्ल के ही हैं मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बाराक हुसैन ओबामा।भारत में भी सनातल जगत सेठों के वंशधरों के ही हवाले है राजकाज केसरिया कारपोरेट।


    इसी संदर्भ ओ प्रसंगे सविनय निवेदन है कि संजोग से जापानी पूंजी को न्योता देने गये भारत के मुख्य स्वयंसेवक ने जापानी उद्योग को भारत में उपलब्ध सस्ते श्रम और कायदे कानून में पूंजी हित में जरूरी संशोधन का वादा किया है।


    राष्ट्रव्यापी संबोधन में फिर उन्होंने पचास करोड़ के करीब युवाओं के समक्ष जापानी फासीवाद और नाजी परंपराओं का लगातार महिमामंडन किया है।


    मामला बस इतना ही नहीं है।


    प्रधान स्वयंसेवक के राजकाज में प्रकृति पर्यावरण नागरिक मानवाधिकार की आवाज उठा रहे गैरसरकारी गैरसंघी स्वयंसेवी संगठनों , उन एनजीओ समूहों को नाथने का स्थाई बंदोबस्त भी कर लिया है जिनकी वजह से लाखों करोड़ की विदेशी पूंजी लंबित परियोजनाओं में फंसी हुई है।


    उन लाखों करोड़ की बहुराष्ट्रीय लंबित परियोजनाओं का वृद्धि दर में बाधक और वित्तीयघाटा का अहम कारक बताया जा रहै है,जिन्हें हरी झंडी देने का कार्यभार किसी और को नहीं,माननीय कारपोरेट एकमुश्त रक्षा वित्त मंत्री अरुण जेटली को भी नहीं,बल्कि नागपुर मुख्यालय के ध्वजावाहक प्रकाश जावड़ेकर को सौंपा गया है।

    उन्हीं एनजीओ समुदाय को विदेशी फंडिंग से वंचित करने की राजनयिक तत्परता के साथ साथ सीधे पीएमओ मंत्रालय के माध्यम से प्रोजेक्ट मार्फत ग्राउंड वर्क के लिए फंडिंग बजरिये समांतर केशरिया नेटवर्क बनाना शुरु कर दिया है।इ


    इस पर हमने पहले भी विस्तार से लिखा है।


    जो लोग मानवसंसाधन विकास हेतु शिक्षामंत्री की योग्यता की खिल्ली उड़ाने में वक्त जाया कर रहे हैं,उनसे निवेदन है कि उनकी नागपुर संबद्ध निर्णायक भूमिका को आंकिये कम नहीं।सीरियल की बहू यूं ही देश की शिक्षा मंत्री बनी नहीं हैं।वे कोई व्यक्ति नहीं,संस्था है।जिसका संचालन भी संस्थागत है।इस समझिये।


    प्रधान स्वयंसेवक ने जो मेधा वर्ग से शैक्षिक संस्थानों में पीरियड निःशुल्क लेकर स्वयंसेवी शिक्षकों का नया वर्ग खड़ा करने का उपक्रम शुरु कर दिया है,उसके गुणात्मक परिणाम पर भी फुरसत में  सोचिये।यह भी संघी संस्थागत उपक्रम है।


    डिजिटल देश की नालेज इकोनामी में संघप्रतिबद्ध स्वयंसेवक इन नवशिक्षकों के माध्यमे मैकाले की शिक्षा व्यवस्था के अंत हेतु हिंदुत्व की दीक्षा और तदुपरांत दीक्षांत का स्थाई बंदबस्त है यह अति संस्थागत।


    हर शैक्षिक संस्थान में नियमित शाखा लगाने का स्थाई बंदोबस्त है यह दरअसल।


    मतलब यह कि तकनीक समृद्ध डिजिटल बायोमैट्रिक नई पीढ़ी नीली उपभोग संस्कृति के तहत मुक्त बाजार के धारक वाहक तो होंगे ही,उसके साथ ही वे हिंदू राष्ट्र के सिपाहसालार बनाये भी जायेंगे,ऐसा स्थाई संस्थागत बंदोबस्त हो गया।


    कांग्रेस के तदर्थ प्रबंधन के मुकाबले ये संस्थागत परिवर्तन दीर्घ स्थाई होने को हैं।इसीलिए पहले चरण का मुलम्मा उतरने का साथ ही मनमोहन की विदाई और द्वितीय चरण के सुधारों का कार्यभर यह संघसमय।


    नवजागरण के अवसान के मध्य स्थाई शाखा बंदोबस्त के इस आयोजन का असर क्या होना है,इसे अब आप समझते रहिये।


    दास प्रथा के तहत ब्रीडिंग की पद्धति तो बहुचर्चित सेवाक्षेत्र में लागू कर ही दी गया है, जहां लगातार 72 घंटे से भी अधिक काम के लिए बंधुआ मजदूरों की दैहिक आवश्यकताओं का ख्याल रखते हुए रैव पार्टी,डेटिंग से लेकर फ्रीसेक्स तक के लिए भुगतान का बहुराष्ट्रीय इंतजाम है,जो दरअसल सनातन हिदुंत्व अधर्म का उत्तर आधुनिक मनुस्मृति मूल्यबोध है।


    वैदिकी साहित्य में पन्ना दर पन्ना ऐसे अभिज्ञान शंकुतलम  उदाहरण प्रचुर हैं। नियोग अपरंपार है और अप्सराओं का मुकम्मल सौंदर्यशास्त्र है जो इस धरा पर देवदासी प्रथा है।


    पीएफ पेंशन को बाजार में झोंके जाने पर जो सन्नाटा है,उसके मद्देनजर संघपरिवार के संस्थागत राजकाज के स्थाई भाव के उपभोक्ता बाजार में कौन सी सोने की छड़ी से लोगों की नींद में अततः खलल डाल सकते हैं हम,बस अब उसकी ही खोज करनी होगी।


    अभिषेक श्रीवास्तव का यह क्षेपक भी विचारणीय हैः


    रहे होंगे कभी प्रेरणा के स्रोत ये शिक्षक, लेकिन हम लोगों की पीढ़ी इतने बरबाद दौर में पैदा हुई जब ऐसे शिक्षक बनने बंद हो गए थे। मेरे तमाम शिक्षक एक से एक कलाकार किस्‍म के थे। एक हिंदी के थे जो बात-बेबात अगले जनम में मूस बन जाने का शाप देते फिरते थे। एक अंग्रेज़ी के थे, ईसाई थे, लेकिन पान दबाकर बनारसी में वर्ड्सवर्थ पढ़ाते थे। एक साइंस के थे जो डस्‍टर से सिर पर मारते थे। एक अनुशासन गुरु थे जो लंबे से डंडे के आगे ब्‍लेड लगाकर घूमते थे और उसे मैजिक स्टिक कहते थे। एक सब्‍सटिट्यूशन गुरु थे, टीचर के अनुपस्थित रहने पर क्‍लास में आते थे। उनका नाम रखा गया था कैंसर। एक पीटी वाला था जिसे मो. शाहिद दुनिया के सबसे बड़े खिलाड़ी लगते थे। एक फिजि़क्‍स पढ़ाता था- सवाल नहीं हल कर पाता तो बोलता था कि सवाल ही गलत है। सब के सब मौलिक किस्‍म के हरामी।


    एक गणित के थे, मेरे सबसे स्‍पेशल, जिन्‍हें हम लोग पीठ पीछे भेडि़या कहते थे क्‍योंकि क्‍लास में उनका आना रोज़ नई ख़बर होता था। बीएचयू में डॉक्‍टरेट करते वक्‍त किसी ने उनकी थीसिस चुरा ली थी जिससे वे पीएचडी होते-होते रह गए थे। उसी का गुस्‍सा आजीवन बच्‍चों पर निकालते रहे। झउवा भर पान बंधवा कर विक्‍की से स्‍कूल आते थे और हम लोगों से क्‍लास के बीच में पान मंगवाते थे। एकाध बार उनकी विक्‍की को पंचर भी किया गया कि वे सुधरें, पासा उलटा पड़ गया। भरी असेंबली हम लोग बेज्‍जत हो गए। एक बार वे क्‍लास में राजनीति बतिया रहे थे। राष्‍ट्रवाद के बनारसी माहौल के बीच भाजपा को गाली दे रहे थे। मैंने नादानी में पूछ दिया कि सर आप कम्‍युनिस्‍ट हैं क्‍या। तब से ऐसे बिगड़े कि इंटर पास करने तक 100 में 45 से ऊपर कभी नंबर दिए ही नहीं।


