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This is my Real Life Story: Troubled Galaxy Destroyed Dreams. It is hightime that I should share my life with you all. So that something may be done to save this Galaxy. Please write to: bangasanskriti.sahityasammilani@gmail.comThis Blog is all about Black Untouchables,Indigenous, Aboriginal People worldwide, Refugees, Persecuted nationalities, Minorities and golbal RESISTANCE.

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    Francis A. Boyle: The CIA-ISIS-Al Qaeda Covert Operation: 
    "The militant commander at the center of the concerns in Helmand Province is a prominent former Taliban leader, Mullah Abdul Rauf Khadim. He was detained at the Guantanamo Bay military prison for several years, then returned to the Taliban ranks after his release, serving as a provincial-level military commander.." 
    In other words the Americans turned him into a Covert US Agent at Gitmo and then released him to return to Afghanistan in order to do their dirty work for them. Otherwise, why would the Americans have released him from Gitmo? Out of the goodness of their heart? Do you think the Americans are stupid? It is the same pattern of behavior we saw with the ISIS Founders in Iraq. They were all detained at Camp Buca where they were turned into Covert US Agents and then released to do their dirty work for the Americans in Iraq and Syria. Otherwise, why do you think the Americans released them from Buca? Out of the goodness of their heart? Because they are stupid? No!—on all counts. The Americans know exactly what they are doing and why they are doing it.

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    The lovely Tamang people of the hills had invited me to be present in the Annual Convention today in Darjeeling.

    The convention celebrated the first anniversary of Tamang Development and Cultural Board, which our Government had set up in January last year. The New Year celebration 'Lochaar' was also held.

    I was very happy to watch the brightly attired little children and young brothers and sisters performing an excellent colourful cultural programme including the famous traditional Tamang dance, "Dumphoo".

    We are assisting the Tamang Board with various development and cultural activities including housing for their people.

    It is our earnest endeavour that all the people of the hills prosper and be happy.

    My best wishes to all of them. I really love my Darjeeling brothers and sisters.

    We are always with them and will be with them.

    Mamata Banerjee's photo.
    Mamata Banerjee's photo.
    Mamata Banerjee's photo.
    Mamata Banerjee's photo.

    कुरुक्षेत्र में ओबामा कृष्ण अवतरित।

    अनार्य हिंदुओं का अश्वमेधी नरसंहार के आयोजन के लिए है यह गीता महोत्सव,सरस्वती वंदना।


    जैसा कि कुरुक्षेत्र के गीता महोत्सव का हश्र हुआ महा विनाश,वैसे ही हिंदू साम्राज्यवादी अश्वमेध से देशविदेश हिंदुओं का ही सर्वनाश,विधर्मियों का नहीं।

    मोदी और ओबामा रेडियो पर मिल कर मन की बात करेंगे और देश बेचने,जनसंहार का होगा भरपूर मनोरंजन,वसंतबहार


    पलाश विश्वास

    कुरुक्षेत्र में ओबामा कृष्ण अवतरित।ओबामा दिल्ली के मौर्य शेरेटन होटल में रहेंगे जो अब तक अमेरिकी राष्ट्रपतियों की अगवानी करता आया है। अपने दौरे से पहले बराक ओबामा ने नरेंद्र मोदी जमकर तारीफ की है। न्होंने कहा है कि चायवाले का प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचना बड़ी बात है।और मोदी की जीत से साबित हुआ है कि भारत के लोग आर्थिक विकास चाहते हैं।


    अमेरिकी राष्ट्रपति के हाइप्रोफाइल दौरे के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ट्विटर पर आईएसआईएस की धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

    गौर करें कि कैसी गुलाबी तस्वीर है कि एसएंडपी ने वित्त वर्ष 2015 में भारत का करेंट अकाउंट घाटा जीडीपी के 2 फीसदी से कम रहने की उम्मीद जताई है। यही नहीं रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने ये भी कहा है कि भारत की रेटिंग बढ़ाई जा सकती है।


    एसएंडपी के मुताबिक वित्तीय घाटे में कमी मजबूत इकोनॉमी की तस्वीर पेश नहीं कर सकती है, ऐसे में मध्यम अवधि में भारत की ग्रोथ पर नजर रहेगी। हालांकि मौजूदा सरकार इकोनॉमी में जान फूंकने के लिए प्रयासरत नजर आ रही है। लेकिन ये देखना अहम होगा कि सरकार की ओर से इकोनॉमी में जान फूंकने के लिए और क्या कदम उठाए जाते हैं।

    गौर करें कि

    ओबामा कृष्म की महिमा ऐसी कि ऐप के जरिए टैक्सी सर्विस देने वाली कंपनी उबर ने दिल्ली में अपनी सर्विस फिर से शुरू कर दी है। इस बार वो सिर्फ वैसे ड्राइवरों को भर्ती कर रही है जिनका पुलिस वेरिफिकेशन हो चुका है, साथ ही कंपनी ने रेडियो टैक्सी ऑपरेटर के तौर पर लाइसेंस के लिए भी अर्जी दी है।


    दिल्ली में रेप के एक मामले के बाद उबर की सर्विस पर रोक लगा दी गई थी। अब दिल्ली में अपनी सर्विस फिर से शुरू करने के लिए उबर ने अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव भी किया है। साथ ही ऐप में इमरजेंसी बटन और डेडिकेटेड रेस्पॉन्स टीम बनाने जैसे उपाय भी कंपनी कर रही है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    ओबामाकृष्ण देखेंगे कि जैसे उबेर का भला हुआ है,वैसे ही सारी की सारी अहिल्या पाथरों में प्राण फूंक दें कि लाखों लाखों करोड़ का जो मल्डीनेशनल परियोजनाएं हैं वे खुल जाये सिम सिम और अलीबाबा चालीस चोर का राजकाज कायम रहे।

    मसलन अकेले टैक्स रिफारम से कमसकम अमेरिका आधारित मल्टी नेशनल पचास कंपनियां और उनके भारतीय छाझेदार मालामाल है।छप्परफाड़ विनिवेश और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है।सैनसेक्स अब तीस के पार जाकर किस किस के साथ रोमासे करेगासकोई कह नहीं सकता तो परमाणु विध्वंस का हर इतंजाम है।

    कि बचवा का चाहि,परमाणु बम!


    जैसा कि कुरुक्षेत्र के गीता महोत्सव का हश्र हुआ महा विनाश,वैसे ही हिंदू साम्राज्यवादी अश्वमेध से देशविदेश हिंदुओं का ही सर्वनाश,विधर्मियों का नहीं।


    हिंदुत्व का खुल्ला आवाहन कर दिया है ओबामा कृष्ण ने ताकि परमाण,बीमा,खुदरा कारोबार,रक्षा,निर्माण विनिर्माण,करछूट और भारत सरकार के आम बजट से लेकर विदेश नीति और आंतरिक सुरक्षा तक के लिए हो रही कृष्ण सुदामा बंधुत्व पवित्र विशुद्ध सरस्वती वंदना का वसंत पंचमी गीता महोत्सव में तब्दील हो जाये।


    इसीलिए हर मौके पर पाकिस्तान को मदद करने वाले,भारत को तहस नहस करने का हर सामान मुहैय्या करने वाले किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के मुखारविंद पर गीता प्रवचन अक्षरशः है कि अपने भारत दौरे से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने साफ कहा है कि पाकिस्तान आतंक को पनाह देना बंद करे।


    कृष्ण सुदामा बंधुत्व पवित्र विशुद्ध सरस्वती वंदना का वसंत पंचमी गीता महोत्सव में तब्दील हो जाये।इसीलिए ओबामा कृष्ण ने कहा है कि मुंबई हमले के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।


    आतंक पर कड़ा रुख दिखाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामाकृष्ण ने कहा कि वह भारत यात्रा के दौरान गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि बनने से खुश हैं और इसमें शामिल होने से सम्मानित महसूस कर रहे हैं। ओबामाकृष्ण  ने कहा कि वह उस क्षण का इंतजार कर रहे हैं जब भारत पहुंचकर इस समारोह में हिस्सा लेंगे।


    इससे बड़ा सफेद सच क्या है कि  ओबामाकृष्ण ने कहा है कि अमेरिका पर हुए 9/11 हमले और भारत पर हुए 26/11 के हमले के बाद दोनों देश अपनी सुरक्षा के मामले पर साथ खड़े रहें।तबसे लेकर आज तक का अमेरिका का कियाधरा बदल गयो रे।शत प्रतिशत हिंदुत्व की ऐसी वसंत बहार है।जय जय जयहे कल्कि महाराज।


    बहरहाल तसलिमा नसरीन का पुनः निरपेक्ष पाठ करें तो पता चलेगा कि बांग्लादेश में 1971 की स्वतंत्रता के बाद अल्पसंख्यक उत्पीड़न की वारदातें भारत में संघपरिवार की कारस्तनियों की प्रतिक्रियाएं ही हैं।


    लज्जा में जो हुंदुओं की व्यथा कथा है,उसकी पृष्ठभूमि में बाबरी विध्वंस है,जिसकी गूंज दुनियाभर के हिंदुओं को लहूलुहान करती रही है।


    जबकि उत्पीड़ित लोगों से संघ परिवार की सहानुभूति उनकी विशुद्ध आर्य नस्ली विवेक पर निर्भर है।


    आर्यमूल के शरणार्थी तुरतफुरत भारतवंशी भारतीय नागरिक जबकि अनार्य अश्वेत पूर्वी बंगाल के विभाजनपीड़ित विभाजन के तुरंत बाद इस देश में जो लोग बसे,वे लोग और बाद में धार्मिक पहचान हिंदुत्व के कारण जो लगातारभारत में आते रहे हैं,वे सारे लोग विदेशी घुसपैठिया रहे हैं।


    मजा यह है कि बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्ष सरकार को गिराने की कोशिश में जमीन आसमान एक करने वाली इस्लामपंथी ताकतों के साथ,बेगम खालिदा के साथ संघ परिवार का चोली दामन का साथ है।यह है संघ परिवार के हिंदुत्व का सच।


    जनसत्ता और इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक सिंहली उग्रवादियों के मर्यादा पुरुषोत्तम राम अपने प्रधानमंत्री हैं,जो हिन्दू तमिलों और मुसलमानों पर कहर ढा रहे हैं।वह पूरा आलेख इस टिप्पणा के साथ नत्थी है,जो संघी हिंदुत्व का सच है।


    नेपाल में हिंदू राष्ट्र फिर बाहल करने के लिए संघ पिवार हर जुगत लगा रहा है और वहां जो मंगोलवंशी अनार्य मधेशी आदिवासी करड़ों लोग हैं,जिनमें हिंदुत्व के अनुयायी भी करोड़ों हैं,उनका सत्यानाश का हर सामान जुटा रहा है संघ परिवार।


    अनार्य हिंदुओं का अश्वमेधी नरसंहार के आयोजन के लिए है यह गीता महोत्सव, सरस्वती वंदना।



    जन्मदिन आज कर्पूरी ठाकुर का भी है।उनके व्यक्तित्व कृतित्व को लेकर हिंदी समाज को कोई चिंता नहीं है,जाहिर है कि आखिरकार वे पिछड़ों के मसीहा है और हिंदी समाज जात पांत में बंटा हुआ है।जाति दृष्टि ही हिदी समाज का यथार्थबोध है।सौंदर्यशास्त्र है।

    वसंतीपंचमी की धूम है।


    बंगाल में कन्याएं इस दिन पहलीबार वसंती साड़ी पहनकरे स्वतंत्रता का पाठ पढ़ती हैं तो महाराष्ट्र में पतंग उड़ाये जाते हैं।इस वसंत पंचमी को शत प्रतिशत हिंदुत्व की सरकार ने हिंदुत्व के उत्सव में तब्दी कर दिया है और मूर्ति पूजा के जो विरुद्ध है,उस इस्लाम को मानने वालों के बच्चों के लिए भी अनिवार्य सरस्वती वंदना का फतवा जारी कर दिया गया है।


    जबकि आधुनिकता से मुठभेड़ के लिए पहलीबार छायावाद के तिलिस्म तोड़ने वाले पत्थर तोड़ते एक कवि का जन्मदिन भी हुआ करता है आज।सूर्यकांत त्रिपाठी निराला उनका नाम है।जिन्हें कोई याद नहीं कर रहा है।


    कवि प्रजाति के आत्ममुग्ध लोग सोशल स्पेस पर जनसरोकार से वास्ता इतना मूसलाधार रखते हैं कि दे दनादन सेल्फी,पारिवारिक निजी क्षणों का विज्ञापन जारी करते हुए नजर आते हैं वैसे ही जैसे हम नींद में खलल डालने की कोई न कोई शरारत कर गुजरते हैं।


    संघ परिवार की यह सरस्वती वंदना दरअसल ओबामा वंदना है क्योंकि अमेरिका को मोदी से लव हो गया है।


    संघ परिवार की यह सरस्वती वंदना दरअसल ओबामा वंदना है क्योंकि स्वयं श्रीकृष्ण आज भारत पधार रहे हैं और धनुर्धर अर्जुन जो जनसंहारउद्देश्ये किंकर्तव्यविमूढ़ हैं,उन्हें गीता का उपदेश देने वाले हैं।

    यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।

    अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥७॥

    परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् ।

    धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥८॥

    (श्रीमद्भगवद्गीता, अध्याय ४)

    (यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिः भवति भारत, अभि-उत्थानम् अधर्मस्य तदा आत्मानं सृजामि अहम् । परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुस्-कृताम्, धर्म-संस्थापन-अर्थाय सम्भवामि युगे युगे ।)

    (टिप्पणीः श्रीमद्भगवद्गीता वस्तुतः महाकाव्य महाभारत के भीष्मपर्व का एक अंश है; इसके १८ अध्याय भीष्मपर्व के क्रमशः अध्याय २५ से ४२ हैं ।)

    शिरीष अनुनाद

    दिल तो भरे थे, भरे हैं अब भी ...... निराला के साथ अपना 'जनमबार' बनाअो। तू वसन्त में पैदा हुआ, मैं शीत में। शीत में हम आग जलाते है पर वसन्त में पूरा जीव जगत अपनी ही एक अनोखी आग में जलता है, यह अाग भी तुझे मुबारक हो।

    दिल तो भरे थे, भरे हैं अब भी ...... निराला के साथ अपना 'जनमबार' बनाअो। तू वसन्त में पैदा हुआ, मैं शीत में। शीत में हम आग जलाते है पर वसन्त में पूरा जीव जगत अपनी ही एक अनोखी आग में जलता है, यह अाग भी तुझे मुबारक हो।

    जाहिर है कि इस सरस्वती वंदना का अभिप्राय गीता महोत्सव मार्फते शत प्रतिशत हिंदू राष्ट्र है।कुरुक्षेत्र बन गया है देश और उस कुरुक्षेत्र में ओबामा कृष्ण अवतरित।

    दसों दिशाओं में हिंदुत्व की वसंतबहार है।देश के कोने कोने में हिंदुत्व के सिपाहसालार अमित शाह,भागवत,तोगाड़िया,बाबा,साध्वी,संत वगैरह वगैरह के अश्वमेधी घोड़े जनपदों को लहूलुहान कर रहे हैं क्योंकि इस सरस्वती वंदना का अभिप्राय गीता महोत्सव मार्फते शत प्रतिशत हिंदू राष्ट्र है।

    कुरुक्षेत्र बन गया है देश और उस कुरुक्षेत्र में ओबामा कृष्ण अवतरित।


    High level security for Barack Obama in Delhi, 50,000 security persons deployed

    दिल्ली में ओबामा की सुरक्षा के लिए जबरदस्त इंतजाम किए गए हैं

    नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा तीन दिन के दौरे पर रविवार को भारत पहुंच रहे हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर वह मुख्य अतिथि होंगे।

    दिल्ली में ओबामा की सुरक्षा के लिए जबरदस्त इंतजाम किए गए हैं। भारत दौरे के दौरान ओबामा को 7 स्तर की सुरक्षा दी जाएगी।

    ओबामा के आगमन से पहले अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी की बड़ी टीम पहले ही भारत पहुंची हुई है और लगातार सुरक्षा इंतजामों पर नजर बनाए हुए है। पूरी दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ओबामा की सुरक्षा के लिए दिल्ली किले में तब्दील हो गई है।

    ओबामा के लिए सुरक्षा घेरे के 7 स्तर होंगे और 50,000 सुरक्षा कर्मचारी, 500 अमेरिकी सीक्रेट सर्विस एजेंट और स्पेशल फोर्स की लगातार पैनी नजर बनी रहेगी। राजपथ पर और होटल मौर्या शेरेटन में 20 से ज़्यादा अमेरिकी मेलिनोवा कुत्ते तैनात किए जाएंगे।

    गणतंत्र दिवस पर नो-फ्लाई ज़ोन एरिया को 400 किमी तक बढ़ाया गया है। 71 इमारतें बंद कर दी गई हैं और जगह-जगह जवान तैनात रहेंगे। करीब 15,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान तीन स्तर की सुरक्षा जांच होगी और राजपथ पर सैकड़ों पुलिस अधिकारी तैनात होंगे। राजपथ के आसपास 90 एंबुलेंस और डॉक्टर्स की टीम भी तैनात रहेगी। उत्तर और दक्षिण दिल्ली नगर निगम की इमारतें 25 और 26 जनवरी को बंद रहेंगी। यलो, ब्लू और वायलेट मेट्रो लाइन के कुछ स्टेशन 26 जनवरी को बंद रखे जाएंगे। सभी मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग को 25 जनवरी दोपहर 2 बजे से 26 जनवरी 2 बजे तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है।

    http://khabar.ndtv.com/news/india/high-level-security-for-barack-obama-in-delhi-50-000-security-persons-deployed-731614


    संत समागम में तो बसंत ही बसंत लहराता है। संतों के अंतः करण में हमेशा बसंत रहता है अर्थात विशुद्धि बनी रहती है। इसलिए हमें इन तीर्थों की वंदना, पूजा, अर्चना के साथ इनकी सुरक्षा व संरक्षण भी करना चाहिए।श्रद्धालु उसीमें निष्णात हैं।विशुद्ध ही हिंदुत्व है।अशुद्धता बलिप्रदत्त है।वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति।

    जाहिर है देश भर में ओबामा  कृष्ण के अवतरण के साथ वसंत बहार है। इसी हिंदुत्व महोत्सव का सबसे चटख रंग लेकिन साहित्य का है।


    संघी राजकाज में मोहन,अमित प्रवीण पराक्रमध्ये शत प्रतिशत हुंदुत्व के शंघनाद के मध्य विभिन्न भाषाओं के साहित्यकारों का वार्षिक आयोजन ज़ी जयपुरलिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) यहां बुधवार से शुरू हो गया। साहित्य उत्सव का यहां भव्य आगाज हुआ।

    राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आज ऐतिहासिक दिग्गी पैलेस में इस पांच दिवसीय महोत्‍सव का उद्घाटन किया। पारंपरिक संगीत के साथ इस महोत्सव का शुभारंभ किया गया।

    गौर हो कि बलि यह दुनिया का सबसे बड़ा साहित्‍य सम्‍मेलन है।

    गौवा के चुनांचे कि इस कारपोरेट साहित्य महोत्‍सव का उद्घाटन राजस्‍थान की मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और एस्‍सेल ग्रुप के चेयरमैन डा. सुभाष चंद्रा ने किया।

    मोदी और ओबामा रेडियो पर मिल कर मन की बात करेंगे और देश बेचने,जनसंहार का होगा भरपूर मनोरंजन


    इसी के मध्य मीडिया में जो खबर नहीं है,जो खबरें कारपोरेट जगत तक सीमाबद्ध हैं,उनके मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा 26 जनवरी के मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर भारत आ रहे है। इस मुलाकात की चारों तरफ चर्चा चल रही है। सत्ता में आने के बाद दोनों नेता तीसरी बार मिलने जा रहे हैं। इन मुलाकातों के जरिये दोनों के बीच एक निजी केमिस्ट्री की चर्चा खूब हुई। निजी केमिस्ट्री को एक नया आयाम देते हुए मोदी और ओबामा रेडियो पर मिल कर मन की बात करेंगे लेकिन मन की बात में काम की कितनी बात होगी। द इंडियन इंटरेस्ट के इस खास शो में यही जानने की कोशिश की जा रही है।


    बराक ओबामा 3 दिनों के भारत दौरे में 25 जनवरी को सुबह 10 बचे पहुंचेंगे। ओबामा सबसे पहले राष्ट्रपति भवन जाएंगे, उसके बाद महात्मा गांधी की समाधि राजघाट जाएंगे। इसके बाद ओबामा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय बातचीत होगी। इसी शाम ओबामा राष्ट्रपति भवन में भोज में शामिल होंगे। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड देखने के बाद ओबामा राष्ट्रपति भवन में उनके सम्मान में आयोजित समारोह में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वो नरेंद्र मोदी के साथ सीईओ राउंडटेबल में शामिल होंगे। 27 जनवरी को ओबामा सिरी फोर्ट में एक टाउन हॉल को संबोधित करेंगे, जिसके बाद वो आगरा में ताजमहल देखने जाएंगे। ताजमहल देखने के बाद वो अमेरिका लौट जाएंगे।


    ओबामा के साथ भारत दौरे पर आने वालों में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुजैन राइस, दिग्गज कूटनीतिज्ञ नैंसी पेलॉसी भी शामिल हैं। इसके अलावा ओबामा के प्रतिनिधिमंडल में कई दिग्गज बिजनेस लीडर और लॉ मेकर्स शामिल हैं। ओबामा के साथ भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद अमी बेरा, अमेरिका के वाणिज्य मंत्री पेनी प्रिट्जकर और क्लाइमेट चेंज एडवाइजर जॉन पॉडेस्टा भी भारत आ रहे हैं।


    ओबामा के इस दौरे के दौरान भारत और अमेरिका के सीईओ फोरम की बैठक 26 जनवरी को होगी। अमेरिका की तरफ से हनीवेल के सीईओ बैठक की अध्यक्षता करेंगे और भारत की ओर से साइरस मिस्त्री इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक समझौते पर चर्चा होगी। बैठक में ओबामा और मोदी भी हिस्सा ले सकते हैं। इस बैठक में मुकेश अंबानी, गौतम अदानी, विशाल सिक्का, सुनील मित्तल समेत करीब एक दर्जन सीईओ शामिल होंगे। वहीं अमेरिका की तरफ से इंदिरा नूयी, हैरोल्ड मैक्ग्रो, अजय बंगा शामिल होंगे। इस बैठक में भारत की तरफ से बाई-अमेरिका लेजिसलेशन, वीजा और आईटी कंपनियों का मुद्दा उठाया जा सकता है। वहीं अमेरिका भारत पर बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी करने का दबाव डाल सकता है। अमेरिका इनटेलैक्चुअल प्रापर्टी राइट का मुद्दा भी उठा सकता है।


    3 दिन के लिए भारत आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबाम के दौरे में 3 शहरों अजमेर, इलाहाबाद और विशाखपत्तनम को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए समझौते हो सकते हैं। दोनों देशों के बीच टैक्स के क्षेत्र में अहम करार होने की भी संभावना है।


    इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर बनाने समेत एनर्जी और पर्यावरण के क्षेत्र में कई बड़े करार होने की उम्मीद है। ओबामा के इस दौरे के दौरान रक्षा क्षेत्र में बड़े एमओयू होने की संभावना है और दोनों देश परमाणु करार की तरफ अहम कदम बढ़ा सकते हैं।


    26 जनवरी के मुख्य अतिथि के तौर पर बराक ओबामा की यात्रा से इंडस्ट्री को बडी उम्मीदें हैं। उम्मीद की जा रही है कि ओबामा की भारत यात्रा के दौरान आर्थिक और सामरिक मुद्दों से जुड़े कई बड़े करार हो सकते हैं। खासकर फार्मा सेक्टर को उम्मीद है कि पेटेंट विवाद और अमेरिका में अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर की नीतियों के मामले में कुछ पॉजिटिव नतीजे आएंगे।


    दिल्ली फतह कर बिहार पहुंचेगा मोदी का 'विजय रथ': अमित शाह


    अमित शाहने कर्पूरी ठाकुर को पिछड़े वर्ग का नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने ताउम्र गैर-कांग्रेसवाद नीति के तहत काम किया, आज उन्हीं के शिष्य कहे जाने वाले नेता सत्ता के लिए कांग्रेस से हाथ मिला चुके हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महत्वकांक्षा और सत्ता के लिए बीजेपी के साथ 17 वर्ष पुराने गठबंधन को तोड़ दिया और उसी लालू प्रसाद की गोद में जा बैठे, जिनकी कल तक आलोचना करते थे। अमित शाहके पटना पहुंचने पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। समारोह स्थल पर महिलाओं ने ढोल-नगाड़े के साथ उनका स्वागत किया।


    अपने कार्यकर्ताओं की भीड़ से उत्साहित शाह ने नीतीश और लालू पर जमकर हमला बोला उन्होंने कहा जिस लालू के जंगलराज के खिलाफ लड़कर नीतीश कुमार यहां तक पहुंचे, उसी के साथ मिलकर बिहार का मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं, लेकिन बीजेपी ये नहीं होने देगी न तो लालूराज और न ही जंगलराज लौटेगा। अमित शाहने कहा कि नीतीश के अहंकार की वजह से बिहार को जंगलराज और लालू यादव के हवाले नहीं किया जा सकता इसलिए इस सरकार को आने वाले चुनाव में उखाड़ फेकेंगे। शाह ने कहा सरकार बदलकर मोदी के विकास को बिहार तक पहुंचाएंगे।

    संघ के विस्तार पर मंथन, डॉ मोहन भागवतदेवघर पहुंचे, बैठक शुरू

    जागरण संवाददाता, देवघर : चिंतन शिविर के दूसरे दिन संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विदेशी चिंतन एवं भारतीय चिंतन के मर्म को समझाया और मार्गदर्शन दिया। कहा कि आज जनता की अपेक्षा बढ़ गयी है, सामाजिक परिवर्तन के मकसद से गठित संघ कार्यकर्ताओं का कौशल विकास ऐसा हो कि उसमें नेतृत्व की क्षमता तो हो ही, वह लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतर सके। नेपोलियन बोनापार्ट का उदाहरण देते कहा कि वह विश्व विजेता तो था पर लोगों का दिल नहीं जीत सका। वहां कोई सामाजिक परिवर्तन नहीं हुआ।

    वहीं भगवान राम के कार्यकाल की चर्चा करते हुए कहा कि वह जहां-जहां गए, साम्राज्य बदला वहां के हालात बदले, रामराज्य आया। दरअसल सर संघचालक के दर्शन में कार्यकर्ता निर्माण पर विशेष जोर दिया गया। उनके विकास व गुण पर ध्यान केंद्रित कराया। चिंतन शिविर में यह बात आयी कि आज समाज के सभी क्षेत्रों में कार्य हो रहा है, जनता की अपेक्षा भी उसी अनुरूप बढ़ रही है। ऐसे में वैसे कार्यकर्ताओं की भी जरूरत संघ को है, जो मानक पर खरा उतर सकें।

    सर संघचालक ने माना कि आज जिम्मेवारी बढ़ गयी है। जिसे निभाने के लिए गुणवान स्वयं सेवक की जरूरत है। पूर्णकालिकों के साथ चली दिन भर की बैठक में कार्यकर्ता निर्माण का मसला ही पूरी तरह छाया रहा। उत्तर एवं दक्षिणी बिहार के अलावा झारखंड प्रांत के पूर्णकालिक तकरीबन तीन सौ से अधिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। समापन शनिवार को होगा जिसमें खुला सत्र होगा उसके बाद संघ कार्यालय का शिलान्यास कार्यक्रम शामिल है।

    रांची : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवतपांच दिनों के झारखंड दौरे पर हैं. श्री भागवत 22 से 24 जनवरी तक देवघर में रहेंगे. इस दौरान पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे. 24 जनवरी को स्वयंसेवकों के साथ बैठक करेंगे. इसी दिन रात को रांची पहुंचेंगे. दो दिनों के रांची प्रवास के दौरान श्री भागवत 25 और 26 जनवरी को स्वयंसेवकों, संघचालकों के साथ बैठक करेंगे.


    नई दिल्ली।अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने तीन दिन के भारत दौरे के लिए आज रवाना होंगे। रविवार सुबह करीब 10 बजे एयर फोर्स वन दिल्ली पहुंचेगा। राष्ट्रपति ओबामा के साथ अमेरिकी की फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा भी आ रही हैं। वहीं स्कूल खुले होने के चलते ओबामा की बेटियां मालिया और साशा पिता के साथ भारत नहीं आ रही हैं।

    आगरा नहीं जाएंगे

    सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति ओबामा भारत दौरे के दौरान आगरा ताजमहल के दीदार के लिए नहीं जाएंगे। ओबामा का आगरा जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। ओबामा के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। पहले 27 जनवरी को ओबामा का आगरा जाने का कार्यक्रम था। ओबामा सउदी अरब जा सकते हैं। सउदी अरब के सुल्तान की मौत के बाद यह फैसला लिया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि ओबामा सुल्तान के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं।

    ओबामा को रिसीव कर सकते हैं मोदी

    ऐसा माना जा रहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को रिसीव करने एयरपोर्ट जा सकते हैं। हालांकि प्रोटोकॉल में इसकी व्यवस्था नहीं है। यानी प्रोटोकॉल तोड़कर प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ओबामा से अपनी दोस्ती निभा सकते हैं।

    गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत दौरे पर आ रहे अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आने से पहले पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। एक अंग्रेजी पत्रिका को दिए इंटरव्यू में ओबामा ने कहा कि गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि बनकर वो बेहद सम्मानित महसूस कर रहें हैं।

    पीएम मोदी का विजन साफ: ओबामा

    राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि पीएम मोदी का विजन एकदम साफ है। मैं उनसे खासा प्रभावित हूं। साथ ही मैं इस बात से भी प्रभावित हूं कि वे विकास के रास्ते में परेशानी लाने वाले मुद्दों को फौरन ही दूर करने को तैयार रहते हैं।

    यही नहीं ओबामा ने भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता देने की भी वकालत की। इंटरव्यू के दौरान ओबामा से भारत-अमरीका के रिश्तों को लेकर सवाल पूछा गया। जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि मुझे इस बात पर पूरा भरोसा है कि भारत-अमरीका के रिश्ते और बेहतर होंगे।

    बापू को श्रद्धांजलि देंगे ओबामा

    25 जनवरी की सुबह सबसे पहले राष्ट्रपति भवन में ओबामा का स्वागत होगा। इसके बाद वो राजघाट पर बापू को श्रद्धांजलि देने जाएंगे। 25 को ही हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी और ओबामा के बीच बातचीत होगी। इसके बाद पीएम मोदी दोपहर का भोज देंगे। ओबामा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से रात्रिभोज पर मिलेंगे।

    डिनर में शामिल होंगे कई दिग्गज

    राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के ओबामा को दिए जाने वाले डिनर में रिलायंस ग्रुप के चेयरमेन मुकेश अंबानी, अभिनेता अमिताभ बच्चन और क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को न्योता दिया गया गया है। 25 जनवरी के भोज में तीन सेनाओं के प्रमुखों को भी बुलाया गया है।

    मिशेल के लिए साड़ी का खास तोहफा

    बनारस के बुनकरों ने राष्ट्रपति ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा को गिफ्ट करने के लिए खास तरह की बनारसी साड़ी और दुपट्टा तैयार किया है। मिशेल ओबामा को तोहफे में देने के लिए बनाये गये किमखाब के कपड़े, सिल्क की तनछुयी साड़ी और दुपट्टा की डिजायनिंग करीब ढाई सौ साल पुरानी है।


    बराक ओबामा की भारत यात्रा से जुड़ीं 10 अहम बातें...

    10 high points regarding Barack Obama's India visit

    अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा (फाइल फोटो)

    नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा तीन-दिवसीय यात्रा पर रविवार को भारत आ रहे हैं। आइए जानते हैं उनकी यात्रा के बारे में 10 खास बातें...