    युनिवर्सिटी में ज्‍यादा बड़े कलाकार मिले। बीस साल पुराने पीले नोट्स से पढ़ाने वाले प्रोफेसर। सब ठरकी। बुरा लगे तो माफ़ कीजिएगा लेकिन आज अगर हमारी पीढ़ी को पिछली पीढ़ी किन्‍हीं कारणों से गाली देती है तो उसके जिम्‍मेदार वे तमाम शिक्षक हैं जिनके हाथ इस देश की तीन पीढि़यों के मासूम खून से रंगे हुए हैं।


    अब दैनिक जागरण की यह रपट देखेंः

    15 साल की पत्नी से शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं: हाईकोर्ट



    15 साल की पत्नी से शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं: हाईकोर्ट

    नई दिल्ली, [पवन कुमार]। प्यार अंधा होता है। नाबालिग से शारीरिक संबंध बनाना दुष्कर्म माना जाता है, लेकिन कोई नाबालिग किसी से विवाह कर लेती है और वह विवाह बंधन को बनाए रखना चाहती है तो ऐसी लड़की से उसके पति द्वारा बनाए गए शारीरिक संबंधों को दुष्कर्म की संज्ञा नहीं दी जा सकती।

    यह टिप्पणी करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग व न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की खंडपीठ ने 15 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म के मामले में बुधवार को अहम फैसला सुनाया। खंडपीठ ने आरोपी को राहत प्रदान करते हुए निचली अदालत से बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ दायर दिल्ली पुलिस की याचिका खारिज कर दी।

    खंडपीठ ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुमित वर्मा द्वारा दी गई उस दलील को भी सही ठहराया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय दंड संहिता की धारा 375 के अनुभाग 2 के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि 15 साल से अधिक उम्र की पत्नी से शारीरिक संबंध बनाना दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता। जिस समय यह घटना हुई थी उस समय लड़की की उम्र 15 साल चार महीने थी। ऐसे में आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। मामले के मुताबिक, एक महिला ने वसंत कुंज थाने में पांच मार्च, 2013 को नाबालिग बेटी के अपहरण का मामला दर्ज कराया था। उसका कहना था कि उसकी बेटी घर से 26 फरवरी को सामान लेने के लिए बाजार गई थी, लेकिन लौटी नहीं।

    पुलिस ने छह मार्च को लड़की को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बरामद कर आरोपी सुमन दास को गिरफ्तार किया था। नाबालिग ने पुलिस के समक्ष बताया था कि वह दास के साथ कोलकाता के चंडीपुर क्षेत्र में गई थी। वहां दोनों ने शादी कर ली। उन्होंने सहमति से शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस ने दास पर दुष्कर्म का मामला भी दर्ज किया था।



    15 साल की पत्नी की मर्जी से संबंध दुष्कर्म नहीं

    Rajasthan Patrika - ‎Sep 3, 2014‎

    "नाबालिग से संबंध बनाना कानून जुर्म है लेकिन अगर कोई नाबालिग किसी से शादी कर ले और पत्नी की रजामंदी से संब ंध बनाए तो वो दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं आता।" दिल्ली हाइकोर्ट के जस्टिस प्रदीप नंदराजोग और जस्टिस मुक्ता गुप्ता की बेंच ने ये अहम फैसलासुनाया। कोर्ट ने 15 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म के मामले में बुधवार को ये फैसला सुनाया। बेंच ने दिल्ली पुलिस की याचिका को खारिज कर दिया। दिल्ली पुलिस ने आरोपी को निचली अदालत से बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी। जानकारी के अनुसार एक महिला ने बसंत कुंज थाने में 5 मार्च 2013 को नाबालिग ...

    नाबालिगपत्नी से पति का शारीरिक संबंध रेप नहीं : हाई कोर्ट

    Sahara Samay - ‎Sep 3, 2014‎

    लेकिन कोई नाबालिग किसी से विवाह कर लेती है और वह विवाह बंधन को बनाए रखना चाहती है तो ऐसी लड़की से उसके पति के बनाए गए शारीरिक संबंधों को दुष्कर्म की संज्ञा नहीं दी जा सकती है. यह टिप्पणी करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग व न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की खंडपीठ ने 15 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म के मामले में बुधवार को अहम फैसला सुनाया. दिल्ली पुलिस की याचिका खारिज. खंडपीठ ने आरोपी को राहत प्रदान करते हुए निचली अदालत से बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ दायर दिल्ली पुलिस की याचिका खारिज कर दी. खंडपीठ ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुमित वर्मा द्वारा ...

    15 साल की पत्नी से विवाह के बाद शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं: हाईकोर्ट

    Oneindia Hindi - ‎Sep 3, 2014‎

    न्यायालय ने शारीरिक संबंध के पहलू पर एक नए फैसले को अंजाम तक पहुंचाया है। आम तौर पर नाबालिग से शारीरिक संबंध बनाना दुष्कर्म माना जाता है पर यदि कोई नाबालिग किसी से विवाह कर लेती है और वह विवाह बंधन को बनाए रखना चाहती है तो इसे दुष्कर्म की संज्ञा नहीं दी जा सकती। बालिका वधु से शारीरिक सम्बंध को मत कहना 'रेप'. सम्बंध‍ित मामले में यह टिप्पणी करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग व न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की खंडपीठ ने 15 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म के मामले में एतिहासिकफैसला सुनाया। इस मसले पर खंडपीठ ने आरोपी को राहत प्रदान करते हुए निचली अदालत ...

    नाबालिगा मानती है शादी तो नहीं बनता रेप का केस

    पंजाब केसरी - ‎Sep 3, 2014‎

    नई दिल्ली(मनीषा खत्री): अगर कोई नाबालिगा अपने प्रेमी के साथ भागकर शादी कर लेती है और वह उस शादी को निभाना चाहती है तो ऐसे में उससे संबंध बनाने वाले उसके प्रेमी पति पर दुष्कर्म का मामला नहीं बनता है। न ही इन संबंधों को दुष्कर्म की संज्ञा दी जानी चाहिए। यह टिप्पणी करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के उस फैसले को सही ठहराया है, जिसमें एक नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपी को बरी कर दिया गया था। न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग व न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की खंडपीठ ने इस मामले में पुलिस की तरफ से दायर अपील को खारिज कर दिया है। खंडपीठ ने अपने इस अहम फैसले में ...

    15 साल की पत्नी से शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं: HC

    Worldnow - ‎Sep 3, 2014‎

    दिल्ली हाइकोर्ट ने शारीरिक संबंध के पहलू पर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आम तौर पर नाबालिग से शारीरिक संबंध बनाना दुष्कर्म माना जाता है पर नाबालिग पत्नी की रजामंदी से बनाए गए शारीरिक संबंध दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं आते है। दिल्ली हाइकोर्ट के जस्टिस प्रदीप नंदराजोग और जस्टिस मुक्ता गुप्ता की बेंच ने ये अहम फैसला सुनाया कि, "नाबालिग से संबंध बनाना कानून जुर्म है लेकिन अगर कोई नाबालिग किसी से शादी कर ले और पत्नी की रजामंदी से संब ंध बनाए तो वो दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं आता।"यह टिप्पणी दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग व न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की खंडपीठ ने 15 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म के मामले में की है। कोर्ट ने 15 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म के मामले में बुधवार को ये फैसला सुनाया। बेंच ने दिल्ली पुलिस की याचिका को खारिज कर दिया। दिल्ली पुलिस ने आरोपी को निचली अदालत से बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी। खंडपीठ ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुमित वर्मा द्वारा दी गई उस दलील को भी सही ठहराया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय दंड संहिता की धारा 375 के अनुभाग 2 के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि 15 साल से अधिक उम्र की पत्नी से शारीरिक संबंध बनाना दुष्कर्म नहीं माना जा सकता।


    1. नाबालिगसे रेप करने के मामले में उम्रकैद

    2. नवभारत टाइम्स-04-09-2014

    3. नाबालिग के साथ रेप मामले में आरोपी की उम्रकैद की सजा को हाई कोर्ट ने बरकरार रखा है। अदालत ने कहा कि आरोपी ने शिकारी की तरह काम किया और बलात्कार की घटना को अंजाम दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता अनवार उल हक की अर्जी खारिज ...

    4. नाबालिगछात्रा का अपहर्ता दिल्ली में गिरफ्तार

    5. दैनिक जागरण-14 घंटे पहले

    6. शामली : नगर से नाबालिग छात्रा का अपहरण करने का आरोपी बदमाश दिल्ली में पिस्टल समेत गिरफ्तार हो गया। उसके कब्जे से अपहृत छात्रा बरामद हुई है। शामली पुलिस छात्रा को लेकर लौट आई और उसे मेडिकल टेस्ट के लिए भेज दिया है। आरोपी ...

    7. अपहरण व बलात्कार का आरोपी गिरफ्तार

    8. Nai Dunia-13 घंटे पहले

    9. विस्तृत रूप से एक्सप्लोर करें (2 और लेख)

    10. Rajasthan Patrika

    11. ''बादल के आने से भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ेगा''

    12. पंजाब केसरी-4 घंटे पहले

    13. हिसार: हरियाणा के हिसार जिले में एक नाबालिग लड़की को चाकू दिखाकर रेप करने का मामला सामना आया है। जानकारी के अनुसार अदालत में चले अभियोग के अनुसार 6 सितंबर 2013 को एक नाबालिग लड़की के साथ रेप करने तथा अन्य धाराओं के तहत ...

    14. नाबालिग से रेप के अभियुक्त को 7 साल कैद

    15. Rajasthan Patrika-20 घंटे पहले

    16. विस्तृत रूप से एक्सप्लोर करें (2 और लेख)

    17. नाबालिगको बंधक बनाकर दुष्कर्म

    18. दैनिक जागरण-13 घंटे पहले

    19. जागरण संवाददाता, रोहतक : चार माह पहले संदिग्ध हालात में गुम हुई एक नाबालिग लड़की वापस लौट आई है। उसने महिला समेत पांच लोगों पर बंधक बनाकर रखने व एक युवक पर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस आरोपी युवक को हिरासत में ...

    20. भाई से झगड़ा, नाबालिगलड़की ने निगला जहर

    21. दैनिक जागरण-6 घंटे पहले

    22. काला बकरा से सटे गांव जल्लोवाल में शुक्रवार को एक नाबालिग लड़की ने भाई के साथ हुए झगड़े के बाद जहरीला पदार्थ निगल लिया। फिलहाल जालंधर सिविल अस्पताल में दाखिल इस लड़की की पहचान 16 वर्षीय अमन पुत्री सुरिंदर सिंह निवासी ...

    23. ढाई माह से गायब नाबालिगबरामद, आरोपी भी गिरफ्तार

    24. Nai Dunia-14 घंटे पहले

    25. शाजापुर। सुंदरसी थाना क्षेत्र से ढ़ाई माह पहले अपहृत नाबालिग इंदौर के मालवीय से बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी युवक को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों कई दिनों से किराए के मकान में रह रहे थे। मामले में पुलिस मे आरोपी युवक ...

    26. बिहार में चार नाबालिगलड़कियों की डूबने से मौत

    27. नवभारत टाइम्स-18 घंटे पहले

    28. बिहार के पटना जिले के एक गांव में आज पोखर में डूबकर चार लड़कियों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि जयनन्दनपुर गांव में चार लड़कियों- आरती (13साल), रिंकी (12साल), नीतू (12 साल) और सिंटी(10साल) की मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ, जब वे ...

    29. बिहार में चार नाबालिग लडकियों की डूबने से मौत

    30. प्रभात खबर-21 घंटे पहले

    31. विस्तृत रूप से एक्सप्लोर करें (11 और लेख)

    32. नाबालिगके धर्मातरण मामले में दो गिरफ्तार

    33. दैनिक जागरण-17 घंटे पहलेसाझा करें

    34. संस, हजारीबाग : पेलावल ओपी के रोमी गांव में नाबालिग का धर्मातरण और अपरहण मामले में पुलिस ने रांची के मांडर थाने से दो लोगों को गिरफ्तार कर हजारीबाग लाया है। गिरफ्तार व्यक्तियों में एक महिला व एक पुरुष हैं। गिरफ्तारी को ...


    1. भिंड में नाबालिगसमेत दो युवतियों की अस्मत लुटी

    2. Rajasthan Patrika-04-09-2014

    3. मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में अलग-अलग इलाकों में एक नाबालिग सहित दो युवतियों के साथ बलात्कार की घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के ...

    4. नाबालिगसे रेप का आरोपी गिरफ्तार

    5. नवभारत टाइम्स-02-09-2014

    6. वरिष्ठ संवाददाता, गुड़गांव : नाबालिग से रेप करने के आरोप में पुलिस ने मंगलवार शाम एक युवक को गांव चकरपुर एरिया से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ सोमवार शाम पीड़िता की शिकायत पर रेप व पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया ...

    7. सहारनपुर: पड़ोसी युवक पर नाबालिग के साथ रेप का आरोप

    8. दैनिक भास्कर-03-09-2014

    9. विस्तृत रूप से एक्सप्लोर करें (3 और लेख)

    10. दरिंदों के निशाने पर नाबालिग

    11. Rajasthan Patrika-02-09-2014

    12. उसने नाबालिग पीडिता को पकड़ा और नदजीक के खंडहर में दुष्कर्म किया। किसी को जानकारी देने पर सार्वजनिक तौर पर निर्वस्त्र करने फिर जान से मारने की धमकी भी दी। लगभग पखवाड़ेभर पहलेनाबालिग पीडिता ने बातचीत में सहेली को घटना ...

    13. नाबालिगअपराधी को स्कूल में झाड़ू लगाने का आदेश

    14. दैनिक जागरण-04-09-2014

    15. जागरण संवाददाता, शेखपुरा : एक अनूठे निर्णय में कोर्ट ने नाबालिग छात्र को दो महीने तक अपने स्कूल में झाड़ू लगाने तथा स्कूल में बागवानी का काम करने की सजा दी है। यह निर्णय गुरुवार को शेखपुरा किशोर न्यायालय ने सुनाया। इसकी ...

    16. असम: पेड़ से लटके मिले 2 नाबालिगलड़कियों के शव

    17. p7news-4 घंटे पहले

    18. बदायूं में दो बहनों की पेड़ पर टंगी लाश ने पूरे देश को झकझोरा था। लेकिन आबरू को फांसी चढ़ाने वाले दरिंदे बाकी जगहों पर भी हैं। असम के करीमगंज में भी इस तरह की वारदात सामने आई है। असम के निलामबाज़ार इलाके में दो स्कूली ...

    19. Shiv Sena leader arrested for rape after class 9 student delivers a ...

    20. Patrika-1 घंटे पहले

    21. नाबालिग छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म, शिवसेना नेता दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार. Shiv Sena ... एक नाबालिग लड़की से सात महीने तक दुष्कर्म करने के आरोप में शिवसेना नेता वासुदेव नांबियार को गिरफ्तार किया गया है। मामले को ...

    22. नाबालिगको मुक्त कराया

    23. नवभारत टाइम्स-30-08-2014

    24. शादी का झांसा देकर एक नाबालिग से घरेलू काम करवाने वाले युवक को वेस्ट बंगाल व गुड़गांव पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार सुबह सेक्टर 47 एरिया से अरेस्ट कर लिया। नाबालिग को मुक्त करवाकर पुलिस टीम अपने साथ वेस्ट बंगाल लेकर गई।

    25. नाबालिगको भी जेल भेज रही पुलिस

    26. दैनिक जागरण-03-09-2014साझा करें

    27. नाबालिग और व्यस्क अपराधियों को जिले की पुलिस एक ही साथ रख रही है। व्यस्क के साथ-साथनाबालिग भी जेल भेजे जा रहे हैं, जबकि नाबालिग के लिए सरकार की ओर से अलग बच्चा जेल (किशोर सुधार गृह) हैं। पुलिस के इस रवैये पर नाबालिग के ...

    28. Rajasthan Patrika

    29. नाबालिगलड़की से शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं: HC

    30. पंजाब केसरी-03-09-2014

    31. नई दिल्ली: दिल्ली हाइकोर्ट ने शारीरिक संबंध पर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।नाबालिग पत्नी की रजामंदी से बनाए गए शारीरिक संबंध दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं आते है। यह टिप्पणी दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति प्रदीप ...

    32. 15 वर्ष से अधिक उम्र की पत्नी से शारीरिक संबंध ...