    1.बराक ओबामा पहले ऐसे अमेरिकी राष्ट्रपति हैं, जो 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि होंगे। ओबामा से पहले जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि रह चुके हैं।

    2.बराक ओबामा जब इस यात्रा के लिए 25 जनवरी को नई दिल्ली पहुंचेंगे, तो वह अमेरिका के ऐसे पहले नेता बन जाएंगे, जो राष्ट्रपति पद पर रहते हुए भारत की दो बार यात्रा कर चुके होंगे। इससे पहले 2010 में बराक ओबामा अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर भारत आ चुके हैं।

    3.नरेंद्र मोदी को भारत के प्रधानमंत्री बने अभी एक साल भी नहीं हुआ, ऐसे में बराक ओबामा के साथ यह उनकी कौन सी मुलाकात होगी? आप अंदाजा लगाइए...एक, दो या तीन... असल में यह प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी की ओबामा से चौथी मुलाकात होगी।

    प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी सितंबर में अमेरिका की यात्रा कर चुके हैं। इसके अलावा दोनों नेता जी-20 की बैठक में ऑस्ट्रेलिया में मिल चुके हैं। इतना ही नहीं बीते साल दोनों नेताओं की एक मुलाकात ईस्ट एशिया समिट में म्यांमार में भी हुई थी।

    4.बराक ओबामा अपनी पत्नी मिशेल ओबामा के साथ भारत के दौरे पर आ रहे हैं। इस बार उनकी यात्रा की व्यवस्था के लिए 1600 अमेरिकी स्टाफ भारत में हैं, जबकि पिछली बार ओबामा 800 स्टाफ के साथ ही भारत आए थे।

    5.बराक ओबामा के बेड़े में उनके खास विमान एयर फोर्स वन के साथ छह एयरक्राफ्ट शामिल हैं। उनके साथ 30 कारों का काफिला भी होगा। इसमें दुनिया की सबसे अत्याधुनिक कार कैडलिक में बराक ओबामा सफर करते हैं। इतना ही नहीं, एक मैरीन वन हेलिकॉप्टर भी उनके दस्ते में शामिल होगा।

    6.बराक ओबामा की यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिल्ली पुलिस, सीआईएसएफ, आईबी और एसपीजी के साथ एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स तैनात होंगे, जबकि अमेरिका की एफबीआई, सीआईए और एनएसए भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखेंगी।

    7.यात्रा के पहले दिन यानी 25 जनवरी को ओबामा, नरेंद्र मोदी के साथ कई मुद्दों पर अहम बातचीत करेंगे। इसमें परमाणु कार्यक्रम और रक्षा से जुड़े कई समझौतों के होने की उम्मीद है।

    8. ओबामा अपनी यात्रा के दूसरे दिन गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होंगे. इसके बाद वह भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारत और अमेरिकी कंपनियों के सीईओ की राउंड टेबल बैठक में शामिल होंगे।

    9.गणतंत्र दिवस के परेड के दौरान दिल्ली को नो फ्लाई ज़ोन घोषित किया गया है, यानी दिल्ली के ऊपर हवा में 400 किलोमीटर के रेंज में किसी विमान को उड़ान भरने की इजाजत नहीं होगी।

    10. अपनी यात्रा के अंतिम दिन बराक ओबामा एक टाउन हाल को संबोधित करेंगे। इसी दिन बराक ओबामा भारीय प्रधानमंत्री के साथ मिलकर ऑल इंडिया रेडियो से 'मन की बात' कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    http://khabar.ndtv.com/news/india/10-high-points-regarding-barack-obamas-india-visit-731677


    इसीलिए क़बूला भारत आने का न्यौता: ओबामा

    बीबीसी हिन्दी - ‎16 hours ago‎

    ... उसे हासिल करने का समय आ गया है. यही वजह है कि भारत के गणतंत्र दिवस पर पहला अमरीकी राष्ट्रपति बनने का न्योता मैंने स्वीकार कर लिया." अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई में भारत और अमरीका एक साथ हैं. ओबामाने कहा, "मैंने यह साफ़ कर दिया है कि चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई में अमरीका पाकिस्तान के साथ मिलकर काम कर रहा है और पाकिस्तान में चरमपंथियों का पनाहगाह किसी भी सूरत में मंज़ूर नहीं है. मुंबई पर हुए हमले में शामिल लोगों को सज़ा ज़रूर मिलनी चाहिए." (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.) ...

    मोदी से प्रभावित ओबामा, भारत की स्थाई सदस्यता की वकालत

    Rajasthan Patrika - ‎20 hours ago‎

    नई दिल्ली। अपने 25 जनवरी को प्रस्तावित भारत दौरे से पहले अमरीकी राष्ट्र्रपति बराक ओबामाने कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता मिनली चाहिए। भारत आने को लेकर ओबामाने कहा कि भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में अतिथि बनकर आने पर वे अपन आपको सम्मानित महसूस कर रहे हैं। एक पत्रिका को दिए इंटरव्यू में बराक ओबामाने मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि मोदी का विजन एक दम साफ है। मैं उनकी उर्जा से काफी प्रभावित हूं। भारत से अपने रिश्तों पर बोलते हुए ओबामाने कहा कि मुझे इस बात का पूरा भरोसा है कि भारत और अमरीका के रिश्ते 21वीं सदी के लिए नजीर बन सकते हैं।

    भारत-अमरीका स्वभाविक साझेदार: ओबामा

    Chhattisgarh Khabar - ‎20 hours ago‎

    नई दिल्ली | समाचार डेस्क: बराक ओबामाने कहा कि कुछ मुद्दों पर असहमति के बावजूद भारत-अमरीका स्वभाविक साझेदार हैं. अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामाने शुक्रवार को कहा कि वह भारत और अमरीका को 'सच्चे वैश्विक साझीदार' के रूप में देखते हैं और उनका भारत दौरा उनके इस दृष्टिकोण को समझने का माकूल अवसर है. ओबामाने पत्रिका 'इंडिया टुडे' को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव और दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करने की उनकी प्रतिबद्धता ने हमें अपनी साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने का अवसर प्रदान किया है."उन्होंने कहा, "मुझे लगता है ...

    अमरीका से भारत को क्या चाहिए?

    बीबीसी हिन्दी - ‎1 hour ago‎

    राष्ट्रपति ओबामाभारत की यात्रा पर जाने वाले हैं. एक पूरा दिन वो मोदी सरकार के अधिकारियों से मुलाक़ात करेंगे, उसके बाद राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के साथ रात्रिभोज करेंगे. इस दौरे की सबसे अहम प्रतीकात्मक बात होगी भारत के गणतंत्र दिवस की परेड में, उनका मुख्य अतिथि होना. ऐसी भी ख़बरें हैं कि सीईओ के साथ बैठक, दिल्ली टाउन हॉल में एक सभा और आगरा में ताज महल देखने का कार्यक्रम है. इस दौरे के साथ जुड़ी हुई प्रतीकात्मकता अधिक महत्व की है क्योंकि यह पहली बार हो रहा है कि अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति दो बार भारत आए और पहली बार एक अमरीकी राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस में मुख्य ...


    देशभर में आज जरुरत थी एक आवाज की,एक नारे की ओबामा वापस जाओ।वह आवाज गायब है।जो आवाज आ रही है,उसकी गूंज लेकिन कहीं नहीं है।मसलनः


    Anil Tyagi, Deepti Gopinath, Feroze Mithiborwala, Kishor Jagtap, Sudhir Dhawale, Shyam Sonar, Jyoti Badekar, Mayur Thakre, Farid Khan, Sayeed Khan, Farouk Mapkar, Mulniwasi Mala, Jagdish Nagarkar, Arif Kapadia and Afaque Azad.

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    जैसा कि कुरुक्षेत्र के गीता महोत्सव का हश्र हुआ महा विनाश,वैसे ही हिंदू साम्राज्यवादी अश्वमेध से देस विदेश हिंदुओं का ही सर्वनाश,विधर्मियों का नहीं


    गुजरात में तुगलकी फरमान: मुस्लिम छात्रों को भी करनी होगी पूजा ... http://bit.ly/1JrYScj #Gujarat, #Hindu, #Muslim, #SaraswatiPooja, #School, #VasantPanchami, #गजरत, #पज, #वसतपचम

    News24online



    गुजरात में तुगलकी फरमान: मुस्लिम छात्रों को भी करनी होगी पूजा ... http://bit.ly/1JrYScj‪#‎Gujarat‬, ‪#‎Hindu‬, ‪#‎Muslim‬, ‪#‎SaraswatiPooja‬, ‪#‎School‬, ‪#‎VasantPanchami‬, ‪#‎गजरत‬,‪#‎पज‬, ‪#‎वसतपचम‬

    अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के स्वागत में भारतीय खाने के बाद खाया जाने वाला पान भी पेश करने की तैयारी की जा रही है। खबरों के मुताबिक राष्ट्रपति भवन में ओबामा के सम्मान में दिए जा रहे भोज में पान भी होगा। राष्ट्रपति भवन के कार्यक्रमों में पान सप्लाई करने वाली दिल्ली की खास दुकान में ओबामा के लिए क्या है तैयारी, आइए जानते हैं।


    देवी प्रसाद पांडे जी का पान मशहूर इतना है कि दूर-दूर से लोग इसे खाने आते हैं और पांडे जी की मानें तो इस बार अमेरिका से आ रहे मेहमान भी पान के इस स्वाद को भूल नहीं पाएंगे। दरअसल, राष्ट्रपति भवन में होने वाले कार्यक्रमों में मेहमान चाहे कोई भी हो, पान पांडे जी के यहां से ही जाते हैं। आखिर क्या खास है पांडे जी के पान में-यही जानने के लिए, हम पहुंच गए-दिल्ली के नार्थ एवन्यू में।


    पांडे जी, बराक ओबामा के लिए बनाने जा रहे पान में क्या डालेंगे इसे वो नहीं बताना चाहते, लेकिन उनका कहना है कि पान में कोई केमिकल या तंबाकू नहीं होगा। पांडे जी का कहना है कि राजनेताओं, फिल्म एक्टर्स ही नहीं, पेंटर मकबूल फिदा हुसैन भी उनके पान के दीवाने थे। उन्होंने पांडे जी के पान से खुश हो कर उन्हें हनुमान जी की एक पेंटिंग बना कर भी पेश की थी और पान पेश किया था फिल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षित को।


    वैसे पांडे जी के पानदान में माधुरी की गिलौरी ही नहीं है, उनके पान में स्वीट फ्रूट, नट्टी-बट्टी, बेरीज, बटर स्कॉच, चॉकलेट से लेकर स्ट्रॉबेरी तक का ट्विस्ट है, अब देखना ये होगा कि बराक ओबामा को इनमें से कौन सा पान भाता है।


    जहां ओबामा को पान परोसा जाएगा तो वहीं अमेरिका की फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा के लिए वाराणसी की मशहूर बनारसी साड़ी का तोहफा तैयार हो रहा है। ये तोहफा वाराणसी के बुनकरों ने तैयार किया है। दिल्ली के सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्री के अधिकारी वाराणसी में साड़ियां चुनने में लगे हैं। ये साड़ियां सोने और चांदी की जरी से सजी होंगी और ऐसी 250 साड़ियां मिशेल ओबामा को गिफ्ट की जाएंगी।



    BBC Hindi

    OBAMA IN INDIA: ओबामा के भारत दौरे से भारत क्या-क्या उम्मीदें लगाए बैठा है, पढ़ें एक विश्लेषण. http://bbc.in/1yaStf7

    OBAMA IN INDIA: ओबामा के भारत दौरे से भारत क्या-क्या उम्मीदें लगाए बैठा है, पढ़ें एक विश्लेषण. http://bbc.in/1yaStf7


    श्रीलंका के कट्टरपंथी बौद्ध संगठन के रहबर बने मोदी, भाजपा और संघ

    Written by ईएनएस | चेन्नई|

    हमारी इच्छा है कि हमारे पास भी मोदी जैसा नेता हो। बीबीएस को चरमपंथी सिंहली बौद्ध राष्ट्रवादी संगठन माना जाता है। यह संगठन पिछले साल श्रीलंका में मुसलमानों और ईसाइयों पर हुए खूनी हमलों के लिए कुख्यात रहा है। इसी कारण बीते राष्ट्रपति चुनाव में महिंदा राजपक्षे को अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों के वोट से महरूम रहना पड़ा और शिकस्त मिली। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में विथानागे ने कहा कि उनके देश में कंपनी के रूप में पंजीकृत उनका समूह भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रेरित है। जल्द ही उनका समूह इन भारतीय संगठनों की तर्ज पर पार्टी शुरू करेगा, ताकि श्रीलंका में बौद्ध संस्कृति के रक्षा की जी सके।

    विथानागे ने कहा कि मोदी को लेकर हमारे मन में सकारात्मक धारणा है। एक नेता के तौर पर उनकी शख्सीयत की तारीफ करते हैं। अनाधिकारिक रूप से हमारे और भाजपा- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से निजी रिश्ते रहे हैं। उनके नेताओं से संवाद भी होता रहा है। अब हम भारतीय प्रतिपक्षियों से सक्रिय राजनीतिक वार्ता शुरू करने जा रहे हैं।

    बौद्ध नेता ने कहा कि बीबीएस को धार्मिक आतंकी संगठन के रूप में प्रचारित करना वैसी स्थिति है, जिस तरह गुजरात में 2002 के दंगों के दौरान मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को सामना करना पड़ा था। विथानागे ने कहा कि हम लोग किसी धर्म के खिलाफ नहीं हैं। हम किसी के खिलाफ नफरत नहीं फैलाते। लेकिन यह भी सही है कि श्रीलंका में बौद्ध धर्म और मूल्यों की रक्षा के लिए, कुछ सत्यों को लेकर हम कड़ी बातें भी करते हैं।

    उन्होंने कहा, भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी जिस तरह बहुसंख्यकों के अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं, उसी से प्रेरणा लेकर उनका संगठन बोदु बाल सेना श्रीलंका में बहुसंख्यक बौद्धों के लिए आवाज उठाता आया है। किसी दूसरे धर्म से उनका वैर नहीं है। विथानागे कहते हैं कि भारत और श्रीलंका में काफी समानताएं हैं। भारत की तरह श्रीलंका में भी बौद्धों पर धर्मांतरण का खतरा मंडरा रहा है। मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों ने धर्मांतरण का कुचक्र चला रखा है। सिंहली परिवारों में एक या दोबच्चे हैं, जबकि अल्पसंख्यक आधा दर्जन या इनसे ज्यादा बच्चे पैदाकर आबादी का संतुलन बिगाड़ रहे हैं। इनके पीछे विदेशी पैसा लगा हुआ है। हमें इसे रोकना होगा। इसीलिए मोदी और उनकी पार्टी हमारे लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।

    बीबीएस की स्थापना 2012 में जाथिका हेला उरूमाया (जेएचयू) से अलग हुए एक कट्टरपंथी धड़े ने की थी। संगठन का कहना है कि बौद्ध धर्म की रक्षा के लिए इसका गठन हुआ। सेना का मुख्यालय कोलंबो के बुद्धिस्ट कल्चरल सेंटर में है जिसका उद्घाटन 2011 में राजपक्षे ने किया था।

    श्रीलंका में बीबीएस को आम तौर पर धार्मिक पुलिस के तौर पर भी देखा जाता है। यह संगठन अल्पसंख्यक वोट बैंक की सियासत पर सवाल उठाता आया है। बीबीएस का आरोप है कि अल्पसंख्यकों की ओर से चलाए जा रहे कारोबार में अवैध विदेशी पैसा लगा हुआ है। सेना का आरोप है कि देश के अल्पसंख्यक खासकर मुसलमान और ईसाई धर्मांतरण के कुचक्र में लगे हैं। दूसरी ओर बीबीएस पर आरोप है कि वह बहुसंख्यकों को भड़काकर मस्जिदों और चर्चों पर हमले करवाता है।

    संगठन ने अपने गठन के बादएक साल में ही ईसाइयों के खिलाफ अपना अभियान चलाकर कुख्याति हासिल की थी। जून 2014 में बीबीएस ने मुसलमानों की ज्यादा आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाया। इस घटना में चार लोग मारे गए थे। स्थानीय अखबारों में छपी खबरों में बताया गया कि बीबीएस से जुड़े लोगों ने कई जगह पेट्रोल बम फेंके। कुछ कस्बों में मुसलमानों के घरोें, कारोबार को निशाना बानाया गया। देश की आबादी में मुसलमान दस फीसद हैं। इस हिंसा पर अमेरिका और यूरोपीय संघ ने चिंता जताई थी और बीबीएस की गतिविधियों पर चेतावनी दी थी।

    - See more at: http://www.jansatta.com/national/bedi-as-bjp-cm-candidate-hardline-lanka-buddhists-inspired-by-modi-rss/14448/#sthash.u03id6fl.dpuf

    बजरंग दल 'हिंदू फोर्स' बनाने की तैयारी में

    नवभारत टाइम्स| Jan 24, 2015, 01.00AM IST

    पूनम पाण्डे, नई दिल्ली

    विश्व हिंदू परिषद ( वीएचपी) की युवा शाखा बजरंग दल देश भर में 'हिंदू फोर्स' खड़ी करने की तैयारी में है। इसकी शुरुआत अप्रैल से होगी। बजरंग दल हर जिले में शक्ति आराधना केंद्र स्थापित करेगा, जहां युवाओं को लाठी चलाने से लेकर बंदूक चलाने तक की ट्रेनिंग दी जाएगी।


    16-17 मार्च को चर्चा करेंगे


    सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले बजरंग दल के प्रतिनिधिमंडल की बैठक में यह तय किया गया। बजरंग दल की 16-17 मार्च को रायपुर में होने वाली राष्ट्रीय मीटिंग में इस पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। बजरंग दल ने तय किया है कि अप्रैल में हनुमान जयंती से देश भर में हिंदू फोर्स तैयार करने की शुरुआत की जाएगी। इसमें हर जिले में 'शक्ति आराधना केंद्र' बनाए जाएंगे। यह अखाड़ों की तरह होंगे।


    बनेंगे अखाड़े


    हर जिले में कम से कम 200 गज प्लॉट पर यह अखाड़ा होगा। बड़ी जगहों पर बड़ा अखाड़ा बनाया जाएगा। बजरंग दल के एक नेता के मुताबिक इन शक्ति आराधना केंद्र में युवाओं को लाठी और बंदूक चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका मकसद हिंदुत्व के नाम पर बड़ी शक्ति खड़ी करना है। शक्ति आराधना केंद्र में हनुमान की 2-3 फुट ऊंची मूर्ति लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मूर्ति के लिए जयपुर में ऑर्डर दिया जा रहा है। यहीं तैयार मूर्ति सब जगह भेजी जाएगी।


    युवकों में आएंगे अच्छे संस्कार


    बजरंग दल नेता ने बताया कि अब तक हम 'मिलन केंद्र' चलाते रहे हैं, लेकिन पहली बार इस तरह शक्ति आराधना केंद्र बनाएं जाएंगे। यहां हनुमान चालीसा के पाठ के साथ ट्रेनिंग की शुरूआत होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं के पैरंट्स को भी अच्छी लगेगी क्योंकि इससे ड्रग्स और दूसरी बुराइयों की तरफ जा रही युवा ताकत को एक दिशा मिलेगी। साथ ही हिंदुत्व का प्रचार होगा और हिंदुत्व सिर्फ एक विचार के तौर पर सामने नहीं आएगा, बल्कि अहम शक्ति बनेगा।


    उन्होंने बताया कि रायपुर में होने वाली मीटिंग में इस पर विस्तार से बात की जाएगी, इसका फाइल रूप तैयार होगा और वहीं से देश भर में शक्ति आराधना केंद्र खोलने का ऐलान किया जाएगा। बजरंग दल नेता के मुताबिक हिंदू फोर्स खड़ी करने का एक मकसद यह भी है कि जब भी हिंदुत्व को खतरा महसूस होगा तो यह शक्ति काम आएगी।

    http://navbharattimes.indiatimes.com/india/bajrang-dal-to-set-hindu-force/articleshow/45995301.cms

    जानें, क्यों खास है अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की कार 'बीस्ट'?


    इसमें मौजूद बुलेट प्रूफ पेट्रोल टैंक इसे बड़ी सुरक्षा देता है। इसे एक विशेष फोम से सील किया जाता है, जिससे इसमें आग लगने की सूरत में धमाका नहीं होता। 'बीस्ट' में चार लोगों के बैठने की जगह होती है। 'बीस्ट' के दरवाजे की मोटाई 8 इंच है। इस कार का चालक सामान्य व्यक्ति न होकर सीक्रेट सर्विस का प्रशिक्षित एजेंट होता है। दुनिया के सबसे शक्तिशाली राष्ट्रपति की इस कार में जीपीएस सिस्टम भी लगा हूआ है। यही नहीं, रात में देखने वाला कैमरा, आंसू गैस उपकरण भी बीस्ट का हिस्सा हैं।

    इस कार की बनावट बख्तरबंद फौजी गाड़ियों जैसी है। इसे स्टील, एल्मुनियम, टाइटेनियम और सिरेमिक से बनाया गया है। इस पर आम रॉकेट लांचर का असर नहीं होता। कार की चेसिस पांच इंच मजबूत स्टील की है, जो बारूदी सुरंग के फटने पर भी सलामत रहती है। टायर पंचर हो जाए तब भी इसके रिम इतने ताकतवर हैं कि वो कार को तेज रफ्तार से भगाते रहते हैं। कार के सामने का शीशा इतना मजबूत है कि बख्तरबंद भेदने वाली गोलियां भी इसे नहीं भेद सकतीं।

    अमेरिकी राष्ट्रपति कार मैं बैठे-बैठे वाई फाई, सैटेलाइट फोन और डायरेक्ट लाइन से चौबीसों घंटे उप राष्ट्रपति और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के संपर्क में रहते हैं।

    वैसे तो बीस्ट किसी भी तरह के आतंकी हमले में अमेरिकी राष्ट्रपति को बचाने में सक्षम है, लेकिन इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति के घायल हो जाने की सूरत में उन्हें बचाने के भी भरपूर इंतजाम हैं। कार के अगले हिस्से में राष्ट्रपति के ब्लड ग्रुप वाला खून रहता है, ताकि मुसीबत में उन्हें खून दिया जा सके। यही नहीं कार के पिछले हिस्से में ऑक्सीजन सप्लाई करने का भी इंतजाम रहता है।

    http://zeenews.india.com/hindi/india/armored-beast-in-city-for-barack-obamas-republic-day-ride/245775

    खुल रहा है ज्वेलरी मॉल, 450 दुकानें और ऑफिस

    प्रकाशित Sat, जनवरी 24, 2015 पर 11:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

    अब दुबई और गुड़गांव के जैसे ही अहमदाबाद में भी ज्वेलरी मॉल खुलने वाला है। पारंपरिक ज्वेलरी बाजार से हटकर विकसित और पॉश इलाके में खुल रहे ज्वेलरी मॉल को लेकर इस उद्योग से जुड़े लोग भी खुश हैं।


    अहमदाबाद में भी सोने की खरीदारी के लिए इधर-उधर दुकानों में जाने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि वहां खुलने जा रहा है ज्वेलरी मॉल। दुबई और गुड़गांव के गोल्ड सूक के तर्ज पर अहमदाबाद में भी अब ज्वेलरी मॉल खुलने वाला है। इस्कॉन ग्रुप शहर के सैटेलाइट इलाके में मॉल बना रहा है। 8 फ्लोर वाले इस मॉल में 450 दुकानें और ऑफिस होंगे। कंपनी को देश-विदेश से अब तक 45 फीसदी बुकिंग मिल चुकी है।


    मॉल को दुबई के गोल्ड सूक की ही तरह ब्रिटिश डिजाइन के मुताबिक बनाया जा रहा है। इसमें शॉप, ऑफिस के साथ ही लॉकर और इंश्योरेंस की सुविधा भी मिलेगी। साथ ही, फूड कोर्ट के लिए भी करीब 5000 वर्ग फीट का एरिया रखा गया है।


    दरअसल, अहमदाबाद के मानेक चौक और सी जी रोड के ज्वेलर्स का इंटरेस्ट सैटेलाइट एरिया में बन रहे इस मॉल में इसलिए ज्यादा है क्योंकि इन दोनों इलाकों में पार्किंग सबसे बड़ी समस्या है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस्कॉन ग्रुप ने अपने इस मॉल में 900 गाड़ियों और करीब 3000 टू-व्हीलर्स के पार्किंग के लिए दो फ्लोर अलग से बनाए हैं।

    http://hindi.moneycontrol.com/mccode/news/article.php?id=113675



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    What a Bull run ahead as Uber sends email to Delhi rape victim: We are back to serve you!

    Palash Biswas

    uber, uber cab rape, uber delhiUber cab rape victim: "This should never have happened to me. This city has failed me."


    In Kolkata,a husband affluent with promoter builder raj boom boom kept another woman and kept on his Ponzi network of funding for high rise life.Then,suddenly things turn so violent that he murdered both the women with their children and killed himself after chopping his own genitial.HASTAKSHEP showcased some of the cases today.But the latest news updates in Indian Express is alarming as the Finance Minister,the lawyer of Dow Chemicals has declared in Davos that it would be complete PRIVATIZATION.Wooing foreign capital is the topmost priority for the minimum governance of the government of Hindu Imperialists.


    US President Barack Obama is landing in India tomorrow on the occasion of an extended Vasant Panchmi enveloped with high voltage hate campaign and racial apartheid as the Trishul comprising BJP President Amit Shah,RSS head Mohan Bhagwat and VHP face Praveen Togadia are engaged to set India and the entire geopolitics,the emerging market on fire!


    Obama himself invoked blind hindu nationalism branding Pakistan virtually a terrorist state which happened to be best ever friend of United States of America.America supplied AK 47,rocket launchers and RDX to arm the Taliban based in Pakistan and the entire lot was used against India in US Knowledge.


    Not far ago,just in 1971,USA sent its seventh fleet to support Pakistan against Indian army action to free Bangladesh.It is history that RSS would like to rewrite in shaffron ink to justify its alliance with zionism!


    Indian ruling hegemony has set the budget priorities killing the constitution and the Parliament to defend the US interests.More than fifty multinational companies have to be benefitted with tax reforms at home and every legislation,every policy making and every ordinance is nothing but a move to protect US interest.


    Uber was closed after a rapcase was lodged in Delhi.Uber is relaunched because Uber is US company which has to be protected specifically while the US President is going to be the Guest of honour riding his beast with Indian President Pranab Mukherjee breaking the protocol and tradition that the guest should ride the car of the Indian President.


    It should not be a puzzle why UBER has been relaunched.But it should be an eyeopening mirror for those who have eyes to see how UBER behaves with the Rape Victim!


    Indian Express reports:

    The Uber rape victim is "very upset" and "surprised" at the "audacity" of the cab-hailing company which copied her on an email it sent to its customers on Friday, saying it was "relaunching" operations in Delhi.


    The 25-year-old woman's American lawyer, Douglas Wigdor, who is assisting her in an effort to file a suit against Uber in a US court, told The Indian Express that the victim and her family "are very upset that they were sent an email from Uber, and that Uber has come back to Delhi without a consultation process with them".


    He said they were "surprised" that Uber had returned to Delhi so soon after the incident and had the "audacity" to send an email directly to the victim. Refusing to discuss details of his legal strategy, Wigdor said they were taking appropriate steps "in an attempt to ensure the safety of future Uber customers".


    ALSO READ: Uber cab rape victim breaks her silence: 'This city has failed me'


    "We had made it clear to Uber that the victim wanted to be part of a consultation process regarding safety procedures to ensure that no other person becomes a victim at the hands of an Uber driver. Most unfortunately, this has not happened and we have no confidence that the touted 'India-specific safety measures' will prevent another attack," he explained.


    A day after applying for a fresh licence under the modified rules of the 2006 Radio Taxi Scheme, Uber sent emails to its customers in Delhi, claiming, "We're back, to serve you and get you moving once again."


    The US-based online service was barred from plying in the city days after one of its passengers was sexually assaulted by a driver last month. The decision was also notified via a public notice issued by the transport department on December 8. Responding to a petition filed by the operator, the Delhi High Court had refused to lift the ban.

    On Thursday, however, Uber applied for a fresh licence, not under its own name but through an Indian subsidiary named Resource Experts India Private Limited. The company has even offered 25 per cent discount to passengers.


    Sources in the transport department said the company could not resume services and it would be a violation of rules. "Applying for a licence does not mean it has been granted. Also, applying under the name of another subsidiary company would mean that when passengers book themselves on Uber, the company would not take responsibility in case of any untoward incident because the licence for operation (in case it is granted) would be in the name of another company," said a source.


    "Till we get an official confirmation that a valid licence has been granted to Uber to operate in Delhi, the service will be considered illegal and will not be allowed to operate," said Special Commissioner of Police (Traffic) continued…


    - See more at: http://indianexpress.com/article/india/india-others/uber-emails-rape-victim-we-are-back-in-delhi/#sthash.zqDnyLRK.dpuf



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    Obama Visit: No Surrender to US Pressures

    marxistindia
    news from the cpi(m)
    January 24, 2015

    Press Statement



    The Polit Bureau of Communist Party of India (Marxist) has issued the following statement:



    Obama Visit: No Surrender to US Pressures



    The Obama visit is being preceded by various moves to appease US interests by the Modi government.



    Firstly, the Modi government is negotiating with the US authorities to find ways to circumvent the Civil Nuclear Liability Act passed by the Indian Parliament.  The right to recourse for suppliers liability has been objected to by the United States.  The BJP had supported this law in Parliament. Now under US pressure, this elementary safeguard for the people in the case of a nuclear accident is sought to be diluted.  The Polit Bureau demands that the letter and spirit of the law be respected and no step should be taken to pass the burden on to the Indian government or other entities.



    The Polit Bureau reiterates its strong opposition to the renewal of the Defence Framework Agreement for another ten years.  The Framework Agreement signed in 2005 contained provisions such as  the Logistics Support Agreement and the Communications and Information Security Memorandum of Agreement (CISMOA) which would have made India a military ally of the US on par with its NATO allies.  The Modi government should desist from signing the Defence Agreement  which is against the interests of the country and its strategic autonomy.



    The US is pressing India to dilute its patent regime and Intellectual Property Rights regulation.  This is meant to facilitate US multinational drug companies making super profits in India and will result in drugs becoming more expensive for the people.  The Obama visit should not result in any concessions to the US in this regard as also giving any special treatment to US investments with regard to tax liabilities.



    eom
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    Go Back Obama!

    Indian Left and democratic and Secular Solidarity screams aloud!

    Palash Biswas

    Feroze Mithiborwala's photo.

    Feroze Mithiborwala's photo.


    Mumbai,Delhi,Kolkata,Lucknow,Hyderabad to Uttarakhand,Indian geography and demography across identities seem to be in resistance at last as Indian Left and democratic and Secular Solidarity screams aloud!Here it is,India's communist parties on Saturday held a protest march and burned an effigy of President Barack Obama on the eve of his New Delhi visit, voicing fears of a US domination in economic, nuclear and defense ties with India!


    Thirteen Left parties, including the Communist Party of India-Marxist (CPI-M), Communist Party of India (CPI), Revolutionary Socialist Party (RSP), All India Forward Bloc (AIFB) and Socialist Unity Centre of India (SUCI), on Saturday organized a march from Esplanade area to the American Center in Kolkata to protest against US President Barack Obama's visit to India.


    Accusing the Narendra Modi government of compromising India's sovereignty by inviting Barack Obama for the Republic Day function, several Left parties Saturday staged a rally here opposing the US president's visit.

    The rally was attended by Left Front chairperson and Communist Party of India-Marxist politburo member Biman Basu, Leader of Opposition in the West Bengal assembly Surjya Kanta Mishra and CPI state secretary Manju Kumar Majumdar.

    "The decision (to invite Obama) makes it clear that the Modi government has adapted an extreme right-wing policy. They have chosen a path that will compromise our country's sovereignty," Bose said at the rally.

    "This government is attempting to make India a US ally and we oppose it," he added.

    Bedsides the Left parties, a protest march was also organised by the Saho Nagarik Mancha, a civil society organization.

    "Whether it's the UPA or the NDA governments, all have become agents of monopolist capitalism. We strongly criticise the invitation to Obama," said Prasun Bhowmik, poet and convenor of the Mancha.



    Left parties protest against Obama visit

    Lucknow

    Workers and supporters of Left parties held protest marches against the visit of US president Barack Obama to India.AP Photo

    Workers and supporters of Left parties - CPI (ML), CPI (MP), CPI, Forward Bloc and SUCI (C) - held protest marches and demonstrations across the state against the visit of US president Barack Obama to India.