    33. दैनिक जागरण-03-09-2014

    34. 15 साल की पत्नी की मर्जी से संबंध दुष्कर्म नहीं

    35. Rajasthan Patrika-03-09-2014

    36. 15 साल की पत्नी से शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं: HC

    37. Worldnow-03-09-2014

    38. 15 साल की पत्नी से विवाह के बाद शारीरिक संबंध ...

    39. Oneindia Hindi-03-09-2014

    40. विस्तृत रूप से एक्सप्लोर करें (13 और लेख)

    41. दिल्ली गैंगरेप: नाबालिगआरोपी घंटों अपने कमरे ...

    42. पंजाब केसरी-03-09-2014

    43. नई दिल्ली: गत वर्ष दिल्ली में चलती बस में एक छात्रा से 6 लड़को ने गैंगरेप किया था, जिनमें से एकनाबालिग था। इस गैंगरेप के बाद जहां पूरे देश में लोगों का गुस्सा भड़क उठा था, वही भारत में महिलाओं की सुरक्षा भी एक अहम मुद्दा बन ...

    44. दो महिलाओं ने नाबालिगका अपहरण कर बेचा

    45. khaskhabar.comहिन्दी-18 घंटे पहले

    46. अलीगढ़। शहर के शाहजमाल तेलीप़ाडा क्षेत्र से अपह्वत की गई बच्ची को सात हजार रूपये में खरीदने वाला बिहार का युवक है। देहलीगेट पुलिस के सामने यह खुलासा बच्ची का अपहरण कर उसे बेचने की बात स्वीकारने वाली दो महिलाओं ने किया है।

    47. नाबालिगपत्नी से पति का शारीरिक संबंध रेप नहीं ...

    48. Sahara Samay-03-09-2014

    49. नाबालिग से शारीरिक संबंध बनाना दुष्कर्म माना जाता है. लेकिन कोई नाबालिगकिसी से विवाह कर लेती है और वह विवाह बंधन को बनाए रखना चाहती है तो ऐसी लड़की से उसके पति के बनाए गए शारीरिक संबंधों को दुष्कर्म की संज्ञा नहीं दी ...

    50. नाबालिगलड़की के साथ रेप

    51. ABP News-04-09-2014

    52. बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में 22 साल के युवक ने एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर रेप किया. छपरौली थाना प्रभारी राजेश कुमार वर्मा ने आज बताया कि 16 साल की किशोरी कल शाम अपने घर पर अकेली थी. उसी समय युवक आया और उसे ...

    53. 22 साल के युवक ने किया नाबालिग से दुराचार

    54. पंजाब केसरी-04-09-2014

    55. विस्तृत रूप से एक्सप्लोर करें (4 और लेख)

    56. यूपी के मुजफ्फरनगर में गैगरेप के बदले गैंगरेप ...

    57. Zee News हिन्दी-02-09-2014

    58. मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के मिर्जा टीला गांव में एक 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ पांच लोगों ने कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया। पुलिस ने आज बताया कि यह मामला 25 अगस्त को हुई एक बलात्कार के घटना की ...

    59. मुंबई में नाबालिगलड़की से रेप करने के आरोप में एक ...

    60. ABP News-02-09-2014

    61. मुंबई: उपनगरीय कांदिवली में फुटपाथ पर रहने वाली पांच वर्ष की एक नाबालिगबच्ची के साथ रेप करने के आरोप में एक 25 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने बताया कि यह घटना 21 अगस्त की सुबह हुई जब लड़की अपनी मां और परिवार के ...

    62. मासूम बच्ची से उसके नाबालिगदोस्त ने किया रेप

    63. Rajasthan Patrika-03-09-2014

    64. पिछले सात दिनों में ऎसी कई घटनाएं प्रकाश में आ चुकी हैं जिनमें नाबालिगआरोपियों ने रेप को अंजाम दिया है। एक ऎसा ही चौंका देने वाला मामला गाजियाबाद मसूरी थाना क्षेत्र में सामने आया है। मसूरी क्षेत्र में रहने वाली चौथी ...

    65. नाबालिगजोड़ा फरार, हिन्दू संगठनों ने दी आंदोलन ...

    66. Nai Dunia-02-09-2014

    67. सतना। शहर के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत बांसनाका इलाके से एक अंतर्जातीयनाबालिग जोड़ा बीती रात फरार हो गया। इसके बाद हिंदु संगठनों ने प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की। मंगलवार सुबह विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल के ...

    68. पंचायत ने नाबालिगको थूक चाटने पर मजबूर किया, फिर ...

    69. Oneindia Hindi-03-09-2014

    70. जलपाईगुड़ी। एक युवती को इतनी यातनाएं दी कि उसकी कहानी सुनकर आफकी रूह भी कांपने लगेगी। पश्चिम बंगाल में किशोरी के पिता की ओऱ से खेती मेें किराए पर लिया गया टिलर मशीन का किराया नहीं चुका पाने को लेकर पंचायत ने पिता को ...

    71. नाबालिगको लेकर फरार

    72. नवभारत टाइम्स-30-08-2014

    73. वस, गुड़गांव : थाना शहर पुलिस ने एक युवक पर नाबालिग को शादी का झांसा देकर बहला फुसला कर ले जाने का केस दर्ज किया है। इस बारे में युवती के पिता ने पुलिस को शिकायत दी है। यह केस थाना शहर पुलिस ने दर्ज किया है। मामले की जांच कर ...

    74. दिल्ली गैंग रेप का सबसे खूंखार नाबालिगरेपिस्ट ...

    75. Oneindia Hindi-03-09-2014

    76. नयी दिल्ली। दिल्ली में 20 महीने पहले हुई गैंगरेप का दर्द अभी भी लोगों के जहन में बनी हुई है। दिल्ली की सड़कों पर चलती बस में पैरामेडिकल स्टूडेंट के साथ 6 दरिंदों ने जो हैवानियत दिखाई उसने पूरे देश को झगझोर दिया। इस गैंग रेप से ...

    77. भिलाई के बोरसी में नाबालिगसे गैंग रेप, दो आरोपी ...

    78. Nai Dunia-04-09-2014

    79. भिलाई। बोरसी भाटा और टगड़ा नहर के बीच सोमवार को एक नाबालिग अनाचार की शिकार हो गई। इस मामले में भिलाई नगर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेज दिया। घटना सोमवार दोपहर की है। लेकिन पुलिस ने बुधवार को ...

    80. Oneindia Hindi

    81. गाजियाबाद में चौथी कक्षा की बच्ची के साथ ...

    82. एनडीटीवी खबर-03-09-2014

    83. गाजियाबाद में चौथी कक्षा की बच्ची के साथ नाबालिग सहपाठी ने किया कथित रेप ... टैग्स:गाजियाबाद में रेप, नाबालिग से रेप, स्कूली छात्रा से दुष्कर्म, Ghaziabad rape, minor raped, School girl raped ... दिल्ली में कार में नाबालिग से गैंगरेप.

    84. 14 वर्षीय नाबालिग सहपाठी ने आठ साल की बच्ची से ...

    85. Palpalindia-02-09-2014

    86. विस्तृत रूप से एक्सप्लोर करें (13 और लेख)

    87. नाबालिगछात्रा को अगवा कर गैंगरेप

    88. देशबन्धु-03-09-2014

    89. अम्बिकापुर ! रिश्ते की बहन के घर से नावागढ खैरबार जा रही किशोरी को मोटर सायकल सवार दो युवकों द्वारा अगवा कर पर्राडांड स्थित एक निर्माणाधीन मकान में ले जाकर उसके साथ सामूहिक रूप से दुष्कर्म करने का मामला ्रउस वक्त प्रकाश ...

    90. बोरसी में नाबालिगसे गैंग रेप

    91. Nai Dunia-03-09-2014

    92. भिलाई। बोरसी भाटा और टगड़ा नहर के बीच सोमवार को एक नाबालिग अनाचार की शिकार हो गई। इस मामले में भिलाई नगर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेज दिया। घटना सोमवार दोपहर की है। लेकिन पुलिस ने बुधवार को ...

    93. शो के दौरान सिनेमाघर में नाबालिगसे रेप

    94. अमर उजाला-01-09-2014

    95. फ‌िल्म शो के दौरान क‌िया रेप. देश में बलात्कार की अपने किस्म की शायद पहली घटना सोमवार को पश्चिम बंगाल में घटी। यहां एक सिनेमाहाल में शो चलने के दौरान ही एक नाबालिग युवती के साथ बलात्कार हुआ। पुलिस ने सिनेमाहाल को सील कर ...

    96. मानसिक तौर पर बीमार नाबालिगसे रेप

    97. नवभारत टाइम्स-01-09-2014

    98. ईस्ट दिल्ली पुलिस ने रेप के आरोप में एक ऑटो ड्राइवर को अरेस्ट किया है। ड्राइवर ने 15 साल की एकनाबालिग के साथ रेप किया है, जिसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है। फिलहाल वह पुलिस को बयान नहीं दे पा रही है। गाजीपुर फ्लाईओवर के पास ...

    99. नाबालिगका रेप और हत्या करने वाले बेटे को बाप ने ...

    100. नवभारत टाइम्स-30-08-2014

    101. 8 साल की बच्ची का रेप करने के बाद उसकी हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी में अहम भूमिका किसी और ने नहीं, बल्कि खुद आरोपी के पिता ने निभाई है। मामला यूपी के सहारनपुर के एक गांव का है।

    102. नाबालिगबालिका भगाई

    103. दैनिक जागरण-03-09-2014साझा करें

    104. सिद्धार्थनगर : स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम पतिला में एक नाबालिग बालिका को बहला फुसला कर भगा ले जाने का मामला प्रकाश में आया है। बालिका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस को दिए ...

    105. नाबालिग का अपहरण, नौ साल की मिली सजा

    106. Nai Dunia-03-09-2014

    107. विस्तृत रूप से एक्सप्लोर करें (3 और लेख)

    108. नाबालिगसे छह दिन तक दुष्कर्म करने के पांच आरोपी ...

    109. दैनिक जागरण-04-09-2014

    110. 27 अगस्त को शहर के बस स्टैंड इलाके से नाबालिग लड़की का अपहरण करने के बाद होटल में ले जाकर छह दिन तक सामूहिक दुष्कर्म करने के आरोपियों के खिलाफ थाना माडल टाउन पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पीड़िता को सिर्फ राजू नामक युवक ...

    111. नाबालिगसे रेप, केस दर्ज

    112. नवभारत टाइम्स-02-09-2014

    113. एक नाबालिग से शादी का झांसा देकर, उससे रेप करने का मामला सामने आया है। आरोपी युवक पहले से शादीशुदा है। पीड़िता 10वीं क्लास की स्टूडेंट है। युवक पर उससे मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। नाबालिग ने तंग आकर ...

    114. नाबालिगसहित चार लापता, मामला दर्ज

    115. दैनिक जागरण-03-09-2014

    116. जागरण संवाददाता, यमुनानगर : अलग-अलग थाना क्षेत्र से एक नाबालिग सहित तीन युवतियां व एक व्यक्ति लापता हो गया। परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया है। पुलिस नेनाबालिग के मामले में दो युवक को नामजद करते हुए ...

    117. गांधी मैदान ब्लास्ट- रिमांड होम में बंद नाबालिग...

    118. Patrika-04-09-2014

    119. पटना । गांधी मैदान सीरियल बम ब्लास्ट से जुड़े एक मामले में रांची के रिमांड होम में बंद एक नाबालिग अभियुक्त को मुक्त करने क े लिए पटना एनआईए की अदालत में एक आवेदन दायर किया गया है। नाबालिग के वकील मो0 रफी अहमद ने बताया कि ...

    120. नाबालिगबच्चों ने 50 हजार रुपए पार किये

    121. Pressnote.in-4 घंटे पहले

    122. टिब्बी | दोना नाबालिग बच्चों ने यहां की एसबीबीजे शाखा में आए एक ग्राहक के 50 हजार रुपए पार कर लिए। जानकारी के अनुसार कस्बे के स्वर्ण आभूषण व्यापारी जसवीरसिंह सोनी बुधवार को स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर में खाते से डेढ़ ...

    123. नाबाल‌िगने ‌क‌िया बच्चे से दुष्कर्म, मरा समझकर छोड़ा

    124. अमर उजाला-03-09-2014

    125. नाबाल‌िग ने ‌क‌िया बच्चे से दुष्कर्म, मरा समझकर छोड़ा. ब्यूरो. बुधवार, 3 सितंबर 2014. अमर उजाला, हरिद्वार. Updated @ 10:03 PM IST. पेड़ की जड़ पर पटककर मारना चाहा. हरिद्वार में मौसी के घर आए एक किशोर ने गांव के ही एक छह वर्षीय बालक के साथ दुष्कर्म कर ...

    126. चचेरे भाई ने किया नाबालिगसे दुष्कर्म

    127. दैनिक जागरण-02-09-2014

    128. संवाद सहयोगी, रिवालसर : बल्ह क्षेत्र की हल्यातर पंचायत निवासी एक चचेरे भाई के खिलाफ नाबालिगबहन के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज किय गया है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। आरोपी की उम्र से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न ...

    129. नाबालिगबरामद

    130. नवभारत टाइम्स-04-09-2014

    131. एक संवाददाता, नूंह : गांव नीमका में एक नाबालिग को गांव का ही एक युवक बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया। इसे लेकर लोगों में तनाव का माहौल है। पुलिस ने लड़की को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी देवेन्द्र सिंह ने ...

    132. घर से गायब नाबालिगबरामद

    133. नवभारत टाइम्स-04-09-2014

    134. वजीरपुर गांव से दो अगस्त को घर से लापता एक नाबालिग एक दिन बाद पुलिस को मिल गई। उसे मेन गुरुद्वारा के सामने से बरामद किया गया। उसने अपनी मर्जी से अपने एक दोस्त के साथ जाने की बात मैजिस्ट्रेट के सामने कही। गांव वजीरपुर निवासी ...

    135. नाबालिगअपराधियों के कानून में बदलाव कितना सही?

    136. बीबीसी हिन्दी-09-08-2014साझा करें

    137. साथ ही प्रस्ताव में ये भी प्रावधान डाला गया है कि अगर 16 साल से ऊपर का नाबालिग कोई संगीन अपराध करता है, तो जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ये तय करेगा कि नाबालिग अभियुक्तों के ख़िलाफ़ नियमित अदालत में मुक़दमा चले या नहीं. इंडिया ...




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    ISIS, Oil Politics and Peaking of Islamophobia

     

    Ram Puniyani

     

     

     

    Just a month ago (August 2014) a group of Muslim activists-scholars organized press meets in various cities. They issued a statement condemning the brutal violence being committed by ISIS. There statement carried a visual saying Islam Means Peace. The statement said "Indian Muslims Condemn the Brutal Atrocities by ISIS against Minorities in Iraq and Syria; denounce religious intolerance, persecution and violence in the name of Islam" I circulated the statement to many lists. One of the members on the list wrote back that "'Islam means Peace' is the biggest joke of the century". Simultaneously in India, the propaganda about love Jihad is being spread like wild fire by communal elements. Irrespective of the fact that in such a propaganda few cases of marriage-conversion, the girls changing their version the boundary line between love and imposition being regularly breached, have been picked up as an example of Muslim men on a path to Jihad for conversion to Islam, by marrying Hindu girls by deceit. A friend demanded whether I can cite even 100 cases where Muslim girls have married Hindu men. To my good fortune I could locate a list longer than that of 100 and also a Google search of Hindu Men Muslim wife gave good many beautiful stories (https://www.facebook.com/R3alityofPorkistan/posts/613266692020533 ) of such 'love jihad' in reverse! To add to the already existing atmosphere Al Jawahiri of Al Qaeda issued a Video declaring its plan to expand the activities in India.

     

    The 'social common sense' is so heavily weighted against Islam and Muslims that to talk of reason in understanding religion and its abuse for political goals seems to be a very difficult exercise. The current ghastly acts are being described to be due to Islam and in turn Muslim community is blamed for the violence. The understanding that religions are for 'morality and peace' is accepted for other religions but not for Islam in popular perception. Many a processes of 'Manufacturing Consent' are today fusing to create a picture of Muslims which is neither true nor of any good to the peace in the World. All Muslims are being presented in homogenous-uniform image and the selective examples of the criminal Muslims and intolerant version of Islam is being projected as 'the Islam' feeding into the massive prejudices which have intensified during last several decades.

     

    While the ISIS is an offshoot of AL Qaeda, which was trained by USA-ISI through Madrasa's set up in Pakistan. There are enough good resources to tell us about the scheme of US in the West Asia to control the oil wealth. The US dictum for this area has been 'Oil is too precious a commodity to be left to control of natives'. While one has burnt midnightoil to unravel the trajectory of US policy through books with solid scholarship, the job of understanding this has become easy with a small video clip of Hillary Clinton. Very smartly and briskly she tells us that it was US which created Al Qaeda by indoctrinating the Muslim youth. (http://www.youtube.com/watch?v=nLhRKj6633w). A peep into the history of the region tells us that this indoctrination was done by using the distorted version of Islam, Wahabbism to be more precise.