    Shouting slogans like 'Obama Go Back' they organised a procession from Parivartan Chowk to GPO in the state capital.


    At a meeting thereafter they criticized the decision of Prime Minister Modi to invite the US president on the Indian Republic Day, terming it an assault on all democratic values.


    "Head of a country which is responsible of crushing democratic values, as a chief guest on Indian Republic Day is most unfortunate" said Arun Kumar, state office secretary of CPI-ML.


    A march was also taken out in Allahabad under the leadership of CPI-ML state secretary Ramji Rai where protesters raised slogans against the visiting US president. Similar protests were also held in Ghazipur, Deoria, Bhadohi and Sonebhadra.


    Let us declare aloud that we would not tolerate any move to make in America on Indian soil.


    In fact,the Communist Party of India (Marxist) on Saturday held a nationwide protest against the upcoming visit by US President Barack Obama, stating that the America seeks to change India`s economic, security and strategic policies for its own benifits.


    Join the all-India Protests against Obama!!

    Stand in Solidarity with the National Struggle against Imperialism and Zionism!!

    Venue: Dadar Station (East), Mumbai, 24th January, 2015 - 5.00pm

    Do Share Widely.

    Anil Tyagi, Deepti Gopinath, Feroze Mithiborwala, Kishor Jagtap, Sudhir Dhawale, Shyam Sonar, Jyoti Badekar, Mayur Thakre, Farid Khan, Sayeed Khan, Farouk Mapkar, Mulniwasi Mala, Jagdish Nagarkar, Arif Kapadia and Afaque Azad.

    contact: 9029277751 / 7208007055

    Feroze Mithiborwala's photo.

    Feroze Mithiborwala's photo.

    Feroze Mithiborwala's photo.

    "President Obama is coming with an agenda - to pressurise and change India`s economic, security and strategic policies. We4 should not succumb to that pressure, but unfortunately the government is showing indications of that," CPI(M) general secretary Prakash Karat told ANI.

    "Our nuclear liability law, with which we want to protect the citizens of our country in case of a nuclear accident is another thing they want to change. The Prime Minister Narendra Modi-led government is trying to bypass the laws passed in parliament. There are many such issues, which is why we are holding a nation-wide protest against the US President`s visit today," he added.

    President Obama, who will arrive in the national capital on January 25 to take part in this year`s Republic Day celebrations on the invitation of Prime Minister Narendra Modi, will be the first US president to attend the Republic Day celebrations.

    Obama, who visited India in 2010, will also be the first US president to visit the country twice while in office.

    • Activists of the Socialist Unity Centre of India (Communist) burning an effigy of US President Barack Obama in Hyderabad on Saturday, during a protest against his visit to India on January 26. Photo: G. Ramakrishna

    • Activists of the Socialist Unity Centre of India (Communist) burning an effigy of US President Barack Obama in Hyderabad on Saturday, during a protest against his visit to India on January 26. Photo: G. Ramakrishna



    The Polit Bureau of Communist Party of India (Marxist) has issued the following statement:




    Obama Visit: No Surrender to US Pressures




    The Obama visit is being preceded by various moves to appease US interests by the Modi government.




    Firstly, the Modi government is negotiating with the US authorities to find ways to circumvent the Civil Nuclear Liability Act passed by the Indian Parliament.  The right to recourse for suppliers liability has been objected to by the United States.  The BJP had supported this law in Parliament. Now under US pressure, this elementary safeguard for the people in the case of a nuclear accident is sought to be diluted.  The Polit Bureau demands that the letter and spirit of the law be respected and no step should be taken to pass the burden on to the Indian government or other entities.




    The Polit Bureau reiterates its strong opposition to the renewal of the Defence Framework Agreement for another ten years.  The Framework Agreement signed in 2005 contained provisions such as  the Logistics Support Agreement and the Communications and Information Security Memorandum of Agreement (CISMOA) which would have made India a military ally of the US on par with its NATO allies.  The Modi government should desist from signing the Defence Agreement  which is against the interests of the country and its strategic autonomy.




    The US is pressing India to dilute its patent regime and Intellectual Property Rights regulation.  This is meant to facilitate US multinational drug companies making super profits in India and will result in drugs becoming more expensive for the people.  The Obama visit should not result in any concessions to the US in this regard as also giving any special treatment to US investments with regard to tax liabilities.

    The  Hindu reports from Hyderabad:

    Communist Party of India (CPI) activists staged a demonstration near the U. S. Consulate in Hyderabad protesting the visit of US President Barack Obama.

    CPI senior leader K. Narayana and party MLA Gunda Mallesh accompanied by party workers carrying red flags tried to proceed towards the Consulate when they were stopped by the large posse of police personnel. After initial resistance, the protestors were bundled into waiting police vans and taken away.

    Vehicular traffic on the busy Paradise-Begumpet stretch was thrown out of gear for some time. Police had a tough time handling the demonstrators. Adding to their woes were a large number of Airtel mobile customers making a beeline to the Customer Care office close to the US Consulate to make enquiries after the mobile telephony services was disrupted for over six hours.

    Activists of the CPI, Communist Party of India (Marxist), SUCI, Forward Block, RSP and CPI (ML-Liberation) burnt an effigy of the US President at Basheerbagh Press Club protesting the latter's visit. The left parties in the city had given a call to hold protest demonstrations.

    http://www.thehindu.com/news/national/left-parties-protest-obamas-india-visit/article6818652.ece

    Business Line reports:


    Left parties have called for a protest day on January 24 against the visit of US President Barack Obama.

    While some splinter parties and trade unions such as the CPI ML (New Democracy), CPI ML (Red Star) and All India Federation of Trade Unions are planning a demonstration at Jantar Mantar, mainstream Left parties have invited participation in day-long meetings and dharnas with slogans such as "Halt US aggression", "Stop interference in India's domestic matters" and "Stop US-India strategic collaboration".

    In a joint statement, six Left parties — the CPI, CPI(M), CPI(ML)-Liberation, All India Forward Block, Students Unity Centre of India SUCI(C) and Revolutionary Socialist Party (RSP) — said the US President has been invited to be the chief guest at the Republic Day at a juncture when the BJP and its government at the Centre have "unleashed the forces of Hindutva which threaten the secular and democratic values of the Indian Republic".

    "It is a supreme irony that the day which symbolises India's independence and sovereignty is being graced by the head of a country which has done the most to assault and destroy the sovereignty of many countries around the world.

    "(US) President Obama himself is responsible for the aggression in Libya and for the rerun of bombing and sending troops back to Iraq. The US is doing everything to destroy Syria as a national entity," said the statement.

    The Left parties further said the protest against Obama's visit has been organised because the US is targeting and destabilising governments and countries in West Asia by military interventions, such as in Iraq, Libya and Syria.

    It is also the patron and staunch supporter of Israel, which "occupies Palestinian land and Arab territories and subjects the Palestinian people to colonial oppression".

    Foreign monopoly


    "The BJP government is pursuing a pro-US foreign policy which is contrary to an independent non-aligned foreign policy. This is being done in the interests of Indian and foreign monopoly capital," said the Left parties.

    "The Left parties strongly protest the decision to renew the India-US Defence Framework Agreement for another 10 years. This is a pact which will yoke India to American military strategy in Asia," said the statement.

    CPI(M) leader Sitaram Yechury said in an editorial of his party's mouthpiece People's Democracy that the invitation to Obama conveys a strong signal to the world that India is cementing its position as a 'subordinate ally' of US imperialism.

    "This is a significant shift that will shape the demise of India's long-held faith in pursuing an independent foreign policy. While India has and shall continue to develop friendly relations with all countries in the world, India's foreign policy must always be dictated by its 'enlightened national interests', the crux of which is the solidarity with the developing world in resisting global domination by any power," he said.

    http://www.thehindubusinessline.com/news/politics/left-parties-to-protest-today-against-obama-visit/article6815768.ece



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    डॉ. आंबेडकरांचे लंडनमधील निवासस्थान सरकार विकत घेणार

    डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांचे लंडनमधील दोन हजार ५० चौरस फूटांचे निवासस्थान महाराष्ट्र सरकारने विकत घेण्याचा निर्णय घेतला आहे.

    महाराष्ट्र सरकार ने लंदन स्थित बी.आर. अंबेडकर के उस घर को खरीदने का फैसला किया है, जहां वह साल 1920 में लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स में पढ़ाई करने के दौरान रहते थे। इसे एक स्मारक-सह-संग्रहालय में तब्दील कर दिया जाएगा। एक अधिकारी ने यहां शनिवार को यह जानकारी दी। वैश्विक अकादमिक सम्मेलन में हिस्सा लेने लंदन गए महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने सौदे को अंतिम रूप दिया और वहां शनिवार को इसकी घोषणा की।

    मुंबई में एक अधिकारी के मुताबिक, 2050 वर्गमीटर में फैले उस घर का सौदा लगभग 40 करोड़ रुपये में तय होने की उम्मीद है। तावड़े ने लंदन में कहा, ''अप्रैल तक हमने सभी औपचारिकताएं पूरी करने की योजना बनाई है और इसे लोगों के लिए स्थायी संग्रहालय-सह-स्मारक बनाया जाएगा।''

    उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों ब्रिटेन की फेडरेशन ऑफ अंबेडक्राइट्स एंड बुद्धिस्ट ऑर्गनाइजेशन (एफएबीओ) ने महाराष्ट्र सरकार को एक पत्र लिखकर निजी संपत्ति की 40 करोड़ रुपये में नीलाम होने की सूचना दी थी।

    डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांचे लंडन मधील वास्तव्य ज्या घरात होते ते घर महाराष्ट्र सरकार विकत घेणार आहे. या बाबतच्या गाठीभेटी शिक्षण मंत्री विनोद तावडे यांनी लंडन येथे पूर्ण केल्या आहेत. तावडे हे जागतिक शिक्षण मंत्र्यांच्या परिषदेसाठी सध्या लंडन दौऱ्यावर आहे.

    डॉ. आंबेडकर यांचे १९२१-२२ असे दोन वर्षे लंडन येथील ज्या घरात वास्तव्य होते ते घर घरमालकाने विक्रीस काढले होते. याबाबत बुद्धिस्ट फोरमच्या संतोष दास या पाठपुरावा करत होत्या. दरम्यान सरकारकडून याबाबत काहीच हालचाली न झाल्याने हे घर इस्टेट एजंटद्वारा विक्रीला काढले गेले होते. सध्या लंडन दौऱ्यावर असलेले शिक्षण मंत्री तावडे यांनी यासंदर्भात संस्थेच्या दास यांच्याशी संपर्क करून व्यवहाराची माहीती घेतली. हे घर सुमारे ३५ कोटी रुपयांनी विकण्यात येत आहे अशी माहिती मिळाल्यानंतर तावडे यांनी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्याशी दावोस (स्वित्झर्लंड) येथे संपर्क करुन राज्य सरकारने हे घर विकत घ्यावे याबाबतचा निर्णय घेतला. मुख्यमंत्र्यांनी निर्णय घेतल्यानंतर तावडे यांनी तातडीने बुद्धिस्ट फोरम आणि भारतीय उच्चायुक्तचे अधिकारी यांच्यासमवेत डॉ. बाबासाहेब यांच्या त्या निवासस्थानाला भेट दिली.

    dr. babasaheb ambedkar भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांचे लंडन येथील निवासस्थान राज्य सरकार विकत घेणार असून, त्याचे रूपांतर स्मारकामध्ये केले जाणार आहे. डॉ. आंबेडकर यांनी निवास केलेले हे घर मूळ मालकाने ३५ कोटी रुपयांना विक्रीस काढले होते. त्यानुसार हे घर विकत घेण्याचा निर्णय राज्य सरकारने घेतला आहे. डॉ. आंबेडकर यांच्या १४ एप्रिलच्या जयंतीला हे घर स्मारक म्हणून जनतेसाठी खुले केले जाणार आहे.

    १९२१ ते २२ अशी दोन वर्ष डॉ. आंबेडकर यांचे वास्तव्य लंडन येथील या घरात होते. हे घर विक्रीस काढले होते. याबाबत बुद्धिस्ट फोरमच्या संतोष दास पाठपुरावा करत होत्या. जागतिक शिक्षणमंत्र्यांच्या परिषदेसाठी शिक्षणमंत्री विनोद तावडे लंडन येथे गेले आहेत. यावेळी तावडे यांनी यासंदर्भात फोरमच्या अध्यक्षा दास यांच्याशी संपर्क साधून व्यवहाराची माहिती घेतली.

    त्यानंतर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्याशी चर्चा करून हे घर विकत घेण्याचा निर्णय घेतला. यावेळी तावडे यांनी बुद्धिस्ट फोरम आणि भारतीय उच्चायुक्तालयातील अधिकारी यांच्यासमवेत डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या निवासस्थानाला भेट दिली.

    त्यानंतर इंडिया हाऊसमध्ये ब्रिटिश उच्चायुक्त रंजन मथाई, बुद्धिस्ट फोरमच्या संतोष दास, तेथील उच्च अधिकारी यांची संयुक्त बैठक घेण्यात आली. या घर खरेदीसाठी कायदेशीर आणि परदेशातील खरेदीचे नियम पूर्ण करून २ महिन्यांत प्रक्रिया पूर्ण करण्याचे बैठकीत ठरविण्यात आले, अशी माहिती सूत्रांनी दिली.


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    Awatar Singh SEKHON posted me the mail.It is in favour of Sikh Nation.
    The Mail proves the activism to have a Sikh Nation continues even after Operation Blue Star and Sikh Genocide in Eighties.

    As an Indian citizen we may not support the separatist propoganda,but it should be noted that the fire is still burning and the proactive Hindu Imperialism ruling India and its ally the Akali Politics may invite the eighties any time.

    As a journalist I am against curbing information specifically those informations whcih concern the unity and integrity of the nation.

    Pl do everything to ensure justice for Sikh Community otherwise the fire may flare up any time,anywhere,I am afraid.
    I am presenting the most controversial content of the mail highly sensitive and very important for us to feel the plight of our Sikh Brothers and sisters.
    It is claimed that Sikhism is related to the sole task of defence of Hindutva.But it is painful to see why the Sikh community across the borders are so much so against Hindutva!
    Pl think!\
    Pl Think my nation!
    The Sikh Youth of the "robbed" PUNJAB of 15th August, 1947 alias the Guru Khalsa Panth: 

    Piare Khalsa ji (my dear brothers, sisters, youth, elderlies, etc., of the "robbed" Sikh Nation, PUNJAB of 15th August, 1947)

    Waheguru ji ka Khalsa,
    Waheguru ji ki Fateh! 

    Mubarak Hove es Faisle vaste! Sovereignty, Independence and Political power of the "robbed" Sikh Nation aliasPUNJAB of 15th August, 1947 is and should be the NEXT big step; although it has been passed or the resolution has been passed on 26th September/October, 1986. Pardon me for 'memory'. 

    Best wishes and warmest regards. Please do not forget that you all are the sons of Sahib Guru Gobind Singh jiLet Guru Sahib be proud of his sons of the Dal Khalsa, Sikh youth of Punjab and Shiromani Akali Dal-Amritsar

    May the Akalpurakh grant his sons and daughters the "Sovereignty of the "robbed" PUNJAB of 15th August, 1947.Also, please always remember that "there is not 6, 8, 10, but more than 50,000 Sikhs (infants, children, male, female folks and elderlies) have been kept in jails of the "robbed" PUNJAB and outside the "robbed" PUNJAB, under the knowledge/orders of Hanera Sinh Badal and cohorts. Do not forget that Sirdar Balwant Singh Rajoana is on the death-row.Bhai Havara and other Sikhs of the "robbed" PUNJAB are imprisoned in high security jails. Let the Brahmins-Hindus-Turbaned Brahmins-Baniyas alleged Indian demo[n]cracy be down alias Murdabad.

    Guru Khalsa Panth Zindabad. 

    Best wishes and Khush raho my dear brothers. 

    -Awatar Singh Sekhon (Machaki) 
    *****


    From: "Harbans Singh" <pakhar@hotmail.com>
    To: simranjitsinghmann@yahoo.com
    Sent: Saturday, January 24, 2015 4:30:19 AM
    Subject: FW: ਸਿੱਖਾਂ ਦੇ ਗਲ ਵਿਚ ਪਾਇਆ ਗੁਲਾਮੀ ਦਾ ਸੰਗਲ 26th jan 1950 ਵਿਚ

    All citizen are equal under india constitution?
                                           Bull Shit


                                                                             26 ਜਨਵਰੀ                                                          
                                                                      Hind Fascism

     
          ਗਣਤੰਤਰ ਦਿਵਸ ਜਾਂ ਗੁੰਡਾਤੰਤਰ ਦਿਵਸ
    Hindu Indians were rewarded with special extra HUF Tax Fiscal and Hindu reservation benefits.
    Other Indians are  denied  these special extra benefits.now you know Gunda Tantar Divas?
          
                     ਸਿੱਖਾ ਲਈ ਗੁਲਾਮੀ ਦਿਵਸ  

                                                          Remove
             Hindu sign post. Hindu Tag.
                       Flying on Top of 
                       House of Sikhism
                                                                        Clause[b] Explanation 2 ]
                 Free Sikhism in india
    ਸਿੱਖਾ ਦਾ. ਧਰਮ ਬਦਲੀ ਕਰਣ. ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ.26th jan 1950.
    .ਭੈਰਓ ਮਹਲਾ ੫. ਵਰਤ ਨ ਰਹਉ ਨ ਮਹ ਰਮਦਾਨਾ.ਤਿਸ ਸੇਵੀ ਜੋ ਰਖੈ ਨਿਦਾਨਾ.ਏਕ ਗੁਸਾਈ ਅਲਹੁ ਮੇਰਾ.ਹਿੰਦੂ ਤੁਰਕ ਦੁਹਾਂ ਨਬੇਰਾ.ਹੱਜ ਕਾਬੈ ਜਾਉ ਨ ਤੀਰਥ ਪੂਜਾ.ਏਕੁ ਸੇਵੀ ਅਵਰ ਨ ਦੂਜਾ.ਪੂਜਾ ਕਰਉ ਨ ਨਿਵਾਜ ਗੁਜਰਾਉ.ਏਕ ਨਿਰੰਕਰ ਲੇ ਰਿਦੇ ਨਮਸਕਾਰ. ਨਾਂ ਹਮ ਹਿੰਦੂ ਨਾ ਮੁਸਲਮਾਨ.  
    Amend,Reword Clause [b] And delete
    Explanation 2.
     
    ਇਹ ਦੇਖੋ ਤੇ ਹੇਠਾਂ ਪੜੋ 2002 ਵਿਚ ਕੰਨਸਟੀਟੂਸ਼ਨ ਰੀਵੀਓ ਕਮਿਸ਼ਨ ਦੇ ਗਿਆਰਾਂ ਜੱਜਾਂ ਨੇ ਕਿਵੇਂ 
     ਕਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਹਿੰਦੂ ਧਰਮ ਦਾ ਕਲਾਸ,ਸੈਕਸ਼ਨ ਨਹੀ ਹੈ.ਇਸ ਕਰਕੇ ਕਲਾਜ ਬੀ ਦੀ 
     ਸੋਧ ਕਰੋ ਤੇ ਐਕਸਪਲਨੇਸ਼ਨ 2 ਦੀ ਡਲੀਸ਼ਨ ਖੱਤਮ ਕਰੋ.
    this is no small legislative error.this was done on purpose to enveloped Sikhs
    in to the fold of Hinduism. by very clever virtue of this legislative definition.
    www.lawmin.nic.in/ncrwc/finalreport.htm  to read report.click on the link.than click  on [click here].than click on volume 1 and than scrole down to right to
                                                                                                                                                             freedom to religion. and read how to amend reword clause[b] and delete Explanation 2

    Right to Freedom of Religion

     

    3.23.1 A number of institutions of Sikhs and Buddhists suggested certain changes in article 25(2).  Explanation II to article 25 provides that reference to Hindus in sub-clause (b) of clause (2) should be construed as including a reference to Sikhs etc.

    3.23.2 The constitution review Commission in year 2002. without going into the larger issue on which the contention is based, is of the opinion that the purpose of the representations would be served if Explanation II to article 25 is omitted,[deleted] and sub-clause (b) of clause (2) of that article is reworded as follows:-

     

    ਇਸ ਤਰਾਂ ਕਲਾਜ ਬੀ ਦੀ ਰੀਵਰਡਿੰਗ rewording ਕਰਵਾਓ ਤੇ ਐਕਸਪਲਨੇਸ਼ਨ 2 ਨੂੰ  delete ਖੱਤਮ ਕਰਵਾਓ.

     

    "(b) providing for social welfare and reform or the throwing open of Hindu, Sikh, Jaina or Buddhist religious institutions of a public character to all classes and sections of these religions."

     

    And delete this 

    Explanation 2. in sub clause[b]of section [2] the reference to hindus shall be construed as including a reference

    to person professing the Sikh,jaina or Buddhist religion.

     

     ਇਹ ਹਿੰਦੂ ਰੈਫਰੈਂਸ ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਤੇ ਸਿੱਖਾ ਉਪਰ ਲਾਉਣ ਨਾਲ ਸਿਖ ਧਰਮ ਦੀ ਅੱਡਰੀ ਅਜਾਦ
     ਹੱਸਤੀ ਖੱਤਮ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ.ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਸਿੱਖ ਅਤੇ ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਹਿੰਦੂ ਧਰਮ ਦਾ ਕਲਾਸ ਅਤੇ
     ਸੈਕਸ਼ਨ ਬਣ ਜਾਂਦਾ ਹੈ. ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਸਿੱਖਾ ਉਪਰ ਹਿੰਦੂ ਰਹਿੱਤ ਮਰੀਯਾਦਾ ਹਿੰਦੂ ਫੈਮਲੀ ਲਾਅ ਲਾਗੂੱ ਕਰ ਦਿਤੇ ਗਏ. ਇਸ ਚਲਾਕੀ ਨਾਲ ਸਿੱਖਾ ਨੂੰ 1947 ਵਿਚ ਅਜਾਦੀ ਨਹੀਂ ਮਿਲੀ.ਇਸ 
     ਲਈ ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਨੂੰ ਇਸਾਈ,ਮੁਸਲਿਮ ਧਰਮ ਵਾਂਗੂ ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਅਜਾਦ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਇਸ ਦੀ ਸੋਧ ਹੋਣੀ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੈ.

     

     That's how Gandhi, bandit Nehru and patel cheated the Sikhs.by legislating in clause[b] Explanation 2 that sikhs are class and section of Hindus.and they should be kept under hindu references, Hindu jackboot.

    The keys of the kingdom.on june 3.1947 in a historic meeting in viceroy's house lord mountbatten

    secured the agreement of the indian leadership to free india.for congress Nehru,patel and kriplani and for muslim league

    mohd Ali jinah, liquat Ali khan and Rab nastar.and for the Sikhs sardar Baldev singh.in the centre lord mountbatten.

     

    ParkashSinghBadal.JPG

     ਇਸ ਫੁਕਰੇ ਕੌਮ  ਨੇ ਧਾਰਾ 25 ਨੂੰ 1984 ਵਿਚ ਲੂੱਹਿਆ ਸੀ.ਇਸ ਨੂੰ ਪੱਤਾ ਸਿੱਖ ਕੌਮ ਇਸ legislationਲਿਜਸਲੇਸ਼ਨ ਤਹਿਤ ਗੁਲਾਮ ਹੈ.ਹੁਣ ਕਹਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਸੋਧ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀ ਹੈ.ਇਸ ਫੁਕਰੇ ਕੌਮ ਨੇ ਤਾਂ ਸਿੱਖਾ ਦਾ ਸੁਤੰਤਰ ਅਨੰਦ ਮੈਰਿਜ ਐਕਟ 1909 ਭੀ 2012 ਵਿਚ ਹਿੰਦੂ ਮੈਰਿਜ ਐਕਟ ਦੇ ਮਹਿਤੈਤ,ਅਧੀਨ ਕਰਵਾ ਦਿਤਾ ਹੈ.ਰਜਿਸਟਰੇਸ਼ਨ ਸੈਕਸ਼ਨ 6 ਵਿਚ ਇਹ ਸਾਫ ਲਿਖ ਦਿਤਾ ਹੈ without prejudice anything contained in the Hindu marriage act or any other law. ਇਸ ਦਾ ਮਤਲੱਬ ਹੈ ਸਿੱਖ ਹਿੰਦੂ ਮੈਰਿਜ ਐਕਟ ਨੂੰ [Abandon] ਛੱਡ ਨਹੀਂ ਸਕਦੇ. ਸਿੱਖ ਹਿੰਦੂ ਮੈਰਿਜ ਐਕਟ ਵਿਚੋ ਬਾਹਰ ਨਹੀ ਨਿਕਲ ਸਕਦੇ.

     

    ਅਕਾਲ ਤੱਖਤ ਸਾਹਿਬ ਤੋਂ ਜਥੇਦਾਰ ਗਿਆਨੀ ਗੁਰਬਚਨ ਸਿੰਘ ਧਾਰਾ 25 ਬੀ ਦੀ ਸੋਧ ਅਤੇ ਐਕਸਪਲਨੇਸ਼ਨ 2 ਨੂੰ ਖਤਮ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਹੁਕਮਨਾਮਾ ਜਾਰੀ ਕਰਦੇ ਹੋਏ.ਆਪ ਜੀ ਸੁਣੋ.

     

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    ਹੋਵੇ ਸਿੱਖ ਰਹਿਤ ਮਰੀਯਾਦਾ.
    ਮੋਹਰ ਉਸ ਉਪਰ ਲੱਗੇ ਹਿੰਦੂ ਰਹਿਤ ਮਰੀਯਾਦਾ ਕਨੂੰਨਾਂ ਦੀ.ਇਹ ਕਿਥੋਂ ਦੀ ਅਕਲਮੰਦੀ ਹੈ.ਤੁਸੀਂ ਹਿੰਦੂਆਂ ਨੂੰ ਪੁਛ ਕਿ ਦੇਖੋ ਕਿਆ ਉਹ ਆਪਣੇ ਵਿਰਸੇ ਆਪਣੀ ਰਹਿਤ ਮਰੀਯਾਦਾ ਨੂੰ ਨੀਚਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆ ਦੀਆਂ ਵਿਆਹ ਸ਼ਾਦੀਆ ਜਾਂ ਹੋਰ ਕਾਰ ਵਿਹਾਰਾਂ ਉਪਰ ਮੁਸਲਮਾਨਾਂ ਦੇ references.ਇਸਲਾਮਿਕ ਲਾਅ ਦੀ ਮੋਹਰ,ਸਟੰਪ ਲੂਆ ਲੈਣਗੇ.

    ਸਿੱਖਾਂ ਦੇ ਕਾਰਜ ਹੋਵਣ ਸਿੱਖ ਰਹਿਤ ਗੁਰ ਮਰੀਯਾਦਾ ਨਾਲ .ਤੇ ਉਸ ਉਪਰ ਮੋਹਰ ਲੱਗੇ ਹਿੰਦੂ ਰਹਿਤ ਮਰੀਯਾਦਾ ਕਨੂੰਨਾਂ ਦੀ. ਕਿਆ ਦਿਮਾਗ ਤਾਂ ਕੁਝ ਠੀਕ ਹਨ.
     
     ਇਹ ਹਿੰਦੂ ਮੋਹਰਾਂ ਹਨ ਜੋ ਸਿੱਖਾਂ ਉਪਰ ਲੱਗਦੀਆਂ ਹਨ.
      Hindu code.ਇਹਨਾਂ ਵਿਚ ਕਿਤੇ ਭੀ ਸਿੱਖ ਇਥੋਜ਼ ਪਰਿਨਸੀਪਲ,ਸਿੱਖ ਰਹਿਤ ਮਰੀਯਾਦਾ ਦਾ ਸੇਕਸ਼ਨ,ਕਲਾਜ ਨਹੀਂ ਹੈ.
     
     [1]ਆਰਟੀਕਲ 25.ਕਲਾਜ ਬੀ.ਐਕਸਪਲਾਨੇਸ਼ਨ 2
    [2]ਹਿੰਦੂ ਮੈਰਿਜ ਐਕਟ 1955
    [3]ਹਿੰਦੂ ਅਡੱਪਸ਼ਨ ਐਕਟ 1956
    [4]ਹਿੰਦੂ ਮਿਨੋਰਟੀ ਐਂਡ ਗਾਰਡੀਅਨਸ਼ਿਪ ਐਕਟ 1956
    [5]ਹਿੰਦੂ ਸਕਸੈਸ਼ਨ ਐਕਟ 1956
    [6]ਹਿੰਦੂ ਅਨਡੀਵਾਈਡਿਡ ਫੈਮਲੀ ਟੈਕਸ ਲਾਅ 1955 [huf] HINDU Reservation Benefits ਇਸ  ਲਾਅ ਅਧੀਨ  ਫੈਦੇ ਲੈਣ ਲਈ ਤਾਂ ਸਿੱਖਾਂ ਨੂੰ  ਫੌਰਮ  ਉਪਰ ਆਪਣੇ ਸਾਈਨ ਕਰਕੇ ਕਹਿਣਾਂ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਅਸੀ ਹਿੰਦੂ ਹਾਂ.ਇਹ ਸਿੱਖੀ ਸਿਧਾਤਾਂ ਉਪਰ ਬਾਹਮਣਾਂ  ਵਲੋ  spider nest,ਮਿੱਠੀ ਜਹਿਰ ਦੀ ਗੋਲੀ    suger coated poison ਦਾ  ਬਹੁਤ ਵੱਡਾ ਹਮਲਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ.  ਇਹ ਗੁਲਾਮੀ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾਂ ਹੋਰ ਕੀ ਹੈ.
    harbans singh aujla  pakhar@hotmail.com
     
     
    Palash Biswas

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  • 01/24/15--11:28: 'Doomsday Clock' Ticks
  • Dear Friend,

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    In Solidarity
    Binu Mathew
    Editor
    www.countercurrents.org


     'Doomsday Clock' Ticks Forward: Climate Change, Nuclear Weapons Push Humanity Closer Towards Global Catastrophe
    By Andrea Germanos

    http://www.countercurrents.org/germanos230115.htm

    Runaway climate change and the ongoing threat of nuclear weapons have pushed the world closer towards irreversible catastrophe, the Bulletin of the Atomic Scientists announced Thursday, as the group pushed the symbolic Doomsday Clock forward to three minutes before midnight


    A Future In Prison
    By Kathy Kelly

    http://www.countercurrents.org/kelly230115.htm

    The Bureau of Prisons contacted me today, assigning me a prison number and a new address: for the next 90 days, beginning tomorrow, I'll live at FMC Lexington, in the satellite prison camp for women, adjacent to Lexington's federal medical center for men. Very early tomorrow morning, Buddy Bell, Cassandra Dixon, and Paco and Silver, two house guests whom we first met in protests on South Korea's Jeju Island, will travel with me to Kentucky and deliver me to the satellite women's prison outside the Federal Medical Center for men


    CNN Serves US Gov Policy, Casts Deceased Saudi Tyrant In Positive Light
    By Robert Barsocchini

    http://www.countercurrents.org/barsocchini230115.htm

    " Reporting " on the death of Saudi dictator Abdullah in an article titled "Saudi Arabia's 'reformer' king Abdullah dies", CNN notes that his dictatorship is a "key US ally", and thus proceeds to paint an entirely sympathetic picture of his brutal regime, perhaps the world's most repressive. CNN expresses admiration for the dictatorship and hatred for the Saudi people, attempting to defend US policy of repressing those people by propping up the dictatorship since the 1930s, when Saudi oil was discovered


    Federal Prison Sentence Begins For Anti-Drone Activist, Kathy Kelly
    An interview with peace activist Kathy Kelly By Medea Benjamin

    http://www.countercurrents.org/benjamin230115.htm

    On January 23, Kathy Kelly, co-coordinator of Voices for Creative Nonviolence, a campaign to end U.S. military and economic warfare, will begin a three-month jail sentence in federal prison for a protest against drones (also known as "unmanned aerial vehicles") at Whiteman Air Force Base in Missouri. Medea Benjamin had a chance to interview her before she had to turn herself in


    Drones And The New Ethics Of War
    By Prof. Neve Gordon

    http://www.countercurrents.org/gordon230115.htm

    This Christmas small drones were among the most popular gift under the tree in the U.S. with manufacturers stating that they sold 200,000 new unmanned aerial vehicles during the holiday season. While the rapid infiltration of drones into the gaming domain clearly reflects that drones are becoming a common weapon among armed forces, their appearance in Walmart, Toys "R" Us and Amazon serves, in turn, to normalize their deployment in the military

    Defend The Indian Constitution! Defend Diversity, Dialogue, Democracy!
    By Forum for the Defence of the Indian Constitution

    http://www.countercurrents.org/dic230115.htm

    On 26 January 2015 as we mark the 65th anniversary of the adoption of the Indian Constitution and the declaration of the country as a Republic the time has come to ask, 'How much longer will this entity called modern India last?'