     

    This force, Al Qaeda was created, richly funded and armed to the teeth by US, to fight the Soviet occupation of Afghanistan. With the brutality of Al Qaeda being manifest, US media presented its demonic image by coining the word 'Islamic terrorism' after 9/11 2001. Before this 9/11 episode, the acts of terror were not linked to religion, though people coming from different religions have resorted to such acts. From killer of Mahatama Gandhi, Indira Gandhi, Rajiv Gandhi, to Buddhist monks resorting to terror acts in Thailand, Mynmar, Sri Lanka to Anders Berling Brevik of Norway, people coming from different religious stocks have indulged in acts of terror for diverse political reasons. After 9/11 the acts of terror was associated exclusively with Islam. 

      

    Interestingly the version of Islam picked up by US to create Al Qaeda, to indoctrinate Mujahideen in to terror trails, was formulated by Abd al-Wahhab, who had started rigidifying Islam; imposing his exclusive version in the projection of Islam. He pontificates that "any doubt or hesitation" on the part of a believer in respect to his or her acknowledging this (Wahab's) particular interpretation of Islam should "deprive a man of immunity of his property and his life." This was the version of Islam which was one amongst many. Why did it become more dominant? Mostly because this version got the sanction form the political masters as this version got patronage of the rulers of Saudi Arabia. "One of the main tenets of Abd al-Wahhab's doctrine is takfir. As per this doctrine fellow Muslims are called infidels if they engage in activities that in any way could be said to encroach on the sovereignty of the absolute Authority (that is, the King)." Those who would not conform to this view should be killed, their wives and daughters violated, and their possessions confiscated, he wrote." (http://www.huffingtonpost.com/alastair-crooke/isis-wahhabism-saudi-arabia_b_5717157.html )

     

    This version suited the Saudi rulers in keeping their control over oil resources and the same version suited the US designs, where the meaning of Kafir (One who hides the truth) is changed to the non Muslim, the 'other'. This is the version where the word Jihad is made synonymous with killing the non believer. As such scholars of repute tell us that Jihad stands for striving to your utmost for good deeds. The same Islam, which says 'to me my din (faith) to you yours' is changed over to killing those who disagree with you. The same Islam which tells us that 'killing of even a single innocent human being tantamount to killing the whole humanity' (Koran, chapter 5 verse 32) was manipulated to kill innocent human beings. This interpretation of Islam was the perfect recipe for those who wanted to fight Russian army through proxy! The indoctrination of this variety cannot be undone once the goals are achieved. The Al Qaeda elements after collaborating in defeating Russian army; retain the distorted version of Islam and the dangerous weapons supplied by US. What do they do now with Wahabi Islam in head and armaments received courtesy the United States, in hands? So ISIS comes up in due course, and the illusion that they can now rule the World, they will install Khalifa, and all the insanity follows!

     

    As such US has been out to play 'divide and rule' like the earlier colonial powers. In India colonial powers sowed the seeds of communal politics. In West Asia, during last few decades after the demise of Soviet Union; US imperialism is aiming to create smaller states along ethnic-sectarian divides and feeding into the divides and clashes along Shia-Sunni-Kurd lines. 'Divide-et-empera' (divide and rule) is at its peak but is also at the same time demonizing the Muslims Worldwide through the Islam phobia which is constructed around the evil deeds of the likes of Al Qaeda or ISIS.

    How can we bring in reason in 'social thinking' in the face of powerful vested interests who want to use and abuse religion for their political goals, demonize a religious community is a question not easy to resolve. Challenging the prevalence of ideas of the dominant sections, dominant social powers; is a tall order, which has to be taken up in all seriousness if we want peace and progress in our society.

     

    (Response only to ram.puniyani@gmail.com)

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    What Is The Truth About ISIS?

    By Peter Chamberlin

    04 September, 2014
    Countercurrents.org

    A detainee appears before the Multinational Forces Review Committee. This is one of Camp Bucca's programs that help detainees to reintegrate into Iraqi society. (Department of Defense photo/Pfc. Amie J. McMillan)

    An instructor provides a mathematical lesson to detainees at the theater internment facility in Camp Bucca, Iraq. The class is part of the educational opportunities available to the detainees to help them get a better job and serve as an example for their community upon their release. (Department of Defense photo/Pfc. Amie J. McMillan)

    What is the truth about ISIS?

    Is it an ISIS/ISIS a pseudo-gang, working for the CIA, or is it merely a bi-product of the US/Saudi strategic union? There has not yet been another serious explanation put forth, other than this, to explain their meteoric rise to sudden terror stardom in 2014, when they were "being kept on life support" in mid-2012. Despite the non-serious explanations offered by some serious mis-informers to the contrary (State Dept, Al-Arabiya), "bank robberies, extortion and kidnapping" do not explain the sudden mobility, or capability to mount continual operations, by a small army of thousands of men, with an apparently limitless supply of modern weaponry, spread-out over 2-1/2 states (still working on Lebanon). Such an army could NOT exist without a state sponsor.

    In trying to use the Internet as primary (only) source, we first learn that there are many questions that are nearly impossible to answer effectively there, because of the constant "scrubbing" (deleting) of information that is embarrassing to the owner of the Internet (USA), or to its minions. It is not even necessary to delete articles there to hide them, a simple extra space or extra letter in the title link will nullify all further links made back to the article of embarrassment.

    In addition, researchers must rely upon Google Translate to unlock all articles in the foreign press, effectively turning most translations into gibberish. For an English researcher wanting to locate specific articles in Arabic, or other tongues, there is also that annoying foreigner habit of adding their own letters to words (words with multiple spellings), thus making a nearly impossible task even harder.

    Nonetheless, I continue to pursue the origins of the "Islamic State" or the history of its leaders, looking for the smoking guns to tie the movable "false flag" to its state benefactors. From the evidence that still remains on the Web, I soon discovered that the ISIL leadership (photos and history below) has links to Iraqi internment Camp Bucca…but, this is a story with many holes.

    By my own "guesstimate," ISIS is the result of a failed US Army behavioral modification program at Camp Bucca, Umm Qasr, Iraq, between 2007 and its closure in 2009.

    If it is true that alleged ISIS leader "Abu Bakr al-Baghdadi" was ever in Camp Bucca then he went through the Camp 134 Process, subjecting him to a "behavior modification" process, part of a "proactive counterinsurgency strategy" for detention operations (according to Detention Operations, Behavior Modification, and Counterinsurgency, from the US ARMY COMBINED ARMS CENTER). If al-Baghdadi or other ISIS members were at Bucca, they were herded through a dividing process, which identified the "unreconcilable" insurgents, in order to sequester them away from the general population. "Moderates or former extremists moving toward moderation" were separated for special treatment intended turn them away from extremist beliefs, before "releas[ing] them to return to their homes as "moderate missiles of the mind." The mission at Bucca was to "modify the behavior of detainees so that when they reenter Iraqi society, they are no longer threats to the Iraqi government and coalition forces but rather agents of change for the future of Iraq."

    Before pursuing the question of the truth about ISIS, we must ask whether this behavior modification process successful, or did it have an unanticipated opposite result? It seems pretty obvious from our perspective that graduates of the ISIS program went on to become the world's most notorious terrorist army, a grave threat to world peace? Was this the result of a failed overt detainee/prisoner strategy, or was this the intended result? Was the US Army training terrorists at Bucca, or did its proactive counterinsurgency strategy for detention operations" to turn the prison system into "a legitimate
    arena for counterinsurgency actions" backfire miserably, producing a generation of terrorist-jihadis like the world has never seen?

    Consider what follows to be "hole-filler" in that storyline, hopefully helping readers to link the terrorists back to their state sponsors.

     

    ISIS: Who is former Imam Abu Omar Al Baghdadi and the top ISIS leaders?

    Saudi Al-Arabiya provided the graphic answer below (making the text automatically suspicious). Click on the photo or the Arabiya link to view readable text.�


    1- Abu Bakr al-Baghdadi―-BUCCA
    2- Abu Ayman al-Iraqi―-BUCCA
    3- Abu Ahmad al-Alwani
    4- Abu Abdulrahman al-Bilawi―-BUCCA
    5- Haji Bakr―-BUCCA
    6- Abu Fatima al-Jaheishi

    What is significant about Camp Bucca?