    British Have Invaded 193 Countries: Make 26 January
    ( Australia Day, Invasion Day) British Invasion Day
    By Dr Gideon Polya

    http://www.countercurrents.org/polya230115.htm

    In the last 2 millennia the British have invaded 193 out of 203 present-day countries (195 UN-recognized nations and 8 non-UN-recognized self-governing countries) as compared to the French 80, the US 70 and Apartheid Israel 12. However the British invasion of Australia on 26 January 1788 ultimately destroyed as many as 600 unique Indigenous Australian tribes and a comparable number of languages and dialects


    Ukraine Stiffs China For Billions It Owes
    By Eric Zuesse

    http://www.countercurrents.org/zuesse230115.htm

    China paid Ukraine $3B two years Ago for grain still not delivered, now demands refund. Another $3.6B that's owed to China, will probably also default


    Lessons That Hollande Failed To Learn From W. Bush's Plunders
    By Ramzy Baroud

    http://www.countercurrents.org/baroud230115.htm

    Francois Hollande is not a popular president. No matter how hard the 'socialist' leader tries to impress, there never seems to be a no solid constituency that backs him. He attempted to mask his initial lack of experience in foreign affairs with a war in Mali, after his country enthusiastically took on Libya. While he succeeded at launching wars, he failed at managing their consequences as the latest attacks in Paris have demonstrated


    French President Promised Justice But Terrorists Seek
    Real Justice For Muslim Millions Slaughtered
    By Jay Janson

    http://www.countercurrents.org/janson230115.htm

    Meaningful justice, would be Europeans recognizing their legal responsibility to compensate the survivors of Muslim and non-Muslim millions slaughtered, maimed, impoverished, enslaved and exploited on three continents over the centuries of Europe's rise via the plunder of three continents, including Muslim and other cultures and civilizations older, more advanced and wealthier than those of Europeans at that time. Patience!


    Sri Lanka: Window Of Opportunity To Rebuild Damaged Legal Structure
    By Asian Human Rights Commission

    http://www.countercurrents.org/ahrc230115.htm

    The 100-day reform programme of the new government is an opportune moment for rebuilding the legal structure of Sri Lanka, a precondition for achieving the "good governance" that has been promised


    Saving Modi's Image, The BJP Way
    By Prof. Vivek Kumar

    http://www.countercurrents.org/vkumar230115.htm

    Narendra Modi has decided not to address rallies and campaign in Delhi with full vigor. BJP has also decided not to make these Delhi elections a fight between him and others. BJP is afraid that if BJP looses then Modi's image will take a beating


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    Rajiv Lochan Sah added a new photo.
    3 hrs · 
    ठण्ड से लड़ने की कोशिश में आज शाम बिस्तर में घुसे रहने का विकल्प छोड़ कर टिफिन टाप-लैंड्स एंड की ओर निकल गया। रास्ते में सिर्फ एक ही व्यक्ति से मुलाकात हुई, यशपाल रावत से। उन्होंने जो कुछ बताया, उससे पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई। उनके अनुसार टिफिन टाप तक जीपेबल सड़क बननी शुरू हो गई है। वहाँ के हालात भी कुछ ऐसा ही बता रहे थे। यदि ऐसा हुआ तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा। नैनीताल में ट्रैफिक से बचने के लिये दो ही जगहों बची रही हैं, समतल में चलने के लिये ठण्डी सड़क और फेफड़ों की कसरत के लिये टिफिन टाप। क्या ये भी हमारे हाथ से निकल जायेंगे? 
    यह सब तय कौन करता होगा? ठेकेदारों की आमदनी हो जायेगी और नौकरशाहों का कमीशन बन जाएगा। शायद आसपास की कुछ जमीनों के दाम बढ़ जायें। मगर नैनीताल को क्या मिलेगा ? पर समझाऊँ किसे? इस नगर के लोग तो पहले ही पस्त पड़े हैं। कोई भी जागर उन्हें 'छाव्' नहीं कर सकता।
    ठण्ड से लड़ने की कोशिश में आज शाम बिस्तर में घुसे रहने का विकल्प छोड़ कर टिफिन टाप-लैंड्स एंड की ओर निकल गया। रास्ते में सिर्फ एक ही व्यक्ति से मुलाकात हुई, यशपाल रावत से। उन्होंने जो कुछ बताया, उससे पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई। उनके अनुसार टिफिन टाप तक जीपेबल सड़क बननी शुरू हो गई है। वहाँ के हालात भी कुछ ऐसा ही बता रहे थे। यदि ऐसा हुआ तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा। नैनीताल में ट्रैफिक से बचने के लिये दो ही जगहों बची रही हैं, समतल में चलने के लिये ठण्डी सड़क और फेफड़ों की कसरत के लिये टिफिन टाप। क्या ये  भी हमारे हाथ से निकल जायेंगे?   यह सब तय कौन करता होगा? ठेकेदारों की आमदनी हो जायेगी और  नौकरशाहों का कमीशन बन जाएगा। शायद आसपास की कुछ जमीनों के दाम बढ़ जायें। मगर नैनीताल को क्या मिलेगा ? पर  समझाऊँ किसे? इस नगर के लोग तो पहले ही पस्त पड़े हैं। कोई भी जागर उन्हें 'छाव्' नहीं कर सकता।


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    बीबीसी की खबर हैःभारत के मशहूर कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का 94 वर्ष की उम्र में पुणे में निधन हो गया. वे हफ़्ते भर से भी ज्यादा समय से दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती थे. अस्पताल के अधिकारियों ने उनके निधन की पुष्टि की है. लक्ष्मण को संक्रमण के बाद इंटेसिव केअर यूनिट में भर्ती कराया गया था. दिल के मरीज़ लक्ष्मण के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. लक्ष्मण अपने कार्टून चरित्र ''कॉमन मैन' यानी आम आदमी के लिए मशहूर थे. यह कार्टून आम आदमी की आकांक्षाओं और उसकी सोच को तो दर्शाता है ही, राजनीतिक हस्तियों पर कटाक्ष भी करता है. लक्ष्मण अपने कार्टून कॉमन मैन के लिए मशहूर हैं.

    अलविदा !

    'आम आदमी' की महायात्रा पर पूर्णविराम !

    ज्येष्ठ व्यंगचित्रकार आर. के. लक्ष्मण यांचे निधन


    अलविदा !    'आम आदमी' की महायात्रा पर पूर्णविराम !

    rk
    मटा ऑनलाइन वृत्त । पुणे

    ज्येष्ठ व्यंगचित्रकार आर. के. लक्ष्मण यांचे आज (सोमवार) वृद्धापकाळाने निधन झाले. पुण्यातील दिनानाथ रुग्णालयात त्यांनी अखेरचा श्वास घेतला. ते 94 वर्षाचे होते. गेल्या अनेक दिवसांपासून त्यांच्यावर उपचार सुरु होते. अखेर आज त्यांची प्राणज्योत मालवली.

    आर. के. लक्ष्मण याचं 'कॉमन मॅन' हे व्यंगचित्र चांगलंच गाजले. फ्री प्रेस जर्नल्सपासून त्यांनी आपल्या कारकिर्दीची सुरुवात केली. त्यानंतर अर्धशतकभर 'टाइम्स ऑफ इंडिया'मध्ये त्यांची व्यंगचित्रे प्रसिद्ध होत राहिली.

    आर. के. लक्ष्मण यांना आजवर अनेक राष्ट्रीय आणि आंतरराष्ट्रीय पुरस्कारांनी गौरविण्यात आले. पद्मभूषण, पद्मविभूषण आणि मॅगसेसे पुरस्कारांनी त्यांच्या कलेचा गौरव करण्यात आला होता.

    घटनांचे अचूक टिपण, उत्तम निरीक्षण, बुद्धिमत्ता, आत्मविश्वास याच्या जोरावर लक्ष्मण यांनी रेखाटलेली व्यंगचित्रे कायमच चर्चेत राहिली. कॉमन मॅन घडविणारा व्यंगचित्रकार हरपल्याने सर्वच क्षेत्रातून हळहळ व्यक्त करण्यात येत आहे.
    देश के जानेमाने कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण नहीं रहे, पुणे के अस्पताल में ली अंतिम सांस

    ज़ी मीडिया ब्यूरो

    पुणेः देश के जानेमाने कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का 94 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से देश में शोक की लहर छा गई है। लक्ष्मण लंबे समय से बीमार चल रहे थे। सांस में ज्यादा तकलीफ होने के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। वे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन और किडनी खराब होने की समस्या से जूझ रहे थे। उन्हें पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती किया गया था।

    लक्ष्मण अपने कार्टून चरित्र 'कॉमन मैन' यानी आम आदमी के लिए मशहूर थे। लक्ष्मण के निधन के साथ ही एक युग का अंत हो गया जिसने कार्टून को आम आदमी से जोड़ दिया था।

    समाज की विकृतियों, राजनीतिक विदूषकों और उनकी विचारधारा के अंतर पर लक्ष्मण ने तीखे ब्रश चलाए हैं। आर के लक्ष्मण का जन्म मैसूर में हुआ था। उनके पिता एक स्कूल के संचालक थे और लक्ष्मण उनके 6 बच्चों में सबसे छोटे थे। बचपन से ही लक्ष्मण को चित्रकला में बेहद रूचि थी। 'द कॉमन मैन'स्केच के जरिए मजाकिया अंदाज में नेताओं पर तंज करने वाले लक्ष्मण मैग्सेसे, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किए गए थे।

    सरकार ने आरके लक्ष्मण को 2005 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया था। डाक विभाग ने ''कॉमन मैन' पर 1988 में एक टिकट भी जारी किया था। वर्ष 2010 में लक्ष्मण को स्ट्रोक हुआ था।


    'कॉमन मैन' की आवाज आर के लक्ष्मण का निधन

    आईबीएन-7 - ‎1 hour ago‎
    पुणे। मशहूर कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण का निधन हो गया है। लक्ष्मण का निधन पुणे के अस्पताल में हुआ जहां उनका इलाज चल रहा था। लक्ष्मण 94 साल के थे। वे हफ़्ते भर से भी ज्यादा समय से दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती थे। लक्ष्मण को संक्रमण के बाद इंटेसिव केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था। दिल के मरीज़ लक्ष्मण के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। लक्ष्मण अपने कार्टून चरित्र 'कॉमन मैन' यानी आम आदमी के लिए मशहूर थे। लक्ष्मण के निधन के साथ ही एक युग का अंत हो गया जिसने कार्टून को आम आदमी से जोड़ दिया था। बताया गया है कि लक्ष्मण को मूत्राशय में संक्रमण के कारण अस्पताल ...

    गुरुदत्त के 'हाथ' थे आर के लक्ष्मण

    ABP News - ‎2 hours ago‎
    इसके बाद कार्टून जगत इस कॉमन मैन को पहचाना फिल्मी दुनिया के कॉमन मैन और सबसे बड़े निर्माता निर्देशक और एक्टर गुरुदत्त ने. गुरूदत्त जो फिल्मी दुनिया में एक कॉमन मैन की भूमिका में दिखते थे. कार्टून जगत के इस कॉमन मैन से प्रभावित हुए और अपनी फिल्म मिस्टर एन्ड मिसेज में काम दिया. कम लोग ही जानते हैं कि मालगुडी डेज में कार्टून बनाने वाले आर के गुरूदत्त की फिल्म मिस्टर एन्ड मिसेज में गुरूदत्त का हाथ बनें थे. गुरुदत्त इस फिल्म में एक स्ट्रगलिंग कार्टूनिस्ट की भूमिका निभा रहे थे. फिल्मों में उनके कार्टून को बनाया था खुद आर के लक्ष्मण ने. कई बार फिल्मों में उनके हाथ को ...

    नहीं रहे मशहूर कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण

    नवभारत टाइम्स - ‎2 hours ago‎
    समाज के पहलुओं पर उकेरे कार्टूनः 24 अक्टूबर 1921 को मैसूर में जन्मे रासीपुरम कृष्णस्वामी लक्ष्मण ने पांच दशकों से अधिक समय से अपने कार्टून कैरेक्टर 'कॉमन मैन' के जरिए समाज के तमाम पहलुओं को उकेरा था। उन्होंने सहयोगी अखबार- टाइम्स ऑफ इंडिया में 50 से ज्यादा वर्षों तक काम किया। राजनीतिक मामलों पर बनाए गए उनके कार्टून बहुत मशहूर हुए। उन्होंने कई नॉवेल लिखने केअलावा एशियन पेंट्स ग्रुप के लिए एक ऐंबलम भी बनाया था। उनके कार्टूनों को मिस्टर ऐंड मिसेज 55 नाम के हिंदी सीरियल में दिखाया गया था। उनकी रचनाओं में वे कार्टून भी थे जो उनके नॉवेल मालगुड़ी डेज में शामिल किए गए ...

    पढ़ें: कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण का जीवन सफर

    आईबीएन-7 - ‎3 hours ago‎
    मशहूर कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण का निधन हो गया है। लक्ष्मण का निधन पुणे के अस्पताल में हुआ जहां उनका इलाज चल रहा है। लक्ष्मण 94 साल के थे। वे करीब हफ़्ते भर से दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती थे। समाज की विकृतियों, राजनीतिक विदूषकों और उनकी विचारधारा के अंतर पर लक्ष्मण ने तीख़े ब्रश चलाए हैं। लक्ष्मण सबसे ज़्यादा प्रसिद्ध हुए थे "द कॉमन मैन" से, जो द टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपा करता था। आर के लक्ष्मण का जन्म मैसूर में हुआ था। उनके पिता एक स्कूल के संचालक थे और लक्ष्मण उनके 6 बच्चों में सबसे छोटे थे। बचपन से ही लक्ष्मण को चित्रकला में बेहद रूचि थी। वे फर्श, दरवाज़ा ...

    'आम आदमी' का कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण

    Webdunia Hindi - ‎1 hour ago‎
    पुणे। अपने कार्टूनों में भारतीय नेताओं की विशिष्टताओं के विभिन्न पहलुओं को उजागर करने वाले आर के लक्ष्मण ने लंबे समय तक आम आदमी की आवाज को व्यंग्यात्मक लहजे में व्यक्त किया और अपनी कृतियों से लाखों लोगों के चेहरों पर मुस्कुराहट ला दी। पांच दशक से अधिक समय तक उनके प्रशंसकों ने हर सुबह उनके बनाए कार्टूनों में आम आदमी 'कॉमन मैन' की प्रतीक्षा की। उनका किरदार आम आदमी अपनी धोती, जैकेट, गांधी.चश्मा आदि से सहज ही पहचाना जा सकता था। उनके कार्टूनों से कई बार नेताओं को झेप का सामना करना पड़ा। प्रख्यात कार्टूनिस्ट का आज पुणे में निधन हो गया। वह 94 साल के थे। देश के ...

    मशहूर कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का निधन, PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    आज तक - ‎1 hour ago‎
    पुणे के एक अस्पताल में भर्ती जानेमाने कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का सोमवार शाम निधन हो गया. उन्हें 17 जनवरी को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. 'आम आदमी' को अपनी कूची से जीवंत करने वाले 93 वर्षीय लक्ष्मण को पेशाब संबंधी संक्रमण के लिए दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल के सघन निगरानी कक्ष(आईसीयू) में भर्ती करवाया गया था. बीते दिनों अस्पताल में आरके लक्ष्मण की हालत स्थि‍र बताई जा रही थी. उनकी डायलिसिस हुई और डॉक्टरों ने बताया था कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है. हालांकि एहतियाती उपाय के तौर पर चिकित्सकों ने उन्हें सघन निगरानी कक्ष (आईसीयू) में स्थानांतरित कर दिया था.

    मशहूर ''कार्टूनिस्‍ट'' आर के लक्ष्‍मण का निधन, पुणे में ली आखिरी सांस

    प्रभात खबर - ‎3 hours ago‎
    पुणे : आम आदमी की पीड़ा को अपनी कूची से गढ़कर, अपने चित्रों से पिछली अर्द्ध शती से लोगों को आम आदमी के विचार व्यंग्य रूप में अपने कार्टूनों के जरिये बताते रहने वाले देश के मशहूर कार्टूनिस्ट आरकेलक्ष्मण का 94 साल की उम्र में आज पुणे में निधन हो गया. लक्ष्मण काफी समय से बीमार चल रहे थे. लक्ष्मण पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती थे और इसी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली. इनका पूरा नाम रासीपुरम कृष्णस्वामी लक्ष्मण था और 23 अक्टूबर 1921 को मैसूर में लक्ष्मण का जन्म हुआ था.आरकेलक्ष्मण भारत के एक प्रमुख व्यंग्य-चित्रकार रहे हैं. आम आदमी की पीड़ा को ...

    कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का निधन

    Webdunia Hindi - ‎3 hours ago‎
    पुणे। भारत के मशहूर कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का 94 वर्ष की उम्र में पुणे के एक अस्पताल में शाम 650 बजे निधन हो गया। लक्ष्मण पद्म भूषण मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित थे। शरीर के कई अंगों के सुचारु रूप से काम न कर पाने के चलते भारत के दिग्गज कार्टूनिस्टआर के लक्ष्मण को पुणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गौरतलब है कि लक्ष्मण को यूरिनरी इंफेक्शन के चलते इंटेंसिव केयर यूनिट आईसीयू में रखा गया है और डॉक्टर उन्हें डायलिसिस प्रक्रिया से भी गुजार चुके हैं। द कॉमन मैन किरदार को गढ़ने वाले कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण देश की खास शख्सियतों में से एक हैं जो करीब पांच ...

    94 साल की उम्र में मशहूर कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का निधन

    Patrika - ‎1 hour ago‎
    पुणे। जाने माने कार्टूनिस्ट आर.केलक्ष्मण का सोमवार शाम को पुणे के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 94 वर्ष के थे। सूत्रों के मुताबिक लक्ष्मण को मूत्राशय में संक्र मण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिनों बाद उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके बाद से वे वेंटीलेटर पर थे। "द कामन मैन" स्केच के जरिए मजाकिया अंदाज में नेताओं पर तंज करने वाले लक्ष्मण मैग्सेसे, पद्म भूषण तथा पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किये गये थे। उनका जन्म 1924 में एक तमिल परिवार में हुआ था। डाक विभाग ने ''कॉमन मैन' पर 1988 में एक टिकट भी जारी किया था।

    इन कार्टून्स में हमेशा जिंदा रहेंगे आरके लक्ष्मण

    नवभारत टाइम्स - ‎2 hours ago‎
    आरके लक्ष्मण अपने कार्टून 'कॉमन मैन' के लिए पूरे देश में लोकप्रिय हुए। बीते दिनों से कार्टूनिस्ट लक्ष्मण की हालत गंभीर बताई जा रही थी। उन्हें पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आज भले ही वे हमारे बीच नहीं रहे पर अपने बनाए उम्दा कार्टून्स में हमेशा वे जिंदा रहेंगे। देखें उनके कार्टून्स की झलकियां-. 26 Jan, 2015. facebook. gplus. linkedin. twitter. देश-दुनिया रिलेटेड गैलरीज़. इन कार्टून्स में हमेशा जिंदा रहेंगे आरके लक्ष्मण · इन कार्टून्स में हमेशा जिंदा रहें... 66वें गणतंत्र दिवस की झांकी · कम खर्च में घूमें ये देश · भारत में ओबामा · एक झलक झांकियों की · सऊदी के ...

    महान कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का निधन

    Oneindia Hindi - ‎3 hours ago‎
    पुणे। देश के महान कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का सोमवार को करीब सात बजे पुणे के अस्पताल में निधन हो गया। वे 94 वर्ष के थे। उनका स्वास्थ्य पिछले कई दिनों से खराब चल रहा था। इधर हालत बिगड़ने की वजह से उन्हें 17 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लक्ष्मण के परिवार में लेखिका पत्नी कमला, सेवानिवृत्त पत्रकार पुत्र श्रीनिवास और बहू उषा हैं। महान कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का निधन. आरके लक्ष्मण से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें-. आरके लक्ष्मण अंग्रेजी के लेखक आरके नारायणन के छोटे भाई थे। नारायणन की पुस्तक पर ही आधारित है देव आनंद की फिल्म गाइड। आरके लक्ष्मण देश के एक मात्र ...

    जनता की बात रखने को 'कॉमन मैन' का किरदार रचा

    Live हिन्दुस्तान - ‎15 minutes ago‎
    इससे पूर्व श्रीनिवास ने कहा था कि लक्ष्मण के अंतिम संस्कार की तिथि और स्थान अभी तय नहीं है और इसकी घोषणा बाद में की जाएगी। लक्ष्मण कई महीनों से बिस्तर पर थे। उन्हें मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि की शिकायत थी। यहां के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल के आईसीयू में डॉक्टरों की एक टीम पिछले नौ दिनों से उनकी स्थिति पर नजर रख रही थी। उनकी स्थिति में उतार चढ़ाव हो रहा था लेकिन रविवार शाम से उनकी हालत बिगड़ने लगी। सोमवार शाम उन्हें दिल का दौरा पड़ा जिसके बाद उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही उनके प्रशंसक मुंबई के वर्ली में कॉमन मैन की प्रतिमा के पास एकत्र होने लगे।

    नहीं रहे कार्टूनिस्ट आरकेलक्ष्मण, पीएम ने जताया दुख

    Rajasthan Patrika - ‎8 minutes ago‎
    मशहूर कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण अस्पताल में भर्ती, हालत नाजुक. मुंबई। जाने-माने कार्टूनिस्ट आर.केलक्ष्मण का सोमवार को पुणे के अस्पताल में निधन हो गया। वह 94 वर्ष के थे। सूत्रों ने बताया कि लक्ष्मण को मूत्राशय में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिनों बाद उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया था,जिसके बाद से वे वेंटीलेटर पर थे। कामन मैन स्केच के जरिए मजाकिया अंदाज में नेताओं पर तंज करने वाले लक्ष्मण मैग्सेसे, पk भूषण तथा पk विभूषण जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किए गए थे। उनका जन्म मैसरू में 1924 में एक तमिल परिवार में हुआ था। प्रधानमंत्री ...

    'कॉमनमैन' हुआ अनाथ, नही रहे आर के लक्ष्मण

    अमर उजाला - ‎1 hour ago‎
    लंबे समय से बीमार चल रहे मशहूर कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का निधन हो गया। 94 साल के लक्ष्मण को लगातार बीमारी के चलते पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। पिछले कई दिनों से उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। डॉक्टर लगातार उनकी सेहत में सुधार लाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन लक्ष्मण को आराम नहीं मिल पा रहा था। कॉमन मैन कार्टून के जरिए भारत ही नहीं दुनिया में ख्याति पाने वाले लक्ष्मण को कुछ साल पहले लकवा आ गया था। इसी के बाद से वह ज्यादातर बीमार ही रहते थे। कुछ दिन पहले यूरिनल इन्फेक्‍शन के चलते उनकी तबियत ...

    नहीं रहे मशहूर कार्टूनिस्ट आरकेलक्ष्मण

    पर्दाफाश - ‎2 hours ago‎
    पुणे| वयोवृद्ध कार्टूनिस्ट आर.केलक्ष्मण का संक्षिप्त बीमारी के बाद एक निजी अस्पताल में सोमवार को निधन हो गया। इस बात की जानकारी उनके परिवार के एक सदस्य ने दी। वह 94 वर्ष के थे। दिवंगत उपन्यासकार आर.के. नारायण के भाई लक्ष्मण के परिवार में लेखिका पत्नी कमला, सेवानिवृत्त पत्रकार पुत्र श्रीनिवास और बहू उषा हैं। पांच दशकों से अधिक समय से लक्ष्मण ने अपने कार्टून कैरेक्टर 'कॉमन मैन' के जरिए समाज के तमाम पहलुओं को उकेरा था। दिल के मरीज़ लक्ष्मण के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। लक्ष्मण के निधन के साथ ही एक युग का अंत हो गया जिसने कार्टून को आम आदमी से जोड़ दिया था।

    नहीं रहे आर के लक्ष्मण

    Chhattisgarh Khabar - ‎3 hours ago‎
    मुंबई | संवाददाता: आम आदमी का चितेरा कहे जाने वाले आर के लक्ष्मण नहीं रहे. कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण पिछले कुछ सालों से बीमार चल रहे थे. कुछ साल पहले लकवाग्रस्त होने के बाद लक्ष्मण का पुणे के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था. 94 वर्षीय लक्ष्मण अपने कार्टून चरित्र "कॉमन मैन' यानी आम आदमी के लिए पूरे देश में मशहूर हैं. यह कार्टून आम आदमी की आकांक्षाओं और उसकी सोच को तो दर्शाता है ही, राजनीतिक हस्तियों पर कटाक्ष भी करता है. यह कार्टून वर्ष 1951 से ही भारत के जाने-माने अंग्रेजी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के पहले पेज पर 'यू सेड इट' शीर्षक के साथ छपता आया है. सरकार ने आरके ...

    मशहूर कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण नहीं रहे

    Raviwar - ‎2 hours ago‎
    मशहूर कार्टूनिस्ट आर.केलक्ष्मण का यहां संक्षिप्त बीमारी के बाद एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. 94 वर्ष के लक्ष्मण के परिवार के एक सदस्य ने सोमवार को ये जानकारी दी. लक्ष्मण लंबे समय से पेशाब संबंधी बीमारी से पीड़ित थे. उन्हें हाल ही में पेशाब संक्रमण के चलते पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में के सघन निगरानी कक्ष में भर्ती कराया गया था. इसके बाद उनके कई अंग फेल हो गए थे जिसके चलते उन्हें वेंटिलेटर के सहारे रखा गया था. लक्ष्मण ने पांच दशकों से अधिक समय से अपने कार्टून कैरेक्टर 'कॉमन मैन' के जरिए भारतीय समाज के तमाम पहलुओं को उकेरा. राजनीतिक मसलों पर उनके बनाए गए ...

    मशहूर कार्टूनिस्‍ट आर के लक्ष्‍मण नहीं रहे

    Nai Dunia - ‎3 hours ago‎
    पुणे। भारत के मशहूर कार्टूनिस्‍ट आर के लक्ष्‍मण ने सोमवार को लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली। वह 94 वर्ष के थे। आर के लक्ष्‍मणको यूरिनरी ट्रेक्‍ट इंफेक्‍शन के चलते पुणे के दिनानाथ मंगेशकर अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। मशहूर कार्टूनिस्‍ट पिछले कुछ महीनों से बिस्‍तर पर ही थे। उन्‍हें सांस में कमी होने और अन्‍य परेश‍ानियों के चलते 16 जनवरी को अस्‍पताल में भर्ती किया गया था। पिछले कुछ समय से उनका डायलिसिस चल रहा था। पांच दशकों से अधिक समय से लक्ष्मण ने अपने कार्टून कैरेक्टर 'कॉमन मैन' के जरिए समाज के तमाम पहलुओं को उकेरा था। राजनीतिक मसलों पर उनके बनाए कार्टून बहुत मशहूर ...

    'कॉमन मैन' के कार्टूनिस्ट आरकेलक्ष्मण नहीं रहे

    India News - ‎3 hours ago‎
    पुणे. अपने 'कॉमन मैन' के मार्फ़त आज़ाद भारत की कमी-कमजोरियों और खासियतों पर कार्टून बनाने वाले मशहूर कार्टूनिस्ट आरकेलक्ष्मण का आज शाम मह्गेश्कर अस्पताल में निधन हो गया. पिछले कुछ वक़्त से वह बेहद बीमार चल रहे थे और उन्हें वेंटिलेटर के सहारे रखा गया था. लक्ष्मण 94 साल के थे. उनकी मृत्यु की वजह 'मल्टी-ऑर्गन फेलियर' रही. शरीर के कई अंगों के काम करना बंद कर देने के कारण लक्ष्मण पिछले शनिवार से आईसीयू में भर्ती थे. अंग्रेजी दैनिक टाइम्‍स ऑफ इंडिया में छपने वाली कार्टून स्ट्रिप 'यू सेड इट' में अपने चुटीले कार्टूनों के माध्यम से लक्ष्मण भारत के सबसे प्रसिद्ध ...

    PHOTOS : नहीं रहे मशहूर कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण

    khaskhabar.comहिन्दी - ‎2 hours ago‎
    मुंबई। भारत के मशहूर कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण ने पुणे के अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले कई दिनों से दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल के अधिकारियों ने उनके निधन की पुष्टि की है। लक्ष्मण को संक्रमण के बाद इंटेसिव केअर यूनिट में भर्ती कराया गया था। दिल के मरीज लक्ष्मण के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। लक्ष्मण अपने कार्टून चरित्र कॉमन मैन यानी आम आदमी के लिए मशहूर थ। यह कार्टून आम आदमी की आकांक्षाओं और उसकी सोच को तो दर्शाता है ही, राजनीतिक हस्तियों पर कटाक्ष भी करता है। यह कार्टून वर्ष 1951 से ही भारत के जाने-माने अंग्रेजी अख़बार टाइम्स ...

    दुनिया को अलविदा कह गया 'कॉमन मैन'

    ABP News - ‎3 hours ago‎
    नई दिल्ली: दुनिया में ऐसी और कोई मिसाल देखने को नहीं मिलती है जब किसी कार्टूनिस्ट के किरदार की मूर्ति बना दी गई हो. ये है हिन्दुस्तान का कॉमन मैन यानी आम आदमी जिस कॉमन मैन को ढूंढने में देश की सबसे बड़ी पार्टी को कई दशक लग गए हाल में लॉच हुई एक पार्टी ने अपना नाम ही रख दिया कॉमन मैन पार्टी. उस कॉमन मैन की खोज आज से करीब 60 पहले एक कार्टूनिस्ट कर चुका था- जी हां, इस आम आदमी की खोज करने वाले शख्स थे- रासीपुरम कृष्णास्वामी लक्ष्मण (आर के लक्ष्मण). काफी दिनों से बिमार चल रहे लक्ष्मण का आज पुणे में निधन हो गया. आर के लक्ष्मण करीब 60 साल तक कॉमन मैन, कॉमन सेंस और कॉमन ...

    प्रधानमंत्री मोदी, उपराष्ट्रपति, सोनिया ने लक्ष्मण के निधन पर शोक जताया

    प्रभात खबर - ‎1 hour ago‎
    अपने संवेदना संदेश में अंसारी ने कहा , 'कॉमन मैन' के जनक के रुप में पहचाने जाने वाले लक्ष्मण ने अपने हास्य और सामाजिक रुप से प्रासंगिक संदेशों के जरिए लाखों देशवासियों की जिंदगी को छुआ. उन्होंने कहा, मैं लक्ष्मण के निधन से बेहद दुखी हूं. हालिया समय में हमारे देश के सबसे प्रख्यात कार्टूनिस्ट. उन्होंने कहा, मैं शोक संतप्त परिवार के प्रति हार्दिक संवदेना व्यक्त करता हूं. मैं अल्लाताला से उनके परिवार को इस क्षति को सहन करने की ताकत प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं. अपने संदेश में सोनिया गांधी ने लक्ष्मण केनिधन पर 'गहरा शोक' जताया. उनके निधन को एक संस्थान की समाप्ति ...

    'कॉमन मैन' के जनक का निधन

    ABP News - ‎34 minutes ago‎
    'कॉमन मैन' के जनक का निधन. Monday, 26 January 2015 10:01 PM. 1 of 7. 1 of 7. प्रख्यात कार्टूनिस्ट और आम आदमी की आवाज कहे जाने वाले आर.केलक्ष्मण का सोमवार शाम एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. 94 साल के लक्ष्मण को लगभग 10 दिनों पूर्व उनके मूत्राशय में संक्रमण और फेफड़े में समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था. Next · Next · whatsapp-share · facebook-share · twitter-share · googleplus-share · linkedin-share · reddit-share. Latest Photos. 'कॉमन मैन' के जनक का निधन · BSF जवानों का ये जांबाज स्टंट देख झूम उठे ओबामा · तस्वीरों के संग, गणतंत्र के रंग · जब सोनिया गांधी से हुआ मोदी का सामना · टीम इंडिया के ...

    नहीं रहा 'कॉमन मैन' का रचयिता

    Instant khabar - ‎1 hour ago‎
    नई दिल्ली: जाने- माने कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण का सोमवार को 93 वर्ष की आयु में पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में निधन हो गया। वो पिछले कई दिनों से अस्वस्थ थे। उनको कई दिनों तक वेटिंलेटर पर रखा गया था, वे अस्पताल में जीवन और मृत्यु से संघर्ष कर रहे थे। वो 2010 से मल्टीपल स्ट्रोक से पीड़ित थे। आर के लक्ष्मण का जन्म 24 अक्टूबर 1921 को मैसूर में हुआ था। वो मशहूर लेखक आर के नारायण के भाई थे। आर के लक्ष्मण को उनके 'द कॉमन मैन' कार्टूनों के लिए विशेष प्रसिद्धि मिली थी। आर के लक्ष्मण को भारत सरकार ने 2005 में पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित किया था। इसके पहले 1984 में उन्हे ...

    R. K. Laxman

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    This article is about a person who has recently died. Some information, such as the circumstances of the person's death and surrounding events, may change as more facts become known. Initial news reports may be unreliable.
    R.K.Laxman
    Born 24 October 1921
    Mysore, India
    Died 26 January 2015 (aged 93)[1]
    PuneMaharashtraIndia
    Occupation Cartoonist, Illustrator
    Known for Common Man cartoon
    Spouse(s) Kamala
    Family R. K. Narayan (brother)
    Awards Padma BhushanRamon MagsaysayPadma Vibhushan
    Signature RKLaxman.jpg

    Rasipuram Krishnaswamy Laxman[2] (24 October 1921 - 26 January 2015)[3] was an Indian cartoonist, illustrator, and humorist.[4] He is best known for his creation The Common Man, for his daily cartoon strip, "You Said It" inThe Times of India, which started in 1951.

    Laxman started his career as a part-time cartoonist, working mostly for local newspapers and magazines. While a college student, he illustrated his elder brother R K Narayan's stories in The Hindu. His first full-time job was as a political cartoonist was for the The Free Press Journal in Mumbai. Later, he joined The Times of India, and became famous for Common Man character.

    Birth and childhood[edit]

    R. K. Laxman was born in Mysore. His father was a headmaster and Laxman was the youngest of six sons;[5] an older brother is the famous novelist R. K. Narayan.

    Laxman was engrossed by the illustrations in magazines such as The Strand MagazinePunchBystanderWide World andTit-Bits, even before he could read.[6] Soon he was drawing on his own, on the floors, walls and doors of his house anddoodling caricatures of his teachers at school; praised by a teacher for his drawing of a peepal leaf, he began to think of himself as an artist in the making.[7] Another early influence on Laxman were the cartoons of the world-renowned British cartoonist, Sir David Low (whose signature he misread as "cow" for a long time) that appeared now and then in The Hindu.[8] Laxman notes in his autobiography, The Tunnel of Time:

    " I drew objects that caught my eye outside the window of my room – the dry twigs, leaves and lizard-like creatures crawling about, the servant chopping firewood and, of course, and number of crows in various postures on the rooftops of the buildings opposite "

    Laxman was the captain of his local "Rough and Tough and Jolly" cricket team and his antics inspired the stories "Dodu the money maker" and "The Regal Cricket Club" written by his brother, Narayan.[10] Laxman's idyllic childhood was shaken for a while when his father suffered a paralytic stroke and died around a year later, but the elders at home bore most of the increased responsibility, while Laxman continued with his schooling.[11]

    After high school, Laxman applied to the J. J. School of ArtBombay hoping to concentrate on his lifelong interests of drawing and painting, but the dean of the school wrote to him that his drawings lacked, "the kind of talent to qualify for enrollment in our institution as a student", and refused admission.[12] He finally graduated with a Bachelor of Arts from theUniversity of Mysore. In the meantime he continued his freelance artistic activities and contributed cartoons to Swarajya and an animated film based on the mythological character, Narada.[13]

    Career[edit]

    Beginning[edit]

    Laxman's earliest work was for newspapers and magazines such as Swarajya and Blitz . While still at the Maharaja College of Mysore, he began to illustrate his elder brother R K Narayan's stories in The Hindu, and he drew political cartoons for the local newspapers and for the Swatantra. Laxman also drew cartoons, for the Kannada humour magazine, Koravanji. Incidentally, Koravanji was founded in 1942 by Dr M Shivaram who was an allopath and had a clinic around Majestic area in Bangalore. He started this monthly magazine, dedicating it to hilarious/satirical articles and cartoons. Dr Shivaram himself was an eminent humourist in Kannada. He encouraged Laxman quite a lot. He held a summer job at the Gemini Studios, Madras. His first full-time job was as a political cartoonist for the The Free Press Journal in MumbaiBal Thackeray, was his colleague. Laxman later joined The Times of India, beginning a career that has spanned for over fifty years. His "common man" character, featured in his pocket cartoons,is portrayed as a witness to the making of democracy.[14] Anthropologist Ritu G. Khanduri notes, "R. K. Laxman structures his cartoon-news through a plot about corruption and a set of characters. This news is visualized and circulates through the recurring figures of the mantri (Minister), the Common Man and the trope of modernity symbolized by the airplane (2012: 304)."[15]

    Other creations[edit]

    He also created a popular mascot for the Asian Paints group called Gattu in 1954.[16][17] Laxman has also penned a few novels. His cartoons have appeared in Hindi films such as Mr. & Mrs. '55 and a Tamil film Kamaraj. His creations also include the sketches drawn for the television adaptation of Malgudi Days which was written by his elder brother R K Narayan and directed by Shankar Nag. Laxman also drew caricatures of friends for private purposes.

    Personal life[edit]

    Laxman was first married to Bharatanatyam dancer and film actress Kumari Kamala Laxman, who began her film career as a child actress named "Baby Kamala," and graduated into adult roles under the name "Kumari Kamala" ("Miss Kamala"). They were divorced, and Laxman later married a lady whose first name was again Kamala. This was the authoress and children's book writer Kamala Laxman. In a cartoon series named "The star I never met" in film magazine Filmfare he painted a cartoon of Kamala Laxman, with the title "The star I only met!". The couple had no children and divided their time between Mumbai and Pune.

    In September 2003, Laxman was affected by a stroke which left him paralysed on his left side. He partly recovered from its effects. On the evening of 20 June 2010, Laxman was admitted to Breach Candy Hospital in Mumbai after being transported by an air ambulance from Pune. His condition was said to be stable.[18]

    In October 2012 Laxman celebrated his 91st birthday in Pune. During a private gathering at his residence, Laxman cut the cake and was presented a DVD of a documentary titled The Brainy Crow by his fan Rajvardhan Patil, depicting the life and survival of the favourite bird of the cartoonist. Shiv Sena chief Bal Thackeray, who had a past association with Laxman as a cartoonist, sent birthday greetings to him, family sources said. Scientist Jayant Narlikar and Symbiosis University chancellor S. B. Mujumdar also came to greet him on the occasion.

    Death[edit]

    R K Laxman, died at the age of 93 at Deenanath Mangeshkar Hospital in Pune on 26th January 2015. He was hospitalized on 23rd January for urinary infection and chest-related problems that led to a multi-organ failure. He was put on life support after his condition worsened on 25th January 2015. He had reportedly suffered multiple strokes since 2010.[19][1][20]

    Awards and recognition[edit]

    "The Common man" by R K Laxman at Symbiosis Institute, Pune.
    1. Padma Bhushan- Govt. Of India 1971
    1. Padma Vibhushan – Govt. of India, 2005
    2. Ramon Magsaysay Award for Journalism, Literature and Creative Communication Arts – 1984
    3. Lifetime Achievement Award for Journalism – CNN IBN TV18, 29 January 2008
    4. 'Pune Pandit' Award (Scholar of Pune Award) by the Art & Music Foundation for excellence in 'Creative Communication' – 2012
    5. Honorary Doctorate awarded to R.K. Laxman from the University of Mysore in 2005

    There is a chair named after R. K. Laxman at Symbiosis International University.[21]

    Bibliography[edit]

    • He Said It "The Common Man." Speaks...Wheelman Press
    • The Eloquent Brush: A Selection of Cartoons from Nehru to Rajiv
    • 50 Years of Independence through the eyes of R.K.Laxman
    • The Best of Laxman series
    • Hotel Riviera
    • The Messenger
    • Servants of India
    • The Tunnel of Time (autobiography)
    • His autobiography Lakshmanrekha is published in Marathi.
    • The Reel World [cartoons]published by Marwah Studios
    • Brushing Up The Years- A Cartoonist's History of India- 1947 to the Present- Penguin Books

    Multi-media[edit]

    • India Through The Eyes of R. K. Laxman – Then To Now (CD-ROM).
    • Laxman Rekhas-A TOI Publication
    • R K Laxman Ki Duniya – A Television show on SAB TV.

    Notes[edit]

    1. Jump up to:a b "Eminent cartoonist RK Laxman dies at 94". The Times of India. Retrieved 26 January 2015.
    2. Jump up^ Ranga Rao (1 January 2006). R.K. Narayan. Sahitya Akademi. p. 11. ISBN 978-81-260-1971-7. Retrieved11 March 2012. Pg.11 in the source says that Laxman & his brother Narayan were Tamil Iyer Brahmins.
    3. Jump up^ "The Common Man is still at work"The Hindu.
    4. Jump up^ Laxman's-eye view Frontline Magazine – 18–31 July 1998
    5. Jump up^ Laxman 1998, p. 4
    6. Jump up^ Laxman 1998, p. 8
    7. Jump up^ Laxman 1998, pp. 11–15
    8. Jump up^ Laxman 1998, p. 25
    9. Jump up^ Laxman 1998, p. 24
    10. Jump up^ Laxman 1998, pp. 23–24
    11. Jump up^ Laxman 1998, pp. 29–32
    12. Jump up^ Laxman 1998, pp. 57–60
    13. Jump up^ Laxman 1998, pp. 66–72
    14. Jump up^ Ritu Gairola Khanduri. 2014. Caricaturing Culture in India: Cartoons and History of the Modern World. Cambridge: Cambridge University Press.
    15. Jump up^ Ritu Gairola Khanduri. 2012. "Picturing India: Nation, Development and the Common Man." Visual Anthropology 25(4): 303-323.
    16. Jump up^ "Colour the world"Business Line. 13 April 2000.
    17. Jump up^ "Who is the creator of 'Gattu'?"Rediff.com. 11 July 2008.
    18. Jump up^ "R K Laxman hospitalized after 3 strokes, stable". Times of India. 21 June 2010. Retrieved 21 June 2010.
    19. Jump up^ "Cartoonist R K Laxman passes away, stable". India today. 26th Jan 2015. Retrieved 26 Jan 2015. Check date values in: |date= (help)
    20. Jump up^ "Renowned cartoonist R K Laxman passes away at 94 in Pune"NetIndian. NetIndian. Retrieved 26 January 2015.
    21. Jump up^ RK Laxman Chair started at Symbiosis University, TNN 19 June 2011, 01.41am IST

    References[edit]


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      आपने एक ज़मीन के टुकड़े की एक सीमा बनाई 
      उस ज़मीन के टुकड़े को राष्ट्र कहा 
      इसमें रहने वाले सारे लोग अपने आप अब उस राष्ट्र के नागरिक हो गये
      अब इन सब लोगों के क्या अधिकार होंगे ?
      इनमे से कौन जन्म से ही सम्म्मानित माना जायेगा 
      और कौन जन्म से ही अपमानित माना जाएगा ?
      कौन काट सकेगा किसके बच्चों को तलवारों से ?
      और किसका संरक्षण करेगी अदालत लक्ष्मणपुर बाथे के हत्या कांड के बाद भी ?
      किसका घर कौन बुलडोजर लगा कर तोड़ सकेगा मुंबई में ?
      किसके फायदे के लिये सिपाही मार सकेंगे दूसरे नागरिकों को बस्तर में ?
      किसको जन्म से ही माना जायेगा राष्ट्रभक्त ?
      और कौन बिना किसी कसूर के ही देखा जायेगा हमेशा संदेह की नज़र से क्योंकि उसका विश्वास अलग होगा इश्वर के बारे में ?
      किसकी धरती ज़्यादा होगी और किसी को नहीं होगा ज़मीन पर कहीं भी रहने का कोई ह्क़ ?
      कौन मानेगा अपने जन्म को बे ज़रूरत इस धरती पर ?
      और कौन इतराएगा देख कर अपनी मीलों तक फ़ैली हुई ज़मीन को ?
      किसके जिस्म में पत्थर भरे जायेंगे ?
      और कौन करोड़ों सभ्य लोग होंगे जो ईनाम देंगे पत्थर भरने वाले को ?
      जिसके जिस्म में पत्थर भरे जायेंगे उसके लिये कौन सा कोना होगा सिसक सिसक कर मरने के लिये ?
      और आपके जश्न मनाने के लिये बनाये गये शापिंग मॉल तक उसकी सिसकियों की आवाज़ ना पहुँच सके इसके क्या इंतजाम होंगे ?
      फिर आप अपने इस अय्याश्खाने को राष्ट्र कहेंगे
      और सिसकने वाले को कह देंगे राष्ट्रद्रोही
      और हुक्म देंगे अपनी राष्ट्रीय फौजों को कि वो खामोश कर दे इन सिसकने वालों को
      और आप करोड़ों लोगों को इस तरह की बेबसी में धकेल देंगे
      और फिर अपनी अय्याशी की हिफाज़त के लिये
      चारों तरफ खड़ा कर लेंगे सिपाहियों को
      उसे आप कहेंगे राष्ट्रीय सुरक्षा ?
      आप अपने महल के ऊपर फहरा लेंगे एक तीन रंग का कपड़ा
      और आप कहेंगे सिपाहियों से कि ये कपडा ही राष्ट्र है
      इस कपडे की हिफाज़त करना ही सिपाहियों का फ़र्ज़ है
      आप कहेंगे कि आपका गोल महल ही लोकतन्त्र है
      इस महल में कभी नहीं होगा कश्मीर की कुचली गई लड़कियों का कोई भी ज़िक्र
      या कभी बात नहीं होगी शीतल साठे की जिसे सिर्फ इसलिये छिप कर रहना पड़ रहा है
      क्योंकि उसने जन्म लिया एक अवैध बस्ती की एक झोंपड़ी की एक गरीब छोटी ज़ात की औरत के पेट से .
      और उस लड़की ने चुनौती दी तुम्हारे बड़े होने को ?
      इसलिये तुमने अपने सिपाही पीछे लगा दिये उस बहादुर लड़की शीतल साठे के पीछे ?
      तुम बड़ी जाति के हो इसलिये सम्मनित हो
      तुम अमीर हो
      तुम ही कानून हो
      तुम ही सरकार हो
      तुम चाहते हो कि हम मान लें कि तुम ही राष्ट्र हो ?
      नहीं अभी रुको
      अभी हमें सोचने दो इन सब बातों पर
      हम सवाल उठाएंगे
      हर बात पर
      हम सवाल उठाएंगे धर्म पर राष्ट्र पर जाति पर सरकार पर
      तुम्हारे बड़े और अपने छोटे होने पर
      इस दुनिया को अब पहले जैसी दुखी नहीं रहने देंगे हम
      इस दुनिया को दुखी बनाने वाली हर चीज़ को हम खत्म करेंगे हम
      तब मानेंगे

      आपने एक ज़मीन के टुकड़े की एक सीमा बनाई   उस ज़मीन के टुकड़े को राष्ट्र कहा   इसमें रहने वाले सारे लोग अपने आप अब उस राष्ट्र के नागरिक हो गये  अब इन सब लोगों के क्या अधिकार होंगे ?  इनमे से कौन जन्म से ही सम्म्मानित माना जायेगा   और कौन जन्म से ही अपमानित माना जाएगा ?  कौन काट सकेगा किसके बच्चों को तलवारों से ?  और किसका संरक्षण करेगी अदालत लक्ष्मणपुर बाथे के हत्या कांड के बाद भी ?  किसका घर कौन बुलडोजर लगा कर तोड़ सकेगा मुंबई में ?  किसके फायदे के लिये सिपाही मार सकेंगे दूसरे नागरिकों को बस्तर में ?  किसको जन्म से ही माना जायेगा राष्ट्रभक्त ?  और कौन बिना किसी कसूर के ही देखा जायेगा हमेशा संदेह की नज़र से क्योंकि उसका विश्वास अलग होगा इश्वर के बारे में ?  किसकी धरती ज़्यादा होगी और किसी को नहीं होगा ज़मीन पर कहीं भी रहने का कोई ह्क़ ?  कौन मानेगा अपने जन्म को बे ज़रूरत इस धरती पर ?  और कौन इतराएगा देख कर अपनी मीलों तक फ़ैली हुई ज़मीन को ?  किसके जिस्म में पत्थर भरे जायेंगे ?  और कौन करोड़ों सभ्य लोग होंगे जो ईनाम देंगे पत्थर भरने वाले को ?  जिसके जिस्म में पत्थर भरे जायेंगे उसके लिये कौन सा कोना होगा सिसक सिसक कर मरने के लिये ?  और आपके जश्न मनाने के लिये बनाये गये शापिंग मॉल तक उसकी सिसकियों की आवाज़ ना पहुँच सके इसके क्या इंतजाम होंगे ?  फिर आप अपने इस अय्याश्खाने को राष्ट्र कहेंगे  और सिसकने वाले को कह देंगे राष्ट्रद्रोही  और हुक्म देंगे अपनी राष्ट्रीय फौजों को कि वो खामोश कर दे इन सिसकने वालों को  और आप करोड़ों लोगों को इस तरह की बेबसी में धकेल देंगे  और फिर अपनी अय्याशी की हिफाज़त के लिये  चारों तरफ खड़ा कर लेंगे सिपाहियों को  उसे आप कहेंगे राष्ट्रीय सुरक्षा ?  आप अपने महल के ऊपर फहरा लेंगे एक तीन रंग का कपड़ा  और आप कहेंगे सिपाहियों से कि ये कपडा ही राष्ट्र है  इस कपडे की हिफाज़त करना ही सिपाहियों का फ़र्ज़ है  आप कहेंगे कि आपका गोल महल ही लोकतन्त्र है  इस महल में कभी नहीं होगा कश्मीर की कुचली गई लड़कियों का कोई भी ज़िक्र  या कभी बात नहीं होगी शीतल साठे की जिसे सिर्फ इसलिये छिप कर रहना पड़ रहा है  क्योंकि उसने जन्म लिया एक अवैध बस्ती की एक झोंपड़ी की एक गरीब छोटी ज़ात की औरत के पेट से .  और उस लड़की ने चुनौती दी तुम्हारे बड़े होने को ?  इसलिये तुमने अपने सिपाही पीछे लगा दिये उस बहादुर लड़की शीतल साठे के पीछे ?  तुम बड़ी जाति के हो इसलिये सम्मनित हो  तुम अमीर हो  तुम ही कानून हो  तुम ही सरकार हो  तुम चाहते हो कि हम मान लें कि तुम ही राष्ट्र हो ?  नहीं अभी रुको  अभी हमें सोचने दो इन सब बातों पर  हम सवाल उठाएंगे  हर बात पर  हम सवाल उठाएंगे धर्म पर राष्ट्र पर जाति पर सरकार पर  तुम्हारे बड़े और अपने छोटे होने पर  इस दुनिया को अब पहले जैसी दुखी नहीं रहने देंगे हम  इस दुनिया को दुखी बनाने वाली हर चीज़ को हम खत्म करेंगे हम  तब मानेंगे
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      मेरे मित्र-पाठक-दर्शक-श्रोता अच्छी तरह जानते हैं कि अरविन्द केजरीवाल और उनकी पार्टी की कतिपय नीतियों का मैं आलोचक ही रहा हूं। पर मेरे जैसे नागरिक को भी यह बात अजीब लगी कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और एक प्रमुख प्रांतीय़ पार्टी के नेता केजरीवाल को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का आमंत्रण नहीं मिला। पर दिल्ली में उनकी सबसे प्रबल प्रतिद्वन्द्वी किरण बेदी को अगली कतार में बैठने का कार्ड मिल गया। क्या सिर्फ इसलिए कि वह सत्तारूढ़ दल की मुख्यमंत्री पद प्रत्याशी हैं? 
      एक लिंक यहां देख सकते हैं।

      http://timesofindia.indiatimes.com/…/articlesh…/46021114.cms

      In what could blow up into a controversy, BJP's Delhi chief ministerial candidate Kiran Bedi was seated in the front row during the Republic Day parade. US...

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      ओबामा -मोदी विज़न का लक्ष्य 


      असुरक्षित भारत


      अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत से जा चुके हैं। उनकी तीन दिन की यात्रा कई मायनों में उल्लेखनीय रही। इसमें सबसे उल्लेखनीय है भाजपा का परमाणु शांति संधि पर यू-टर्न। भाजपा जब विपक्ष में थी तो उसने इस संधि का हर स्तर पर वाम के साथ विरोध किया था और कहा था कि भाजपा जब सत्ता में आएगी तो परमाणु संधि पर पुनर्विचार करेगी,लेकिन हुआ उल्टा,भाजपा ने भारत की शर्तों को लागू कराने की बजाय  संधि के प्रसंग में अमेरिकी बातों को मान लिया । इसका अर्थ है कि परमाणु संधि पर भाजपा को मनाने में मनमोहन सिंह की बजाय ओबामा सफल रहे।
           भाजपा को परमाणु संधि पर यदि अपना नीतिगत मंतव्य बदलना ही था तो उसे कम से कम आम जनता के सामने उसके कारणों पर रोशनी डालनी चाहिए। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह कि लायबिलटी बिल पर संसद से पारित प्रावधानों में कोई कतर-ब्योंत करने का प्रधानमंत्री को अधिकार नहीं है। सच्चाई यह है भारतीय कंपनियां इस बिल के प्रावधानों को एकसिरे से खारिज करती रही हैं और यही काम भिन्न तरीके मोदी ने किया है। लायबिलटी बिल में कोई संशोधन किए बिना परमाणु समझौते को लागू करना संभव नहीं होगा। तीसरी बात यह कि दुर्धटना की स्थिति में भारतीय कंपनियां या विदेशी कंपनियों की इसमें कोई जिम्मेदारी तय नहीं की गयी है। उनको सभी किस्म की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है जबकि अन्य देशों में ऐसा नहीं है। भोपाल गैस त्रासदी का अनुभव हमारे सामने है,भोपाल के गैस पीड़ित आज तक परेशान और पीड़ित दर-दर भटक रहे हैं। लायबिलटी संबंधी अनुच्छेदों पर 'बिजनेस लाइन '(26जनवरी2015) अखबार में एम.रमेश ने लिखा है ''First is the Section 17 (b), which in effect confers on the plant owner—the Nuclear Power Corporation of India—the right to be indemnified (right to recourse) by the supplier (such as GE, Westinghouse), even if there is no specific provision granting such a right in the commercial agreements between the owner and the supplier. The section uses the words "shall have the right to recourse".
      The right to recourse is a commercial issue, so why make it automatic under law, ask the foreign suppliers. After the Bhopal gas leak experience, where the victims were paid paltry sums as compensation, what else would one expect the Indian legislators to do?
      The Second objection has been on Section 46 which says the supplier can be sued under any Indian law, not just under CLND.
      However, it has always been clear that neither of these sections could possibly be a deal-breaker. First of all, there is a cap on the liability. If any nuclear accident happens, it is the duty of the owner of the nuclear plant to compensate the victims. In India, the owner can only be the public sector Nuclear Power Corporation of India Ltd.
      Now, the Rule 24 of the Civil Liability for Nuclear Damage Rules, 2011, which mandates the owner to restrict the liability of the supplier to the owner's liability or the value of the contract, whichever less. NPCIL's liability has been capped at Rs 1,500 crore. Therefore, the maximum liability of a supplier of a nuclear reactor, such as GE or Westinghouse or Rosatom, cannot exceed Rs 1,500 crore, about $ 250 million. A quarter billon dollar is nothing very big. The $40+ billion that BP is having to pay for its Gulf of Mexico OIL spill (11 people died in the accident), puts this in the perspective.
      "The cap of Rs. 1,500 crore appears atypically lower in comparison with liability amounts in other countries which can run into billions of dollars for a single accident. Similarly, a cap based on the 'value of the contract' risks being lower than even this amount," notes a study of the nuclear liability law made by the legal think-tank, Vidhi Centre for Legal Policy.
      NPCIL further has a right to waive its right to be compensated by incorporating a specific provision to that effect in its contracts, though it is doubtful if it would get away with it if it does.
      Second, the supplier is liable only if the defect of the product is traced back to it, which, as any nuclear expert will tell you, is next to impossible.
      The Americans have been more worried about the Section 46, than Section 17 (b), because a group of victims could sue the reactor supplier directly under some other legislation, such as law of torts. But then, this right is always there as a principle of natural justice and Section 46 does nothing more than to highlight that right.
      Besides, the Russians and the French have shrugged off these issues and are getting down to business. Would the US have sat on legal technicalities and watched all the business slip from its hands?
          इसके अलावा दोनों देशों के संयुक्त बयान में जिस तरह की बातों की ओर संकेत किया गया है उससे एक बात साफ है कि भारत अगले पांच सालों में एशिया में अमेरिकी राह आसान बनाने का काम करेगा और अमेरिकी हितों के विस्तार के लिए काम करेगा। इसका पड़ोसी मुल्कों के साथ संबंध सामान्य बनाने की प्रक्रियाओं पर सीधे असर पड़ेगा। मोदी सरकार के आने के बाद से पाकिस्तान से हमारे संबंध खराब हो चुके हैं। सार्क के मंच को मोदी अपने अहंकार और कूटनीतिक अज्ञान से अधमरा बना चुके हैं। यदि इस दस्तावेज का विज़न एशिया में दुर्भाग्य से मोदी ने लागू करने की कोशिश की तो भारत सीधे अमेरिकी नियंत्रण में काम करेगा।इससे एशिया और पड़ोसी मुल्कों के साथ तनाव बढ़ने के साथ सैन्य प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। चीन के साथ हमारे संबंध खराब होंगे। इस दस्तावेज के अनुसार एशिया में आतंकवाद की नई लहर आने की संभावनाएं भी बनती हैं। क्योंकि अमेरिका चाहता है कि एशिया में उसकी दादागिरी चले। अमेरिकी दादागिरी का अर्थ है पृथकतावादी,फंटामेंटलिस्ट और आतंकवादी संगठनों की आंधी। पहले से ही अमेरिका तालिबान को खुला संरक्षण दे रहा है और अफगानिस्तान में तालिबान को सरकार में शामिल करने के लिए दबाव डाल रहा है। तालिबान, अलकायदा,हक्कानी,दाऊद इब्राहीम आदि के अलावा अनेक संगठन हैं जिनकी अमेरिकी एजेंसियां खुलेआम मदद करती रही हैं। इसके अलावा पाकिस्तान को सैन्य साजो-सामान की सप्लाई को वह बरकरार रखे हुए है और विभिन्न किस्म के आतंकी संगठनों को पाक संस्था आईएसआई प्रशिक्षित करती रही है। इससे भारतीय उपमहाद्वीप में अस्थिरता बनी हुई है। यह सब अमेरिकी नीति के तहत हो रहा है। कायदे से अमेरिका संचालित आतंकवाद विरोधी मुहिम से दूर रहने की जरुरत है लेकिन मोदी सरकार तो एशिया में उसी मुहिम का हिस्सा बनने जा रही है । इसका हर स्तर पर विरोध होना चाहिए।अमेरिका की आतंकवादविरोधी मुहिम राष्ट्रीय अस्थिरता और जातीय संघर्षों को जन्म देने वाली रही है। अफगानिस्तान,पाकिस्तान,इराक, सीरिया, लीबिया आदि के अनुभव यही बताते हैं। मोदी सरकार ने अमेरीकी रणनीतिक साझेदारी में शामिल होकर भारत की संप्रभुता के साथ समझौता किया है। कायदे से विपक्ष को संसद के आगामी अधिवेशन में इन सभी मसलों को लेकर मोदी सरकार ने खिलाफ मोर्चा खोलना चाहिए।  

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      ओबामा ने सचमुच दुल्हनिया लूट लीहै,मोदीरह गये बिन दुल्हन के

      कुर्ता में नामावली टांकके,जयहो मोदी! जय होओबामाकृष्ण!

      पलाश विश्वास

      ओबामा ने सचमुच दुल्हनिया लूट ली है,मोदी रह गये बिन दुल्हन के कुर्ता में नामावली टांकके,जयहो मोदी! जय हो ओबामाकृष्ण!


      नजारा एइसन ह के एडेलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज में व्होलसेल कैपिटल मार्केट्स के सीईओ विकास खेमानी कहिस कि छोटी अवधि के नजरिये से बाजार थोड़े महंगे हैं लेकिन एफआईआई निवेशकों का बड़ा पैसा बाजार में आना अब भी बाकी है। बजट में होने वाले ऐलानों को हाल की रैली में बाजारों ने काफी हद तक पचा लिया है।


      Feroze Mithiborwala shared Cliff Carbaugh's photo.



      The Crucial issues that Obama always leaves out. By Cliff Carbaugh.

      The State Of The Union speech by Obama: 'The house is on fire and Obama is telling us to sweep the sidewalk and trim the hedges. There was no mention at all of: The foreign-power that has taken over our government, (Rothchild-Zionists,) and are totally in control of the foreign and domestic policies of the U.S.A. That the wealthiest 1% own more than the bottom 50+%. That the U.S.A. is an oppressive, over-militarized police-state. Ending the (unconstitutional) Federal Reserve. Prosecute the treasonous murderers that used their position in the U.S. Government to aid- and be complicit with, the (Inside-job) 9-11 "false-flag." That we are fighting all of Israel's little wars for them to enable them to establish their "Greater-Israel." .... No, Mr. President, the State of the Union is NOT strong- The State of the Union is dysfunctional and unsustainable. We will see if the masses are content with "expanded child-care programs."'

      Cliff Carbaugh's photo.


      जगदीश्वर चतुर्वेदी की इस टिप्पणी पर गौर करेंःयह देश के अमीरों के लिए ख़ुशी की बात है मोदी जी ने दस लाख की क़ीमत वाला सूट पहनकर ओबामा से मुलाक़ात की, क्या कोई बताएगा कि पीएम के पास शाही सजधज के पैसे कहाँ से आ रहे हैं? क्या यह भारत की जनता के नाम पर मौज है?

      Londoner's Diary: Only Savile Row will suit to meet the President

      The first day of Barack Obama's visit to India was marked by a breakthrough on the two countries' nuclear deal but there was also an unexpected fashion...

      STANDARD.CO.UK

      क्या यह कोई नयी टेक्सटाइल कंपनी है? सियाराम सिल्क मिल्स से मंहगा है या सस्ता, किसी के पास कोई जानकारी ?

      क्या यह कोई नयी टेक्सटाइल कंपनी है? सियाराम सिल्क मिल्स से  मंहगा है या सस्ता, किसी के पास कोई जानकारी ?