    It was the primary site for an experimental US Army behavioral modification program, Task Force 134, "Detention Operations Process," which got into detainees home and their lives, as well as reconditioning their heads.

    DR AMI M. Angell�rehabilitation programme leader at Camp Bucca.

    "I think our efforts were successful. In fact, so successful that three previous Al Qaeda operatives [see confirmation by Dr. Angell] went through all the programs, were released, and then returned to work the programs as civilians." (1)

    "They were guided by a psychiatrist and art instructor nick
    named Picasso � once an Al-Qaeda operative and a detainee at Camp Bucca." (2b)�["They discussed issues such as violence and Iraq's future, before expressing their feelings in art." ]

    FURTHER TESTIMONY FROM DR. ANGELL�

    "The spare time led some to start radical religious classes so some moderate detainees were converted into extremists. 'When we came up with rehab programmes as a solution, the American military was very against it,…They didn't understand why we are spending money on rehab when we are going to leave the country eventually.'�"The Art of Rehabilitating Terrorists" (2)

    "The rehab programme won the support of US Marine Major-General Douglas Stone. Initial funding was enough for 'religious rehabilitation' for only 30 detainees. She brought in well-respected imams to teach them about the Quran. 'We saw a thirst for education as the other detainees all wanted to know what the 30 learnt,' said Dr Angell.�[confirmation comes from former Bucca detainee Adel Jasim Mohammed.via Al Jazeera (below)--ed.] 'Because many of them were uneducated, those who went for the classes were shocked to learn that what they had thought of Islam was flawed. 'They didn't question what people told them and didn't even understand the reasons for many things, from washing hands and feet before prayers to why they pray.' (2a)

    "They discussed issues such as violence and Iraq's future, before expressing their feelings in art. They were guided by a psychiatrist and art instructor nick named Picasso � once an Al-Qaeda operative and a detainee at Camp Bucca." (2b)

    Through Dr. Angell's program, a "moderate" Imam was brought in to teach religious classes at "Bucca Freedom School." He was given a list of religiously inclined detainees and allowed to pick 10-12 to mentor closely, with allegedly moderate ideas. Those special students were allowed to hold religion classes for hundreds of students. For all we know, that list of religious trainees formed the basis for the "Islamic State." Again, intentional, or the biggest "cluster-fuck" of all time?

    US Iraq jail an 'al-Qaeda school'�"Former inmates of Camp Bucca say military prison was training ground for extremism.

    Adel Jasim Mohammed, a former detainee of Camp Bucca near Umm Qasr, said that US officials did nothing to stop radicals from indoctrinating young detainees at the camp.

    "Extremists had freedom to educate the young detainees. I saw them giving courses using classroom boards on how to use explosives, weapons and how to become suicide bombers," Mohammed said.

    "For the Americans we felt it was normal. They did not stop them [the radicals]."

    …In 2005, an extremist was sent to our camp. At first, Sunnis and Shias rejected his teachings. But we were told that he was imposed by the prison authority," he said.

    "He stayed for a week and recruited 25 of the 34 detainees � they became extremists like him."

    Was this visiting scholar of radical Islam the same man who now calls himself Emir of the self-declared "Caliphate"?

    Abu Bakr Baghdadi allegedly took the helm of "Al Qaida In Iraq," after the death of the terrorist leader known as Abu Musab al-Zarqawi in June 2006

    The combined real and fake histories of Abu Bakr Baghdadi paint a portrait of an Iraqi from Ramadi in Anbar Province, who was allegedly a scholar of Islam with a master's degree and a PhD in Islamic studies from University of Islamic Sciences in Baghdad. He was allegedly captured by American forces sometime in 2003, before allegedly being released to the Iraqis in 2004. All articles repeating the claim that Baghdadi was held at Camp Bucca until its closure, can be traced back to this article from The Daily Beast. There is no information to be found on the Internet to fill in the gaps about his his time with the Iraqis, revealing where (or even if) he was held, but we know for certain that the only known photo of the man whom the Western media call "al-Baghdadi" came from the Iraq Min. of Interior. We cannot know for certain that the man held and released by American forces back then is the same man who now calls himself "Caliph Ibrahim."

    How ten months at US run Camp Bucca in 2004 transformed Abu Bakr al-Baghdadi into a ruthless foe

    "Many of us at Camp Bucca were concerned that instead of just holding detainees, we had created a pressure cooker for extremism."�James Skylar Gerrond, a former compound commander at Camp Bucca in 2006 and 2007

    Critics of the facility say it had in effect become a terror training institute, run by resentful inmates under a strict interpretation of Islamic law.

    "It is al-Qa'ida central down there," said Sheikh Ali Hatem Suleiman, a tribal leader from Anbar province. "What better way to teach everyone how to become fanatical than put them all together for scant reason, then deprive them?"

    [SEE: Behind the Scenes: Walking amid 2,000 al Qaeda suspects ]

     

    The Battle Behind the Wire�Rand Corp].

    Reform School for Radicals, Marisa L. Porges
    July 1, 2011

    To varying degrees, these initiatives also include religious education, from one-on-one meetings with local religious leaders who discuss ideological sources of radicalization to group sessions that review the Quran and Islamic law. In Iraq, the "Countering Extremism with Enlightenment", or Tanweer program, was modeled after early efforts in Saudi Arabia. Clerics and social workers led a religious dialogue to advance moderate views of Islam while promoting civic duties associated with Iraqi democracy.

    US risks fanning violence as it opens gates of Iraqi detention camps�April 19, 2009

    On Aug. 19, 2009, a series of massive car-bombs announced the rebirth of Al-Qaeda in Iraq (AQI)�Scores dead as Baghdad rocked by series of massive explosions

     

    Sept. 17, 2009, Camp Bucca Detention Center Closes in Iraq…thousands of inmates are set free in southern Iraq, near the Kuwaiti border.

    "An Air Force C-17 carrying the last group of 180 detainees lifted off from the Basra airport headed to Camp Cropper."

    AL-QAIDA IN IRAQ ON THE ROPE

    The following is also taken from the July 22, 2008 al�Qa`ida's Road In and Out of Iraq. Analysis from West Point expert on Iraq, Dr. Michael Knights�

    " AQI is a wounded organization….foreign fighters are now trying to leave the country."

    That was Dr. Knights' opinion on AQI in July 2008, the following is his assessment on July 31, 2012--

    "The Sunni insurgencies (plural) are being kept on life support."

    "It is clear that AQI has benefited from an unprecedented infusion of trained terrorist manpower. Many of the released persons spent time planning inside detention facilities like Camp Bucca and Camp Cropper, specifically so they could launch a smarter, stronger insurgent effort one day."

    In this testimony by Dr. Knights before the House Foreign Affairs Committee on December 12, 2013 (SEE: The Resurgence of Al-Qaeda in Iraq), he referred to a previous article that he had written on February 24, 2012 for the West Point Center for Combating Terrorism (which has apparently been erased from the Internet, for some reason), called "Back with a vengeance: Al-Qaeda in Iraq rebounds." This article is cited frequently by researchers who search for the roots of "Islamic State." It described a spent organization, headed for the great dust bin of history, far different from the supercharged terrorist organization that is tearing across Iraq and Syria, as described in Knights' August 27, 2014 testimony (SEE: ISIL's Political-Military Power in Iraq).

    The following excerpts come from that erased assessment�

    "By the middle of 2010, Al-Qaeda in Iraq was dead on its feet. The organization suffered critical setbacks in late 2006 and early 2007 as Sunni Arab tribal militias � the Sahwa (Awakening) � turned against Al-Qaeda. In parallel the U.S.-led military effort protected the Sahwa and executed high-tempo remorseless counter-terrorism operations that ripped Al-Qaeda in Iraq to pieces. The group's foreign volunteers and money started to dry up. Al-Qaeda cells began to process of disintegrating into local criminal franchises that now kidnapped and extorted to pay their salaries rather than fund insurgency. In April 2010 Al-Qaeda in Iraq lost its two most senior leaders � AQI emir Abu Omar al-Baghdadi and war minister Abu Ayyub al-Masri � and stood in the verge of "disintegration" according to the US commander in Iraq, General Ray Odierno. In a press conference on June 4, 2010, Odierno noted: "Over the last 90 days or so, we've either picked up or killed 34 out of the top 42 Al-Qaeda in Iraq leaders."