      गौरेतलब है कि भारत दौरे के आखिरी दिन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक बार फिर कहा कि वो भारत के साथ रिश्तों को मजबूत बनाना चाहते हैं। दिल्ली के सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में करीब 2000 लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत के साथ न्यूक्लियर एनर्जी के अलावा सोलर और विंड जैसी क्लीन, रिन्यूएबल एनर्जी में सहयोग बढ़ाने की बात कही।


      गौरेतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे पर दोनों देशों के बीच डिफेंस और न्यूक्लियर सेक्टर में बड़े समझौते हुए हैं। दोनों पक्षों में  मैरीटाइम सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर सहमती के साथ-साथ सैनिकों की केमिकल, बायोलॉजिकल हथियारों से सुरक्षा के लिए किट तैयार करने पर भी सहमति हुई है। डिफेंस फ्रेमवर्क एग्रीमेंट को 10 साल के लिए बढ़ा दिया गया है और हथियारों के संयुक्त विकास पर भी सैद्धांतिक सहमति बनी है। इस करार के तहत यूएवी यानि ड्रोन, सी- 130जे के पुर्जों और स्मार्ट पावर सिस्टम का भी संयुक्त उत्पादन होगा। इस के अलावा दोनों देशों ने आतंकवाद पर खुफिया जानकारियां साझा करने के लिए भी करार किया है।


      The Economic Times

      Before they left, they said good-bye to India with a "Namaste"

      In case you missed it,here are 100 MUST-SEE pics http://ow.ly/I0u99

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      इसी अभूतपूर्व कामयाबी के मद्देनजर डाउ कैमिकल्स के वकील वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक बार फिर इस कारोबारी साल में 4.1 फीसदी का वित्तीय घाटे का लक्ष्य हासिल करने का भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि इस समय फॉरेक्स रिजर्व बेहतर स्थिति में है।वित्त मंत्री के मुताबिक फिस्कल घाटे का लक्ष्य हासिल करने में दिक्कत नहीं होगी क्योंकि फॉरेक्स रिजर्व काफी बेहतर स्थिति में है। डॉलर के मुकाबले रुपए में कम गिरावट आई है और डॉलर के मुकाबले दूसरी करेंसी में काफी गिरावट देखी गई है। अरुण जेटली ने करेंट अकाउंट घाटा भी बेहतर रहने की उम्मीद जताई है।


      जाहिर है।क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत में चार अरब डॉलर के कारोबारी निवेश का ऐलान किया है।


      ओबामाकृष्ण ने कहा कि दोनों देश मिलकर विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। ओबामाकृष्ण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुदामा की मौजूदगी में भारत-अमेरिका बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार में अपार संभावनाएं हैं, जिनका अब तक पर्याप्त इस्तेमाल नहीं किया गया है।


      उन्होंने कहा कि उनका देश भारत में चार अरब डॉलर का कारोबारी निवेश करेगा। ओबामा ने कहा कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में दो अरब डॉलर का निवेश किया जायेगा।


      इसीलिए तो डाउ कैमिकल्स के वकील वित्त मंत्री अरण जेटली ने कहा है  कि चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य प्राप्त हो जाने की संभावना है और विनिर्माण क्षेत्र में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। जेटली ने कहा 'हमारी मुद्रा उन दो वैश्विक मुद्रा में शामिल जो अमेरिकी डालर की ताकत का मुकाबला किया। ज्यादातर वैश्विक मुद्राएं दबाव में हैं।' वित्त मंत्री ने कहा कि पिछला एक सप्ताह बड़ी सीख भरा रहा 'पिछले कुछ दिनों में मुझ लगा है कि सामान्यत: भारत के लिए हर बात ठीक हो रही है।'


      डाउ कैमिकल्स के वकील उन्होंने कहा 'पिछले दो-तीन साल से निराशा पैदा करने वाली नरमी के बाद अब अचानक लगता है कि हमारी वृद्धि तेज हो सकती है।


      बहरहाल अर्थव्यवस्था का कच्चा चिट्ठा यह है कि ओबामाकृष्ण के गीता  प्रवचन के मध्य  हफ्ते के शुरुआती कारोबार के दौरान रुपए की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई है। डॉलर के मुकाबले रुपया 8 पैसे की गिरावट के साथ 61.50 के स्तर पर खुला।


      बताया गया है कि आयातकों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने के कारण रुपए की विनिमय दर में गिरावट आई हालांकि घरेलू शेयर बाजार में तेजी के रुख से इसमें ज्यादा गिरावट नहीं आ सकी। फॉरेक्स बाजार में इससे पिछले कारोबारी सत्र के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 28 पैसे मजबूत होकर 61.42 रुपये प्रति डालर पर बंद हुआ था जो आज के शुरुआती कारोबार में 9 पैसे कमजोर होकर 61.51 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया।



      ओबामाकृष्ण ने कहा कि अमेरिका जनधन योजना को लागू करने, स्मार्ट सिटी बनाने में भी भारत की मदद करेगा। ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी सदस्यता का भी समर्थन किया। साथ ही ओबामा ने कहा कि दोनों देशों के सामने एक जैसी चुनौतियां, लिहाजा भारत और अमेरिका को आतंकवाद से मिलकर लड़ना होगा।

      और सोलह हजार गोपिनियां मगन।

      तो इसी के मध्य  भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 2025 तक 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लिए उद्योग जगत ने दोनों देशों से कारोबार को आसान बनाने के उपायों पर जोर देने को कहा है। मौका था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ भारत-अमेरिका सीईओ फोरम की बैठक का। इस दौरान भारतीय उद्योगपतियों ने अमेरिकी कंपनियों के तीसरे देशों में निवेश पर प्रतिबंध, बौद्धिक संपदा अधिकारों और वीजा जैसे कई मुद्दे उठाए। दोनों नेताओं ने फोरम को आश्वस्त किया कि उनकी सरकारें द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।


      बराक ओबामा ने सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में संबोधन के दौरान बीच-बीच में हिंदी बोलकर लोगों का दिल जीतने की भी कोशिश की। हिंदी में नमस्ते के साथ उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत की। भारतीयों की खातिरदारी से खुश होकर हिंदी में धन्यवाद दिया। साथ ही जाते-जाते जय हिंद बोलना नहीं भूले।


      गौरतलब है कि अबाध पूंजी प्रवाह जारी रखने के लिए शत प्रतिशत  हिंदुत्व की यह बिजनेस फ्रेंडली सरकार कुछ भी करेगी और निवेशको की आस्था चूंकि धर्म आस्था और धर्म की राजनीति से बड़ी है तो उद्योग जगत की सुनवाई धकाधक करते हुए चकाचक बोल दिहिस कल्कि अवतार किफैसला लेने की प्रक्रिया को तेज और धारदार बनाने के लिएप्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) खुद बड़ी परियोजनाओं पर नजर रखेगा।  


      प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निवेशकों को आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री कार्यालय भारी निवेश वाली बड़ी परियोजनाओं की खुद निगरानी करेगा।


      पीएम ने निवेशकों को खुले माहौल का आश्वासन दिया, जिससे निवेश करने में आसानी होगी और कारोबार को फायदा पहुंचाएगा। मोदी ने इन बड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर निजी रूप से नजर रखने की एक भारतीय-अमेरिकी फोरम के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया और यह वादा किया। परियोजनाओं की निगरानी करने के लिए यूपीए शासनकाल में जिस निगरानी ग्रुप का गठन हुआ था, वह कैबिनेट सचिन के अधीन है और कई लंबित परियोजनाओं को मंजूरी दिलाने में मदद की है। लेकिन, निवेशक इस बात को तरजीह देंगे कि प्रधानमंत्री कार्यालय बड़ी परियोजनाओं की खुद से निगरानी करे जिससे कि फैसला लेने की प्रक्रिया में तेजी आए। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जान डालने और ओवरऑल ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाना बहुत जरूरी है।


      आज कोलकाता में कोई अखबार छपा नहीं है।

      ससुरा अखबर पढ़ते पढ़ते दोपहर हो जायी।

      बचपन से अखबार बांचने की आदत बुरी बला है वरना कोई सूचना काम की होती नहीं है राजनीति के गू मूत और धकाधक मनोरंजन के सिवाय।


      सोचा जल्द ही पीसी के मुखातिब होकर अपने मन की बातें दर्ज करा दी जाये क्योंकि हमारी मन की पर्सारित प्रकाशित करने की तकलीफ तो कोई उठाने से रहा।


      वह ससुर नेटवा दगा कर दिया।

      ब्राउज ही हो नहीं रहा था।

      मजबूरन सुबह से ओबामा चमत्कार से अभिभूत हूं।


      अरसे बाद टीवी ब्राउज करता रहा।

      अमेरिका में लेकिन ओबामा का जादू चल नहीं रहा है और अभूतपूर्व बर्फबारी और बर्फीले तूफान से न्यूयार्क समेत आधा अमेरिका आपातकालीन परिस्थिति से जूझ रहा है।


      बीबीसी वगैरह चैनल देखकर लगा नहीं कि विश्व नेता की हैसियत मनकी बात से पक्की है या नहीं।


      बहरहाल अमेरिका में हथियार उद्योग का पुनर्जन्म हो गया और परमाणु रिएक्टर जो अमेरिका बना नहीं रहा  था वर्षों से वह मेकिंग इन के तहत बनेंगे और भारत में जलवायु और पर्यावरण की अमेरिकी चिंताओं से हमें निजात दिलायेंगे।


      अमेरिकी परमाणु रिएक्टर ग्लेशियरों को पिघलने से बचाने की उच्च तकनीक है और अपने गुरुजी खड़गसिंह वाल्दिया जिन्हे मोदी बाबू ने पद्म पुरस्कार से नवाजने की कृपा की है,उनने तजिंदगी हिमालय में दिमाग खपा कर ऐसा कुछ ईजाद किया है या नहीं,हमें नहीं मालूम।


      बहरहाल कल देर रात राजीवदाज्यू का जो पोस्ट मिला कि दिल बाग बाग हो गया।अपना डीएसबी कालेज देखने जो पिता के साथ दूसरी या तीसरी में पढ़ते हुए ढिमरी ब्लाक मुकदमे में उनकी और उनके कामरेडों की सजा और रिहाई के बाद निकला था पहलीदफा अयंरपाटा में,तब से लेकर सत्तर के दशक तक जो था अयारपाटा,वह अब होटलों के झुरमुट में तब्दील है।कंक्रीट का जंगल नैनीझील को घेरे हुए।


      हमें नहीं मालूम कि अब नैनीताल वाले रोजाना वक्त बेवक्त मौसम के मिजाज के मुताबिक झील का रंग बदलना देख पाते हैं या नहीं।


      डीएसबी के दिनों में बाकी शिखरों का कोई अंदाजा नहीं था चूंकि और तब कविता लिखने का शौक भी खूब चर्राया हुआ था,जीआईसी के दिनों में कुछेक कविताएं भी इधर उधर छपने लगी थीं तो सहपाठियों पर कविताई का धौंस रहबै करै हैे।


      सहपाठिने तब जीआईसी में नहीं थी और कविता रोमांस का परिणाम शून्य ही रह गया ठैरा।


      कविताई के खातिर हम जब तब कोहरे में ,हिमपात में या खिलि खिली धूप में लरिया कांटा,स्नो व्यू,चाइना पीक और टिफिन टाप को छू छा लेकर मुक्तबोध बन रहे थे।


      डीएसबी में भी उस बुरी आदत के शिकार रहे हैं हम।


      लरिया कांटा अब सैन्य अड्डा है,जहां हम शिकार के लिए जाते थे।स्नो ब्यू तक रोपवे हैं। चाइनापीकवा तक बहुत निर्माण हो गया ठैरा।


      बाकी रहा वो जो टिफिन टाप,उसका करिया कर्म अब हो रहा है।वहां तक जीपेबल रास्ता बनवा रहे हैं हरीश रावत जी।


      ठेकेदारों की जो चांदी होगी सो होगी,अपना नैनीताल गांतोक बन रहा है तेजी से जहां पैदल चलने की जरुरत ही नहीं होगी जैसे कि गांतोक में है कि कदम बढ़ाते न बढ़ाते  टैक्सी सेवा में हाजिर।फिर चाहे चढ़ो या उतरो।


      पहले हम मानत रहे कि पहाड़ो में पैदल चलने से शुगर घटता होगा।इसबर शुगर घटा हो या नहीं मालूम नहीं चला,लेकिन नैनीताल के वाशिंदे शुगर के भी मरीज हो गये ठैरे,पता चला है।


      जब पैदल चलने से शुगर भी नहीं रुकता तो राजीव दाज्यू इत्ते परेशां क्यों ठैरे, मालूम करना जरा जरुरी है।


      नैनीताल वाले जरा उनसे जवाब तलब कर लें कि नैनीताल के गांतोक बनने से और उत्तराखंड के सिक्किम बने जाने से उनके पेट में मरोड़ क्यों है।


      शुगरे न घटै तो पैदल चलने से का फायदा।


      मुश्किल यह है कि अपने सुंदरलाल बहुगुणा जी भी तकलीफ में हैं इस विकास पागल दौड़ से ।


      उनकी विचारधारा सर्वोदयी है।गांधी और विनोबा के असर में हुए और फिर चिपको चलाया हुआ है।


      चिपको चलाकर उनन को नोबेल भी नहीं मिला।


      सर्वोदय आश्रम चलाने और हिमालय पैदल पैदल नापने के बजाये वे कोई एनजीओ चलाये रहते तो खुदै नोबेलिया हो जाते और देहरादून के बदले सिरिफोर्ट मा बाराकवा से बतियाते।


      हमारी बत्तीस चौतीस या कि छत्तीस इंच छाती भी फूलक छप्पन की हो जाती के हम बी उनर चेले रहे हैं।


      वाल्दिया,सुंदरलाल बहुगुणा और अपने अत्यंत भद्र शर्मीले से राजीवदाज्यू की कहीं सुनवाई इस देश में अब मंकी बातों के मुकाबले होगी या नहीं,नहीं मालूम।


      कुल जमा किस्सा यह है कि अमेरिका में भले बर्फबारी हो रही हो,भारतीय बाजार में तीस करोड़ मध्यवर्गीय परचेजिंग पावर वाली जनता हो गयी ठैरी और पांच दस साल में संतन का फतवा धकाधक बच्चा पैदा करने का इस कंडोम जमाने में मानें चाहे न मानें,भारत की शत प्रतिशत हिंदुत्व वाली जनसंख्या चाइना से ज्यादा होगी,तो डालरों की बरसात झमाझम होइखे चाही।


      बरेली के बाजार में झुमका गिरल चाही ,फिर जिनको मिलल ,वो तो दुल्हनियां ले उड़बो ह।

      बाकीर जनता खातिर ट्रिंकलिंग ट्रिकलिंग डालर है।

      ट्रिकलिंग ट्रिकलिंग अमेरिका भी है।


      सिरि फोर्टवा मा नईकी पीढ़ी खातिर वही ट्रिकल ट्रिकल नुमाइश जबरदस्त रही है।


      ईश!तीसरी कसम मा वहीदा का पान खाइकै का जलवा का रहिस।

      हीरामन ससुरा मेला मेला मा भटके रहबै ह आउर हीराबाई इति उति जलवा बिखेर दिहिस।ई जलवा कोई मलबा का मालिक नईखै।


      इथे उथै काहे मुंह मारे ह चैतू,ई हमार देश नाही।


      पहले त सिद्ध करबै चाही कि विशुद्ध आर्य ह कि नाही।

      उकर बाद हिंदू ह के नाही।

      फिन जात पूछै ससुरा के जात अछूत तो नाही।

      सवर्ण बाचे त कउन जात मा।

      झमेला भौते है।

      गैर हिंदू होय तो घर वापसी बंदोबस्त जरुर बा,पण कौन जात मा एंट्री मिलल,पता नइखे।


      अब जात पांत का मसला जो ह सो रहबै करबै है।

      कोई बाबा आंबडकर रहिस,उ जाति उन्मूलन का एजंडा  बना रहिल।

      उ एजंडा फेंक दिहल आउर बाबा अब विष्णु अवतार होइबै करै।


      गांधी बुढ़उ जउन पागल दौड़ कहत रहे उ अब सांढ़ो की उछल कूद ह।



      नाथूराम भविष्यद्रष्टा रहे कि उ फौरन समझ गये,रामराज्य जो चीखै बुढ़उ  उ किंतु परंतु हिंदू राष्ट्र नहीं है ।नहीं है हिंदू राष्ट्र।न हिंदू राष्ट्र हो सकै।


      गांधी बुढ़उ आउर सर्वोदयी उनके विचार हिंदुत्व और हिंदू साम्राज्यवाद के खिलाफ जितना है उतना ही पागल दौड़ और अमेरिका के खिलाफ भी है।


      सो दे दे दनादन ठौंक दिहिस हिंदुत्व के सबसे बड़े दुश्मन को।

      बुढउ विकास को पागल दौड़ बताये रहे।

      सांढ़ देखते ,सांढों की उछल कूद देखते तो पिर क्या पता कब सत्याग्रह शुरु कर देते।


      सो,चैतू भारत रत्न नाथूराम बाबा ने बापू को मार दियो।

      अबहुं भारत अमेरिका बा।

      सबसे पहिले उन महान महामहिम नाथूराम बाबा का मंदिर चाहि इस मुक्त बाजार के शत प्रतिशत हिंदुत्व खातिर,हिंदू राष्ट्र खातिर,हिंदू साम्राज्यवाद खातिर।अमेरिका खातिर।








      तभी ना कल्कि अवतार।


      अबे मोर बाप,जनता जनार्दन,चैतू सर्वत्र निमित्तमात्र,समझा करो जानम के ई हमार देश नाही।


      जो डालर झमाझम उठाये न सकबो,उकर देश कइसे होई यहिंदुस्तान जां हिंदू ना होइब तो समझ लीज्यो गुजरात माडल का चीज ह।


      ई डालर देश बा।

      हिंदुस्तान मा मेकिंग इन अमेरिका बा।

      तीस करोड़ जो परचेजिंग रहे,उनर देश हीरक देश हमार ई।


      सुसुरा भांग वांग छाने के सविता रानी की इजाजत नइखे।

      अखबारो का गू मूत छाने बिन मुहूर्त बनाइके पीसी पर मौज से बैछे कि नाही कि नेटवा बइठ गइलन।

      सो,भैंसवा पानी से निकल रहिस के बिजली रानी झुमका गिराइके चल दिहिस।


      उकर नखरे का का कहि।

      उकर खातिर हमार उत्तराखंड अबहुं ऊर्जा प्रदेश वानी।

      उकर खातिर आधा पहाड़ डूब तो समझो के आधा हिमालय केदार जलप्रलय।

      सुंदरलाल ज्यू ने तो अनाज छोड़ दिहिस कि ग्लेशियर पिघल रहल बा।


      अब अमेरिकी चूल्हा जो हमार असल साझा चूल्हा बा,उकर खातिर हम अापन सांझ चूल्हो तहस नहस करलै वानी,उ बिजली भी मुफ्त देने खातिर अमेरिका मा बनन चाहि सो मोदी मेकिंग इन।पहल।


      उ चूल्हा आ जायी इस खातिर जलवायु की भी फिक्र लगी है।

      बाकीर अमेरिका मा प्रति व्यक्ति जो कार्बन उत्सर्जन का रेट ह,उकर दस फीसद भी हम उत्सर्जन ना करै ह।

      जलवायु सुधारे खातिर परमाणु ऊर्जा जरुरी बा।

      परमाणु ऊर्जा चाहि त अमेरिकी कंपनियां खातिर मुनाफा भी चाहि।


      अड़चनै हो भोपाल गैस त्रासदी जइसन तो बचारा अरुण जेटली कहां कहां दौड़बो,इस खातिर झमेला ही खत्म कर दिहिस के अब कोई मुकदमा हो तो अमेरिकी कोई कंपनी कटघरे में खड़ा न होई न एंडरसनवा जइसन बेमौत मरे कोय।


      मुआवजा चाहि तो मुश्किल आसान सरकारी बीमा है,जो वैसे ही बाजार मा खपत है,विनिवेश मा एलआईसी झोंके ह।प्रीमियम भी न मिलल।पीएफ भी बीमा ही समझो कि मिलल के न मिलल,कछु मालूम नइखे।


      उ रकम का अंडा दिहिस,उकर से मरै उरै जो कीड़े मकौड़े,उनको मुआवजा छिड़क दीजै फिर लाइट झमाझम।चकाचाक हीरकराज गुजरातमाडल।


      उ लाइटवा का नजारा सिरिफोर्व मा नुमाइश हो गइल रहल।

      बाराकवा बोले के भारत अमेरिकी जौन दोस्ती ह,व ग्लोबल मामला ह।


      बाराकवा बोलेला के संयुक्त राष्ट्र मा भारत स्थाई तौरे पर रहबै चाहि।

      अबतक ना बोले रहि,अबहुं बोलेला।


      सुपर पावर हिंदू राष्ट्र से जो जलल रहबै तुहार हामार माफिक हैव नाट्स और जो कम्युनिस्ट जन्मजात अमेरिका का विरोध करै,वही चीखै है ,गो बैक ओबामा।


      बाकीर सन्नाटा ह।


      कांग्रेस तो परमाणु संधि का जनक ह।


      संघ परिवारो विरोध करलै बाड़न जब यूपीए सरकार रहिस।


      अब हिंदू राष्ट्र खातिर परमाणु बम बम ह।

      सुपरपावर परमाणु राष्ट्र हो तभी न करोड़पति अरबपति बहार हो,मल्टीनेसनल सपोर्ट आउर इंडिया इंक सधै ह।


      इकर खातिर स्वदेशी थिंक टैंकवा बगुला भगत बन गइल।

      धड़ाधड़ मछली पकड़कै चाखै सो जो होय सो होय।


      बाकी अंबेडकरियों को दुकानो से फुरसत नाही।

      समाजवादी भी समाजवादी आखेर।

      सत्ता गणित खातिर कुछो भी बकै रहिस।


      त बाकीर जनता का उखाड़ लिहिस।

      दुल्हनियां ले उड़ल बराकवा।


      बाराकवा बोलत बहुत नाइस नाइस।

      वालीवूड हालीवूट एइसन मिक्स रीमिक्स कर दिगहिस आउर हिंग्लिश का एइसन जलवा बेखेर दिहिस कि जिंगल विंगल दम तोड़ बैठबो और बिंदास जो हिरोइन ताम ह,उनर जलवा फेल।


      एको रास्ता सुझाइलन कि झमाझम नाचै ह बिजली रानी।

      गाइड मा जइसन नाचल ह वहीदा या कि आम्रपाली मा बैजंती।

      कछु याद नइखै तो हेमामालिनी को देख लिज्यो कि अबहुं का जलवा बिखेरल संसद मां संसद बाहिर विज्ञापन मा आउर सिनेमा मा भी।

      उनर नाच वृंदावन से लाइव देखो तो हिंदुत्व समझ जाइब,चैतू।


      गौर करें कि हिंदुत्व का गौरव गान की क्याजुगलबंदी हो गयी है कि  भारत और अमेरिका को सिर्फ स्वाभाविक साझेदार ही नहीं बल्कि सर्वश्रेष्ठ साझेदार बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आज कहा कि अमेरिका प्रौद्योगिकी, स्वच्छ बिजली, उपग्रह, किसानों की भलाई, बच्चों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के साथ कारोबार, आधारभूत संरचना, स्मार्ट सिटी, बंदरगाह, हवाई अड्डे के विकास में 'करीबी पार्टनर' बनाना चाहता है। सिरीफोर्ट आडिटोरियम में 'टाउनहॉल संबोधन' में ओबामा ने कहा कि भारत और अमेरिका सिर्फ स्वाभाविक साझेदार ही नहीं बल्कि सर्वश्रेष्ठ साझेदार हैं।


      ओबा कृष्णने भी तारीफ के पूल बांधने में कोई कंजूसी नहीं बरती ,भारत अमेरिकी परमाणु संधि फ्रीज से निकालकर वे झटाझट कामयाब राष्ट्रपति का तमगा पा गये हैं और इसी खातिर ओबामा ने कहा कि जिस तरह से एक चाय बेचने वाले का बेटा आज देश का प्रधानमंत्री बना है वह सिर्फ भारत जैसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में हो सकता है।


      ओबामा कृष्ण ने कहा कि मेरा स्वयं का राष्ट्रपति बनना भी सिर्फ अमेरिका में ही हो सकता है। बराक ओबामा ने कहा कि मेरे और मोदी के जीवन में काफी समानतायें है। ओबामा ने कहा कि पीएम मोदी के पिता चाय बेचते थे और उनकी मां घरों में काम करती थी और उनका बेटा आज हमारा प्रधानमंत्री के तौर पर स्वागत कर रहा है। बराक ओबामा ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि मोदी एक बेहतरीन इंसान होने के साथ मजबूत व्यक्तित्व भी है।


      परमाणु ऊर्जा भविष्य है।

      अमेरिका मा तुषारपात निबट

      जाइ तो सगरे बंद कारखाना खुलेला।

      वहींच मा फिर परमाणु चूल्ही बनि।


      बाकीर रहि मंकी बातें।

      प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के संयुक्त रेडियो संबोधन 'मन की बात' को आज शाम आठ बजे प्रसारित किया जाएगा और इसके आधे घंटे से थोड़ा ज्यादा समय तक चलने की संभावना है ।

      मोदी ने एक फोटोग्राफ के साथ आज ट्विट किया जिसके कैप्शन में लिखा हुआ है, 'रेडियो कार्यक्रम के दौरान अपने 'मन की बात' साझा करते हुए । विशेष कड़ी के लिए 27 जनवरी की शाम आठ बजे रेडियो सुनें । मन की बात, रेडियो, अमेरिका, भारत ।'

      बजरंगी सौंदर्यशास्त्र प्रबल


      ई हिंदुस्तान पाकिस्तान क्रिकिट नइखे।

      ई विशुद्ध हिंदुत्व मानिंद पवित्र आर्यरक्त संबंध जायनी ह।

      इजराइल पुरजोर समर्थन मा ह कि वो भी इस्लमा के विरुद्ध वानी।


      मजहबी हिंसा के बारे में जो बोलेला बाराकवा,उकर संबंध हिंदुत्व के बजरंग एजंडा से नइखे।


      उ तो आतंक के विरुद्ध अमेरिका का जुजद्ध ह।

      जेकर इंडिया अमेरिका इजराइलो साथे पार्टनर है।


      वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति।

      अमेरिका भारत भाई भाई।

      बराक नमो भाई भाई।

      जुड़वा भाई।

      मेले मा बिछुड़ल बा।


      अमेरिका मा मिलल हो।

      फिन राम भरत मिलन हुई गवा।

      कृष्ण अवतार मा पधारो म्हारा देश ओबामा और हमार नमो महाराज सुदामा हुई गवा डिजाइनर घड़ी बेघड़ी शूट बदल बदलकै।


      सुदामा च्या कोय मेहरारु रहिस कि नाही,डीटेल नाही त सुदामो के पीछे काहे लग गयो रे।


      भारत में कार्बन उत्सर्जन में कटौती के लिए अमेरिकी दबाव है कि ग्लेशियर पिघलने लगे हैं बलि तो परमाणु ऊर्जा का व्यापक प्रचार प्रसार होना चाहिए।


      इसे यूं समझिये कि अंतरराष्ट्रीय निगरानी की जो व्यवस्था है और जल जमीन जंगल आसमान अंतरिक्ष में जो अमेरिकी निगरानी बेरोकटोक है,उसके खातिर अमेरिकी मांग परमाणु ईंधन की ट्रैकिंग सौदेबाजी रही है जबर्दस्त और मोदी महाशय ने निजी संबंध कुर्ता में अपना पूरा नाम टांक के,मैडम मिशेल को भारतीय परिधान पहिनाइके जो बाराक बाराक कहिके गले मिलल रहिस,उसके तहत  कामयाबी बतायी जा रही है कि अमेरिका ने वह मांग विदड्र कर ली।


      बहरहाल अमेरिकी की गरज थी परमाणु उत्तरदायित्व से अमेरिकी कंपनियों की आजादी,सो हासिल हो गयी।


      बाजार तो उछल गइल धड़ाक धड़ाक कि बाजार ने भारत-अमेरिकी करार को जबरदस्त सलामी दी है।एक्सपायरी वाले हफ्ते के पहले दिन बाजार न केवल लगातार 8वें दिन बढ़त के साथ बंद हुआ, बल्कि लगातार 5वें कारोबारी सत्र में रिकॉर्ड ऊंचाई बनाने में भी कामयाब रहा। वैसे तो बाजार ने शुरुआत अच्छी की थी लेकिन बाद में फिर थोड़ी सुस्ती नजर आई। फिर कारोबारी सत्र के आखिरी घंटे में बाजार ने दमदार वापसी की और रिकॉर्ड स्तरों पर दस्तक दी। आखिरकार पहली बार निफ्टी 8900 के ऊपर, जबकि सेंसेक्स 29500 के ऊपर बंद होने में कामयाब हुआ है।


      सेनोरिटा,बड़े बड़े देशों में.. दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे का संवाद बोलकर ओबामा ने सचमुच दुल्हनिया लूट ली है..


      ओबामा ने सचमुच दुल्हनिया लूट ली है,मोदी रह गये बिन दुल्हन के कुर्ता में नामावली टांकके,जयहो मोदी! जय हो ओबामाकृष्ण!



      गौरतलबे है कि अंतरराष्ट्रीय राजनय में अमेरिकी राष्ट्रपति निजी संबंध बनाने में बेहद माहिर होते हैं।


      ऐसा ही कुछ संबंध गोर्बाचेव महाराज से अमेरिकी नेताओं का बन गया था और उसका नतीजा हमने देख लिया है।


      हमरा का होई बै चेतू?