    "By early 2012 it was clear that the deaths of AQI's senior leaders were a watershed event that unfolded just as the movement sought to find a new way to operate in Iraq. Numerous processes have unfolded since Al-Qaeda's defeat in 2006-2009, including the release of large numbers of experienced militants from U.S. detention facilities, changes in the balance of foreign and Iraqi fighters within the movement, the withdrawal of U.S. forces, and determined attempts by Al-Qaeda in Iraq to learn from its mistakes. These changes crystallized in the year after the deaths of Abu Omar al-Baghdadi and Abu Ayyub al-Masri, culminating in a successful re-launch of the movement in April 2011 and a significant recovery of operational space within Iraq's Sunni Arab communities. The movement appears to have rationalized its near-term objectives and synchronized its propaganda with the mounting concerns of Iraq's Sunni Arabs."

    THE SAUDI CONNECTION�

    Members of the Islamic State of Iraq terrorist group and the Levant (EIIL) affiliated to Al-Qaeda, captured in Iraq, confessed to having direct links with the government of Saudi Arabia.

    ABDULLAH AZZAM BRIGADES

    Majid al-Majid was Saudi chief of the Ab.Azzam Brigades in Lebanon until his arrest and death in custody of Lebanon's Army.

    "Funding for the Sunni insurgency comes from private individuals within
    Saudi Arabia and the Gulf States."�Iraq Study Group Report

    al - Qa`ida's Road In and Out of Iraq,

    "Saudi Arabia, Syria, and Egypt were the source of most of the foreign fighters detained in Camp Bucca, Iraq….As of April 7, 2008, the United States was holding 251 foreign fighters at Camp Bucca, Iraq. Egypt, Saudi Arabia, and Syria each contributed 19 percent of those fighters. Libyans comprise only 3 percent."
    "Foreign Fighters contributed approximately 75 Percent of suicide bombers between August 2006 and August 2007."
    "The plurality of suicide bombers entering Iraq between August 2006 and August 2007 were Saudi."]

    "Sheikh Abdullah Rashid al-Baghdadi" was installed as head of Mujahideen Shura Council, the precursor of "Islamic State" in January of 2006. Was this the same man as Abu Bakr Baghdadi, even though he was supposedly incarcerated at Bucca at the time? Abdullah Azzam Brigades was spun-off from AQI in the process. A precursor to Al Nusra Front, "Al Nusra wal Jihad fi Bilad al Sham" split-off from AbAzzam in 2005, taking initial credit for the assassination of Rafik Hariri.

    Lebanese officials say Beirut suicide bomber, his accomplice are Saudi citizens

    Atrash Investigation: Two Saudi Suicide Bombers on the Loose

    CONCLUSION�

    Why is it that no researchers have asked the question "How did AQI suddenly acquire enough money and equipment to turn a failing terrorist entity into an "Islamic Caliphate" overnight?" Even if they did bully the Free Syrian Army and take their weapons,pull-off a "string of bank robberies," kidnappings and extortion, AQI could never have come up with enough cash to run an army, or to buy a fleet of shiny new Toyota trucks, or to become one of the best-paying employers in the Middle East, without being on some state's payroll.

    peter.chamberlin@hotmail.com


     


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    Winners And Losers In Gaza: On Victory And False Victory

    By Ramzy Baroud

    04 September, 2014
    Countercurrents.org

    In the rush to analyze the outcome of Israel's 51-day war in Gaza, dubbed Operation Protective Edge, some may have neglected an important factor: this was not a war by traditional definitions of warfare, thus the conventional analyses of victory and defeat is simply not applicable.

    That being the case, how can we explain Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu's triumphant statement on 28 August, and the massive celebrations on the streets of Gaza regarding the resistance 'victory' over Israel? To be truly fathomed, they must be understood in context.

    Soon after the ceasefire declaration on 26 August, ending Israel's most destructive war on Gaza yet, Netanyahu seemed to have disappeared from the scene. Some Israeli media began predicting the end of his political reign. Although this notion was a bit hasty, one can understand why. Much of the man's political career was predicated on his 'anti-terror' stance and Israeli security agenda.

    He served as prime minister from 1996 to 1999, with the decided aim of defeating the Oslo 'peace process.' He argued it compromised Israel's security. Then as a finance minister in Sharon's government (2003-05), he was troubled by Ariel Sharon's intentions regarding re-deploying out of Gaza. In fact, it was the Gaza 'disengagement plan' that ended the Netanyahu-Sharon alliance.

    It took Netanyahu a few years to fight his way back from the seeming oblivion in Israel's complicated political landscape. He fought a grueling political battle, but managed to redeem only some of the rightwing Likud party's past glory through fractious alliances. He served as prime minister from 2009-2013, and for a third term (a rarity in Israeli history) from 2013 to the present.

    Not only was Netanyahu the king of Israel, but its kingmaker as well. He did keep his friends close and enemies closer, and cleverly balanced out seemingly impossible coalition odds. He succeeded, not simply because he is a shrewd politician, but also because he managed to unite Israel around one goal: security. This he did by fighting "Palestinian terror," a reference to various Palestinian resistance groups, including Hamas, and building Israeli defenses. He had such command over that political discourse that no one came even close , surly not the newcomer centralist politician Yair Lapid, or even rightwing and far-right hawks Avigdor Liberman and Neftali Bennet.

    But then, Gaza happened, a war that could possibly become Netanyahu's biggest miscalculation , and perhaps the reason for his downfall. Aside from the collapse in his approval ratings , down from 82% on 23 July, to less than 38% shortly after the ceasefire announcement, the man's own language in his post-ceasefire press conference is telling enough.

    He seemed desperate and defensive, arguing that Hamas failed to achieve its war objective, although it was Israel, not Hamas, that instigated the war with a list of objectives - none of which were achieved anyway. Hamas responded by mocking his statement as the group didn't start the war, nor had any demands then, a group official told Al Jazeera. The demands were made in the subsequent ceasefire talks in Egypt, and some of them were in fact achieved.

    Netanyahu is twisting language and stretching the truth in a despondent attempt to score a political victory, or to simply save face. But few are convinced.

    Writing in Foreign Policy on 20 July 20 , Ariel Ilan Roth came to an early conclusion about the Gaza war, which has proven to be only partly true. "No matter how and when the conflict between Hamas and Israel ends, two things are certain. The first is that Israel will be able to claim a tactical victory. The second is that it will have suffered a strategic defeat."

    Wrong. Even the tactical victory was denied this time around, unlike previous wars, most notably the so-called Operation Cast Lead (2008-09). The Gaza resistance must have learned from its past mistakes, managing to withstand a 51-day war with a destructive outcome unprecedented in all past Gaza conflicts. When the Egypt-mediated ceasefire was announced, every Israeli soldier was pushed behind Gaza's borders.

    Almost immediately after the agreement, a Hamas official from Gaza read a statement in which he called on Israelis living in the many evacuated border towns to return to their homes, in a statement of defiance also unprecedented. Shortly after, hundreds of fighters representing all factions, Fatah included, stood at the ruins of the Shejaiya, neighbourhood in Gaza city. "There is no room amongst us for that defeated, weak Arab," the military leader of the Gaza resistance Abu Ubaydah declared, as throngs of people showered the fighters with kisses.

    He too declared some kind of victory. But is his "victory" statement any different from that of Netanyahu's?

    "Israel has a history of claiming victory when in fact it has suffered defeat; the October 1973 war is the best example," wrote Roth in Foreign Policy. The difference back then is that many in Israel accepted false victories. This time around they refuse to do so, as various opinion polls by Haaretz, Channel 2 and others are showing. Furthermore, the chasm in Israel's political class is wider than it has been in many years.

    Irrespective of this, 'victory' of the resistance cannot be understood within the same context of Israel's own definition of victory, or false victory. Surely the resistance "was able to establish deterrence, displaying an incredible level of resilience and strength, even when equipped with primitive weapons," as argued by Samah Sabawi . The very idea that powerful Israel, and the likes of Netanyahu, can use Palestinians as a testing ground for weapons or to enhance approval ratings seems to be over. The Sharon old wisdom that the Arabs and Palestinians "must be hit hard" and "must be beaten," as a precondition for calm, or peace, was challenged like never before in the history of Arab-Israeli wars.

    Gaza's ceasefire "celebrations" were not the kind of celebrations that would follow a football match win. To comprehend it as an expression of mere joy is a mistake, and reflects a lack of understanding of Gaza society. It was more of a collectiv