      ससुरा कैंप डेविड का किस्सा भी वहींच।

      बहरहाल मोदी ने बाराकवा की पीठ थपथपाकर जो हासिल किया है,उसका हिस्सा हमें और आपको ,आम जनता को मिले न मिले,जिनको मिलने वाला है,उनकी बातें गौर से सुनते रहिए और फिर रात आठ बजे मंकी बात सुन लीजियेगा और मोदी की बनायी चाय की चुस्की लेते रहियेगा।


      ओबामा क जलवा बाजार में बोल रहा है।

      बाजार में शानदार तेजी देखी जा रही है उसके आधार पर कहा जा सकता है कि इसकी रफ्तार कम होने वाली नहीं है। एफआईआई की जोरदार खरीदारी के बल पर बाजार उड़ान भर रहा है और इस बुल रन के जारी रहने की उम्मीद से जानकार भी फूले नहीं समा रहे हैं।

      कुल माजरा समझने के लिए इकोनामिक टाइम्स में खरबपति सुनील भारती मित्तल का यह मंतव्य पढ़ेंः


      अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी प्रेजिडेंट बराक ओबामा के बीच रिश्तों की गर्माहट को संकेत मानें तो निश्चित तौर पर आर्थिक और राजनीतिक, दोनों मोर्चों पर भारत-अमेरिकी रिश्ते नए दौर में जाने को तैयार हैं। दुनिया के 2 बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच रिश्तों में आई बेहतरी को देखना वाकई में सुखद है।


      भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और एशिया के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य भारत को अमेरिका का स्वाभाविक साथी बनाते हैं। साउथ एशिया में सुरक्षा के लिए भारत अहम एंकर का रोल निभा सकता है। इससे भी अहम बात यह है कि हमारा मुल्क बड़ा कंज्यूमर मार्केट है और आने वाले दशकों में यहां बिजनस करने के बड़े मौके होंगे।


      मोदी सरकार ने रिफॉर्म की प्रक्रिया फिर से शुरू करने और भारत में बिजनस करने की सहूलियत बढ़ा कर ग्लोबल इनवेस्टर समुदाय को काफी पॉजिटिव मेसेज दिया है। दावोस में टॉप बिजनस लीडर्स के साथ बातचीत में मैंने पाया कि भारत को लेकर मूड काफी सकारात्मक और शानदार है। आईटी और कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स स्पेस में अमेरिकी कंपनियों का पहले से भारत में बड़ा बिजनस चल रहा है।


      भारतीय बिजनस हाउस अमेरिका को सबसे बड़े एक्सपोर्ट मार्केट के तौर पर देखते हैं। इनमें आईटी/आईटीईएस, फार्मा, गारमेंट्स और जूलरी जैसे सेक्टर शामिल हैं। दोनों देशों के लॉन्ग टर्म स्ट्रैटेजिक गठबंधन की तरफ से बढ़ने से रिश्तों में और गहराई आएगी।


      जहां तक प्रधानमंत्री मोदी के 'मेक इन इंडिया' अभियान की बात है, तो हमारे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को रिवाइव करने में अमेरिकी कंपनियां अहम रोल अदा कर सकती हैं। खासतौर पर डिफेंस और हाई ऐंड टेक्नॉलजी सेक्टर में काफी फायदा हो सकता है। चूंकि भारत डिजिटल ग्रोथ के चरण में प्रवेश करने की तैयारी मंा है, लिहाजा इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलिकॉम इक्विपमेंट में भी बिजनस का बड़ा मौका है।


      दोनों देशों के लिए न्यूक्लियर और रिन्यूवेबल एनर्जी, फाइनैंशल सर्विसेज सेक्टरों में भी मौके हैं। मुझे उम्मीद है कि भारत-अमेरिका उस ऐतिहासिक परमाणु समझौते को आगे बढ़ाएंगे, जिसे तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने शुरू किया था। सिलिकॉन वैली आईटी और टेक्नॉलजी इनोवेशन का मक्का है और अपने 'डिजिटल इंडिया' विजन के लिए सॉल्यूशंस बनाने की खातिर भारत नई अमेरिकी कंपनियों की मदद ले सकता है।


      हालांकि, भारतीय आईटी कंपनियों की तरफ से ज्यादा वीजा की मांग, ट्रेड, पेटेंट और इमिशन जैसे मुद्दे हैं, जिन पर दोनों देशों को मतभेद दूर करने की जरूरत है। बहरहाल, पॉजिटिव रफ्तार को देखते हुए इन तमाम मसलों का हल निकाले जाने की उम्मीद जताई जा सकती है।

      ( चेयरमैन, भारती एंटरप्राइजेज )


      इकोनामिक टाइम्स की यह रपट जरुर पढ़ लेंः

      ओबामा ने क्लाइमेट चेंज के मसले पर भारत पर किसी बाध्यकारी संधि का दबाव तो नहीं डाला, मगर अपनी क्लीन एनर्जी इंडस्ट्री के हितों को ध्यान में रखते हुए सहयोग के कई मोर्चे जरूर खोले। इस मुद्दे पर भारत लगातार कहता आ रहा है कि वह अपने विकास के लक्ष्यों को देखते हुए क्लाइमेट चेंज के मसले पर किसी बाध्यकारी संधि पर दस्तखत नहीं करेगा।


      ओबामा दौरे में अमेरिका से क्लीन एनर्जी पर कई मोर्चों पर सहमति हुई। इस बीच दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका में ज्यादा चर्चा क्लाइमेट डील को लेकर है, जबकि भारत में न्यूक्लिर डील का शोर है। वाइट हाउस ने भी दोनों देशों के बीच ऐटमी, सामरिक और अन्य मसलों पर हुई सहमति से ज्यादा इसे तवज्जो दी है। दोनों देशों ने ओबामा की भारत यात्रा के दौरान एनर्जी सिक्यॉरिटी, क्लीन एनर्जी और क्लाइमेट चेंज के प्रभावों से निपटने के लिए पांच साल के सहमति-पत्र पर दस्तखत करने का फैसला किया।


      सहमति के मेन पॉइंट्स -अमेरिका ने कहा है कि वह ओजोन लेयर को नुकसान पहुंचाने वाले हाइड्रो क्लोरोफ्लोरोकार्बन्स से मुक्ति पाने में भारत को हर तरह का सहयोग देगा। इन्वायरनमेंट फ्रेंडली टेक्नॉलजी मुहैया कराने में मदद करेगा।


      - वाइट हाउस का कहना है कि वह क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में रिसर्च के लिए भारत के साथ सहयोग करेगा। इसके लिए साढ़े 12 करोड़ डॉलर की एक योजना तय की गई है। इसके तहत सोलर पावर, एनर्जी एफिसेंट इमारतें बनाने और अडवांस बायोफ्यूल के विकास पर काम किया जाएगा।


      - अमेरिका इस साल गर्मियों तक अपना एक फील्ड इनवेस्टमेंट ऑफिसर भारत में नियुक्त करेगा। यह अधिकारी क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में भारत में अमेरिकी निजी निवेश बढ़ाने का काम करेगा। अमेरिका का इरादा भारत के क्लीन एनर्जी मिशन के लिए कम से कम एक अरब डॉलर जुटाने का है।


      - भारत की एयर क्वॉलिटी को दुरुस्त करने में सहयोग और टेक्नॉलजी मिलेगी।


      - इंडस्ट्री, कोल बेस्ड पावर प्लांट्स और हैवी ड्यूटी वीइकल्स के प्रदूषण से बचने के लिए अमेरिका क्लीन फ्यूल, फ्यूल के पूरे इस्तेमाल के लिए टेक्नॉलजी विकसित करने का भी काम करेगा।


      - ऐसे उपकरण बनाने पर काम करेंगे, जिनको ग्रिड की बिजली की जरूरत न पड़े। इससे बिजली क्षेत्र पर दबाव कम होगा और पलूशन में कमी आएगी।

      http://hindi.economictimes.indiatimes.com/business/business-news/us-focus-on-clean-energy-indias-on-nuclear/articleshow/46023389.cms


      वक्ता ओबामा दुल्हन ले उड़ल ह।


      The Economic Times

      No dearth of talent in India. India takes pride in people like Milkha Singh, Mary Kom, Kailash Satyarthi, says US President Barack Obamahttp://ow.ly/I08z6 | HIGHLIGHTS: http://ow.ly/I09oA

      No dearth of talent in India. India takes pride in people like Milkha Singh, Mary Kom, Kailash Satyarthi, says US President Barack Obama http://ow.ly/I08z6 | HIGHLIGHTS: http://ow.ly/I09oA

      अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन दिल्ली के सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम में मंत्रमुग्ध कर देने वाला भाषण दिया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के अंदाज में भारतीयों को 'मेरे भारतीय भाइयों और बहनों' के रूप में संबोधित करके मन मोह लिया।

      उन्होंने कहा कि उनके गृहनगर शिकागो ने सदी भर पहले स्वामी विवेकानंद का स्वागत किया था जो हिंदुत्व और योग के प्रचार के लिए भारत आए थे। आज मैं कहना चाहता हूं, 'मेरे भारतीय भाइयों और बहनों।' इसके बाद सदन देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने भाषण में दोनों देशों के रिश्तों, उसकी समानताओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से बात की।



      मीडिया खबर मुताबिक  दिल्ली के सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का भाषण 'धन्यवाद' से शुरू हुआ। ओबामा ने गणतंत्र दिवस की परेड के लिए उन्हें भारत आमंत्रित करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत में दूसरी बार उन्हें आमंत्रित करने के लिए वह शुक्रगुजार हैं। ओबामा ने अपने संबोधन में शाहरूख खान, मैरीकॉम, कैलाश सत्याथी और मिल्खा सिंह का भी जिक्र किया।

      ओबामा ने अपने संबोधन में भारत और अमेरिका के रिश्तों की मजबूती पर जोर दिया। वह बोले कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका के संबंध और बेहतर होंगे। उन्होंने कहा, 'भारत और अमेरिका के बीच की साझेदारी इस सदी के लिए यादगार होगी। वैसे हमारी साझेदारी आज की नहीं है। सौ सालों से भी पहले अमेरिका ने भारत के स्वामी विवेकानंद को स्वागत किया था। अमेरिका में सभी विवेकानंद से बहुत प्रभावित हुए थे।'

      इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में करेंगे सहयोग

      भारत को अमेरिका के समान बताते हुए ओबामा ने कहा, 'भारत और अमेरिका कुछ ऐसे देशों की पंक्ति में शामिल हैं जो चांद और मंगल तक पहुंच चुके हैं। भारत और अमेरिका जैसी लोकतांत्रिक शक्तियां यदि एक साथ आ जाती हैं, तो यह विश्व और सुरक्षित हो जाएगा। इसके लिए अमेरिका सदा भारत के साथ खड़ा है। अगर भारत इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कुछ बेहतर करना चाहे, तो हम वो पहले देश हैं, जो मदद के लिए तैयार हैं।'

      न्यूक्लियर हथियार मुक्त विश्व की कल्पना

      विश्व में परमाणु अप्रसार के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने एशिया महाद्वीप में जो अहम भूमिका निभाई है अमेरिका उसकी सराहना करता है। हम एक ऐसे विश्व की कल्पना करते हैं जिसमें न्यूक्लियर हथियार न हों। यह हमारा लक्ष्य भी है कि ऐसे विश्य का निर्माण करें जिसमें किसी देश के पास न्यूक्लियर हथियार न हो।'

      ओबामा ने की हंसी-ठिठोली

      इस बीच ओबामा ने फिल्म डीडीएलजे का डायलॉग, 'बड़े-बड़े देशों में.....' बोलने की कोशिश की। मगर वह बीच में इसे भूल गए। हंसी-ठिठोली के बीच उन्होंने कहा कि आप समझ गए होंगे कि मैं क्या कहना चाहता हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि भारत अमेरिका का बेस्ट पार्टनर रह सकता है। जीवन को बेहतर बनाने में अमेरिका भारत को पूरा सहयोग देगा।' साथ ही उन्होंने यह भ्ाी कहा कि वे अपनी पत्न्ाी से अक्सर सलाह लेते हैं। उन्होंने माना कि उनकी तरक्की में मिशेल की बड़ी भूमिका रही है।

      नारी शक्ति की जिक्र

      नारी शक्ति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसी से देश तरक्की करता है। महिलाएं काम करती हैं तो परिवार तरक्की करता है। ओबामा के अनुसार भारतीय परिवारों में मां की भूमिका अहम होती है। इसके साथ ही अपील की कि लड़का और लड़की को परिवार में समान अधिकार मिलने चाहिए। अपने संबोधन में उन्होंने शाहरूख खान, मैरीकॉम, कैलाश सत्याथी और मिल्खा सिंह का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत में एक समानता यह है कि दोनों देशों की विभिन्नता ही इनकी मजबूती है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने माना कि भारत युवाओं का देश है और भारतीय युवा पूरी दुनिया को बेहतर शक्ल दे सकते हैं।

      अमेरिका-भारत के कॉलेजों को जोड़ने की कल्पना

      भारतीय युवाओं को मेहनती बताते हुए उन्होंने कहा की अमेरिका और भारत के कॉलेजों को वे एक साथ जोड़ना चाहते हैं ताकि शिक्षा का आदान-प्रदान हो सके। मजदूरों का जिक्र करते हुए ओबामा ने कहा कि मजदूर देश की तरक्की की रीढ़ होते हैं। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने माना कि रंग की वजह से उन्हें भी संघर्ष करना पड़ा है। ओबामा के अनुसार सब को मिलकर बदलाव लाना होगा।

      ओबामा के बचपन की यादें

      एक ऐसा क्षण भी आया जब ओबामा भावुक हो गए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी बचपन की यादों को बांटते हुए बताया कि उनके दादा ब्रिटिश सेना में कुक थे। जब उनका जन्म हुआ तो अमेरिका के कुछ क्षेत्रों में अश्वेत लोगों को वोट देने का भी अधिकार नहीं था। उन्होंने कहा, 'हम ऐसे देशों से हैं, जहां एक कुक का पोता देश राष्ट्रपति बन जाता है और एक चाय वाला प्रधानमंत्री।'

      भाषण के अंत में ओबामा ने कहा कि वह पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं जो दूसरी बार भारत दौरे पर आए हैं, लेकिन उन्हें यकीन है कि वह आखिरी नहीं होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे का आज अंतिम दिन है।



      सीएनबीसी-आवाज के मुताबिक भारत और अमेरिका के बीच हुए इस रक्षा करार से भारत को कई अहम तकनीक मिलने का रास्ता साफ हो गया है। जिससे भारतीय सेना की क्षमताओं में बढ़ोतरी होगी। इस करार से भारतीय रक्षा कंपनियों के लिए मौके बढ़ेंगे औरभारत को रक्षा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में मदद मिलेगी।आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिका के साथ बनी सहमति से आतंकवाद का बेहतर तरीके से मुकाबला  किया जा सकेगा।


      इंडो-यूएस बिजनेस समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत के साथ रिश्ते मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत असीम संभावनाओं का देश है और अमेरिका उसका न्यूट्रल पार्टनर है। राष्ट्रपति ओबामा के मुताबिक अभी भी ऐसी संभावनाएं हैं जिनका इस्तेमाल नहीं हुआ है और अभी काफी काम करना बाकी है।


      ओबामा ने एलान किया कि यूएस एक्जिम बैंक भारत को अगले 2 साल में 100 करोड़ डॉलर का कर्ज देगा। इसके अलावा ओबामा ने भारत में 400 करोड़ डॉलर निवेश करने और कर्ज का वादा भी किया। इतना ही नहीं ओबामा ने भरोसा जताया है कि भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने में अमेरिका मदद करेगा और यूएसटीडीए रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए 200 करोड़ डॉलर भी दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारत में गुड गवर्नेंस और टैक्स नीतियों में स्थायित्व का वादा किया।


      इंडो-यूएस बिजनेस समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार की सभी फ्लैगशिप योजनाओं का मकसद समझाया। उन्होंने मेक इन इंडिया, कारोबार को आसान बनाने जैसे योजनाओं पर खास जोर देते हुए कहा कि चाहे एग्रीकल्चर हो या मैन्युफैक्चरिंग, सरकार का हर सेक्टर  को आगे बढ़ाने पर जोर है।


      इंडो-यूएस बिजनेस समिट में कॉरपोरेट्स ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने पॉलिसी से जुड़ी परेशानियों को रखा, वहीं पीएम मोदी ने आगे बढ़कर कॉरपोरेट्स को भरोसा दिलाया कि पॉलिसी में ना सिर्फ सुधार होगा बल्कि सामंजस्यता भी रहेगी।


      अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इंडो-यूएस बिजनेस समिट के दौरान कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार तेजी से बढ़ा है लेकिन अभी भी कारोबार बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं जिसके लिए दोनों देश आगे काम करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा कहा कि भारत और अमेरिका को कारोबार को आसान बनाने नई टेक्नोलॉजी का विकास और ग्रोथ को रफ्तार देने  पर जोर देना चाहिए।


      वहीं गोदरेज ग्रुप के चेयरमैन अदि गोदरेज ने सीएनबीसी आवाज़ से खास बातचीत में कहा कि एनर्जी सिक्योरिटी के लिए न्यूक्वियर डील जरूरी थी और आपसी व्यापार और निवेश में बढ़ोतरी की उम्मीद है।


      साथ न्यू सिल्क रूट के सीईओ पराग सक्सेना ने भी खास बातचीत में बताया कि विदेशी निवेशकों के लिए भारत में सेंटिमेंट पहले से काफी पॉजिटिव हो गया है, हालांकि जीएएआर जैसे मुद्दों पर सफाई आना अब भी बेहद जरूरी है।


      एचएसबीसी इंडिया की चेयरमैन नैनालाल किदवई का कहना है कि भारत-अमेरिका के रिश्ते और मजबूत होंगे। इंडो-यूएस बिजनेस समिट में डिफेंस पर चर्चा हुई, लेकिन सरकार का फोकस रिन्यूएबल एनर्जी पर होना चाहिए। रिन्यूएबल एनर्जी के लिए यूएस से टेक्नोलॉजी और निवेश आ सकता है। सरकार की ओर से मेक इन इंडिया के लिए हर जरूरी कोशिश जारी है, लेकिन जमीन अधिग्रहण पर भी चर्चा जरूरी है।


      भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल का कहना है कि प्रधानमंत्री ने सीईओ फोरम में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग का मुद्दा उठाया लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए इन्सेंटिव पर्याप्त नहीं है। वहीं सुनील भारती मित्तल ने भरोया जताया है कि 500 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।


      केकेआर इंडिया के मेंबर और सीईओ संजय नायर का कहना है कि अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत एक बड़ा बाजार है और बिजनेस करना आसार हुआ तो पूंजी और तकनीक आएगी। भारत में खासतौर से अमेरिका से काफी निवेश आएगा। हालांकि पूंजी बड़ी चुनौती है लेकिन सरकार का काम शानदार रहा है।


      http://hindi.moneycontrol.com/mccode/news/article.php?id=113695


      ओबामा के इस भारतीय दौरे के दौरान परमाणु करार पर भी भारत और अमेरिका के बीच सहमति बनी है। मोदी-ओबामा के हस्तक्षेप के बाद परमाणु डील पर लंबे समय से बना गतिरोध खत्म हो गया है और परमाणु जवाबदेही कानून से जुड़ा विवाद सुलझा लिया गया है। अमेरिका ने भी परमाणु सामाग्री की निगरानी की शर्त हटा ली है। इस करार के तहत अमेरिका न्यूक्लियर प्लांट के लिए 1500 करोड़ रुपये के इंश्योरेंस पूल पर सहमत हो गया है। जिसके तहत जीआईसी और 4 दूसरी बीमा कंपनियां 750 करोड़ का पूल बनाएंगी और बाकी 750 करोड़ रुपये भारत सरकार देगी। अमेरिका ने भारत को न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप की सदस्यता के समर्थन देने के भी संकेत दिए हैं। इसके अलावा भारत को 3 अन्य एक्सपोर्ट कंट्रोल रिजीम का सदस्य बनाने का भी भरोसा दिया गया है।


      इस परमाणु डील से 2008 की परमाणु डील हकीकत में बदलेगी और अमेरिकी कंपनियां भारत में न्यूक्लियर रिएक्टर लगा सकेंगी। जी हितैची, वेस्टिंगहाउस जैसी कंपनियों की  भारत में दिलचस्पी है और इन कंपनियों को गुजरात में पहले ही जमीन अलॉट हो चुकी है। लेकिन परमाणु जवाबदेही कानून की चिंताओं की वजह से अभी काम नहीं शुरू हुआ था। इस करार से भारत को 2020 तक 20,000 मेगावॉट न्यूक्लियर बिजली बनाने और 2032 तक 63,000 मेगावॉट न्यूक्लियर बिजली बनाने का लक्ष्य पाने में मदद मिलेगी।


      भारतीय कंपनियों के लिए ये करार किस तरह से फायदेमंद हो सकते हैं इस मुद्दे पर बात करते हुए वालचंदनगर इंडस्ट्रीज के एमडी जीके पिल्लई का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच न्युक्लियर डील से अमेरिकन न्यूक्लियर कंपनियों की भारत में रुचि बढ़ेगी और ठंडे बस्ते में पडे़ तमाम प्रस्तावों में नई गर्मी आयेगी। न्यूक्लियर सेक्टर में काम करने वाली भारतीय कंपनियों को अमेरिकन कंपनियों के साथ काम करने का मौका मिलेगा।


      जीके पिल्लई ने बताया कि वालचंदनगर इंडस्ट्रीज का लक्ष्य अगले 5 साल में अपने डिफेंस और एयरोस्पेस कारोबार को बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये करना है।

      http://hindi.moneycontrol.com/mccode/news/article.php?id=113729


      ओपीसी ऐसेट सॉल्यूशंस के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर का कहना है कि बाजार में शानदार तेजी को देखते हुए लगता है कि जनवरी सीरीज में ही निफ्टी में 9000 का स्तर देखने को मिल सकता है। बाजार में बजट तक जोरदार तेजी जारी रहेगी और बजट तक बाजार ऊंचाई के सारे कीर्तिमान तोड़ देगा।


      बाजार में ऊपर का मूमेंटम है और ये बजट तक जारी रहेगा। निफ्टी में 9000 का स्तर जल्द देखने को मिल सकता है। बाजार की नजर ईसीबी और ग्रीस के चुनावी नतीजों पर थी और ये दोनों इवेंट हो चुके हैं। अब बाजार की नजर आज से शुरू होने वाली एफओएमसी की बैठक पर है और इसमें से क्या फैसला निकलकर आएगा इसपर नजर रहेगी।


      फेड चेयरमैन जैनेट यलन की वैश्विक बाजारों को स्थिरता देने की कोशिश है। अब जब डॉलर इतनी तेजी से बढ़ रहा है तो इस समय क्यूई में कटौती करने की गुंजाइश कम लग रही है और ब्याज दरों के बढ़ाने की संभावना भी कम हो गई है।


      जी न्यूज मुताबिक अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा अपने तीन दिवसीय भारत के दौरे को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद मंगलवार दोपहर यहां के पालम एयरपोर्ट से सउदी अरब के लिए रवाना हो गए। ओबामा नई दिल्ली से सीधे सउदी अरब के लिए रवाना हुए हैं। गौर हो कि सउदी अरब के शाह अब्दुल्ला का पिछले गुरुवार को निधन हो गया था।

      ओबामा आज अपनी बख्तरबंद लिमोजिन 'बीस्ट'में बैठकर पालम एयरपोर्ट पहुंचे। इस मौके पर उनकी पत्‍नी मिशेल ओबामा भी साथ थीं। आज दोपहर 1.50 बजे अपने आधिकारिक विमान एयरफोर्स वन में सवार होने से पहले ओबामा ने अपनी पत्‍नी के साथ हाथ जोड़कर सबका अभिवादन किया और नमस्‍ते किया। ओबामा के पालम पहुंचने से पहले एयरपोर्ट तक के रास्‍ते आम लोगों के लिए बंद कर दिए गए। साथ ही सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए। उधर, व्‍हाइट हाऊस ने ट्वीट कर पीएम मोदी और भारत की जनता का धन्‍यवाद किया। ओबामा के शानदार दौरे के लिए भी धन्‍यवाद किया।

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      ओबामा बोले- भारत का बेस्‍ट पार्टनर हो सकता है अमेरिका

      बराक ओबामा और मिशेल ओबामा ने भारत को बोला- गुडबॉय।

      गौर हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के रविवार को पालम एयरपोर्ट पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनका भव्य स्वागत किया था। ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल तीन दिन की बहुचर्चित भारत यात्रा पर रविवार को पालम हवाई अड्डे पर अपने एयर फोर्स वन विमान से उतरे तो प्रोटोकाल से हटते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी अगवानी की थी। मोदी और ओबामा ने निजी रिश्तों का इजहार करते हुए एक दूसरे को गले लगाया। ओबामा पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए हैं जो सोमवार को गणतंत्र दिवस परेड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

      http://zeenews.india.com/hindi/india/obama-went-for-saudi-arab-after-leaving-friendship-magic-on-india-visit/246156

      अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत और अमेरिका के बीच कई समानताएं बताते हुए कहा कि ये दोनों देशों को करीब लाती हैं. उन्होंने कहा, 'मेरे पिता केन्या में ब्रिटिश आर्मी में कुक हुआ करते थे. जब हम पैदा हुए थे तो मेरे जैसे दिखने वाले लोग कई हिस्सों में वोट भी नहीं कर सकते थे. लेकिन हम ऐसे देशों से हैं जहां कुक का पोता राष्ट्रपति बन सकता है और एक चायवाले का बेटा भी प्रधानमंत्री बन सकता है.'

      अपने प्रभावी वक्तव्यों के लिए मशहूर ओबामा ने भारतीय मेहमाननवाजी की भी खूब तारीफ की. उन्होंने बीच-बीच में अपने सेंस ऑफ ह्यूमर का भी खूब इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा, 'भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने वाला पहला अमेरिकी राष्ट्रपति बनना मेरे लिए गर्व की बात है. पिछली बार हम भारत आए थे तो हमने मुंबई में बच्चों के साथ डांस किया था और रोशनी का त्योहार (दीवाली) मनाया था. लेकिन दुर्भाग्य से इस बार हम बच्चों के साथ डांस नहीं कर सके. हमें भारत में दोबारा बुलाने के लिए 'बहुत धन्यवाद'.

      भाषण के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने वहां मौजूद लोगों से मुलाकात की. इस कार्यक्रम में ओबामा के साथ शांति के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी भी मौजूद थे. अमेरिकी राष्ट्रपति ने यहां तीन स्पेशल बच्चों से भी मुलाकात की, जिन्हें बाल मजदूरी से सत्यार्थी की संस्था 'बचपन बचाओ' ने छुड़ाया था.

      इन बच्चों से मिले ओबामा

      पायल, 14 वर्ष: पायल ने इस उम्र में शादी करने से मना कर दिया. अब वह बाल सरपंच हैं और अब अपने गांव में बाल विवाह को खत्म करने के अभियान की अगुवाई कर रही हैं.

      अयूब खान, 12 वर्ष: हालात से मजबूर अयूब से जबरदस्ती एक बटन बनाने की फैक्ट्री में काम करवाया गया. सत्यार्थी की संस्था ने उसे इस नरक से आजाद कराया.

      दीपक, 8 साल: दीपक भी एक बाल मजदूर था. एक खेत में काम करते हुए उसकी उंगली थ्रेशर की चपेट में आ गई.

      गौरतलब है कि साल 2009 में बराक ओबामा को भी शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. हालांकि ओबामा रविवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की ओर से दिए गए भोज के दौरान ही कैलाश सत्यार्थी से मिल चुके हैं.

      अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी पत्नी मिशेल ओबामा के साथ दोपहर डेढ़ बजे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एयरफोर्स वन में सवार होकर सउदी अरब के लिए रवाना होंगे.

      'मन की बात' का डबल धमाका

      मंगलवार रात 8 बजेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामाएक साथ मिलकर रेडियो पर 'मन की बात' करेंगे. इस कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग पहले ही हो चुकी है, मंगलवार को इसका प्रसारण किया जाना है. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेडियो के माध्यम से देशवासियों के साथ 'मन की बात' करते हैं.

      चार अरब डॉलर का निवेश

      इससे पहले सोमवार की शाम अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने देश में चार अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की. इसके साथ ही भारत और अमेरिका के बीच व्यापार का लंबा फासला तय करने का रास्ता खुल गया है.

      राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को अमेरिका-भारत व्यापार सम्मेलन को संबोधित करते हुए ओबामाने कहा, 'अगले दो सालों में हमारा आयात निर्यात बैंक (ईएक्सआईएम) भारत को एक अरब डॉलर का अमेरिका में बनी वस्तुओं के आयात का समर्थन करेगा. यह भारत भर में लघु और मध्यम आकार के व्यापार को एक अरब डॉलर से ज्यादा राशि का कर्ज देगा. और हमारी अमेरिकी व्यापार और विकास एजेंसी भारत में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में लगभग दो अरब डॉलर का निवेश करेगी.'

      अन्य कदमों की चर्चा करते हुए ओबामा ने कहा कि अमेरिका भारत को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और बेहतर सड़कों के निर्माण में सहायता के लिए तैयार है.

      उन्होंने कहा, 'हमें इस बात को सुनिश्चित करने की जरूरत है कि भारत और अमेरिका का आर्थिक विकास समावेशी हो. प्रवासी निवेश पहल भी भारत के लिए मददगार होगा.'

      ओबामा ने कहा, 'भारत को अमेरिकी निर्यात लगभग 35 फीसदी है. हमारे देश में भी भारतीय निवेश में बढ़ोतरी हो रही है. भारतीय निवेश से अमेरिका में रोजगारों का सृजन हो रहा है. हमारे बीच प्रगाढ़ होते व्यापार संबंध भी भारत के लिए शुभ संकेत है. संबंधों से दोनों देशों के कामगार लाभान्वित हो रहे हैं.'

      इससे पहले समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राज्य को ऐसी नीतियों से संचालित होना चाहिए, जो अधिक निवेश आकर्षित कर सकें. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के छह महीने के कार्यकाल के दौरान ही अमेरिकी निवेश में 50 फीसदी का उछाल आया है.

      मोदी ने यहां आयोजित अमेरिका-भारत बिजनेस समिट में कहा, 'राज्य नीति संचालित होना चाहिए. इससे निवेश में मदद मिलेगी. देश में निवेश लाने के लिए स्थिरता एक अन्य बहुत महत्वपूर्ण पक्ष है. इनसे कई समस्याएं सुलझ जाएंगी.'

      मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ इस शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अधोसंरचना और कृषि में भारी निवेश से अर्थव्यवस्था में सुधार होगा.

      उन्होंने कहा, 'हम सही रास्ते पर हैं. आर्थिक विकास में वृद्धि दर्ज की गई है. दुनिया के प्रमुख देशों के मुकाबले भारत में व्यापार का माहौल सर्वोच्च स्तर पर है. उपभोक्ता माहौल तीन साल के बाद सकारात्मक दर्ज किया गया है.'

      मोदी ने कहा, 'अर्थव्यवस्था के आठ प्रमुख सेक्टरों का विकास तेजी से बढ़ा है. महंगाई पांच साल के निचले स्तर पर है. पिछले चार महीनों में 11 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं. मेरी सरकार के छह माह के कार्यकाल में ही अमेरिकी निवेश 50 फीसदी बढ़ा है.'

      बौद्धिक संपदा अधिकार का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सभी पक्षों को मिलकर हल करना होगा. उन्होंने कहा, 'हमने एक कार्यकारी समूह गठित किया है जो इस मुद्दे पर चर्चा करेगा.' ओबामा की ओर रुख करते हुए मोदी ने कहा कि अब इनके सहयोग से 'हम अपनी प्रतिबद्धताओं को ठोस भविष्य में बदलेंगे.'



      और भी... http://aajtak.intoday.in/story/us-president-barack-obama-will-conclude-his-three-day-visit-to-india-today-1-796926.html




      बड़ी परियोजनाओं की निगरानी खुद करेगा PMO

      टाइम्स न्यूज नेटवर्क| Jan 27, 2015, 10.53AM IST

      नई दिल्ली


      फैसला लेने की प्रक्रिया को तेज और धारदार बनाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) खुद बड़ी परियोजनाओं पर नजर रखेगा।  सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निवेशकों को आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री कार्यालय भारी निवेश वाली बड़ी परियोजनाओं की खुद निगरानी करेगा।


      पीएम ने निवेशकों को खुले माहौल का आश्वासन दिया, जिससे निवेश करने में आसानी होगी और कारोबार को फायदा पहुंचाएगा। मोदी ने इन बड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर निजी रूप से नजर रखने की एक भारतीय-अमेरिकी फोरम के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया और यह वादा किया। परियोजनाओं की निगरानी करने के लिए यूपीए शासनकाल में जिस निगरानी ग्रुप का गठन हुआ था, वह कैबिनेट सचिन के अधीन है और कई लंबित परियोजनाओं को मंजूरी दिलाने में मदद की है। लेकिन, निवेशक इस बात को तरजीह देंगे कि प्रधानमंत्री कार्यालय बड़ी परियोजनाओं की खुद से निगरानी करे जिससे कि फैसला लेने की प्रक्रिया में तेजी आए। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जान डालने और ओवरऑल ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाना बहुत जरूरी है।


      मिलती-जुलती खबरें

      बिजनस लीडरों ने जो सुझाव दिए, उनको सुनने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन समस्याओं का उल्लेख किया गया है उनमें से अधिकतर का हल 3 चीजों के माध्यम से होगा। वे 3 चीजें हैं, सक्रिय और कल्याणकारी सुशासन, पॉलिसी से चलने वाला देश और पॉलिसी में निरंतरता।


      पीएम ने इस बात को स्वीकार किया कि इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स एक अहम मुद्दा है और सभी देशों को मिलकर इसका हल निकालना चाहिए। उन्होंने सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं पर भी प्रकाश डाला जिनमें 'व्यापार करने को आसान बनाना' और 'मेक इन इंडिया' भी शामिल है। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषकर रेलवे में निवेश के महत्व का भी उल्लेख किया।


      उन्होंने कहा कि कृषि में उनका 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (दिए जाने वाले पानी की हर बूंद पर अधिक से अधिक फसल की पैदावार हो) विजन किसानों की समस्या को हल करने में मदद करेगा। इस विजन की मदद से जलवायु परिवर्तन और पानी की कमी के संकट से भी निपटा जा सकता है।


      उन्होंने कहा कि निवेशकों की बातें सुनना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे फैसला लेने की प्रक्रिया तेज होती है। पीएम ने कौशल, स्केल और रफ्तार के अपने मंत्र का भी उल्लेख किया और कहा कि जब वह अहम निर्णय लेंगे तो राज्यों के हित को ध्यान में रखेंगे। भारत-अमेरिका व्यापार सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, 'इससे बिजनस करना आसान हो जाएगा। भारत को पिछले पायदान से दुनिया के टॉप 50 देश की श्रेणी में लाना हमारा पहला लक्ष्य है।'


      उन्होंने कहा, 'आप को टैक्स की ऐसी व्यवस्था मिलेगी जो प्रतियोगी और पारदर्शी होगी। हमने उन फालतू के नियमों को हटा दिया है जो पहले वाली व्यवस्था में मौजूद थे। अब हम बाकी बची अनिश्चितताओं को दूर करेंगे।'


      पीएम ने इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने की सरकार की योजनाओं में व्यापार के अवसर गिनाए। उन्होंने रेलवे, क्लीन गंगा मिशन, शहरी कचरा प्रबंधन, गावों को जोड़ने और सात सालों में सभी भारतीय को घर दिलाने के अपने प्रॉजेक्ट में बिजनस के अवसर गिनाए।


      पीएम मोदी ने अमेरिका के साथ मजबूत साझीदारी की वकालत की। उन्होंने कहा कि दोनों देश के हाथ मिलाने से दुनिया को भलाई होगी। उन्होंने कहा, 'विश्व की अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करने और इसके ग्रोथ को बढ़ाने में भारत अहम भूमिका निभाएगा। और सबसे बड़ी बात यह है कि भारत की संपन्नता से दुनिया में शांति और स्थिरता आएगी।


      अंग्रेजी में भी पढ़ें: PMO hawk-eye on progress of mega projects

      http://hindi.economictimes.indiatimes.com/business/business-news/pmo-hawk-eye-on-progress-of-mega-projects/articleshow/46026093.cms



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      Secular' And 'Socialist' Dropped From The Preamble Of Indian Constitution In Republic Day Advertisement

      By India Resists

      27 January, 2015
      IndiaResists.com

      Click on the image or here to see a larger image #DefendIndianConstituion

      We are shocked by the conspicuous absence of the words 'secular' and 'socialist' from the Indian constitution's preamble used in the customary advertisement in newspapers of 26th January, greeting people of India on the Republic Day. The advertisement has been issued by the Ministry of Information and Broadcasting Ministry and also carries a quotation by the Prime Minister.

      At the time when the people of India, and even the global community, have genuine apprehensions about the secular character of the Indian democracy, which stands threatened by a right-wing government formed with less than one-third of the popular votes, this omission is utterly condemnable.

      Secularism has been pivotal to the post-independent India, binding all communities together as equal citizens. Similarly, the word socialist was added to emphasize the social committments of the state in a country like India. These two values are non-negotiable and any attempt to dilute them would face strong resistance. We condemn the I & B Ministry and demand an apology from the govt for this mischievous advertisement on Republic Day.

      Sign protest petition here

      [Signatures can also be sent through email to indiaresists@gmail.com]


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      The Golden Bird has been sold once again!


      Is it not brutal sedition,Mr.Prime Minister?


      Is it not Betrayal beyond governance and politics,Mr Prime Minister?


      For me it is greater crime than the infamous Gujarat Genocide in which racial ethnic cleansing saw genocide of Indian citizens.Now,you are caught red handed killing the nation,I am afraid to say.

      Different Print exposes an Exclusive story of Betrayal!

      Palash Biswas

      U.S. President Barack Obama delivers a speech at Siri Fort Auditorium in New Delhi January 27, 2015. REUTERS-Jim Bourg

      U.S. President Barack Obama shakes hands with the crowd after delivering a speech at Siri Fort Auditorium in New Delhi January 27, 2015. REUTERS-Jim Bourg

      U.S. President Barack Obama shakes hands with the crowd after delivering a speech at Siri Fort Auditorium in New Delhi January 27, 2015.  REUTERS-Jim Bourg

      1 OF 5. U.S. President Barack Obama delivers a speech at Siri Fort Auditorium in New Delhi January 27, 2015.

      CREDIT: REUTERS/JIM BOURG

      The snowstorm that started on Monday evening across the US northeast coast continued to ravage the region on Tuesday, with millions of people living in New York City, Boston, Philadelphia and other metropolises in the area being affected.The snowstorm continued to smack eastern Long Island in the state of New York, as well as states of Connecticut, Rhode Island and Massachusetts on Tuesday noon, Xinhua reported.


      Rather we ,the people should feel the chill and sting of a hostile weather and climate.But US citizens may feel freedom as their economy is bailed out at last thanks to Hindu Imperialism and Hindutva.They have stopped producing nuclear reactor and they have to produce nuclear reactors as the Finance Minister of Dow Chemicals in India ensured US investment to capture the greatest emerging market beyond doubt.

      The Golden Bird has been sold once again!


      Indian media has been cooking for Corporate Shafron Hindu Imperialism,it has been proved beyond doubt once again as far as the breakthrough claim in nuclear deal defending Indian interest is concerned.


      The Dow Chemical`s minister of Finance returned from Davos, pledging complete Privatisation managed Indian economy on the highway of making in America.


      The breakthrough so much so hyped by Indian media highlighting personal rappo of Obama Krishna with the Sudama Modi has been reduced into a D class PR with NAMO Namawali in a designed suit costing One Million as US media clarifies very clearly that unilaterally it is Obama`s win to set free US companies from liabilities whatsoever as neither US surveillance nor nuclear energy tracking is compromised at all.


      Is it not brutal sedition,Mr.Prime Minister?


      Is it not Betrayal beyond governance and politics,Mr Prime Minister?

      For me it is greater crime than the infamous Gujarat Genocide in which racial ethnic cleansing saw genocide of Indian citizens.Now,you are caught red handed killing the nation,I am afraid to say.


      Rather as a superfine performer and orator,the US President addressed the heart and mind of those who supported him to make Martin Luther King`s dream.


      As I have written Obama ne dulhania loot lee aur Modi raha gaye Bin DULHAN kurta par namawali Tank ke in my Hidi writeup last day.Please read my Hindi write up if published in HASTAkshep or just browse for my blogs.I have not to repeat the story.


      I mean it literally that the gainer is Barack Hussein Obama who explained being named after literally while he referred indirectly Gujarat Genocide without naming Gujarat and it is all about his Bollywood connection as he said,BADE Bade deshon mein!


      Then he directly referred to cent percent Hindutva agenda of RSS and mind you literally dismissed the Growth Saga projected by the Dow Chemical`s RSS branded Finance CEO of India,just appealing for communal harmony.


      I am sorry to say that the Dog was more daring to blast the Parinde Par Naa Maar Sake claimed US monitored security for our guest of Honour with CIA,Mossad,M16,FBI and NASA involved.


      The dog managed unprecedented media coverage and live footage, an excellent PR Job of course,without paying a pie!


      We expected something different from the Prime Minister and he just reduced himself to a fashion statement that made Mrs Obama ashamed of.


      Shame on you,as you have no respect for the Indian democracy,its secular setup and the landslide mandate!


      Nevertheless,it is rather contrary to Obama`s appeal in defence of freedom of religion that we are shocked by the conspicuous absence of the words 'secular' and 'socialist' from the Indian constitution's preamble used in the customary advertisement in newspapers of 26th January, greeting people of India on the Republic Day. The advertisement has been issued by the Ministry of Information and Broadcasting Ministry and also carries a quotation by the Prime Minister.

      At the time when the people of India, and even the global community, have genuine apprehensions about the secular character of the Indian democracy, which stands threatened by a right-wing government formed with less than one-third of the popular votes, this omission is utterly condemnable.

      Secularism has been pivotal to the post-independent India, binding all communities together as equal citizens. Similarly, the word socialist was added to emphasize the social committments of the state in a country like India. These two values are non-negotiable and any attempt to dilute them would face strong resistance. We condemn the I & B Ministry and demand an apology from the govt for this mischievous advertisement on Republic Day.

      Just read this ET Report!

      CONFUSION GALORE OVER N-DEAL Barely two days after US President Barack Obama's visit, differing readings are emerging in New Delhi and Washington over the `breakthrough' nuclear deal

      US President Barack Obama departed after three-days of intense negotiations and getting a taste of famed Indian hospitality in what was termed as a landmark visit in which logjam over operationalization of civil nuclear deal was removed different readings are emerging in the two capitals over the contours of the understanding.

      The apparent US-India breakthrough this week was in narrowing differences on the liability issue. But barely two days into the "breakthrough" of the nuclear deal, there are different interpretations in Delhi and Washington over the deal that has been reached.While Indian officials led by Foreign Secretary said that `deal is done' clearing way for nuclear commerce and that US have agreed to lift its insistence on flagging, or tracking, the nuclear material supplied to India, US nuclear suppliers said the breakthrough is welcome but they are still reviewing the fine print with regard to concessions in the Liability Law. And no less than U.S. Ambassador Richard Verma was on record saying "it's up to the companies what to do".

      Paris-based energy and nuclear policy consultant Mycle Schneider told news agency Associated Press that if anything substantive was agreed, "it's very unclear." A senior official of the Westinghouse – that would supply reactors for the 6,600-megawatt nuclear plant – said that there could be further delay in setting up the plant if there is no clear mandate from the government.

      Besides the insurance pool to offset the Liability Law would also likely mean that commercial nuclear projects become more expensive, according to experts.

      Noted foreign affairs expert and f o r m e r d i p l o m a t M K Bhadrakumar told ET that 'breakthrough' in nuclear deal cannot be described as a deliverable as different interpretations are emerging in two capitals. "In fact there was nothing substantive from this visit as the focus was largely on optics.

      Obama is on weaker wicket at home and optics mean a lot for him," is what Bhadrakumar would analyse in a nutshell. He also claimed that there was not much in this visit for Modi's flagship Make in India program with US four billion dollar commitment as export credit line.

      Describing Obama's remarks at Siri Fort today as indiscreet, the senior expert said, "this was not in right taste to sermon India on religious freedom. In fact this was third such indiscretion by Obama in three days. He talked about US policy towards Iran and Russia putting Modi at discomfort at public glare in a press meet."



      

      



      http://epaperbeta.timesofindia.com/index.aspx?eid=31817&dt=20150128

      The Obama Performance way ahead referred to Hindu Imperialism and its Brutal agenda without naming!

      Thanks Obama!

      Mind you,(Reuters) - U.S. President Barack Obama weighed in on one of India's most sensitive topics as he wound up a visit on Tuesday, making a plea for freedom of religion to be upheld in a country with a history of strife between Hindus and minorities.

      Hours before boarding a flight to Saudi Arabia, Obama warned India not to stray from its constitutional commitment to allow people to freely "profess, practice and propagate" religion.

      "India will succeed so long as it is not splintered along the lines of religious faith, as long as it is not splintered along any lines, and it is unified as one nation," he said in a townhall address to mostly young Indians.

      Obama's speech, after three days in New Delhi aimed at cementing a strategic partnership, was widely interpreted as a message to Prime Minister Narendra Modi and his Hindu nationalist Bharatiya Janata Party (BJP), whose rise to power emboldened activists to declare India a nation of Hindus.

      He made no direct reference to Modi, who was banned from U.S. travel for nearly a decade until last year after deadly Hindu-Muslim violence in a state he ruled in 2002.

      Lately, religious conversion has again become a divisive political issue, after hardliners with links to the BJP claimed Hinduism was under threat and started a campaign to convince Christians and Muslims to change their faith.

      About a fifth of India's 1.27 billion people identify themselves as belonging to faiths other than Hinduism.

      "The message is that India is a democratic country, it is not a Hindu country or a Christian country, it is all together, India has respect for all religions," said Imam Umer Ahmed Ilyasi, a Muslim priest who heads the All India Imam Organisation, after the speech. He was standing with a Hindu holy man from one of India's pilgrimage towns, Rishikesh.

      Modi has warned lawmakers from his own party to stop promoting controversial issues such as religious conversions and to focus on economic reforms, but Obama's message was quickly seized by political opponents of the prime minister.

      "I do hope that Prime Minister Narendra Modi was listening to the speech carefully," said Manish Tewari of the opposition Congress party, criticising Hindu activists for promoting a "majoritarian ethos that goes against the grain of liberal democracy".

      "MOBAMA"

      Obama and Modi's relaxed manner together during the visit was dubbed a "bromance" in India media, after the two men shared tea in a lotus garden, recorded a radio show together, and spent two hours chatting at a rain-splashed military parade.

      In between, they sealed deals to unlock billions of dollars in nuclear trade and deepen defence ties, and Obama pledged $4 billion in financial backing to release the "untapped potential" of a partnership between the world's largest democracies.

      Some of that financing is to help Modi meet his own ambitious goals to use more renewable energy, especially solar, as fast-growing India's carbon emissions rise.

      However, during the visit, India did not commit to a peak emissions target of the kind China and the United States agreed to in November.

      "Here's the truth: even if countries like the United States curb our emissions, if growing countries like India - with soaring energy needs - don't also embrace cleaner fuels, then we don't stand a chance against climate change," Obama said.

      On Monday, he became the first U.S. president to attend India's annual Republic Day parade, a show of military might long associated with Cold War anti-Americanism.

      Obama's presence at the parade signalled Modi's willingness to end India's traditional reluctance to get too close to any big power. Instead, he is seeking close ties with them all, even as he pushes back against a more assertive China and take sides on other global issues.A joint U.S.-India policy statement that focused on free navigation in the South China Sea highlighted this more muscular diplomacy.

      ENDORSING INDIAN REFORM

      Obama said the United States would stand first in line for the trade and investment opportunities that will spring from the economic reform drive under Modi.

      "America wants to be your partner in igniting the next wave of Indian growth. As India pursues reforms to encourage more trade and investment, we'll be the first in line," he told the townhall, attended by Michelle Obama and Nobel peace laureate Kailash Satyarthi.

      Praising the non-violence tenets of Mahatma Gandhi, Obama touched during his speech on the treatment of women, an issue that has troubled India since the horrific gang rape and murder of a student on a bus in New Delhi two years ago.

      "Every daughter deserves the same chance as our sons," he said. "And every woman should be able to go about her day — to walk the street, or ride the bus — and be safe and be treated with the respect and dignity. She deserves that."

      1. rican companies to supply India with civilian nuclear ...

      2. How President Barack Obama, PM Modi Stepped in to Clinch ...

      3. NDTV-25-Jan-2015

      4. "The civil nuclear agreement was the centerpiece of our transformed relationship. ... and commercial viability," PM Modi said, addressing the media with ... the United States and India, allowing New Delhi access to nuclear ...

      5. India, US achieve breakthrough in civil nuclear deal

      6. Business Today-25-Jan-2015

      7. But even as this visit is rich with symbolism, we made substantive progress," the US President said during his joint media interaction.

      8. US media makes a splash with Obama's India visit

      9. Zee News-26-Jan-2015

      10. ... historic visit to India received prominent coverage in US mediawith major newspapers focusing on the breakthrough on the nuclear deal and ...

      11. US media sceptic about 'breakthrough' in n-deal

      12. Mid-Day-25-Jan-2015

      13. Washington: The US media Sunday reported with a degree of ... The Washington Post said the nuclear deal "understanding, though short on ...

      14. India, US say breakthrough in civil nuclear deal achieved after ...

      15. IBNLive-25-Jan-2015

      16. In his opening remarks at the joint media interaction, Modi disclosed that on the nuclear deal the two countries "are moving towards commercial ...

      17. Civil nuclear deal centerpiece of Indo-US understanding, says PM ...

      18. indiatvnews.com (press release) (blog)-25-Jan-2015

      19. "Civil nuclear deal was the centerpiece of Indo-US understanding," Modi ... US President Barack Obama greeted the media in Hindi during the ...

      20. Obama, Modi break deadlock over nuclear deal

      21. Chandigarh Tribune-25-Jan-2015

      22. The 123 or civil nuclear deal was inked between India and US in Oct 2008. ... At the joint media interaction, President Obama said there was a ...

      23. India, US achieve 'breakthrough' in Nuclear deal

      24. gulfnews.com-25-Jan-2015Share

      25. In his remarks at the media interaction, Modi said the civil nuclear agreement had been the centrepiece of transformed relationship between the ...

      26. Calm down folks. India-US nuclear deal is far from operationalised

      27. Firstpost-25-Jan-2015

      28. It does not mean that the nuclear deal was operationalised on 25 ... Sample the remarks of the two principals at their media interaction in ...

      29. Modi-Obama meet clears way for civil nuclear deal, enhanced ...

      30. VC Circle-26-Jan-2015

      31. US President Barack Obama will be the first US head of state to be the Chief ... The civil nuclear deal, signed in 2008 between then PM Manmohan Singh ... at the joint media interaction, Modi said, on thenuclear deal the two ...

      32. Obama lands in Delhi, nuclear deal breakthrough likely

      33. Business Standard-25-Jan-2015

      34. ... will also address the media and likely announce the breakthrough in the nuclear deal. The American companies have had reservations over ...

      35. LIVE: PM Modi, President Obama seal Indo-US nuclear deal, claim ...

      36. Zee News-25-Jan-2015

      37. 3:30 pm Indo-US nuclear deal sealed, claimed reports. ... to other officials present at the tarmac, the three of them waved to the waitingmedia.

      38. Iran denies nuclear deal with US

      39. Middle East Monitor-03-Jan-2015

      40. Recent media reports have said that the U.S. and Iran had reached a tentative agreement aimed at reducing Tehran's nuclear program.

      41. Iranian Foreign Ministry Denies Reports of Nuclear Agreement With ...

      42. Sputnik International-03-Jan-2015

      43. Explore in depth (663 more articles)

      44. Modi should thank Manmohan Singh for Indo-US nuclear deal

      45. Moneycontrol.com-21 hours ago

      46. History will be kinder to me than the media, said�Manmohan Singh�in ... Both the India-US nuclear deal, and the law on civil nuclear liabilities, ...

      47. Indo-US N-breakthrough: Modi should send a thank you note to ex ...

      48. Firstpost-26-Jan-2015

      49. Explore in depth (87 more articles)

      50. Nuclear deal: Obama clears hurdle; unclear if American companies ...

      51. Economic Times-26-Jan-2015

      52. Nuclear deal: Obama clears hurdle; unclear if American companies will ... For weeks, the Hindi news media has dissected details of Obama's ...

      53. Obama's historic visit to India makes splash in US media

      54. The Hans India-26-Jan-2015

      55. Obama's historic visit to India makes splash in US media ... The 'breakthrough' on the nuclear deal took the back seat with a smaller type ...

      56. US media sceptical about breakthrough in N deal

      57. The Hans India-26-Jan-2015

      58. Washington: The US media reported with a degree of scepticism about ... The Washington Post said the nuclear deal "understanding, though ...

      59. N-deal logjam cleared: Modi, Obama agree not to dilute liability law

      60. The Hindu-25-Jan-2015

      61. Speaking to the media, Foreign Secretary Sujath Singh said that theUS had given ... However it will be important to see how American nuclear ...


      1. r Indo-US nuclear deal

      2. The Indian Express-26-Jan-2015

      3. China cautions India over Indo-US nuclear deal ... issues," Chinese Foreign Ministry Spokesperson Hua Chunying said at a mediabriefing.

      4. US-India nuclear deal: government offers measured response

      5. Business Recorder-9 hours ago

      6. Pakistan resents US concession to India

      7. The Hindu-13 hours ago

      8. Caution needs to be exercised on Indias Nuclear Suppliers Group ...

      9. Deccan Chronicle-26-Jan-2015

      10. Caution needs to be exercised on India's Nuclear Suppliers Group ...

      11. Firstpost-26-Jan-2015

      12. Deccan Chronicle

      13. Firstpost

      14. Pakistan Tribe

      15. Reuters

      16. Financial Express

      17. BBC News

      18. Explore in depth (270 more articles)

      19. Nuclear deal dominates US media coverage of Barack Obama's ...

      20. Economic Times-25-Jan-2015

      21. Nuclear deal dominates US media coverage of Barack Obama's ... over the civilnuclear deal, six years after it was signed, dominated American ...

      22. India, US Reach Nuclear Deal; Rebels Plunge Pakistan Into …

      23. Foreign Policy (blog)-26-Jan-2015

      24. India, U.S. Reach Nuclear Deal; Rebels Plunge Pakistan Into … ..... the Republic Day Parade according to media reports (Times of India).

      25. Breakthrough: India-US end six-year-old logjam over civil nuclear deal

      26. Firstpost-25-Jan-2015

      27. India and the United States had signed the civilian nuclear deal in 2008, ... get cancelled, and the same was reported by a section of the media.

      28. Obama reveals nuclear breakthrough on landmark India trip

      29. Reuters-25-Jan-2015

      30. The new deal resolved differences over the liability of suppliers to India in the event of a ... cameras have been installed in the capital, according to media reports. ... The deal failed to deliver on a promise of business for U.S. ...

      31. Indo-US nuclear deal dominates US media coverage

      32. Press Trust of India-26-Jan-2015

      33. Washington, Jan 26 (PTI) The "breakthrough" achieved by India and the US over the landmark civil nuclear deal, six years after it was signed, dominated ...

      34. U.S., India closer on nuclear deal

      35. Press Herald-25-Jan-2015

      36. NEW DELHI — At the start of a three-day U.S. presidential visit rich with ... and Indian Prime Minister Narendra Modi pose for the mediabefore holding their ... nuclear deal reached during the George W. Bush administration.

      37. Obama India visit, Day 1: As it happened

      38. The Hindu-25-Jan-2015

      39. 5.21 pm: PM Modi (in Hindi): The US-China climate deal cannot pressure ... six years after the two sides signed a landmark civiliannuclear deal in 2008. ... Media interaction is next item on agenda of India-U.S. leaders, tweets ...

      40. Live: Will Obama, Modi announce signing of nuclear deal today?

      41. Firstpost-24-Jan-2015

      42. Explore in depth (491 more articles)

      43. Pakistan media highlights Obama's India visit, nuclear deal

      44. Newsx-26-Jan-2015Share

      45. Islamabad: Pakistani media on Monday gave extensive coverage to US President Barack Obama's visit to India, highlighting the breakthrough ...


      1. Nuclear deal centrepiece of our transformed relationship: Modi to ...

      2. India Today-25-Jan-2015

      3. Prime Minister Narendra Modi addresses media in New Delhi on Sunday.After a breakthrough was achieved on the India-US civilnuclear deal ...

      4. Administrative Arrangement on nuclear deal a victory for Narendra ...

      5. Economic Times-26-Jan-2015

      6. Administrative Arrangement on nuclear deal a victory for Narendra Modi: Expert. By PTI | 26 ... Such an agreement is precedent setting for the US," Vijay K Sazawal, a Washington-based nuclear policy expert, told the media.

      7. Nuclear deal stuck on US demand ahead of Obama visit

      8. Times of India-22-Jan-2015

      9. While MEA spokesperson Syed Akbaruddin said in a media briefing that ... They cited the example of the nuclear agreement with Canada, ...

      10. Live: Modi, Obama meet at Hyderbad House, finalise nuclear deal

      11. Firstpost-25-Jan-2015

      12. In the latest development, TV footage showed the PM and the US ... According to media reports, both the leaders have several strategic ... Sources said they may discuss the nuclear deal which has been stalled since 2008.

      13. Obama Visit: India's Media Verdict

      14. Wall Street Journal (blog)-22 hours ago

      15. U.S. President Barack Obama's visit to India covered the front pages of ... of India said: "As the dust settles on India's nuclear deal with the US, ...

      16. Obama Visit: India, US achieve breakthrough in civil nuclear deal

      17. The Indian Awaaz-25-Jan-2015

      18. The civil nuclear agreement is the centre-piece of Indo-US transformed relationship, said Modi in his media statement that. He said, the two ...

      19. Calcutta Telegraph

      20. After the nuclear step, the big leap

      21. The Hindu-12 hours ago

      22. However, the U.S. President Barack Obama's visit to India this weekend ... What the entire nuclear deal episode captures, however, is the price we pay for ... While the media, quite understandably, remained focussed on the ...

      23. Advancing a vision

      24. Calcutta Telegraph-11 hours ago

      25. Explore in depth (448 more articles)

      26. What Pakistan Makes of Obama-Modi Chemistry

      27. NDTV-21 hours agoShare

      28. So whereas media in both countries may trumpet the significance of real or imagined ... After all, the US is supposed to be Pakistan's ally, so why this ... "We are not concerned with a nuclear agreement between India and the ...




      0 0

      Would we,the Indian People unite against this ethnic cleansing racial?

      RSS opts for Monopolistic aggression despite Obama plead for harmony!

      And sought to retain the "mistake" of omission of two vital words - "secular" and "socialist" - from the preamble to the Indian Constitution.

      Palash Biswas

      Would Indian People unite against this ethnic cleansing racial?

      Finance Minister for Dow Chemicals have ensured to reopen US projects of nuclear reactors setting US Companies free from liabilities whatsoever.

      Latest development after the so called Krishna sudama rappo seems to be making space for Four Billion US Dollars to be used to displace Indian citizens from their Jal Jangal Jameen Hills and Aasman,The Qayamat has been launched against us, the people of India as Industrial projects may get seven year green nod as Narendra Modi government looks to boost infra sector,as ET claims.


      The constitution of India has to be killed to accomplish the agenda of Hindutva as well as economic reforms for racial ethnic cleansing!


      CLSA managing director and strategy boss Christopher Wood expects the BJP government to offer fiscal stimulus in the next month's budget, and sees room for the central bank to cut interest rate by at least two percentage points over the next two years.


      That is why RSS opts for Monopolistic aggression despite Obama plead for harmony!Thus,Political grapevine is rife with speculations about the Bharatiya Janata Party (BJP) forming alliance with the Peoples Democratic Party in Jammu and Kashmir later this month.The BJP and PDP have reached a broad understanding to form government in J&K, reports said on Wednesday.Reports indicate both the parties are working to evolve a seat sharing formula and are expected to reach a consensus soon.



      Your Article 25 (of the Constitution) says that all people are equally entitled to freedom of conscience and the right freely to profess, practice and propagate religion," President Obama said.Mind you.Nevertheless,US announced $4 billion of new initiatives, trade missions: Obama announced $4 billion of new initiatives aimed at boosting trade and investment ties as well as jobs in India, and opened up a whole new source of financing for social development ventures ...and so on.


      Minutes ahead of the meeting, HSBC chief Naina Lal Kidwai said that defence and renewable energy are big areas of opportunity. Nuclear sector will see private sector investment from US, she added.Noteworthy.


      "We need 6 lakh crore investment in the renewable energy sector. US can provide tech and financing for the sector. I believe investment will come from US in the nuclear sector. Companies will wait for the details of the deal before making any investment, " she told a private news channel.


      They overcame key disputes over a long-stalled civil-nuclear trade deal that hindered U.S. companies from investing in nuclear power plants in India for years. Obama announced on Monday $4 billion in U.S.-backed investments and loans to India!


      Modi has vowed to revive stalled infrastructure projects, boost the manufacturing sector, cut red tape and encourage greater foreign investment, raising hopes that India and its economy are on the rebound. "There is a desire ... First proposed nearly a decade ago by the Indian National Congress–led government of former prime minister Manmohan Singh, the tax can be compared to the introduction of the income tax in the U.S. a century ago or the launch of the European Union's single market in the 1990s.


      Thus,RSS is focused on the constitution while a Hindutva Governance in Kashmir seems to be certainty as RSS got it very clear that Kiran Bedi might not win against Kejriwal and Anna Hazare is also in blitz once again and this time against the Modi Government.No political compulsion pulls back RSS mind and heart and the armies of shafron clones have taken over the country.


      Should we not stand together?

      Against absolute power?

      Against ethnic cleansing of Have nots across identities?

      Against violation of civic and human rights?

      Against COMPLETE Privatization?

      Against Zionist satanic Barmuda triangle?

      Against mass destruction?

      Against the killing of rural India and the Green?

      Against patriarchal religious conversion forcible of all Non Hindus?

      Against Nazi regimented corporate politics,policy making,legislation and governance?

      Against inherent inequality and Injustice?

      Against promoter builder raj all on name of development and Infra and false growth saga?

      Against Bull Run against women countrywide?

      Against killing of retailers and small,medium business?

      Against the blind race,what Gandhi defined as PAGAL DAUD and for which Hindutva shot him dead and for which Nathuram Godse is reincarnated to invoke the gods of mass destruction?

      Against the vaccination of Polonium 210 and radioactive disaster?

      Against the continuous rape with the Nature?

      Against Fascism?


      Mind you,a day after row erupted over a Republic Day advertisement of the Union Information and Broadcasting Ministry, the Shiv Sena on Wednesday demanded "permanent deletion" of the words "secular" and "socialist" from the preamble to the Constitution.And RSS sought to retain the "mistake" of omission of two vital words - "secular" and "socialist" - from the preamble to the Indian Constitution.


      It is quite in accordance with the Manusmriti Rule project of Hindu Imperialism as much as green clearance for billion billion dollars.Just see,Shiv Sena - a key constituent in the ruling National Democratic Alliance (NDA) - on Wednesday sought to retain the "mistake" of omission of two vital words - "secular" and "socialist" - from the preamble to the Indian Constitution.


      "We welcome the exclusion of the words ('secular' and 'socialist') from the Republic Day advertisement. Though it might have been done inadvertently, it is like honouring the feelings of the people of India. If these words were deleted by mistake this time, they should be deleted from the Constitution permanently," Sena MP Sanjay Raut said.


      "From the time they (the words) were included in the Constitution, it is being said that this country can never be secular. Balasaheb Thackeray and before him Veer Savarkar had been saying that India was divided on the lines of religion. Pakistan was created for Muslims, thus, what remains is a Hindu Rashtra," Mr. Raut said.


      The minority community has been used only for political gains, while "Hindus are being continuously disrespected", he alleged.


      "It is nowhere written in the Constitution that you mete out such treatment to Hindus and use Muslims to garner votes," he said.


      "This mistake on the part of the government has happened only because destiny wants this to happen. Modi is the Prime Minister of India, and his thoughts on Hindutva are strong," the Sena leader said.\


      On Tuesday, Congress leader Manish Tewari had attacked the Centre on the issue, claiming the government advertisement "deleted" the two words, which was only a prelude to their "substitution" with "communal" and "corporate".


      Minister of State for I&B Rajyavardhan Rathore, however, was quick to dismiss the charge, saying his Ministry had only used an "original" picture of the preamble as it appeared before the Amendment, to "honour" the first preamble.


      The Union Minister also claimed that the same picture had been used in an advertisement by the I&B Ministry in April 2014. Mr. Tewari had helmed the Ministry at that time.


      The advertisement showed a picture of the preamble in the background with a quote from Prime Minister Narendra Modi and pictures of some citizens in the foreground.

      Budget 2015: How reforms can help Modi's "Make in India" campaign

      By Girish Vanvari

      January 28, 2015

      (Any opinions expressed here are those of the author and not necessarily those of Thomson Reuters)

      The government's "Make in India" initiative is being closely followed by Indian companies and foreign investors. A lot of hope rests on the BJP government's first full-year budget following its victory in last year's general election as the announcements made by Finance Minister Arun Jaitley will impact the investment cycle.

      Some reforms that will help the "Make in India" campaign are:

      A stable tax regime – Reforms proposed in the budget should be in line with the long-term vision for India. There should be no surprise addition of taxes or removal of tax holidays or deductions.

      Clarity on tax law - Taxation in India is subject to multiple interpretations by the taxpayer and the tax department, and some of them need to be addressed at the earliest. For example, the rule on taxability of offshore transactions resulting in an indirect transfer of assets in India needs clarification. The government should come out with detailed guidelines on the methodology to compute the tax liability in India in case of such indirect transfers. The deferment of General Anti-Avoidance Rules till the tax regime stabilizes would be helpful.

      Further, there are many industry-wide tax issues wherein tax officers in different jurisdictions have taken different positions. The government needs to set up a panel which would address specific industry issues, and the same should be made enforceable through the country.

      Tax sops for investment in key sectors and reduction in the Minimum Alternate Tax (MAT) rate – Tax holidays for new manufacturing facilities set up across sectors would boost investment. Such new facilities should not be subject to taxes under the MAT regime. Also, the existing MAT rate should be reduced for units currently availing tax holidays.

      Implementation of GST - Implementation of a nationwide goods and services tax (GST) and removal of the numerous indirect tax laws would have a major impact on businesses. A clear roadmap for implementation of GST would enable investors to take calculated calls on their investment/expansion plans in India.

      Transparent and quick resolution of disputes – Increasing the scope and power of the Dispute Resolution Panel could help tackle the long list of unresolved litigation matters. Also, additional benches of the Authority of Advance Rulings (AAR) would strengthen the tax tribunal and result in speedy disposal of applications for advance rulings.

      Transfer Pricing – Introduction of the concept of the rollback provisions for advance pricing agreements (APAs) in the 2014 budget was a welcome move. One expects the necessary legislative amendments being introduced in the upcoming budget to prescribe the extent and manner of the applicability of these provisions.

      Going forward, the government should consider creating a financial zone to turn India into a manufacturing hub. Benefits such as lower taxes, no permanent establishment issue and non-applicability of transfer pricing provisions could be provided to businesses in this zone. They would act as enablers to convince firms to conduct their business without having to worry about the tax consequences on their overseas income in India.

      http://blogs.reuters.com/india-expertzone/2015/01/28/budget-2015-how-reforms-can-help-modis-make-in-india-campaign/


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